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नियम संख्या. 283

नियम संख्या.

283

दस्तावेज़ अपलोड की तिथि

08/01/2026

अधिनियम की अनुसूची 5 के प्रयोजनों के लिए न्यूनतम विनिधान और छूट प्राप्त आय की संगणना [सारणी: क्रम संख्या 7] ।

283. (1) अधिनियम की अनुसूची 5 [सारणी: क्रम संख्या 7] के प्रयोजनों के लिए, उक्त सारणी की टिप्पण 5(ङ), टिप्पण 5(च) और टिप्पण 5 (छ) में निर्दिष्ट प्रतिशतता तथा उसके स्तंभ घ के खंड (ङ), खंड (च) और खंड (छ) में निर्दिष्ट छूट प्राप्त आय की संगणनाइस नियम के अनुसार की जाएगी।

(2) (क) अधिनियम की अनुसूची 5 [सारणी क्रम संख्या 7 टिप्पण 5 (3)] में निर्दिष्ट प्रतिशतता की संगणना निम्नलिखित रीति से की जाएगी: —

 (क+ख+ग)× 100
 

जहाँ,

क = पात्र अनुकल्पी विनिधान निधि के तुलन-पत्र में वित्तीय वर्ष 2021-2022 से आरंभ होकर सुसंगत कर वर्ष से ठीक पूर्ववर्ती वित्तीय वर्ष तक के सभी वित्तीय वर्षों की समाप्ति तक उपदर्शित होने वाले पात्र विनिधानों का कुल योग, जो एक या अधिक पात्र अवसंरचना इकाई या पात्र इनविट में किए गए हों,

ख = पात्र अनुकल्पी विनिधान निधि के तुलन- पत्र में वित्तीय वर्ष 2021-2022 से आरंभ होकर सुसंगत कर वर्ष से ठीक पूर्ववर्ती वित्तीय वर्ष तक के सभी वित्तीय वर्षों की समाप्ति तक उपदर्शित होने वाले पात्र विनिधानों का कुल योग, जो एक या अधिक पात्र स्वदेशी कंपनियों में किया गया हो, जिसे उपनियम (3) के अनुसार अवधारित उन स्वेदशी कंपनियों के प्रतिशत से गुणा किया गया है;

ग = वित्तीय वर्ष 2021-2022 से आरंभ होकर सुसंगत कर वर्ष से ठीक पूर्ववर्ती वित्तीय वर्ष तक के सभी वित्तीय वर्षों की समाप्ति तक पात्र अनुकल्पी विनिधान निधि के तुलन-पत्र में उपदर्शित होने वाले पात्र विनिधानों का कुल योग, जो एक या अधिक पात्र गैर-बैंककारी वित्तीय कंपनियों में किया गया हो, जिसे उपनियम (4) के अनुसार अवधारित उन गैर-बैंककारी वित्तीय कंपनी या कंपनियों के प्रतिशत से गुणा किया गया है;

घ = वित्तीय वर्ष 2021-2022 से आरंभ होकर सुसंगत कर वर्ष से ठीक पूर्ववर्ती वित्तीय वर्ष तक के सभी वित्तीय वर्षों की समाप्ति तक पात्र अनुकल्पी विनिधान निधि के तुलन-पत्र में उपदर्शित होने वाले पात्र विनिधानों का कुल योग,

(ख) ऐसे मामले में, जहां सुसंगत कर वर्ष वह वर्ष है जिसमें पात्र अनुकल्पी विनिधान निधि द्वारा पहला विनिधान किया गया है, तो उपरोक्त राशि की संगणना उस वर्ष की अंतिम तारीख को सुसंगत कर वर्ष के तुलन-पत्र में उपदर्शित होने वाले पात्र विनिधानों के कुल योग का उपयोग करके की जाएगी, और

(ग) इस उपनियम के प्रयोजनों के लिए, रकम क, रकम ख और रकम ग में ऐसे पात्र विनिधान भी सम्मिलित होंगे जो संगणना की तारीख को इन रकमों को सम्मिलित नहीं कर सके, किंतु यदि पात्र अनुकल्पी विनिधान निधि द्वारा ऐसे पात्र विनिधान प्राप्त होने की तारीख के पश्चात् तीन मास के भीतर संगणना की जाती तो उन्हें सम्मिलित किया जाता।

