आयकर विभाग

वित्त मंत्रालय, भारत सरकार

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नियम संख्या. 238

नियम संख्या.

238

दस्तावेज़ अपलोड की तिथि

08/01/2026

परिभाषाएँ ।

238. इस नियम और नियम 239 और 240 के प्रयोजन के लिए - (1) "वित्तीय खाता" से किसी वित्तीय संस्था द्वारा रखा जाने वाला खाता (अपवर्जित खाते के सिवाय) अभिप्रेत हैं, और इसमें निम्नलिखित शामिल हैं-

(i)  निक्षेपागार खाता;
(ii)  अभिरक्षा खाता;
(iii)  किसी निवेश संस्था के मामले में, वित्तीय संस्था में कोई इक्विटी या ऋण हित ।
 "स्पष्टीकरण— इस उपखंड के प्रयोजन के लिए "वित्तीय खाता" में किसी ऐसी संस्था में कोई इक्विटी हित या ऋण हित शामिल नहीं होगा जो केवल इसलिए निवेश संस्था है क्योंकि वह किसी ऐसे वित्तीय संस्थान में ग्राहक के नाम पर जमा वित्तीय आस्तियों के निवेश, प्रबंधन या प्रशासन के प्रयोजन से जो कि ऐसी संस्था के अलावा कोई अन्य गैर-भागीदारी वाली वित्तीय संस्था नहीं हैं,-
(क)  निवेश सलाह प्रदान करती है और ग्राहक की ओर से कार्य करती है, या
(ख)   किसी ग्राहक के लिए पोर्टफोलियो का प्रबंधन करती है और उसकी ओर से कार्य करती हैं,
(iv) उप-खंड (iii) में वर्णित न किए गए वित्तीय संस्थान के मामले में, वित्तीय संस्थान में कोई भी इक्विटी या ऋण हित, यदि हितों का वर्ग नियम 239 के अनुसार रिपोर्टिंग से बचने के प्रयोजन से स्थापित किया गया था और यू.एस. रिपोर्टेबल खाते के मामले में, यदि ऋण या इक्विटी हित का मूल्य प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से, मुख्य रूप से उन आस्तियों के संदर्भ में निर्धारित किया जाता है जिनसे यू. एस. स्रोत से रोके जाने योग्य संदाय उद्भूत होते हैं, और
(v)   किसी वित्तीय संस्थान द्वारा जारी या अनुरक्षित कोई भी नकद मूल्य बीमा संविदा और कोई भी वार्षिकी संविदा, गैर-निवेश-संबद्ध, गैर-हस्तांतरणीय तत्काल जीवन वार्षिकी को छोड़कर, जो किसी व्यक्ति को जारी की जाती है और किसी ऐसे खाते के अधीन प्रदान की गई पेंशन या विकलांगता लाभ का मुद्रीकरण करती है जो एक अपवर्जित खाता है।
 "स्पष्टीकरण- इस खंड के प्रयोजनों के लिए, -
(क)   निक्षेपागार खाता" में कोई भी वाणिज्यिक, चैकिंग, बचत, सावधि या थ्रिफ्ट खाता, या जमा प्रमाणपत्र, थ्रिफ्ट प्रमाणपत्र, निवेश प्रमाणपत्र, ऋण प्रमाणपत्र, या किसी अन्य समान लिखत द्वारा प्रमाणित खाता शामिल हैं, जिसे किसी वित्तीय संस्था द्वारा बैंकिंग या समान कारबार के सामान्य क्रम में बनाए रखा जाता हैं, और साथ ही किसी बीमा कंपनी द्वारा गारंटीकृत निवेश संविदा या ब्याज का संदाय या क्रेडिट करने के लिए समान समझौते के अधीन रखी गई रकम भी शामिल है; यद्यपि, यू.एस. रिपोर्टेबल खाते के अलावा किसी अन्य खाते के लिए,
(क)   इस खंड का उपबंध इस प्रकार लागू होगा कि "बैंकिंग या समान कारबार के सामान्य क्रम में वित्तीय संस्था" वाक्यांश को "जमा संस्था" वाक्यांश से प्रतिस्थापित किया जाएगा,
(ख)  "निक्षेपागार खाता" में निम्नलिखित भी शामिल होंगे,
(i)  एक खाता या नोशनल खाता जो किसी ग्राहक के लाभ के लिए रखे गए सभी विनिर्दिष्ट इलेक्ट्रॉनिक मनी उत्पादों का प्रतिनिधित्व करता है, और
(ii)   एक खाता जिसमें ग्राहक के लाभ के लिए एक या एक से अधिक केंद्रीय बैंक डिजिटल मुद्राएँ रखी जाती हैं।
 स्पष्टीकरण— नियम 238 (1) के स्पष्टीकरण के खंड (क) के प्रयोजनों के लिए, "केंद्रीय बैंक डिजिटल मुद्राएँ का वही अर्थ होगा जो नियम 241 में दिया गया
(ख)  "अभिरक्षा खाता" से किसी अन्य व्यक्ति के लाभ के लिए एक खाता (बीमा संविदा या वार्षिकी संविदा के सिवाय) अभिप्रेत है जिसमें एक या एक से अधिक वित्तीय आस्तियाँ रखी जाती हैं,
(ग)   किसी ऐसी वित्तीय संस्था में "इक्विटी हित", जो कि-
(i)   साझेदारी फर्म है, का अर्थ साझेदारी फर्म में पूंजी या लाभ हित है;
(ii)   न्यास है, का अर्थ किसी ऐसे व्यक्ति द्वारा धारित कोई हित है जिसे न्यास के पूर्ण या आंशिक हिस्से का संस्थापक या लाभार्थी माना जाता है, या कोई अन्य प्राकृतिक व्यक्ति जो न्यास पर अंतिम प्रभावी नियंत्रण रखता है;
 स्पष्टीकरण- किसी व्यक्ति को न्यास का लाभार्थी तब माना जाएगा जब उसे न्यास से प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से अनिवार्य वितरण प्राप्त करने का अधिकार हो या वह प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से विवेकाधीन वितरण प्राप्त कर सकता हो।
(घ)  "बीमा संविदा" से एक ऐसी संविदा (वार्षिकी संविदा के सिवाय) अभिप्रेत है जिसके अधीन जारीकर्ता मृत्यु, रुग्णता, दुर्घटना, देयता या संपत्ति जोखिम से संबंधित किसी विनिर्दिष्ट आकस्मिकता के घटित होने पर एक रकम का संदाय करने के लिए सहमत होता है;
(ङ) "वार्षिकी संविदा" से एक ऐसी संविदा अभिप्रेत है जिसके अधीन जारीकर्ता एक या अधिक व्यक्तियों की जीवन प्रत्याशा के संदर्भ में पूर्ण या आंशिक रूप से निर्धारित अवधि के लिए संदाय करने के लिए सहमत होता है,
(च)  " नकद मूल्य बीमा संविदा" से एक ऐसी बीमा संविदा (दो बीमा कंपनियों के बीच क्षतिपूर्ति पुनर्बीमा संविदा के सिवाय) अभिप्रेत है जिसका नकद मूल्य हो और यदि यह यू. एस. रिपोर्टेबल खाता है तो यह मूल्य पचास हजार अमेरिकी डॉलर के समतुल्य रकम से अधिक हो ।
 स्पष्टीकरण- इस खंड के प्रयोजनों के लिए, एक एकल प्रीमियम जीवन बीमा संविदा जो संविदा के समर्पण या समाप्ति पर संदाय की जाने वाली रकम की अनुमति नहीं देती है और जो संविदा के अधीन या उसके संबंध में उधार लेने की अनुमति नहीं देती है, नकद मूल्य बीमा संविदा नहीं मानी जाएगी;
