मान्यता हेतु आवेदन ।
296. (1) मान्यता के लिए कोई आवेदन उस ऐसी भविष्य निधि अनुरक्षित करने वाले नियोक्ता द्वारा किया जाएगा, जिसके लिए मान्यता की ईप्सा की गई है, और इसके साथ निम्नलिखित दस्तावेज संलग्न होंगे:-
| (क) | मूल न्यास विलेख की एक प्रति, यदि कोई हो; और | |
| (ख) | निधि के नियमों की एक प्रति। |
(2) उपनियम (1) में निर्दिष्ट आवेदन निम्नलिखित के निर्धारण अधिकारी के माध्यम से प्रस्तुत किया जाएगा:
| (क) | वह क्षेत्र जिसमें निधि के खाते रखे जाते हैं, या | |
| (ख) | यदि खाते भारत के बाहर रखे जाते हैं, तो वह क्षेत्र जिसमें नियोक्ता का स्थानीय मुख्यालय स्थित है। |
(3) आवेदन प्ररूप संख्या 186 में प्रस्तुत किया जाएगा और उसमें निर्दिष्ट रीति में सत्यापित किया जाएगा।
(4) कोई निधि जिसे 31 मार्च, 2006 को या उससे पूर्व मान्यता प्रदान की गई है और तत्पश्चात् जिसने मान्यता के लिए आवेदन नहीं किया है, उपनियम (2) में निर्दिष्ट निर्धारण अधिकारी के माध्यम से प्ररूप संख्या 186 में एक नया आवेदन करेगी।