(3) (क) अधिनियम की अनुसूची 5 [सारणी: क्रम संख्या 7. टिप्पण 5 (च)] में निर्दिष्ट प्रतिशतता की संगणना निम्नलिखित रीति से की जाएगी:-

 ङ × 100
  च

जहाँ, -

ङ = पात्र देशी कंपनी के तुलन-पत्र में वित्तीय वर्ष 2021-2022 से आरंभ होकर सुसंगत कर वर्ष से ठीक पूर्ववर्ती वित्तीय वर्ष की समाप्ति तक सभी वित्तीय वर्षों की अंतिम तारीख तक उपदर्शित होने वाले पात्र विनिधानों का कुल योग, जो एक या अधिक पात्र अवसंरचना संस्था में किए गए हों, और

च = वित्तीय वर्ष 2021-2022 से आरंभ होकर और सुसंगत कर वर्ष से ठीक पूर्ववर्ती वित्तीय वर्ष समाप्ति तक सभी वित्तीय वर्षों की अंतिम तारीख तक पात्र स्वदेशी कंपनी के तुलन-पत्र में उपदर्शित होने वाले पात्र विनिधानों का कुल योग,

(ख) ऐसे मामलों में, जहां सुसंगत कर वर्ष वह वर्ष है जिसमें पात्र देशी कंपनी द्वारा पहला विनिधान किया जाता है, तो उपरोक्त रकम की संगणना उस वर्ष की अंतिम तारीख को सुसंगत कर वर्ष के तुलन-पत्र में उपदर्शित होने वाले पात्र विनिधानों के कुल योग का उपयोग करके की जाएगी, और

(ग) इस उपनियम के प्रयोजनों के लिए, रकम ड में पात्र विनिधान भी सम्मिलित होंगे जो संगणना की तारीख पर इन रकमों में सम्मिलित नहीं हो सके, किंतु यदि पात्र देशी कंपनी द्वारा ऐसे पात्र विनिधान प्राप्त होने की तारीख के तीन मास के भीतर संगणना की जाती तो उन्हें सम्मिलित किया जाता।

(4) (क) अधिनियम की अनुसूची 5 [सारणी: क्रम संख्या 7 टिप्पण 5(छ)] में निर्दिष्ट प्रतिशतता की संगणना निम्नलिखित रीति से की जाएगी:-

 × 100
  ज

जहाँ, -

छ = पात्र गैर-बैंककारी वित्तीय कंपनी के तुलन-पत्र में वित्तीय वर्ष 2021-2022 से आरंभ होकर सुसंगत कर वर्ष से ठीक पूर्ववर्ती वित्तीय वर्ष समाप्ति तक सभी वित्तीय वर्षों की अंतिम तारीख तक उपदर्शित होने वाले पात्र ऋणों का कुल योग, जो एक या अधिक पात्र अवसंरचना इकाई को दिया गया हो; और

ज = वित्तीय वर्ष 2021-2022 से आरंभ होकर सुसंगत कर वर्ष से ठीक पूर्ववर्ती वित्तीय वर्ष की समाप्ति तक सभी वित्तीय वर्षों की अंतिम तारीख तक पात्र गैर-बैंककारी वित्तीय कंपनी के तुलन-पत्र में उपदर्शित होने वाले पात्र ऋणों का कुल योग,

(ख) ऐसे मामले में, जहां सुसंगत कर वर्ष वह वर्ष है जिसमें पात्र गैर-बैंककारी वित्तीय कंपनी द्वारा पहला ऋण या उधार दिया जाता है, उपरोक्त रकम की संगणना उस वर्ष की अंतिम तारीख तक सुसंगत कर वर्ष के तुलन-पत्र में उपदर्शित होने वाले पात्र उधार के कुल योग का उपयोग करके की जाएगी।

(5) उपनियम (2), उपनियम (3) और उपनियम (4) के प्रयोजनों के लिए, सुसंगत कर वर्ष 2031- 2032 और उसके पश्चात् के सुसंगत कर वर्षों के लिए उसमें निर्दिष्ट प्रतिशतता का समाधान किया हुआ माना जाएगा यदि सुसंगत कर वर्ष 2030-2031 के लिए उसका समाधान हो जाता है।