(छ)  "नकद मूल्य" से अभिप्रेत है निम्नलिखित में से अधिक रकम-
(i)   वह रकम जो पॉलिसीधारक संविदा के समर्पण या समाप्ति पर प्राप्त करने का हकदार है (किसी भी समर्पण शुल्क या पॉलिसी ऋण के लिए कटौती के बिना निर्धारित); और
(ii)   पॉलिसीधारक संविदा के अधीन या उसके संबंध में उधार ली जा सकने वाली रकम,
  लेकिन इसमें बीमा संविदा के अधीन निम्न कारणों से देय रकम शामिल नहीं है,
(क)  केवल जीवन बीमा संविदा के अधीन बीमित व्यक्ति की मृत्यु के कारण, जिसमें पहले से संदाय किए गए प्रीमियम का रीफंड शामिल हैं, बशर्ते ऐसा प्रतिदाय सीमित जोखिम प्रतिदाय हो; या
(ख)  व्यक्तिगत चोट या बीमारी लाभ या अन्य लाभ के रूप में जो बीमित घटना के घटित होने पर हुए आर्थिक नुकसान की क्षतिपूर्ति प्रदान करता है, या
(ग)  किसी बीमा संविदा (जीवन बीमा संविदा या वार्षिकी संविदा के सिवाय) के अधीन संविदा के रद्द होने या समाप्त होने, संविदा की प्रभावी अवधि के दौरान जोखिम में कमी आने, या संविदा के प्रीमियम से संबंधित किसी पोस्टिंग या इसी तरह की त्रुटि के सुधार के कारण पहले से संदाय किए गए प्रीमियम का रीफंड (वास्तव में लगाए गए या नहीं लगाए गए बीमा शुल्क की लागत घटाकर); या
(घ)   पॉलिसीधारक लाभांश (समाप्ति लाभांश के सिवाय) के रूप में, परन्तु लाभांश ऐसी बीमा संविदा से संबंधित हो जिसके अधीन देय एकमात्र लाभ उप-खंड (ख) में वर्णित हैं, या
(ङ)   ऐसी बीमा संविदा के लिए अग्रिम प्रीमियम या प्रीमियम जमा का रीफंड जिसके लिए प्रीमियम कम से कम वार्षिक रूप से देय है, यदि अग्रिम प्रीमियम या प्रीमियम जमा की रकम संविदा के अधीन देय अगले वार्षिक प्रीमियम से अधिक नहीं है,
(छक)   उप-नियम (1) के स्पष्टीकरण के खंड (छ) के प्रयोजनों के लिए, उप-खंड (ए) और उप- खंड (ई) में निहित उपबंध यू. एस. रिपोर्टेबल खाते के मामले में लागू नहीं होंगे,
(ज)  "अपवर्जित खाता" से अभिप्रेत है, -
(i)   कोई सेवानिवृत्ति खाता या पेंशन खाता जो निम्नलिखित अपेक्षाओं को पूरा करता है, अर्थात:-
(क)   खाता व्यक्तिगत सेवानिवृत्ति खाते के रूप में विनियमन के अधीन है या सेवानिवृत्ति या पेंशन लाभ (विकलांगता या मृत्यु लाभ सहित) प्रदान करने के लिए एक रजिस्ट्रीकृत या विनियमित सेवानिवृत्ति या पेंशन योजना का हिस्सा है;
(ख)  खाता कर अनुकूल है, जहां खाते में किए गए अंशदान, जो अन्यथा कर के अधीन होते, खाताधारक की कुल सकल आय से कटौती योग्य या अपवर्जित या कम दर पर कर योग्य हैं, या खाते से निवेश आय पर कर स्थगित या कम दर पर कर योग्य हैं;
(ग)   खाते के संबंध में आयकर अधिकारियों को सूचना देना अपेक्षित है,
(घ)  आहरण एक विनिर्दिष्ट सेवानिवृत्ति आयु, विकलांगता होने या मृत्यु पर निर्भर है, या ऐसी विनिर्दिष्ट घटनाओं से पहले किए गए आहरण पर शास्तियां लागू होती हैं, और
(ङ)   या तो वार्षिक अंशदान पचास हजार अमेरिकी डॉलर या उससे कम के बराबर रकम तक सीमित है, या खाते में आजीवन अंशदान की अधिकतम सीमा एक मिलियन अमेरिकी डॉलर या उससे कम के बराबर है, प्रत्येक मामले में खाता संकलन और करेंसी ट्रांसलेशन के लिए नियम 240 में विनिर्दिष्ट नियमों को लागू किया जाएगा।
 स्पष्टीकरण- एक वित्तीय खाता जो अन्यथा मद (ङ) की अपेक्षाओं को पूरा करता है, केवल इसलिए ऐसी अपेक्षाओं को पूरा करने में विफल नहीं होगा क्योंकि ऐसे वित्तीय खाते को एक या अधिक वित्तीय खातों से हस्तांतरित आस्तियाँ या निधियाँ प्राप्त हो सकती हैं जो उप-खंड (i) या (ii) की अपेक्षाओं को पूरा करते हैं या एक या अधिक सेवानिवृत्ति या पेंशन निधियों से जो खंड (5) के स्पष्टीकरण के खंड (ङ), (च) या (छ) की अपेक्षाओं पूरा करते हैं;
(ii)   कोई खाता जो निम्नलिखित अपेक्षाओं को पूरा करता है, अर्थात्ः -
(क)  खाता सेवानिवृत्ति के अलावा अन्य उद्देश्यों के लिए बचत साधन के रूप में विनियमन के अधीन है, या खाता (यू. एस. रिपोर्टेबल खाते के सिवाय) सेवानिवृत्ति के अलावा अन्य उद्देश्यों के लिए निवेश साधन के रूप में विनियमन के अधीन है और एक स्थापित प्रतिभूति बाजार में नियमित रूप से ट्रेड किया जाता है;
(ख)  खाता कर- अनुकूल है जहाँ खाते में किए गए अंशदान जो अन्यथा कर के अधीन होंगे, खाताधारक की कुल आय से कटौती योग्य या छूट प्राप्त हैं या कम दर पर कर लगाए जाते हैं, या खाते से निवेश आय पर कराधान आस्थगित किया जाता है या कम दर पर कर लगाया जाता है;
(ग)  आहरण निवेश या बचत खाते के प्रयोजन से संबंधित विशिष्ट मानदंडों (उदाहरण के लिए, शैक्षिक या चिकित्सा लाभों का उपबंध) को पूरा करने पर निर्भर है, अन्यथा ऐसे मानदंडों को पूरा करने से पहले किए गए आहरण पर शास्तियां लागू होंगी; और
(घ)  वार्षिक अंशदान खाता संकलन और करेंसी ट्रांसलेशन के लिए नियम 240 में विनिर्दिष्ट नियमों को लागू करते हुए पचास हजार अमेरिकी डॉलर या उससे कम की रकम तक सीमित है।
 स्पष्टीकरण- कोई वित्तीय खाता जो अन्यथा मद (डी) की अपेक्षाओं को पूरा करता है, केवल इसलिए ऐसी अपेक्षाओं को पूरा करने में विफल नहीं होगा क्योंकि ऐसे वित्तीय खाते को एक या अधिक वित्तीय खातों से हस्तांतरित आस्तियां या निधियां प्राप्त हो सकती हैं जो उप-खंड (i) या (ii) की अपेक्षाओं को पूरा करते हैं या एक या अधिक सेवानिवृत्ति या पेंशन निधियों से जो इस नियम के खंड (5) के स्पष्टीकरण के खंड (ङ), (च) या (छ) की अपेक्षाओं को पूरा करते हैं;
(iii)  सरकारी बचत बैंक अधिनियम, 1873 (1873 का 5) के अधीन बनाए गए वरिष्ठ नागरिक बचत योजना नियम, 2004 के अधीन स्थापित खाता;
