निधि धन का विनिधान ।
292. (1) भविष्य निधि में सभी अभिदाय चाहे नियोक्ता द्वारा किए गए हों या कर्मचारियों द्वारा, या किसी पूर्व नियोक्ता द्वारा बनाए गए मान्यता प्राप्त भविष्य निधि में कर्मचारी के व्यक्तिगत खाते से अंतरित किए गए हों, या ब्याज के रूप में या अन्यथा उपार्जित किए गए हों, निम्नलिखित सारणी के स्तंभ 2 में दिए गए लिखतों में, स्तंभ 3 में दी गई प्रतिशतता के अध्यधीन, विनिधान किए जाएंगे:
सारणी
विनिधान पैटर्न
| क्रम संख्या | विनिधान | स्तंभ 2 में निर्दिष्ट मदों में विनिधान की जाने वाली प्रतिशतता रकम |
| 1 | 2 | 3 |
| 1. | सरकारी प्रतिभूतियां और संबंधित विनिधान । | न्यूनतम 45% । |
| 2. | ऋण लिखत और संबंधित विनिधान । | न्यूनतम 35% । |
| 3. | अल्पकालिक ऋण लिखत और संबंधित विनिधान । | 5% तक । |
| 4. | शेयर बाजार और संबंधित विनिधान । | न्यूनतम 5% । |
| 5. | आस्ति समर्थित, न्यास संरचित और विविध विनिधान । | 5% तक । |
(2) उपनियम (1) में निर्दिष्ट विनिधानों की प्रकृति का वही अर्थ होगा जो भारत सरकार के श्रम एवं रोजगार मंत्रालय द्वारा इस संबंध में तारीख 29 मार्च, 2015 को जारी अधिसूचना संख्या का.आ. 1433 (अ), समय-समय पर यथासंशोधित, में निर्दिष्ट है और उक्त विनिधान उक्त ऐसी शर्तों के अध्यधीन होंगे, जो उक्त अधिसूचना में विनिर्दिष्ट की जाएं।
(3) उपनियम (1) के अधीन विनिर्दिष्ट रीति में विनिधान न की गई कोई निधि निम्नलिखित में जमा की जा सकेगी:
| (i) | भारत में डाकघर बचत बैंक खाता; या | |
| (ii) | किसी अनुसूचित बैंक में कोई चालू खाता या बचत बैंक खाता । |
(4) इस नियम के प्रयोजनों के लिए, -
| (क) | "सरकारी प्रतिभूतियाँ पद का वही अर्थ होगा जो सरकारी प्रतिभूति अधिनियम, 2006 (2006 का 38) की धारा 2 (च) में उनका है, | |
| (ख) | उपनियम (1) में विनिर्दिष्ट विनिधान की रीति कर वर्ष में निधि के पास उपलब्ध कुल रकम पर लागू होगी; | |
| (ग) | किसी निधि के भाग के रूप में किसी प्रतिभूति या निक्षेप के अंतरण, परिपक्वता या वसूली पर प्राप्त धनराशि या किसी बैंक खाते (डाकघर बचत बैंक खाते सहित) से निकासी द्वारा प्राप्त धनराशि को निधि में उपार्जित धनराशि माना जाएगा, और | |
| (घ) | "अनुसूचित बैंक" से निम्नलिखित अभिप्रेत हैं- |
| (i) | भारतीय स्टेट बैंक अधिनियम, 1955 (1955 का 23) के अधीन गठित भारतीय स्टेट बैंक, या | |
| (ii) | भारतीय स्टेट बैंक (समनुषंगी बैंक) अधिनियम, 1959 (1959 का 38) में परिभाषित कोई समनुषंगी बैंक, या | |
| (iii) | बैंककारी कंपनी (उपक्रमों का अर्जन और अंतरण) अधिनियम, 1970 (1970 का 5) की धारा 3 के अधीन या बैंककारी कंपनी अधिनियम (उपक्रमों का अर्जन और अंतरण) अधिनियम, 1980 (1980 का 40) की धारा 3 के अधीन गठित कोई तत्स्थानी नया बैंक; या | |
| (iv) | कोई अन्य बैंक, जो भारतीय रिजर्व बैंक अधिनियम, 1934 (1934 का 2) की दूसरी अनुसूची में सम्मिलित बैंक है। |

