निर्वाचन न्यास के कृत्यों के लिए नियम ।
289. (1) अधिनियम की अनुसूची 8 [सारणी: क्रम संख्या 2] में निर्दिष्ट निर्वाचन न्यास इस नियम के उपबंधों के अनुसार कृत्य करेगा।
(2) निर्वाचन न्यास निम्नलिखित से स्वैच्छिक अभिदाय प्राप्त कर सकेगा-
| (क) | ऐसा व्यक्ति जो भारत का नागरिक है; या | |
| (ख) | भारत में रजिस्ट्रीकृत कोई कंपनी, या | |
| (ग) | भारत में निवासी किसी फर्म या हिंदू अविभक्त परिवार या व्यक्तियों का कोई संगम या व्यष्टियों का कोई निकाय । |
(3) निर्वाचन न्यास केवल बैंक पर आहरित पाने वाले के खाते में देय चेक या पाने वाले के खाते में देय बैंक ड्राफ्ट या अपने बैंक खाते में इलैक्ट्रॉनिक अंतरण के माध्यम से ही अभिदाय स्वीकार करेगा और नकद में कोई अभिदाय स्वीकार नहीं करेगा।
(4) निर्वाचन न्यास, अभिदायकर्ता, जो एक निवासी है, के स्थायी खाता संख्या और गैर-निवासी भारत के नागरिक के मामले में पासपोर्ट संख्या के बिना कोई अभिदाय स्वीकार नहीं करेगा।
(5) किसी भी अभिदाय की प्राप्ति पर न्यास द्वारा तुरंत निम्नलिखित जानकारी दर्शाने वाली रसीद जारी की जाएगी: —
| (क) | अभिदायकर्ता का नाम और पता, | |
| (ख) | अभिदायकर्ता का स्थायी खाता संख्या या यदि कोई नागरिक निवासी नहीं है तो उसकी पासपोर्ट संख्या; | |
| (ग) | अभिदाय की रकम और रीति, जिसमें बैंक का नाम और शाखा तथा अभिदाय प्राप्त होने की तारीख भी सम्मिलित है, | |
| (घ) | निर्वाचन न्यास का नाम; | |
| (ङ | चुनावी न्यास का स्थायी खाता संख्या, | |
| (च) | विहित प्राधिकारी द्वारा दी गई स्वीकृति की तारीख और संख्या और | |
| (छ) | रसीद जारी करने वाले व्यक्ति का नाम और पदनाम । |
(6) निर्वाचन न्यास निम्नलिखित से अभिदाय स्वीकार नहीं करेगा-
| (क) | कोई ऐसा व्यक्ति, जो भारत का नागरिक नहीं है, या किसी विदेशी इकाई का नागरिक है, चाहे वह निगमित हो या नहीं; या | |
| (ख) | किसी अन्य निर्वाचन न्यास से, जिसे कंपनी अधिनियम, 2013 (2023 का 18) की धारा 8 के अधीन कंपनी के रूप में रजिस्ट्रकृत किया गया है और जिसे निर्वाचन न्यास स्कीम, 2013 के अधीन निर्वाचन न्यास के रूप में अनुमोदित किया गया है, या | |
| (ग) | कंपनी अधिनियम, 2013 (2023 का 18) की धारा 2 (45) में यथापरिभाषित सरकारी कंपनी से; या | |
| (घ) | विदेशी अभिदाय (विनियमन) अधिनियम, 2010 (2010 का 42) की धारा 2(ञ) में यथापरिभाषित किसी विदेशी स्रोत | |
(7) लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1951 (1951 का 43) की धारा 29क के अधीन रजिस्ट्रीकृत राजनैतिक दल एक पात्र राजनैतिक दल होगा और कोई निर्वाचन न्यास केवल पात्र राजनैतिक दलों को ही निधि वितरित करेगा।
(8) (क) निर्वाचन न्यास अपने कार्यों के प्रबंधन के प्रयोजनों के लिए, निगमन के पहले वर्ष में 500000 रु. और पश्चात्वर्ती वर्षों में 300000 रु. की कुल सीमा के अध्यधीन, एक वर्ष में प्राप्त कुल अभिदाय के 5% तक खर्च कर सकता है;
(ख) पूर्ववर्ती कर वर्ष के अधिशेष, यदि कोई हो, के साथ किसी कर वर्ष में प्राप्त कुल अभिदाय से कार्यों के प्रबंधन पर खर्च की गई रकम को घटाकर बची रकम, उस कर वर्ष के लिए वितरण योग्य अभिदाय होगा, और