(iv)   कोई जीवन बीमा संविदा जिसकी कवरेज अवधि बीमित व्यक्ति के नब्बे वर्ष की आयु प्राप्त करने से पहले समाप्त हो जाएगी, परंतु संविदा निम्नलिखित अपेक्षाओं को पूरा करती हो, अर्थात: -
(क)   आवधिक प्रीमियम, जो समय के साथ कम नहीं होते, संविदा की अवधि के दौरान या बीमित व्यक्ति के नब्बे वर्ष की आयु प्राप्त करने तक, जो भी कम हो, कम से कम वार्षिक रूप से देय होते हैं;
(ख)   संविदा का कोई संविदा मूल्य नहीं है जिसे कोई भी व्यक्ति संविदा समाप्त किए बिना (आहरण, ऋण या किसी अन्य रीति से) प्राप्त कर सके;
(ग)  संविदा के रद्द होने या समाप्त होने पर देय रकम (मृत्यु लाभ के अलावा) संविदा के लिए संदाय किए गए कुल प्रीमियम से अधिक नहीं हो सकती, जिसमें से संविदा की अवधि के लिए मृत्यु, रुग्णता और व्यय शुल्क (चाहे वास्तव में लगाए गए हों या नहीं) और संविदा के रद्द होने या समाप्त होने से पहले संदाय की गई कोई भी रकम घटा दी जाती है, और
(घ)   संविदा किसी मूल्य के लिए हस्तांतरिती द्वारा धारित नहीं है,
(v)   कोई खाता जो केवल एक एस्टेट द्वारा धारित है, यदि ऐसे खाते के दस्तावेज़ में मृतक की वसीयत या मृत्यु प्रमाणपत्र की प्रति शामिल है;
(vi)  निम्नलिखित में से किसी के संबंध में स्थापित खाता:
(क)   किसी न्यायालय का आदेश या निर्णय;
(ख)  अचल या चल संपत्ति की बिक्री, विनिमय या पट्टा, परन्तु खाता निम्नलिखित अपेक्षाओं को पूरा करता हो, अर्थात्:
(क)   खाते में केवल अग्रिम संदाय, बयाना रकम, लेनदेन से सीधे संबंधित दायित्व को सुरक्षित करने के लिए उपयुक्त रकम में जमा, या इसी तरह का संदाय शामिल हो, या संपत्ति की बिक्री, विनिमय या पट्टे के संबंध में खाते में जमा की गई वित्तीय आस्ति शामिल हो,
(ख)  खाता केवल क्रेता द्वारा संपत्ति के खरीद मूल्य का संदाय करने, विक्रेता द्वारा किसी आकस्मिक दायित्व का संदाय करने, या पट्टे के अधीन सहमत पट्टेदार या पट्टे पर दी गई संपत्ति से संबंधित किसी भी क्षति के संदाय के दायित्व को सुरक्षित करने के लिए स्थापित और उपयोग किया जाता हो;
(ग)  खाते की आस्तियां, जिसमें उस पर अर्जित आय भी शामिल है, क्रेता, विक्रेता, पट्टेदार या पट्टे पर दिए गए व्यक्ति के लाभ के लिए (ऐसे व्यक्ति के दायित्व को पूरा करने सहित) संपत्ति की बिक्री, विनिमय या समर्पण होने पर, या पट्टा समाप्त होने पर संदाय या अन्यथा वितरित की जाएंगी:
(घ)  खाता किसी वित्तीय आस्ति की बिक्री या विनिमय के संबंध में स्थापित मार्जिन या इसी प्रकार का खाता नहीं है, और
(ङ)  खाता उप-खंड (vii) में विनिर्दिष्ट जमा खाते से संबद्ध नहीं है;
(ग)   अचल संपत्ति द्वारा प्रतिभूत ऋण देने वाले वित्तीय संस्थान का यह दायित्व कि वह संदाय का एक हिस्सा पश्चात में केवल अचल संपत्ति से संबंधित करों या बीमा के संदाय को सुविधाजनक बनाने के लिए अलग रखे,
(घ)   वित्तीय संस्थान का यह दायित्व कि वह केवल पश्चात में करों के संदाय को सुविधाजनक बनाने के लिए हो;
(ङ)  किसी कंपनी की स्थापना या पूंजी वृद्धि, परन्तु खाता निम्नलिखित अपेक्षाओं को पूरा करता हो, अर्थात्:
(i)  खाते का उपयोग केवल उस पूंजी को जमा करने के लिए किया जाता है जिसका उपयोग विधि द्वारा निर्धारित कंपनी की स्थापना या पूंजी वृद्धि के प्रयोजन से किया जाना है;
(ii)  खाते में रखी गई कोई भी रकम तब तक ब्लॉक रहती है जब तक कि रिपोर्टिंग वित्तीय संस्थान स्थापना या पूंजी वृद्धि के संबंध में एक स्वतंत्र पुष्टि प्राप्त नहीं कर लेता,
(iii)  स्थापना या पूंजी वृद्धि के पश्चात खाता बंद कर दिया जाता है या कंपनी के नाम पर एक खाते में परिवर्तित कर दिया जाता है;
(iv)  असफल स्थापना या पूंजी वृद्धि के परिणामस्वरूप होने वाले किसी भी पुनर्भुगतान, सेवा प्रदाता और इसी तरह के शुल्क को घटाकर, केवल उन व्यक्तियों को किए जाते हैं जिन्होंने रकम का योगदान दिया थाः
(v)   खाता 12 महीने से अधिक पुराना नहीं होना चाहिए। और
(vi)  खाता यू. एस. रिपोर्टेबल खाता नहीं है,
(vii)   यू. एस. रिपोर्टेबल खाते के अलावा किसी अन्य खाते के मामले में, एक निक्षेपागार खाता जो निम्नलिखित अपेक्षाओं को पूरा करता है, अर्थात्:
(क)  खाता केवल इसलिए अस्तित्व में है क्योंकि कोई ग्राहक क्रेडिट कार्ड या अन्य रिवॉल्विंग क्रेडिट सुविधा के संबंध में देय रकम से अधिक संदाय करता है और अतिरिक्त संदाय तुरंत ग्राहक को वापस नहीं किया जाता है; और
(ख)  31 दिसंबर, 2015 को या उससे पहले से आरंभ होकर, वित्तीय संस्था अपनी नीतियों और प्रक्रियाओं को या तो ग्राहक को पचास हजार अमेरिकी डॉलर के बराबर रकम से अधिक का अधिक संदाय करने से रोकने के लिए, या यह सुनिश्चित करने के लिए लागू करती है कि पचास हजार अमेरिकी डॉलर के बराबर रकम से अधिक का ग्राहक द्वारा किया गया कोई भी अधिक संदाय साठ दिनों के भीतर ग्राहक को वापस कर दिया जाए, प्रत्येक मामले में खाता संकलन और करेंसी ट्रांसलेशन के लिए नियम 240 में विनिर्दिष्ट नियमों को लागू करते हुए, और इस प्रयोजन के लिए, ग्राहक द्वारा किया गया अधिक संदाय विवादित शुल्कों की सीमा तक क्रेडिट शेष को संदर्भित नहीं करता है, बल्कि इसमें माल वापसी से उत्पन्न क्रेडिट शेष शामिल हैं;
(vii)  यू.एस. रिपोर्टेबल खाते के अलावा कोई निक्षेपागार खाता, जो किसी ग्राहक के लाभ के लिए रखे गए सभी विनिर्दिष्ट इलेक्ट्रॉनिक मनी उत्पादों का प्रतिनिधित्व करता है, यदि किसी भी लगातार 90 दिनों की अवधि के दौरान रोलिंग औसत 90 दिन के अंत में कुल खाता शेष या मूल्य कैलेंडर वर्ष या अन्य उपयुक्त रिपोर्टिंग अवधि के दौरान किसी भी दिन 10,000 अमेरिकी डॉलर से अधिक नहीं था;

