आयकर विभाग

वित्त मंत्रालय, भारत सरकार

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नियम संख्या. 247

नियम संख्या.

247

दस्तावेज़ अपलोड की तिथि

08/01/2026

धारा 514 के प्रयोजनों के लिए पंजीकृत मूल्यांकक की योग्यता ।

247. (1) धारा 514 (2) के प्रयोजनों के लिए, आस्तियों के विभिन्न वर्गों के लिए मूल्यांककों के रूप में रजिस्ट्री हेतु अर्हताएं उप-नियम (2) से (9) में निर्दिष्ट होंगी।

(2) निम्नलिखित तालिका के स्तंभ ख में उल्लिखित आस्तियों की श्रेणियों के लिए मूल्यांकक के रूप में रजिस्ट्री हेतु अर्हताएं उक्त तालिका के स्तंभ ग में निर्दिष्ट होंगी:

तालिका

क्रम संख्याआस्ति की श्रेणीअर्हता
कखग
1.अचल संपत्ति (कृषि भूमि, बागान, वन, खान और पत्थर की खदानों के सिवाय)

आवेदक-

(क) (i) किसी मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय से सिविल इंजीनियरिंग, वास्तुकला या नगर नियोजन में स्नातक होना चाहिए; या

(ii) किसी मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय से रियल एस्टेट के मूल्यांकन में स्नातकोत्तर डिग्री धारक हो, या

(iii) सिविल इंजीनियरिंग, वास्तुकला या नगर नियोजन के क्षेत्र में केंद्र सरकार के अधीन उच्च सेवाओं या पदों पर भर्ती के लिए केंद्र सरकार द्वारा मान्यता प्राप्त योग्यता का धारक होना चाहिए; और

(ख) (i) निम्नलिखित में पूर्व में नियोजित व्यक्ति—

(क) सरकार के अधीन किसी पद पर राजपत्रित अधिकारी के रूप में; या

(ख) किसी अन्य नियोक्ता के अधीन किसी ऐसे पद पर, जिसका पारिश्रमिक रु.50000 प्रति माह से कम न हो,

और, दोनों मामलों में, मूल्यांकक, वास्तुकार या नगर योजनाकार के रूप में, या भवन निर्माण, संरचनाओं के डिजाइन या भूमि विकास के क्षेत्र में ऐसे रोजगार में कम से कम दस वर्ष (या तीन वर्ष, यदि उसके पास किसी मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय से रियल एस्टेट के मूल्यांकन में स्नातकोत्तर डिग्री है) की सेवा करने के पश्चात् सेवानिवृत्त हो या त्यागपत्र दिया हो; या

(ii) किसी विश्वविद्यालय, महाविद्यालय या किसी अन्य इकाईन में प्राचार्य, रीडर या व्याख्याता के रूप में, जो छात्रों को सिविल इंजीनियरिंग, वास्तुकला या नगर नियोजन में डिग्री या खंड (क) में निर्दिष्ट किसी अर्हता के लिए तैयार करता हो, और मूल्यांकन, मात्रा सर्वेक्षण, भवन निर्माण, वास्तुकला या नगर नियोजन के किसी भी विषय में ऐसे रोजगार से कम से कम दस वर्ष (या पाँच वर्ष, यदि उसके पास किसी मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय से रियल एस्टेट के मूल्यांकन में स्नातकोत्तर डिग्री है) शिक्षण करने के पश्चात् सेवानिवृत्त हो या त्यागपत्र दिया हो;

या

आवेदक कम से कम दस वर्षो (या तीन वर्ष, यदि उसके पास किसी मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय से रियल एस्टेट के मूल्यांकन में स्नातकोत्तर डिग्री हैं) की अवधि के लिए परामर्शदाता इंजीनियर, रियल एस्टेट मूल्यांकक, सर्वेक्षक या वास्तुकार के रूप में अभ्यास किया हो और निम्नलिखित में से किसी भी क्षेत्र में अनुभव प्राप्त किया हो:

(क) भवनों और शहरी भूमि का मूल्यांकन, या

(ख) भवन निर्माण में मात्रा सर्वेक्षण, या

(ग) भवनों का वास्तुशिल्पीय या संरचनात्मक डिजाइन या नगर नियोजन; या

(घ) भवनों का निर्माण या भूमि का विकास;