(ग) किसी निर्वाचन न्यास को खंड (ख) में निर्दिष्ट कर वर्ष के लिए, कर वर्ष के दौरान प्राप्त कुल अभिदायों के साथ पूर्ववर्ती कर वर्ष से अग्रणीत अधिशेष, यदि कोई हो, के कम-से-कम 95% का वितरण किए जाने की शर्त के अध्यधीन, वितरण योग्य अभिदायों को उक्त कर वर्ष की 31 मार्च से पहले पात्र राजनैतिक दलों को वितरित करना अपेक्षित होगा।
(9) न्यास पात्र राजनैतिक दल से एक रसीद प्राप्त करेगा जिसमें राजनैतिक दल का नाम, उसका स्थायी खाता संख्या, रजिस्ट्रीकरण संख्या, ट्रस्ट से प्राप्त निधि की राशि, प्राप्ति की तारीख और ऐसी रसीद पर हस्ताक्षर करने वाले व्यक्ति का नाम और पदनाम अंकित होगा।
(10) निर्वाचन न्यास सदस्यों या अभिदायकर्ताओं, या निम्नलिखित व्यक्तियों में से किसी के प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष फायदे के लिए अभिदाय को प्रयुक्त नहीं करेगा:-
| (क) | निर्वाचन न्यास के सदस्य (जिनमें इसकी कार्यकारी समिति, शासी समिति या निदेशक मंडल के सदस्य भी सम्मिलित हैं); या | |
| (ख) | ऐसे सदस्यों का कोई नातेदार, या | |
| (ग) | जहां ऐसा सदस्य या अभिदायकर्ता एक हिंदू अविभक्त परिवार है, उस हिंदू अविभक्त परिवार का कोई सदस्य या | |
| (घ) | कोई व्यक्ति जिसने न्यास में अभिदाय किया हो; या | |
| (ङ) | धारा 355 (ज) में निर्दिष्ट कोई व्यक्ति; या | |
| (च) | कोई ऐसा समुत्थान जिसमें खंड (क), खंड (ख), खंड (ग), खंड (घ) और खंड (ङ) में उल्लिखित व्यक्तियों में से किसी का सारवान् हित हो। |
(11) (क) कोई निर्वाचन न्यास अपनी प्राप्तियों, वितरणों और व्यय के संबंध में ऐसे लेखा बही और अन्य दस्तावेज रखेगा और उनका अनुरक्षण करेगा जो अधिनियम के उपबंधों के अनुसार उसकी कुल आय की संगणना में समर्थ कर सके;
(ख) निर्वाचन न्यास उन व्यक्तियों की सूची भी रखेगा जिनसे अभिदाय प्राप्त हुए हैं और जिन्हें वे अभिदाय वितरित किए गए हैं, जिसमें ऐसे प्रत्येक व्यक्ति का नाम, पता और स्थायी खाता संख्या, रकम का ब्यौरा और इसके संदाय की रीति के साथ बैंक का नाम और शाखा भी सम्मिलित होगा।
(12) प्रत्येक निर्वाचन न्यास धारा 515 (3) (ख) में परिभाषित लेखाकार द्वारा अपने लेखाओं की लेखापरीक्षा करवाएगा और धारा 263 (1) (क) (ii) के अधीन आय की विवरणी प्रस्तुत करने के लिए विनिर्दिष्ट नियत तारीख से पूर्व या उस तारीख तक प्ररूप संख्या 181 में लेखापरीक्षा रिपोर्ट, इसके उपाबंध के भाग के रूप में विशिष्टियों के साथ, आयकर महानिदेशक (प्रणाली) को प्रस्तुत करेगा।
(13) उपनियम (12) में निर्दिष्ट प्ररूप संख्या 181,-
| (क) | डिजिटल हस्ताक्षर के अधीन इलैक्ट्रॉनिक रूप से प्रस्तुत किया जाएगा, यदि आय विवरण डिजिटल हस्ताक्षर के अधीन प्रस्तुत किया जाना आवश्यक है, या | |
| (ख) | खंड (क) के अधीन न आने वाले मामले में इलैक्ट्रॉनिक सत्यापन कोड के माध्यम से इलैक्ट्रॉनिक रूप से प्रस्तुत किया जाएगा। |
(15) कोई निर्वाचन न्यास सभी बैठकों की कार्यवाही और उसमें लिए गए निर्णयों का नियमित अभिलेख रखेगा।
(16) प्रत्येक निर्वाचन न्यास ऐसे अभिदायकर्ताओं की सूची और राजनैतिक दलों की सूची, जिन्हें उपनियम (8) में निर्दिष्ट रीति में धनराशि वितरित की गई प्रमाणित प्रति प्रत्येक कर वर्ष में आयकर महानिदेशक (प्रणाली) को उपनियम (12) के अधीन उल्लिखित लेखापरीक्षा रिपोर्ट के साथ प्रस्तुत करेगा।
(17) निर्वाचन न्यास स्कीम, 2013 के अधीन प्रदान किए गए अनुमोदन के पश्चात् शेयरधारकों में किसी परिवर्तन को, ऐसे परिवर्तन के तीस दिनों के भीतर बोर्ड को सूचित किया जाएगा।

