कतिपय व्यष्टियों की दशा में कर की कोर्इ कटौती न किए जाने का प्रमाण-पत्र
28कख. (1) उपनियम (2) में विनिर्दिष्ट शर्तों के अधीन रहते हुए, ऐसा कोर्इ व्यक्ति,–
(क) जो न्यास के अधीन धारित संपत्ति से होने वाली आय या समझी गर्इ आय पूर्णत: पूर्त या धार्मिक प्रयोजनों के लिए प्राप्त करता है और जो धारा 11 या धारा 12 के अधीन छूट का दावा करता है; या
(ख) जिससे धारा 139(4ग) में निर्दिष्ट किसी वैज्ञानिक अनुसंधान संगम, समाचार एजेंसी, संगम या संस्था, निधि या न्यास या विश्वविद्यालय या अन्य शैक्षणिक संस्था या किसी अस्पताल या अन्य आयुर्विज्ञान संस्था या व्यवसाय संघ के संबंध में विवरणी फाइल करने की अपेक्षा की जाती है,
धारा 197 की उपधारा (1) के अधीन स्रोत पर कर की कटौती किए बिना आय प्राप्त करने के लिए उसे प्राधिकृत करने संबंधी प्रमाणपत्र प्रदान करने के लिए निर्धारण अधिकारी को आवेदन कर सकेगा।
(2) उपनियम (1) में निर्दिष्ट शर्तें निम्नलिखित हैं, अर्थात् :–
(i) संबद्ध व्यक्ति ने ऐसे सभी निर्धारण वर्षों के लिए आय-कर की विवरणियां फाइल कर दी हों, जिनके लिए उस तारीख को या उससे पूर्व, जिसको कि उपनियम (1) के अधीन आवेदन किया जाता है, ऐसी विवरणियां देय हो गर्इ थीं; 66ङ[और]
(ii) उपनियम (1) में निर्दिष्ट न्यास, वैज्ञानिक अनुसंधान संगम, समाचार एजेंसी, संगम या संस्था, निधि या न्यास या विश्वविद्यालय या अन्य शैक्षणिक संस्था या कोर्इ अस्पताल या अन्य आयुर्विज्ञान संस्था या व्यवसाय संघ तत्समय आय-कर से छूट के प्रयोजन के लिए अनुमोदित हो; 66च[***]
(iii) 66छ[***]
(3) प्रमाणपत्र के लिए आवेदन नियम 28 के उपनियम (1) के अनुसार निर्धारण अधिकारी को किया जाएगा।
(4) निर्धारण अधिकारी स्रोत पर कर की कटौती किए बिना आय का संदाय करने के लिए प्राधिकृत करने संबंधी प्रमाणपत्र तक जारी कर सकेगा यदि उसका यह समाधान हो जाता है कि उपनियम (2) में अधिकथित सभी शर्तें पूरी कर दी गर्इ हैं और ऐसे किसी प्रमाणपत्र के जारी किए जाने से राजस्व विभाग की हितों पर प्रतिकूल प्रभाव नहीं पड़ेगा।
(5) आवेदक उपनियम (4) के अधीन जारी प्रमाणपत्र की प्रतियां स्रोत पर कर की कोर्इ कटौती न किए जाने के प्रयोजन के लिए आय का संदाय करने के लिए उत्तरदायी व्यक्ति को दे सकेगा।
(6) प्रमाणपत्र उसमें विनिर्दिष्ट वित्तीय वर्ष के लिए तब तक विधिमान्य होगा जब तक कि निर्धारण अधिकारी द्वारा उक्त वित्तीय वर्ष की समाप्ति से पूर्व किसी समय उसे रद्द नहीं कर दिया जाता है।
(7) नए प्रमाणपत्र के लिए आवेदन, यदि निर्धारिती ऐसी वांछा करे, पूर्ववर्ती प्रमाणपत्र की विधिमान्यता की अवधि की समाप्ति के पश्चात् किया जा सकेगा।
66ङ आय-कर (ग्यारहवां संशोधन) नियम, 2018 द्वारा 25.10.2018 से अंत:स्थापित।
66च. आय-कर (ग्यारहवां संशोधन) नियम, 2018 द्वारा 25.10.2018 से "और" शब्द का लोप किया गया।
66छ. आय-कर (ग्यारहवां संशोधन) नियम, 2018 द्वारा 25.10.2018 से लोप किया गया। । लोप से पूर्व खंड (iii) निम्न प्रकार था।
"(iii) आवेदक ने ऐसे कटौतीकर्ताओं के, जिनसे स्रोत पर कर की कटौती किए बिना रकमें प्राप्त की जानी हों, नाम, पते और प्राप्त रकमों की एक सूची प्रत्येक छह मास में देगा।"