और ऐसे अभ्यास से उसकी कुल आय उसके द्वारा मूल्यांकक के रूप में रजिस्ट्री हेतु आवेदन किए जाने के वर्ष से तत्काल पहले के विगत पाँच वर्षों में से किन्हीं तीन वर्षों में (या विगत तीन वर्षों में से किन्हीं दो में, यदि उसके पास किसी मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय से रियल एस्टेट के मूल्यांकन में स्नातकोत्तर डिग्री है) रु. 100000 से कम नहीं होनी चाहिए।

2.

कृषि भूमि (क्रम संख्या 3 पर उल्लिखित बागानों के सिवाय)

आवेदक-

i. किसी मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय से कृषि विज्ञान में स्नातक की उपाधि प्राप्त की हो और कम से कम पांच वर्षों तक कृषि मूल्यांकक के रूप में कार्य किया हो; या

ii. सरकार के अधीन कलेक्टर, डिप्टी कलेक्टर, बंदोबस्ती अधिकारी, भूमि मूल्यांकन अधिकारी, भूमि अभिलेख अधीक्षक, कृषि अधिकारी, रजिस्ट्री अधिनियम, 1908 (1908 का 16) के अधीन रजिस्ट्रार, या समान कार्य करने वाले समकक्ष रैंक के किसी अन्य अधिकारी के रूप में पूर्व में कार्यरत व्यक्ति हो और उक्त पदों में से किसी एक या एक से अधिक पदों पर कुल मिलाकर कम से कम पांच वर्ष की सेवा के पश्चात् ऐसे रोजगार से सेवानिवृत्त हुआ हो या त्यागपत्र दिया हो ।

3.

कॉफी बागान, चाय बागान, रबर बागान या इलायची बागान

आवेदक-

i. कम से कम पांच वर्षों की अवधि के लिए, कॉफी, चाय, रबर या, जैसा भी मामला हो, इलायची के बागान का स्वामित्व या प्रबंधक रहा हो, जिसका बागान क्षेत्र इलायची के मामले में चार हेक्टेयर या किसी अन्य बागान के मामले में चालीस हेक्टेयर से कम न हो; या

ii. सरकार के अधीन कलेक्टर, डिप्टी कलेक्टर, बंदोबस्ती अधिकारी, भूमि मूल्यांकन अधिकारी, भूमि अभिलेख अधीक्षक, कृषि अधिकारी, रजिस्ट्री अधिनियम, 1908 (1908 का 16) के अधीन रजिस्ट्रार, या समान कार्य करने वाले समकक्ष रैंक के किसी अन्य अधिकारी के रूप में पूर्व में कार्यरत व्यक्ति हो और उक्त पदों में से किसी एक या एक से अधिक पदों पर कुल मिलाकर कम से कम पांच वर्ष की सेवा के पश्चात् ऐसे रोजगार से सेवानिवृत्त हुआ हो या त्यागपत्र दिया, जिसमें से कम से कम तीन वर्ष उन क्षेत्रों में सेवा की हों जहां कॉफी, चाय, रबर या, जैसा भी मामला हो, इलायची की व्यापक रूप से खेती की जाती हैं।

4.

वन

आवेदक पूर्व में सरकार के अधीन किसी पद पर कार्यरत रहा हो और वानिकी में विशेष ज्ञान की आवश्यकता वाले राजपत्रित पद पर कम से कम पांच वर्ष की सेवा प्रदान करने के पश्चात् सेवानिवृत्त हुआ हो या त्यागपत्र दिया हो।

5.