(6) अधिनियम की अनुसूची 5 [सारणी: क्रम संख्या 7घ(ङ)] में निर्दिष्ट छूट प्राप्त आय के प्रयोजनों के लिए, -

(क) किसी पात्र अनुकल्पी विनिधान निधि के इकाई धारक किसी विनिर्दिष्ट व्यक्ति द्वारा उस निधि में किए गए विनिधान से उपार्जित या उद्भूत या इसके परिणाणस्वरूप या प्राप्त आय पर आयकर उसी प्रकार लगाया जाएगा मानो विनिधान निधि द्वारा किया गया विनिधान प्रत्यक्ष रूप से उस व्यक्ति द्वारा किया गया होता तो उस व्यक्ति को उपार्जित या उद्द्भूत या इसके परिणाणस्वरूप या प्राप्त आय पर आयकर लगाया जाता;

(ख) सुसंगत कर वर्ष के दौरान ऐसे निधि में विनिधान से उद्भूत होने वाली किसी विनिर्दिष्ट व्यक्ति की छूट प्राप्त आय की संगणना निम्नलिखित रीति से की जाएगी:-

झ+ञ+ट+ठ

जहां,—

झ = अधिनियम के उपबंधों के अनुसार परिकलित सुसंगत कर वर्ष के दौरान पात्र अनुकल्पी विनिधान निधि द्वारा उक्त खंड के अधीन विनिर्दिष्ट व्यक्ति को अधिसूचना जारी होने की तारीख को या उसके पश्चात् विनिर्दिष्ट व्यक्ति द्वारा किए गए किसी विनिधान में से पात्र अवसंरचना इकाई में किए गए पात्र विनिधानों से उपार्जित या उदभूत या इसके परिणामस्वरूप या प्राप्त आय,

ञ = अधिनियम के उपबंधों के अनुसार परिकलित सुसंगत कर वर्ष के दौरान पात्र अनुकल्पी विनिधान निधि द्वारा एक या अधिक पात्र देशी कंपनियों में विनिर्दिष्ट व्यक्ति द्वारा ढ से गुणा और ण से विभाजित किये गये विनिधान से उपार्जित या उद्द्भूत या इसके परिणामस्वरूप या प्राप्त आय, जहां ट और ण का मूल्य वह होगा जो प्रत्येक देशी कंपनी के लिए उपनियम (7) में उसका है;

ट = अधिनियम के उपबंधों के अनुसार परिकलित, सुसंगत कर वर्ष के दौरान पात्र अनुकल्पी विनिधान निधि द्वारा एक या अधिक पात्र गैर-बैंककारी वित्तीय कंपनियों में विनिर्दिष्ट व्यक्ति द्वारा थ से गुणा करके द से विभाजित किये गये विनिधान से उपार्जित या उद्भूत या इसके परिणामस्वरूप या प्राप्त आय, जहां थ और द का मूल्य वह होगा प्रत्येक ऐसी गैर-बैंककारी वित्तीय कंपनी के लिए उपनियम (8) में उसका है,

ठ = अधिनियम के उपबंधों के अनुसार परिकलित, सुसंगत कर वर्ष के दौरान विनिर्दिष्ट व्यक्ति द्वारा उक्त खंड के अधीन विनिर्दिष्ट व्यक्ति की अधिसूचना की तारीख को या उसके पश्चात् किए गए किसी भी विनिधान में से पात्र इनविट में पात्र अनुकल्पी विनिधान निधि द्वारा किए गए पात्र विनिधान से उपार्जित या उद्भूत या इसके परिणामस्वरूप या प्राप्त आय।

(7) अधिनियम की अनुसूची 5 [सारणी: क्रम संख्या 7. घ(च)] के प्रयोजनों के लिए, सुसंगत कर वर्ष के दौरान छूट प्राप्त आय की संगणना निम्नलिखित रीति से की जाएगी:-

 ड ×
 

जहाँ, -

ड = अधिनियम के उपबंधों के अनुसार परिकलित, सुसंगत कर वर्ष के दौरान विनिर्दिष्ट व्यक्ति द्वारा एक या अधिक पात्र देशी कंपनियों में किए गए विनिधान से उपार्जित या उद्भूत या इसके परिणामस्वरूप या प्राप्त आय;