(2) "वित्तीय आस्ति" में प्रतिभूति (उदाहरण के लिए, किसी निगम में स्टॉक का शेयर, व्यापक रूप से धारित या सार्वजनिक रूप से कारोबार करने वाली साझेदारी या न्यास में साझेदारी या लाभकारी स्वामित्व हित, नोट, बांड, डिबेंचर या ऋण का अन्य प्रमाण), साझेदारी हित, कमोडिटी, स्वैप (उदाहरण के लिए, ब्याज दर स्वैप, मुद्रा स्वैप, आधार स्वैप, ब्याज दर कैप, ब्याज दर फ्लोर, कमोडिटी स्वैप इक्विटी स्वैप, इक्विटी इंडेक्स स्वैप, और इसी तरह के समझौते), बीमा संविदा या वार्षिकी संविदा, या किसी प्रतिभूति, साझेदारी हित, कमोडिटी, स्वैप, बीमा संविदा, या वार्षिकी संविदा में कोई भी हित (जिसमें वायदा या अग्रिम संविदा या विकल्प शामिल है) शामिल है, अतः, "वित्तीय आस्ति" में अचल संपत्ति में गैर-ऋण और प्रत्यक्ष हित शामिल नहीं होगा, और यू.एस. रिपोर्टेबल खाते के अलावा किसी अन्य खाते के लिए, "वित्तीय आस्ति" में प्रासंगिक क्रिप्टो-आस्ति में कोई भी हित (जिसमें वायदा या अग्रिम संविदा या विकल्प शामिल है) भी शामिल होगा;