खान और पत्थर की खदानें

आवेदक-

(i) किसी मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय से खनन में स्नातक की डिग्री प्राप्त की हो, या केंद्र सरकार द्वारा खनन क्षेत्र में केंद्र सरकार के अधीन उच्च सेवाओं या पदों पर भर्ती के लिए मान्यता प्राप्त अर्हता रखता हो; और

(ii) निम्नलिखित में पूर्व में कार्यरत व्यक्ति —

(क) सरकार के अधीन राजपत्रित अधिकारी के रूप में कोई पद या

(ख) किसी अन्य नियोक्ता के अधीन ऐसा पद जिसका वेतन रु. 50000 प्रति माह से कम न हो,

और, दोनों ही मामलों में, खनन अभियंता के रूप में कम से कम दस वर्षों तक सेवा प्रदान करने के पश्चात् ऐसे रोजगार से सेवानिवृत्त हुआ हो या त्यागपत्र दिया हो।

6.स्टॉक, शेयर, डिबेंचर, प्रतिभूतियाँ, भागी फर्मों में और व्यावसायिक आस्तियों के शेयर, जिनमें साख भी शामिल है, किंतु क्रम संख्या 1 से 5 और 7 से 10 पर उल्लिखित मदें शामिल नहीं हैं।

आवेदक-

i. भारतीय सनदी लेखाकार इकाईन, या भारतीय लागत लेखाकार इकाईन, या भारतीय कंपनी सचिव इकाईन का सदस्य हो; या

ii. वित्त में विशेषज्ञता के साथ कारबार प्रशासन में मास्टर डिग्री या कारबार प्रशासन में स्नाकोत्तर डिप्लोमा धारक हो या

iii. वित्त में स्नातकोत्तर हो; और

(i) किसी ऐसे विषय में कम से कम दस वर्षों का अभ्यास किया हो जो स्टॉक, शेयर, डिबेंचर, प्रतिभूतियों, भागी फर्मों में और व्यावसायिक संपत्तियों के शेयरों, जिसमें साख आदि शामिल हैं, के मूल्यांकन के लिए सुसंगत हो, और ऐसे अभ्यास से उसकी कुल आय मूल्यांकक के रूप में रजिस्ट्री हेतु उसके द्वारा आवेदन करने के वर्ष से तत्काल पूर्ववर्ती विगत पांच वर्षों में से किन्हीं तीन वर्षों में रु. 100,000 से कम नहीं होनी चाहिए।

या

(ii) निम्नलिखित में पूर्व में कार्यरत व्यक्ति हो-

(क) सरकार के अधीन राजपत्रित अधिकारी के रूप में कोई पद, या

(ख) किसी अन्य नियोक्ता के अधीन ऐसे पद पर, जिसका वेतन रु.50000 प्रति माह से कम न हो,

और, दोनों ही मामलों में, लेखापरीक्षा एवं लेखा या कराधान कार्य के क्षेत्र में कम से कम दस वर्ष की सेवा प्रदान करने के पश्चात् ऐसे रोजगार से सेवानिवृत्त हुआ हो या त्यागपत्र दिया हो, या

(iv) ऐसे विषय में कार्यरत व्यक्ति जो स्टॉक, शेयर, डिबेंचर, प्रतिभूतियों, भागी फर्मों में और व्यावसायिक आस्तियों के शेयरों, जिसमें साख आदि शामिल हैं, के मूल्यांकन के लिए सुसंगत हो, जिसका पारिश्रमिक रु. 100000 प्रति माह से कम न हो और कम से कम दस वर्षों की सेवा के पश्चात् ऐसे रोजगार से सेवानिवृत्त हुआ हो या इस्तीफा दिया हो ।

7.मशीनरी और संयंत्र

आवेदक-

(क) (i) किसी मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय से यांत्रिक, विद्युत, इलेक्ट्रॉनिक और संचार, इलेक्ट्रॉनिक और इंस्ट्रूमेंटेशन, उत्पादन, रसायन, वस्त्र, धर्म, धातु विज्ञान, वैमानिकी अभियांत्रिकी, या संयंत्र और मशीनरी के मूल्यांकन में स्नातक या स्नातकोत्तर हो; या

(ii) केंद्र सरकार द्वारा यांत्रिक या विद्युत अभियांत्रिकी के क्षेत्र में केंद्र सरकार के अधीन उच्च सेवाओं या पदों पर भर्ती के लिए मान्यता प्राप्त योग्यता का धारक हो;

(ख) निम्नलिखित में पूर्व में कार्यरत व्यक्ति हो-

(क) सरकार के अधीन राजपत्रित अधिकारी के रूप में कोई पद या

(ख) किसी अन्य नियोक्ता के अधीन ऐसे पद पर, जिसका वेतन रु.50000 प्रति माह से कम न हो,