ढ = पात्र स्वदेशी कंपनी के तुलन-पत्र में सुसंगत कर वर्ष से ठीक पूर्ववर्ती कर वर्ष की अंतिम तारीख (सुसंगत कर वर्ष की अंतिम तारीख, यदि पात्र विनिधान सुसंगत कर वर्ष के दौरान पहली बार किया गया है) तक उपदर्शीत होने वाले पात्र विनिधानों का कुल योग, विनिर्दिष्ट व्यक्ति द्वारा उक्त खंड के अधीन विनिर्दिष्ट व्यक्ति की अधिसूचना की तारीख को या उसके पश्चात् किए गए विनिधान में से पात्र देशी कंपनी द्वारा एक या अधिक पात्र अवसंरचना इकाई में किया गया और

ण = विनिर्दिष्ट व्यक्ति द्वारा किए गए किसी विनिधान पात्र देशी कंपनी के तुलन-पत्र मैं सुसंगत कर वर्ष से ठीक पूर्ववर्ती कर वर्ष की अंतिम तारीख (सुसंगत कर वर्ष की अंतिम तारीख, यदि पात्र सुसंगत कर वर्ष के दौरान पहली बार किया गया है) तक उपदर्शित होने वाले विनिधानों का कुल योग;

(8) अधिनियम की अनुसूची 5 [सारणी: क्रम संख्या 7 घ (छ)] के प्रयोजनों के लिए, सुसंगत कर वर्ष के दौरान छूट प्राप्त आय की संगणना निम्नलिखित रीति से की जाएगी:-

 त ×
 द 

जहाँ, -

त = अधिनियम के उपबंधों के अनुसार परिकलित, सुसंगत कर वर्ष के दौरान किसी विनिर्दिष्ट व्यक्ति द्वारा एक या अधिक पात्र गैर-बैंककारी वित्तीय कंपनियों में किए गए विनिधान से उपार्जित या उद्भूत या इसके परिणामस्वरूप या प्राप्त आय;

थ = पात्र गैर-बैंककारी वित्तीय कंपनी के तुलन-पत्र में सुसंगत कर वर्ष से ठीक पूर्ववर्ती कर वर्ष की अंतिम तारीख (सुसंगत कर वर्ष की अंतिम तारीख, यदि पात्र ऋण सुसंगत कर वर्ष के दौरान पहली बार दिया गया है) तक उपदर्शित होने वाले पात्र ऋणों का कुल योग, जो उक्त खंड के अधीन विनिर्दिष्ट व्यक्ति को अधिसूचना की तारीख को या उसके पश्चात् विनिर्दिष्ट व्यक्तिद्वारा किए गए किसी भी विनिधान में से पात्र गैर-बैंककारी वित्तीय कंपनी द्वारा एक या अधिक पात्र अवसंरचना इकाई को दिया गया है, और

द = पात्र गैर-बैंककारी वित्तीय कंपनी के तुलन-पत्र में सुसंगत कर वर्ष से ठीक पूर्ववर्ती कर वर्ष की अंतिम तारीख तक (सुसंगत कर वर्ष की अंतिम तारीख, यदि पात्र ऋण सुसंगत कर वर्ष के दौरान पहली बार दिया गया है) विनिर्दिष्ट व्यक्ति द्वारा किए गए किसी भी विनिधान में से दिए गए, उपदर्शित होने वाले ऋण का कुल योग।

(9) प्रत्येक पात्र अनुकल्पी विनिधान निधि, पात्र देशी कंपनी और पात्र गैर-बैंककारी वित्तीय कंपनी, जिसने किसी विनिर्दिष्ट व्यक्ति से प्रत्यक्ष रूप से या पात्र अनुकल्पी विनिधान निधि के माध्यम से निधियां प्राप्त की हैं, प्रत्येक उस कर वर्ष के लिए प्ररूप संख्या 177 में विनिर्दिष्ट व्यक्तियों से प्राप्त निधियों का विवरण प्रस्तुत करेगी, जिस वर्ष के दौरान ऐसी निधियां या उसका कोई भाग ऐसे अनुकल्पी विनिधान निधि, देशी कंपनी और गैर-बैंककारी वित्तीय कंपनी में विनिधान हुए रहती है।