(3) "वित्तीय संस्था" से अभिप्रेत है अभिरक्षक संस्था, निक्षेपागार संस्था, निवेश इकाई, या विनिर्दिष्ट बीमा कंपनी।

स्पष्टीकरण । - इस खंड के प्रयोजनों के लिए,

(क)  "अभिरक्षक संस्था" से अभिप्रेत है कोई भी ऐसी इकाई जो अपने कारबार के एक महत्वपूर्ण भाग के रूप में, दूसरों के खाते के लिए वित्तीय आस्तियाँ रखती है और जहाँ वित्तीय आस्तियों और संबंधित वित्तीय सेवाओं को रखने से प्राप्त उसकी आय, निर्धारण किए जाने वाले वर्ष से पूर्व के तीन वित्तीय वर्षों के दौरान या उस अवधि के दौरान जिसके दौरान संस्था अस्तित्व में रही है, जो भी कम हो, उसकी सकल आय के बीस प्रतिशत के बराबर या उससे अधिक है;
(ख)  "निक्षेपागार संस्था" से अभिप्रेत है कोई भी ऐसी इकाई जो बैंकिंग या इसी तरह के कारबार के सामान्य क्रम में जमा स्वीकार करती है; अतः, यू.एस. रिपोर्टेबल खाते के अलावा किसी अन्य खाते के लिए, "निक्षेपागार संस्था" में एक ऐसी इकाई भी शामिल होगी जो ग्राहकों के लाभ के लिए विनिर्दिष्ट इलेक्ट्रॉनिक मुद्रा उत्पाद या केंद्रीय बैंक डिजिटल मुद्राएं रखती है;
(ग) "निवेश इकाई" से कोई ऐसी इकाई अभिप्रेत है,
(ए)   जो मुख्य रूप से किसी ग्राहक के लिए या उसकी ओर से निम्नलिखित गतिविधियाँ या कार्यों में से एक या अधिक को कारबार के रूप में संचालित करती है, अर्थात्: -
(i)   मुद्रा बाजार लिखतों (चेक, बिल जमा प्रमाणपत्र, डेरिवेटिव आदि) में व्यापार, विदेशी मुद्रा विनिमय, ब्याज दर और सूचकांक लिखत; हस्तांतरणीय प्रतिभूतियां, या कमोडिटी वायदा व्यापार, या
(ii)  व्यक्तिगत और सामूहिक पोर्टफोलियो प्रबंधन, या
(iii)   अन्य व्यक्तियों की ओर से वित्तीय आस्तियों या धन का निवेश, प्रशासन या प्रबंधन करना, यद्यपि, यू.एस. रिपोर्टेबल खाते के अलावा किसी अन्य खाते के लिए, इस मद के उपबंध,
(क)   इस प्रभाव से लागू होंगे कि "वित्तीय आस्तियां" वाक्यांश को "वित्तीय आस्तियां या संबंधित क्रिप्टो-आस्तियां" वाक्यांश से प्रतिस्थापित किया जाएगा;
(ख)   ग्राहकों के लिए या उनकी ओर से विनिमय लेनदेन को प्रभावी बनाने वाली सेवाओं का उपबंध इसमें शामिल नहीं होगा।
 स्पष्टीकरण- मद (iii) के प्रयोजनों के लिए, "विनिमय लेनदेन' शब्द का वही अर्थ होगा जो नियम 241 में दिया गया है;
(बी)  जिसकी सकल आय मुख्य रूप से वित्तीय आस्तियों में निवेश, पुनर्निवेश या व्यापार से प्राप्त होती है, यदि इकाई का प्रबंधन किसी अन्य इकाई द्वारा किया जाता है जो एक निक्षेपागार संस्था, एक अभिरक्षक संस्था, एक विनिर्दिष्ट बीमा कंपनी, या इस खंड के उप-खंड (ए) में उल्लिखित एक निवेश इकाई है;
 स्पष्टीकरण 1.- किसी इकाई को इस खंड के उप-खंड (ए) में वर्णित एक या अधिक गतिविधियों को मुख्य रूप से कारबार के रूप में संचालित करने वाली इकाई माना जाता है, या इस खंड के उप-खंड (बी) के प्रयोजनों के लिए किसी इकाई की सकल आय मुख्य रूप से वित्तीय आस्तियों में निवेश, पुनर्निवेश या व्यापार से प्राप्त होती है, यदि संबंधित गतिविधियों से प्राप्त इकाई की सकल आय उस वर्ष के 31 मार्च को समाप्त होने वाली तीन वर्ष की अवधि के दौरान इकाई की सकल आय के पचास प्रतिशत के बराबर या उससे अधिक है, जिस वर्ष निर्धारण किया जा रहा है या उस अवधि के दौरान जिस अवधि से यह इकाई अस्तित्व में है. जो भी कम हो।
 स्पष्टीकरण 2- "निवेश इकाई" शब्द में ऐसी इकाई शामिल नहीं होगी जो केवल इसलिए सक्रिय गैर-वित्तीय इकाई है क्योंकि वह इस नियम के खंड (6) के स्पष्टीकरण के खंड (ए) के उपखंड (iv), (V), (vi) या (vii) में दिए गए किसी भी मानदंड को पूरा करती है, तथापि, यू. एस. रिपोर्टेबल खाते के अलावा किसी अन्य खाते के लिए, उपखंड (ख) और स्पष्टीकरण 1 के उपबंध इस प्रकार लागू होंगे कि "वित्तीय आस्तियां" वाक्यांश को "वित्तीय आस्तियां या संबंधित क्रिप्टो-आस्तियां वाक्यांश से प्रतिस्थापित किया जाएगा;
(घ)  "विनिर्दिष्ट बीमा कंपनी" से कोई ऐसी इकाई अभिप्रेत है जो बीमा कंपनी (या बीमा कंपनी की होल्डिंग कंपनी) है और जो नकद मूल्य बीमा संविदा या वार्षिकी संविदा जारी करती है या उसके संबंध में संदाय करने के लिए बाध्य है;

(4) "गैर-भागीदारी वित्तीय संस्था" से भारत गणराज्य की सरकार और संयुक्त राज्य अमेरिका की सरकार के बीच अंतरराष्ट्रीय कर अनुपालन में सुधार और संयुक्त राज्य अमेरिका के विदेशी खाता कर अनुपालन अधिनियम (जिसे इसके पश्चात एफएटीसीए समझौता कहा जाएगा) को लागू करने के लिए हुए समझौते के अनुच्छेद 1 के खंड (द) में परिभाषित वित्तीय संस्था से है, लेकिन इसमें निम्नलिखित शामिल नहीं हैं:

(क)   कोई भारतीय वित्तीय संस्था या
(ख)  अन्य अधिकारिता, जो कि ऐसा अधिकारिता हो जिसका संयुक्त राज्य अमेरिका के साथ विदेशी खाता कर अनुपालन अधिनियम (एफएटीसीए) के कार्यान्वयन को सुगम बनाने के लिए एक समझौता प्रभावी हो (जिसे इसके पश्चात अन्य भागीदार अधिकारिता कहा गया है), वित्तीय संस्था, सिवाय ऐसी वित्तीय संस्था के जिसे एफएटीसीए समझौते के अनुच्छेद 5 के पैराग्राफ 2 के उप-पैराग्राफ (ख) या संयुक्त राज्य अमेरिका और अन्य भागीदार अधिकारिता के बीच किसी समझौते के संबंधित उपबंध के अनुसार गैर-भागीदारी वाली वित्तीय संस्था माना जाता है,