और, दोनों ही मामलों में, उन्हें यांत्रिक या विद्युत या इलेक्ट्रॉनिक और संचार या इलेक्ट्रॉनिक और उपकरण या उत्पादन या रसायन या वस्त्र या धर्म या धातु विज्ञान या वैमानिकी अभियंता या मशीनरी और संयंत्र के मूल्यांकक के रूप में कम से कम दस वर्ष (या तीन वर्ष, यदि उसके पास किसी मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय से मशीनरी और संयंत्र के मूल्यांकन में स्नातकोत्तर डिग्री है) की सेवा प्रदान करने के पश्चात् ऐसे रोजगार से सेवानिवृत्त हुआ हो या त्यागपत्र दिया हो, या

(ग) किसी विश्वविद्यालय, महाविद्यालय या किसी अन्य इकाईन में प्राचार्य, रीडर या व्याख्याता के रूप में जो छात्रों को यांत्रिक, विद्युत, इलेक्ट्रॉनिक और संचार, इलेक्ट्रॉनिक और इंस्ट्रूमेंटेशन, उत्पादन, रसायन, वस्त्र, चमड़ा, धातु विज्ञान या वैमानिकी अभियांत्रिकी में डिग्री या खंड (क) में उल्लिखित किसी अर्हता के लिए तैयार करता हो, और ऐसे रोजगार से कम से कम दस वर्ष (या पाँच वर्ष, यदि उसके पास किसी मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय से मशीनरी और संयंत्र के मूल्यांकन में स्नातकोत्तर डिग्री हैं) शिक्षण करने के पश्चात् सेवानिवृत्त हुआ हो या त्यागपत्र दिया हो।

या

आवेदक कम से कम दस वर्ष की अवधि के लिए परामर्शदाता इंजीनियर या मशीनरी एवं संयंत्र के मूल्यांकक के रूप में कार्यरत रहा हो और मशीनरी एवं संयंत्र के मूल्यांकन में अनुभव रखता हो तथा ऐसे अभ्यास से उसकी कुल आय उसके द्वारा मूल्यांकक के रूप में रजिस्ट्री हेतु आवेदन किए जाने के वर्ष से तत्काल पहले के विगत पाँच वर्षों में से किन्हीं तीन वर्षों में (या विगत तीन वर्षों में से किन्हीं दो में, यदि उसके पास किसी मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय से मशीनरी एवं संयंत्र के मूल्यांकन में स्नातकोत्तर डिग्री है) रु.100000 से कम नहीं होनी चाहिए।

8.आभूषणआवेदक कम से कम पांच वर्षों की अवधि के लिए आभूषण कारबार करने वाली भागी फर्म में एकत्र स्वामी या भागीदार रहा हो, जिसका औसत वार्षिक कारोबार पचास लाख रुपये से कम न हो या मूल्यांकन फीस सहित लाभ, मूल्यांकक के रूप में रजिस्ट्री के लिए आवेदन करने के वर्ष से तत्काल पूर्ववर्ती विगत पांच वर्षों में से तीन वर्षों में रु.500000 से कम न हो।
9.कला कृत्य

आवेदक-

i. कला की उस विशेष विधा में अपने अकादमिक और व्यावसायिक कार्यों के आधार पर विशेषज्ञता, जिसके लिए वह एक मूल्यांकक के रूप में पंजीकृत होना चाहता है; और

ii. निम्नलिखित में से किसी एक या अधिक पदों पर सेवा की हो:-

(क) भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण के महानिदेशक या अधीक्षण पुरातत्वविद् या

(ख) राष्ट्रीय संग्रहालय, नई दिल्ली, सालारजंग संग्रहालय, हैदरापश्चात्, हैदरापश्चात्, प्रिंस ऑफ वेल्स संग्रहालय, बॉम्बे, भारतीय संग्रहालय, कलकत्ता, आशुतोष संग्रहालय, कलकत्ता, मद्रास संग्रहालय, मद्रास या भारत कला भवन, वाराणसी के निदेशक, या