(10) उपनियम (9) में निर्दिष्ट प्ररूप संख्या 177 को इलैक्ट्रॉनिक रूप से डिजिटल हस्ताक्षर के अधीन या इलैक्ट्रॉनिक सत्यापन कोड के माध्यम से प्रस्तुत किया जाएगा और धारा 265 के अधीन ऐसे अनुकल्पी विनिधान निधि, देशी कंपनी और गैर-बैंककारी वित्त कंपनी के आय विवरण को सत्यापित करने के लिए अधिकृत व्यक्ति द्वारा सत्यापित किया जाएगा।

(11) उपनियम (9) में निर्दिष्ट प्ररूप संख्या 177, धारा 263(1) (ग) में निर्दिष्ट नियत तारीख को या उससे पहले उस कर वर्ष, जिसमें विनिर्दिष्ट व्यक्ति से पात्र विनिधान पहली बार प्राप्त हुआ है, और विनिर्दिष्ट व्यक्ति से प्राप्त पात्र विनिधान वापस किए जाने तक के सभी उत्तरवर्ती कर वर्षों के लिए, प्रस्तुत किया जाएगा।

(12) इस नियम में,—

(क) "विनिर्दिष्ट व्यक्ति", "पात्र अवसंरचना इकाई", "पात्र अनुकल्पी विनिधान निधि", "पात्र देशी कंपनी", "पात्र गैर-बैंककारी वित्तीय कंपनी", "पात्र इनविट" पदों का वही अर्थ होगा जो क्रमशः अधिनियम की अनुसूची 5 [सारणी: क्रम संख्या 7 टिप्पण 5] में उनका
(ख) "तुलन-पत्र" से सुसंगत कर वर्ष के 31 मार्च को तैयार किया गया तुलन-पत्र (उससे संलग्न टिप्पणियों सहित और जो लेखाओं का हिस्सा हैं) अभिप्रेत है, जो
(i) कार्यों की सही और निष्पक्ष अवस्था प्रस्तुत करता
(ii) लागू लेखांकन मानकों का अनुपालन करता है, और
(iii) जिसकी लेखापरीक्षा —
(क) भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड अधिनियम, 1992 (1992 का 15) के अधीन बनाए गए भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (अनुकल्पी विनिधान निधि) विनियम, 2012 के विनियम 20 (5) के उपबंधों के अनुसार पात्र अनुकल्पी विनिधान निधि; या
(ख) कंपनी अधिनियम, 2013 (2013 का 18) की धारा 139 के उपबंधों के अनुसार पात्र देशी कंपनियों:
 के लेखापरीक्षक द्वारा की गई है ।
(ग) "पात्र विनिधान" से ऐसे विनिधान अभिप्रेत है जो निम्नलिखित द्वारा किया गया हो, —
(i) पात्र अनुकल्पी विनिधान निधि द्वारा 1 अप्रैल, 2020 को या उसके पश्चात् किंतु 31 मार्च, 2030 को या उससे पहले; या
(ii) पात्र देशी कंपनी द्वारा 1 अप्रैल, 2020 को या उसके पश्चात् किंतु 31 मार्च, 2030 को या उससे पहले;
(घ) "पात्र ऋण" से किसी पात्र गैर-बैंककारी वित्तीय कंपनी द्वारा 1 अप्रैल, 2020 को या उसके पश्चात्, लेकिन 31 मार्च, 2030 को या उससे पहले दिए गए ऋण अभिप्रेत है;
(ङ) "विनिधान" से चल और अचल आस्तियां अभिप्रेत है, जिसमें चालू और गैर-चालू विनिधान, ऋण और अग्रिम तथा नकदी और नकदी के समतुल्य भी सम्मिलित हैं, और
(च) "सुसंगत कर वर्ष" से निम्नलिखित अभिप्रेत है —
(i) वह कर वर्ष जिसके लिए अधिनियम की अनुसूची 5 [सारणी: क्रम संख्या 7] के अधीन छूट प्राप्त आय की संगणना की जानी है,
(ii) कर वर्ष 2030 2031, उपनियम (5) के प्रयोजनों के लिए, चाहे इसे अधिनियम की अनुसूची 5 [सारणी: क्रम संख्या 7] के अधीन छूट प्राप्त है, उस वर्ष की आय की संगणना लिए अपेक्षित नहीं है।

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