(5) "गैर-रिपोर्टिंग वित्तीय संस्था" से कोई ऐसी वित्तीय संस्था अभिप्रेत है, जो कि—

(क)   एक सरकारी इकाई, अंतर्राष्ट्रीय संगठन या केंद्रीय बैंक है, सिवाय
(i)  किसी ऐसे संदाय के संबंध में जो किसी विनिर्दिष्ट बीमा कंपनी, अभिरक्षक संस्था या निक्षेपागार संस्था द्वारा की जाने वाली वाणिज्यिक वित्तीय गतिविधि से संबंधित दायित्व से प्राप्त होता है; या
(ii)   उन खाताधारकों के लिए केंद्रीय बैंक डिजिटल मुद्राओं को बनाए रखने की गतिविधि के संबंध में जो वित्तीय संस्थाएं, सरकारी संस्थाएं, अंतर्राष्ट्रीय संगठन या केंद्रीय बैंक नहीं हैं, अतः इस मद के उपबंध यू.एस. रिपोर्टेबल खाते के अलावा किसी अन्य खाते पर लागू होंगे,
(ख)  संधि अर्हित सेवानिवृत्ति निधि, व्यापक भागीदारी सेवानिवृत्ति निधि; सीमित भागीदारी सेवानिवृत्ति निधि; या किसी सरकारी संस्था, अंतर्राष्ट्रीय संगठन या केंद्रीय बैंक की पेंशन निधि;
(ग)   सशस्त्र बलों की गैर-सरकारी निधि, कर्मचारी राज्य बीमा निधि, उपदान निधि या भविष्य निधि;
(घ)  कोई ऐसी संस्था जो केवल निवेश संस्था होने के कारण भारतीय वित्तीय संस्था है, परन्तु संस्था में इक्विटी हित का प्रत्येक प्रत्यक्ष धारक उप-खंड (क) से (ग) में विनिर्दिष्ट वित्तीय संस्था हो, और ऐसी संस्था में ऋण हित का प्रत्येक प्रत्यक्ष धारक या तो निक्षेपागार संस्था (ऐसी संस्था को दिए गए ऋण के संबंध में) हो या उप-खंड (क) से (ग) में विनिर्दिष्ट वित्तीय संस्था हो,
(ङ)   एक अर्हित क्रेडिट कार्ड जारीकर्ता;
(च)   भारत में स्थापित एक निवेश इकाई जो केवल इसलिए वित्तीय संस्था है क्योंकि वह किसी ग्राहक के नाम पर किसी गैर-भागीदारी वित्तीय संस्था के अलावा किसी अन्य वित्तीय संस्था में जमा किए गए धन या प्रतिभूतियों के निवेश, प्रबंधन या प्रशासन के प्रयोजनों के लिए,
(I)  निवेश सलाह प्रदान करती है और उसकी ओर से कार्य करती है; या
(II)  पोर्टफोलियो का प्रबंधन करती है और उसकी ओर से कार्य करती है, या
(III)  किसी ग्राहक की ओर से व्यापार करती है।
(छ)   कोई छूट प्राप्त सामूहिक निवेश साधन,
(ज)  किसी भी वर्तमान विधि के अधीन स्थापित एक न्यास, इस हद तक कि न्यास का न्यासी एक रिपोर्टिंग वित्तीय संस्था है और न्यास के सभी रिपोर्ट करने योग्य खातों के संबंध में नियम 239 के अधीन रिपोर्ट की जाने वाली सभी जानकारी रिपोर्ट करता है;
(झ)   किसी भी यू.एस. रिपोर्टेबल खाते के मामले में, स्थानीय ग्राहक आधार वाली वित्तीय संस्था
(ञ)  किसी भी यू.एस. रिपोर्टेबल खाते के मामले में, एक स्थानीय बैंक,
(ट)   किसी भी यू.एस. रिपोर्टेबल खाते के मामले में, केवल कम मूल्य वाले खातों वाला वित्तीय संस्थान;
(ठ)  किसी भी यू.एस. रिपोर्टेबल खाते के मामले में, प्रायोजित निवेश इकाई और नियंत्रित विदेशी निगम; या
(ड)  किसी भी यू.एस. रिपोर्टेबल खाते के मामले में, प्रायोजित निकट-नियंत्रित निवेश यान।
(ठ)  यू.एस. रिपोर्टेबल खाते के अलावा किसी अन्य खाते के संबंध में कोई अर्हित गैर-लाभकारी संस्था,

स्पष्टीकरण- इस खंड के प्रयोजन के लिए,

(क) "सरकारी इकाई" से किसी देश या राज्यक्षेत्र की सरकार, किसी देश या राज्यक्षेत्र का कोई राजनीतिक उप-विभाग (जिसमें राज्य, प्रांत, काउंटी या नगरपालिका शामिल है), या किसी देश या राज्यक्षेत्र की कोई पूर्ण स्वामित्व वाली एजेंसी या परिकरण या नियंत्रित इकाई या उपरोक्त में से कोई एक या अधिक (जहां प्रत्येक को "सरकारी इकाई" भी कहा जाता है) इकाइयां अभिप्रेत और इसमें ऐसे देश या राज्यक्षेत्र के अभिन्न अंग, नियंत्रित इकाइयाँ और राजनीतिक उप- विभाग शामिल हैं।