(ग) सरकारी कला विद्यालय का प्रधानाचार्य, या

(घ) उपखंड (आ) में निर्दिष्ट किसी भी संग्रहालय या ललित कला अकादमी की कला क्रय समिति का सदस्य।

10.जीवन हित, प्रत्यावर्तन और प्रत्याशा में हित

आवेदक-

i. किसी मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय से स्नातक होना चाहिए, और

ii. उसने-

(क) बीमा अधिनियम, 1938 (1938 का 4) के अधीन एक बीमांकिक के रूप में कम से कम दस वर्षों की अवधि के लिए कार्य किया हो, या

(ख) सरकार के अधीन या भारतीय जीवन बीमा निगम अधिनियम, 1956 (1956 का 31) के अधीन स्थापित भारतीय जीवन बीमा निगम में बीमांकिक के रूप में कम से कम दस वर्षों की निरंतर सेवा प्रदान की हो, या

(ग) उपखंड (आ) में निर्दिष्ट सरकार के अधीन या भारतीय जीवन बीमा निगम में बीमांकिक के रूप में कम से कम दस वर्षों की कुल अवधि के लिए कार्य किया हो।

(3) उप-नियम (2) में शामिल आस्तियों के सिवाय आस्तियों के मूल्यांकक की अर्हता का अवधारण प्रधान मुख्य आयुक्त या मुख्य आयुक्त, या प्रधान महानिदेशक या महानिदेशक द्वारा किया जाएगा, जिनके समक्ष मूल्यांकक के रूप में रजिस्ट्री के लिए आवेदन प्रस्तुत किया गया है, और इस संबंध में प्रधान मुख्य आयुक्त या मुख्य आयुक्त, या प्रधान महानिदेशक या महानिदेशक का निर्णय अंतिम होगा।

(4) कोई भी व्यक्ति, कलाकृतियों या वर्चुअल डिजिटल आस्तियों या आस्तियों की अन्य श्रेणी के मूल्यांकक के सिवाय, मूल्यांकक के रूप में रजिस्ट्री के लिए पात्र नहीं होगा, यदि वह सरकार या किसी अन्य नियोक्ता के अधीन कार्यरत है।

(5) उप-नियम (1) से (4) में निहित किसी भी बात के होते हुए, कोई भी व्यक्ति मूल्यांकक के रूप में रजिस्ट्री के लिए पात्र नहीं होगा यदि, --

(क)  उसे सरकारी सेवा से बर्खास्त या पदच्युत किया गया है; या
(ख)  उसे आयकर अधिनियम, 1961 (1961 का 43), या संपत्ति कर अधिनियम, 1957 (1957 का 27), या उपहार कर अधिनियम, 1958 (1958 का 18) के अधीन किसी कार्यवाही से संबंधित अपराध के लिए दोषी ठहराया गया है, या उस पर आयकर अधिनियम, 1961 की धारा 271(1) (iii) या धारा 273(i) या धारा 270क या धारा 271ञ के अधीन, या आयकर अधिनियम, 2025 की धारा 439 या धारा 463 के अधीन, या संपत्ति कर अधिनियम, 1957 की धारा 18 (1) (iii) के अधीन, या उपहार कर अधिनियम, 1958 (1958 का 18) की धारा 17 (1) के अधीन जुर्माना अधिरोपित किया गया है; या
(ग)  उसे दिवालिया घोषित किया गया है जिसका दिवाला शोधन अभी समाप्त नहीं हुआ है, या
(घ)  उसे किसी अपराध के लिए दोषी ठहराया गया है और कारावास की सजा दी गई है, या
(ङ)  उन्हें अपने पेशेवर पद पर रहते हुए कदाचार का दोषी पाया गया है, यदि वे भारत में स्थापित किसी ऐसे संघ या इकाई के सदस्य हैं जिसका प्रयोजन इंजीनियरिंग, वास्तुकला, लेखांकन, या कंपनी सचिवों के पेशे या ऐसे अन्य पेश, जिन्हें ऐसी इकाई या इकाईन द्वारा, अधिसूचना द्वारा, बोर्ड द्वारा इस संबंध में निर्दिष्ट किया जाए, का नियंत्रण, पर्यवेक्षण, विनियमन या प्रोत्साहन करना है; या
(च)  वह अवयस्क है; या
(छ)  उसे मानसिक रूप से अस्वस्थ घोषित किया गया है; या
(ज)  उसे मूल्यांकक के रूप में पंजीकृत होने के लिए उपयुक्त नहीं पाया गया है, जिसका निर्णय संबंधित व्यक्ति या इकाई को सुनवाई का अवसर प्रदान करने के पश्चात् लिखित रूप में दर्ज किए जाने वाले कारणों के आधार पर किया जाएगा; या
(झ)  वह दिवालिया घोषित होने के पश्चात् भी ऋणमुक्त नहीं हुआ है या उसने दिवालिया घोषित होने के लिए आवेदन किया है।

