मान्यता वापस लेना ।
298. (1) अनुमोदन प्राधिकारी को किसी भविष्य निधि की दी गई मान्यता रद्द करने का अधिकार है यदि वह आयकर अधिनियम, 1961 की चौथी अनुसूची के भाग क में इसके निरसन होने से पूर्व विद्यमान उल्लिखित शर्तों या अधिनियम की अनुसूची 11 के भाग क और भाग ग में उल्लिखित शर्तों या उक्त अधिनियम, 1961 के अधीन मान्यता दिए जाने के पश्चात् निर्धारित शर्तों को पूरा करने में असफल रहती है, और यदि कर्मचारी भविष्य निधि और प्रकीर्ण उपबंध अधिनियम, 1952 (1952 का 19) की धारा 17 के अधीन दी गई छूट उसी अधिनियम की धारा 17 की उपधारा (4) के अधीन वापस ले ली जाती है, तो मान्यता वापस ली जा सकेगी।
(2) मान्यता वापस लेने से पहले, अनुमोदन प्राधिकारी नियोक्ता और निधि के न्यासियों को यह कारण प्रदर्शित करने का अवसर देगा कि मान्यता वापस क्यों नहीं ली जानी चाहिए।

