भाग 2
आय का निर्धारण
क.–वेतन
धारा 10(13क) के प्रयोजनों के लिए सीमाएं
2क. वह राशि, जो धारा 10 के खंड (13क) में वर्णित विशेष भत्ते के बारे में निर्धारिती की कुल आय में शामिल नहीं की जाएगी, इस प्रकार है--
(क) निर्धारिती द्वारा सुसंगत अवधि के बारे में प्राप्त ऐसे भत्ते की वास्तविक राशि; या
(ख) वह राशि, जिससे निर्धारिती द्वारा अधिकृत आवासीय स्थान का किराया देने में उसके द्वारा वास्तव में किया गया खर्च सुसंगत अवधि के बारे में निर्धारिती को देय वेतन राशि के दसवें हिस्से से अधिक हो; या
(ग) (i) जहां ऐसा आवासीय स्थान मुंबर्इ, कोलकाता, दिल्ली या मद्रास (चेन्नर्इ) में हो, वहां सुसंगत अवधि के बारे में निर्धारिती को देय वेतन राशि की आधी राशि के बराबर राशि; और
(ii) जहां ऐसा आवासीय स्थान किसी दूसरी जगह हो, वहां सुसंगत अवधि के बारे में निर्धारिती को देय वेतन राशि के दो बटा पांचवें हिस्से के बराबर राशि,
(घ) [* * *]
इनमें से जो भी सबसे कम हो।
स्पष्टीकरण : इस नियम में--
(i) ''वेतन'' का वही अर्थ होगा जो उसका चौथी अनुसूची के भाग क के नियम 2 के खंड (ज) में दिया गया है;
(ii) ''सुसंगत अवधि'' से वह अवधि अभिप्रेत है जिसके दौरान निर्धारिती द्वारा पिछले वर्ष के दौरान वह आवासीय स्थान अधिकृत किया गया था।
(iii) [* * *]