स्पष्टीकरण खंड (क) के प्रयोजन के लिए,—

(i)  खंड (iii) और (iv) के उपबंधों के अध्यधीन, किसी देश या राज्यक्षेत्र का "अभिन्न अंग" किसी भी व्यक्ति, संगठन, एजेंसी, ब्यूरो, निधि, परिकरण या अन्य निकाय को संदर्भित करता है, चाहे वह किसी भी नाम से ज्ञात हो, जो किसी देश या राज्यक्षेत्र का शासी प्राधिकरण हो और शासी प्राधिकरण की शुद्ध आय उसके अपने खाते में या देश या राज्यक्षेत्र के अन्य खातों में जमा की जानी चाहिए, जिसमें से कोई भी भाग किसी निजी व्यक्ति के लाभ के लिए उपयोग नहीं किया जाएगा; यद्यपि, अभिन्न अंग में कोई भी ऐसा व्यक्ति शामिल नहीं है, जो संप्रभु, अधिकारी या प्रशासक हो और निजी या व्यक्तिगत क्षमता में कार्य कर रहा हो;
(ii)  खंड (iii) और (iv) के उपबंधों के अध्यधीन, नियंत्रित इकाई से ऐसी इकाई अभिप्रेत जो देश या राज्यक्षेत्र से स्वरूप में भिन्न हो या अन्यथा एक पृथक न्यायिक इकाई हो, यद्यपि इस प्रकार कि,—
(क)   इकाई का पूर्ण स्वामित्व और नियंत्रण एक या एक से अधिक सरकारी संस्थाओं द्वारा प्रत्यक्ष रूप से या एक या एक से अधिक नियंत्रित संस्थाओं के माध्यम से हो;
(ख)  इकाई की शुद्ध आय उसके अपने खाते में या एक या एक से अधिक सरकारी संस्थाओं के खातों में जमा की जाती है, और उसकी आय का कोई भी भाग किसी निजी व्यक्ति के लाभ के लिए उपयोग नहीं किया जाता है; और
(ग)  विघटन पर इकाई की आस्तियाँ एक या एक से अधिक सरकारी संस्थाओं में निहित हो जाती हैं;
(iii)   यदि निजी व्यक्ति किसी सरकारी कार्यक्रम के इच्छित लाभार्थी हैं, और कार्यक्रम की गतिविधियाँ आम जनता के कल्याण के लिए या सरकार के किसी विभाग के प्रशासन से संबंधित हैं, तो आय निजी व्यक्तियों के लाभ के लिए उपयोग नहीं की जाती है;
(iv)   यदि कोई आय किसी सरकारी संस्था द्वारा वाणिज्यिक कारबार, जैसे वाणिज्यिक बैंकिंग कारबार से प्राप्त होती है, जो निजी व्यक्तियों को वित्तीय सेवाएं प्रदान करती है, तो उसे निजी व्यक्तियों के लाभ के लिए आय माना जाएगा,
(ख)  "अंतर्राष्ट्रीय संगठन' से कोई भी अंतर्राष्ट्रीय संगठन या उसकी पूर्ण स्वामित्व वाली एजेंसी या परिकरण अभिप्रेत है, जिसमें कोई अंतर-सरकारी संगठन भी शामिल है,—
(क)   जो मुख्य रूप से सरकारों से मिलकर बना हो;
(ख)   जिसका भारत में मुख्यालय या उसके साथ लगभग समान समझौता हो; और
(ग)   जिसकी आय निजी व्यक्तियों के लाभ के लिए नहीं होती है;
(ग)  "केंद्रीय बैंक" से ऐसा बैंक अभिप्रेत है जिसे विधि या सरकारी स्वीकृति द्वारा देश या राज्यक्षेत्र की सरकार के अलावा, मुद्रा के रूप में प्रचलन के लिए अभिप्रेत उपकरणों को जारी करने वाला प्रमुख प्राधिकरण है, जिसमें देश या राज्यक्षेत्र की सरकार से अलग परिकरण भी शामिल है, चाहे वह उस देश या राज्यक्षेत्र के पूर्ण या आंशिक स्वामित्व में हो या नहीं;
(घ)  "संधि अर्हित सेवानिवृत्ति निधि" से भारत में स्थापित निधि अभिप्रेत है, परन्तु निधि भारत और संयुक्त राज्य अमेरिका के बीच एक समझौते के अधीन उन आय पर लाभ प्राप्त करने की हकदार हो जो भारत के निवासी के रूप में उसे संयुक्त राज्य अमेरिका के भीतर स्रोतों से प्राप्त होती है (या यदि उसे ऐसी कोई आय प्राप्त होती तो वह ऐसे लाभों की हकदार होती) जो लाभ संबंधी किसी भी लागू सीमा की शर्त को पूरा करती है, और मुख्य रूप से पेंशन या सेवानिवृत्ति लाभों का प्रशासन या उपबंध करने के लिए संचालित होती हैं;
(ङ)  "व्यापक भागीदारी सेवानिवृत्ति निधि" से ऐसी निधि अभिप्रेत है जो एक या एक से अधिक नियोक्ताओं के वर्तमान या पूर्व कर्मचारियों (या ऐसे कर्मचारियों द्वारा नामित व्यक्तियों) को उनकी सेवाओं के बदले सेवानिवृत्ति, विकलांगता या मृत्यु लाभ, या इनमें से किसी भी संयोजन को प्रदान करने के लिए स्थापित की गई हो, यद्यपि इस प्रकार कि निधि;
(i)   निधि की आस्तियों के पांच प्रतिशत से अधिक का अधिकार रखने वाला कोई लाभार्थी न हो;
(ii)  सरकारी विनियमन के अधीन हो और आयकर अधिकारियों को सूचना रिपोर्टिंग प्रदान करती हो; और
(iii)  निम्नलिखित अपेक्षाओं में से कम से कम एक को पूरा करती हो, अर्थात्;
(क)  निधि को आम तौर पर निवेश आय पर कर से छूट प्राप्त हो, या सेवानिवृत्ति या पेंशन योजना होने के कारण ऐसी आय पर कर आस्थगित हो या कम दर पर कर लगाया जाए;
(ख)   निधि को अपने कुल अंशदान का कम से कम पचास प्रतिशत प्रायोजक नियोक्ताओं से प्राप्त होता है, जो खंड (घ) से (छ) में विनिर्दिष्ट अन्य योजनाओं से या खंड (1) के स्पष्टीकरण के खंड (ज) के उपखंड (i) में विनिर्दिष्ट सेवानिवृत्ति और पेंशन खातों से आस्तियों के हस्तांतरण के अतिरिक्त है;
(ग) निधि से वितरण या आहरण केवल सेवानिवृत्ति, विकलांगता या मृत्यु की स्थिति में ही अनुमत है, सिवाय खंड (ई) से (जी) में विनिर्दिष्ट अन्य सेवानिवृत्ति निधियों या खंड (1) के स्पष्टीकरण के खंड (ज) के उपखंड (i) में विनिर्दिष्ट सेवानिवृत्ति और पेंशन खातों में रोलओवर वितरण या ऐसी घटनाओं से पहले किए गए वितरण या आहरण पर लागू होने वाली शास्तियों के; या
