अधिनियम की अनुसूची 6 [सारणी: क्रम संख्या 5] के प्रयोजन के लिए शर्तें ।.
284. (1) (क) अपरिदेय अग्रिम संविदाओं या अपतटीय व्युत्पन्न लिखतों या ओवर-द-काउंटर व्युत्पन्नों का अंतरण; या
(ख) अपतटीय व्युत्पन्न लिखतों या ओवर-द-काउंटर व्युत्पन्न पर आय का वितरण, के परिणामस्वरूप किसी अनिवासी को प्राप्त होने वाली या उपार्जित होने वाली आय को अधिनियम की अनुसूची 6 [सारणी: क्रम संख्या 5] के अधीन निम्नलिखित शर्तों की पूर्ति के अध्यधीन छूट दी जाएगी:-
| (i) | अनिवासी द्वारा अंतर्राष्ट्रीय वित्तीय सेवा केंद्र की किसी अपतटीय बैंककारी इकाई, जिसके पास अंतर्राष्ट्रीय वित्तीय सेवा केंद्र प्राधिकरण या किसी विदेशी पोर्टफोलियो विनिधानकर्ता, जो अंतर्राष्ट्रीय वित्तीय सेवा केंद्र की एक इकाई है, द्वारा अंतर्राष्ट्रीय वित्तीय सेवा केंद्र प्राधिकरण अधिनियम, 2019 (2019 का 50) के अधीन बनाए गए अंतर्राष्ट्रीय वित्तीय सेवा केंद्र प्राधिकरण (बैंककारी) विनियम, 2020 के अधीन प्रदान किया गया विधिमान्य रजिस्ट्रीकरण प्रमाण पत्र है, के साथ अपरिदेय अग्रिम संविदा या अपतटीय व्युत्पन्न लिखत या ओवर-द-काउंटर व्युत्पन्न किया गया है, और | |
| (ii) | ऐसी संविदा, लिखत या व्युत्पन्न जो अनिवासी द्वारा भारत में स्थित उसके स्थायी स्थापन के माध्यम से या उसकी ओर से नहीं किया गया है। |
(2) अपतटीय बैंककारी इकाई या विदेशी पोर्टफोलियो विनिधानकर्ता यह सुनिश्चित करेगा कि उपनियम (1)(ii) में दी गई शर्त का अनुपालन किया जाए।
(3) इस नियम के प्रयोजनों के लिए, —
| (क) | "व्युत्पन्न" का वही अर्थ होगा जो प्रतिभूति संविदा (विनियमन) अधिनियम, 1956 (1956 का 42) की धारा 2 (कग) में उसका है; | |
| (ख) | "विदेशी पोर्टफोलियो विनिधानकर्ता" से प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड अधिनियम, 1992 (1992 का 15) के अधीन बनाए गए भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (विदेशी पोर्टफोलियो विनिधान) विनियम, 2019 के अधीन पंजीकृत व्यक्ति अभिप्रेत है, | |
| (ग) | "अपरिदेय अग्रिम संविदा" से पूर्व में सहमत विनिमय दर और परिपक्वता पर वास्तविक मौजूदा दर के बीच के अंतर के लिए की गई संविदा अभिप्रेत है, जिसमें मौजूदा दर को घरेलू दर या बाजार द्वारा निर्धारित दर माना जाता है और ऐसी संविदा का निपटान विदेशी मुद्रा में एकमुश्त संदाय के साथ किया जाता है; | |
| (घ) | "अपतटीय बैंककारी इकाई" से किसी अंतर्राष्ट्रीय वित्तीय सेवा केंद्र में स्थित बैंककारी शाखा इकाई अभिप्रेत है; | |
| (ङ) | "अपतटीय व्युत्पन्न लिखत " का वही अर्थ होगा जो भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड अधिनियम, 1992 (1992 का 15) के अधीन बनाए गए भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (विदेशी पोर्टफोलियो विनिधान) विनियम, 2019 के विनियमन 2 (1) (ण) में उसका है; | |
| (च) | "ओवर-द-काउंटर व्युत्पन्न" से कोई ऐसी व्युत्पन्न संविदा अभिप्रेत है जिसका किसी एक्सचेंज पर कारोबार नहीं होता है, किन्तु क्रेता और विक्रेता के बीच निजी तौर पर बातचीत के माध्यम से तय किया जाता है; और | |
| (छ) | "स्थायी स्थापन" का वही अर्थ होगा जो धारा 173(ग) में उसका है। |

