मूल निधि आदि के पुनःस्थापन के संबंध में पूंजी अभिलाभ के रूप में छूट प्राप्त आय की संगणना ।
285. (1) अधिनियम की अनुसूची 6 [सारणी: क्रम संख्या 10] के प्रयोजन के लिए, किसी विनिर्दिष्ट निधि द्वारा उद्भूत या प्राप्त पूंजी अभिलाभ के रूप में आय, जो किसी अनिवासी (भारत में अनिवासी का स्थायी स्थापन न होने पर) द्वारा ऐसी विनिर्दिष्ट निधि में धारित इकाइयों के परिणामस्वरूप है, की संगणना निम्नानुसार की जाएगी:-
| (क) | जहां विनिर्दिष्ट निधि उपनियम (2) के अनुसार प्ररूप संख्या 178 फाईल करती है, अधिनियम की अनुसूची 6 [सारणी: क्रम संख्या 10] के अधीन छूट प्राप्त आय = [(कख)/ग], जहाँ,- | |
| क= किसी विनिर्दिष्ट निधि द्वारा उद्भूत या प्राप्त पूंजी अभिलाभ के रूप में आय, जो भारत में निवासी किसी कंपनी के शेयरों के अंतरण के कारण होती है, और जहां ऐसे शेयर विनिर्दिष्ट निधि द्वारा, जो कि परिणामी निधि है, मूल निधि से या उसके पूर्ण स्वामित्व वाले विशेष प्रयोजन यान से अंतरण के माध्यम से प्राप्त किए गए थे, और ऐसे पूंजी अभिलाभ कर से प्रभार्य नहीं होगा यदि पुनःस्थापन नहीं हुआ है; | ||
| ख= विनिर्दिष्ट निधि की दैनिक "प्रबंधन के अधीन आस्तियों" का कुल योग, जो अनिवासी इकाई धारकों (भारत में अनिवासी का स्थायी स्थापन न होने पर) द्वारा भारत में निवासी कंपनी के शेयर के अधिग्रहण की तारीख से लेकर ऐसे शेयर के अंतरण की तारीख तक धारित की गई हैं, और | ||
| ग= विनिर्दिष्ट निधि द्वारा भारत में निवासी कंपनी के शेयर के अधिग्रहण की तारीख से विनिर्दिष्ट निधि की दैनिक "प्रबंधन के अधीन आस्तियों का कुल योग ऐसे शेयरों के अंतरण की तारीख तक और | ||
| (ख) | यदि विनिर्दिष्ट निधि द्वारा प्ररूप संख्या 178 फाईल नहीं किया जाता है, तो छूट प्राप्त आय शून्य होगी। |
(2) विनिर्दिष्ट निधि नियत तारीख को या उससे पहले डिजिटल हस्ताक्षर के अधीन प्ररूप संख्या 178 में छूट प्राप्त आय का वार्षिक विवरण इलैक्ट्रॉनिक रूप से प्रस्तुत करेगी, जो उसमें दर्शाई गई रीति में सम्यक रूप से सत्यापित होगा।
(3) यह उपनियम (2) में निर्दिष्ट वार्षिक विवरण को धारा 515(3) (ख) में यथापरिभाषित लेखाकार द्वारा विनिर्दिष्ट तारीख से पहले प्रमाणित करवाया जाएगा और ऐसा लेखाकार उस तारीख तक प्ररूप संख्या 179 में इलैक्ट्रॉनिक रूप से डिजिटल हस्ताक्षर के अधीन प्रमाण पत्र प्रस्तुत करेगा, जो उसमें दर्शाई गई रीति में सम्यक रूप से सत्यापित होगा।
(4) इस नियम में.-
| (क) | "प्रबंधन के अधीन आस्तियाँ पद से किसी विशिष्ट तारीख पर विनिर्दिष्ट निधि की आस्तियों या विनिधानों के मूल्य का अतिंम अतिशेष अभिप्रेत है, | |
| (ख) | "नियत तारीख" पद का वही अर्थ होगा जो धारा 263(1) (ग) में उसका है, | |
| (ग) | "मूल निधि", "अंतरण", "परिणामी निधि", "प्रतिभूतियाँ", "विनिर्दिष्ट निधि" और "इकाई" पदों का वही अर्थ होगा जो क्रमशः अधिनियम की अनुसूची 6 में उनका है, | |
| (घ) | "स्थायी स्थापन" पद का वही अर्थ होगा जो धारा 173 (ग) में उसका है; और | |
| (ङ) | प्ररूप संख्या 178 में वार्षिक विवरण के प्रमाणीकरण के संबंध में "विनिर्दिष्ट तारीख" से नियत तारीख से एक मास पहले की तारीख अभिप्रेत है। |