(6) पूर्वोक्त उप-नियमों में से किसी में भी अवधारित यह अपेक्षा कि आवेदक ने कम से कम दस वर्ष या पांच वर्ष की अवधि के लिए, जैसा भी मामला हो, —

(क)  किसी भी क्षमता में सेवा प्रदान की हो; या
(ख)  किसी भी विषय का शिक्षण किया हो; या
(ग)  किसी भी पेशे का अभ्यास किया हो; या
(घ)  किसी अन्य क्षमता या क्षेत्र में अनुभव प्राप्त किया हो,

जैसा कि उनमें निर्दिष्ट है, उसे तब पूरा माना जाएगा, यदि आवेदक द्वारा ऐसी सेवा प्रदान करने, ऐसे विषय का शिक्षण करने, ऐसे पेशे का अभ्यास करने या अन्यथा ऐसी अन्य क्षमता या क्षेत्र में अनुभव प्राप्त करने की अवधि, चाहे अकेले या सामूहिक रूप से, दस वर्ष या पांच वर्ष से कम न हो, जैसा कि पूर्वोक्त उप-नियमों में निर्दिष्ट है।

(7) इस नियम के प्रयोजनों के लिए, "मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय" पद से निम्नलिखित विश्वविद्यालय या इकाईन अभिप्रेत हैं:-

(क)  भारत में प्रवृत्त किसी विधि द्वारा स्थापित कोई विश्वविद्यालय; या
(ख)  विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) द्वारा अधिसूचना के माध्यम से मान्यता प्राप्त कोई भी शैक्षणिक इकाई या
(ग)  कोई भी विदेशी विश्वविद्यालय या शैक्षणिक इकाईन, जिसकी डिग्री को भारतीय विश्वविद्यालय संघ (एआईयू) द्वारा अवधारित भारतीय विश्वविद्यालय द्वारा प्रदत्त डिग्री के समकक्ष मान्यता प्राप्त हो।

(8) इस नियम के प्रयोजनों के लिए, जहाँ किसी इकाई की सदस्यता को केंद्र सरकार द्वारा सिविल सेवाओं या केंद्र सरकार के अधीन किसी भी क्षेत्र में पदों पर भर्ती के प्रयोजन के लिए अर्हता के रूप में मान्यता दी जाती है, तो ऐसी सदस्यता को इस नियम के प्रयोजनों के लिए आवश्यक अर्हता नहीं माना जाएगा, जब तक कि इकाई दवारा आयोजित परीक्षाओं को उत्तीर्ण करने के आधार पर सदस्यता प्रदान न की गई हो।

(9) नियम 246(1) में निर्दिष्ट आवेदन का निपटारा प्रधान मुख्य आयुक्त या मुख्य आयुक्त, या प्रधान महानिदेशक या महानिदेशक द्वारा, आवेदन किए जाने वाले माह के अंत से छह माह के भीतर या तो उसका अनुमोदन करके या अस्वीकार करके किया जा सकेगा।

(10) प्रधान मुख्य आयुक्त या मुख्य आयुक्त, या प्रधान महानिदेशक या महानिदेशक, नियम 246 (1) में निर्दिष्ट आवेदन का निपटारा करने से पहले, धारा 514 के अधीन मूल्यांकक के रूप में पंजीकृत होने के लिए आवेदन करने वाले व्यक्ति से किसी भी सुसंगत जानकारी की मांग कर सकते हैं।

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