(घ)  कर्मचारियों द्वारा निधि में अंशदान (अनुमत क्षतिपूर्ति अंशदान के अतिरिक्त) कर्मचारी की अर्जित आय के संदर्भ में सीमित है या खाता संकलन और करेंसी ट्रांसलेशन के लिए नियम 240 में निर्धारित प्रक्रियाओं को लागू करते हुए, प्रति वर्ष पचास हजार अमेरिकी डॉलर के बराबर रकम से अधिक नहीं हो सकेगा;
(च) "सीमित भागीदारी सेवानिवृत्ति निधि" से ऐसी निधि अभिप्रेत हैं जो एक या एक से अधिक नियोक्ताओं के वर्तमान या पूर्व कर्मचारियों (या ऐसे कर्मचारियों द्वारा नामित व्यक्तियों) को उनके द्वारा प्रदान की गई सेवाओं के प्रतिफल के रूप में सेवानिवृत्ति, विकलांगता या मृत्यु लाभ प्रदान करने के लिए स्थापित की गई है, यद्यपि इस प्रकार कि;
(i)   निधि में पचास से कम प्रतिभागी हों;
(ii)   निधि एक या एक से अधिक नियोक्ताओं द्वारा प्रायोजित हो जो निवेश संस्थाएं या निष्क्रिय गैर-वित्तीय संस्थाएं न हों;
(iii)  खंड (1) के स्पष्टीकरण के खंड (ज) के उपखंड (i) में विनिर्दिष्ट सेवानिवृत्ति और पेंशन खातों से आस्तियों के हस्तांतरण के अलावा निधि में कर्मचारी और नियोक्ता का अंशदान क्रमशः कर्मचारी की अर्जित आय और मुआवजे के संदर्भ में सीमित हो;
(iv)  भारत में निवासी न होने वाले प्रतिभागी निधि की आस्तियों के बीस प्रतिशत से अधिक के हकदार न हों; और
(v)   निधि सरकारी विनियमन के अधीन है और आयकर अधिकारियों को सूचना रिपोर्टिंग प्रदान करती है;
(छ)  "सरकारी संस्था, अंतर्राष्ट्रीय संगठन या केंद्रीय बैंक की पेंशन निधि" से किसी सरकारी संस्था, अंतर्राष्ट्रीय संगठन या केंद्रीय बैंक द्वारा स्थापित निधि अभिप्रेत है, जो वर्तमान या पूर्व कर्मचारियों (या ऐसे कर्मचारियों द्वारा नामित व्यक्तियों) या जो वर्तमान या पूर्व कर्मचारी नहीं हैं, को सेवानिवृत्ति, विकलांगता या मृत्यु लाभ प्रदान करती है, यदि ऐसे लाभार्थियों या प्रतिभागियों को प्रदान किए गए लाभ सरकारी संस्था, अंतर्राष्ट्रीय संगठन या केंद्रीय बैंक को दी गई व्यक्तिगत सेवाओं के प्रतिफल के रूप में दिए जाते हैं;
(ज) "सशस्त्र बलों की गैर-सरकारी निधि" से भारत में भारतीय सशस्त्र बलों द्वारा रेजिमेंटल निधि या गैर- सराकरी निधि के रूप में स्थापित निधि अभिप्रेत है, जो सशस्त्र बलों के वर्तमान और पूर्व सदस्यों के कल्याण के लिए हैं और जिसकी आय अधिनियम की अनुसूची VII (1) के अधीन कर से मुक्त है;
(झ) "कर्मचारी राज्य बीमा निधि" से कर्मचारी राज्य बीमा अधिनियम, 1948 (1948 का 34) के उपबंधों के अधीन स्थापित कर्मचारी राज्य बीमा निधि अभिप्रेत है, जिसका प्रयोजन भारत में कम आय वाले कारखाना श्रमिकों के चिकित्सा व्यय प्रदान करना है;
(ञ) "उपदान निधि" से उपदान संदाय अधिनियम, 1972 (1972 का 39) के अधीन स्थापित निधि अभिप्रेत हैं, जिसका प्रयोजन उपदान संदाय अधिनियम, 1972 में विनिर्दिष्ट भारतीय नियोक्ताओं के कतिपय प्रकार के कर्मचारियों को उपदान का संदाय करना;
(ट)  "भविष्य निधि" से भविष्य निधि अधिनियम, 1925 (1925 का 19) या कर्मचारी भविष्य निधि और प्रकार्ण उपबंध अधिनियम, 1952 (1952 का 19) के अधीन स्थापित निधि अभिप्रेत है, जिसका प्रयोजन भारतीय नियोक्ताओं के वर्तमान और पूर्व कर्मचारियों को उनके द्वारा प्रदान की गई सेवाओं के बदले सेवानिवृत्ति लाभ प्रदान करना है यद्यपि, वह निधि ऐसी हो कि;—
(i)  निधि की आस्तियों के पाँच प्रतिशत से अधिक का अधिकार रखने वाला कोई लाभार्थी नहीं है;
(ii)  सरकारी विनियमन के अधीन है और आयकर अधिकारियों को अपने लाभार्थियों के बारे में वार्षिक सूचना प्रदान करती है;
(iii)   भविष्य निधि होने के कारण निवेश आय पर सामान्यतः कर से मुक्त है; और
(iv)  कर्मचारियों द्वारा निधि में किए गए अंशदान (अनुमत क्षतिपूर्ति अंशदानों के अलावा) कर्मचारी की अर्जित आय के अनुसार सीमित हैं या खाता संकलन और करेंसी ट्रांसलेशन के लिए नियम 240 में निर्धारित प्रक्रियाओं को लागू करते हुए, प्रति वर्ष पचास हजार अमेरिकी डॉलर के बराबर रकम से अधिक नहीं हो सकते हैं;
(ठ)  "अर्हित क्रेडिट कार्ड जारीकर्ता" से ऐसी वित्तीय संस्था अभिप्रेत हैं जो निम्नलिखित अपेक्षाओं को पूरा करती है, अर्थात्:—
(i)  यह केवल इसलिए एक वित्तीय संस्था है क्योंकि यह क्रेडिट कार्ड जारी करती हैं और जमा तभी स्वीकार करती हैं जब कोई ग्राहक कार्ड के संबंध में देय रकम से अधिक संदाय करता है और अतिरिक्त संदाय तुरंत ग्राहक को वापस नहीं किया जाता है; और
(ii)  1 जुलाई, 2014 को या उससे पहले से, वित्तीय संस्था ऐसी नीतियां और प्रक्रियाएं लागू करती है जिससे या तो ग्राहक को पचास हजार अमेरिकी डॉलर के बराबर रकम से अधिक का अतिरिक्त संदाय करने से रोका जा सके या यह सुनिश्चित किया जा सके कि ग्राहक का पचास हजार अमेरिकी डॉलर के बराबर रकम से अधिक का कोई भी अतिरिक्त संदाय साठ दिनों के भीतर ग्राहक को वापस कर दिया जाए, और प्रत्येक मामले में खाता संकलन और करेंसी ट्रांसलेशन के लिए नियम 240 में निर्धारित नियमों को लागू किया गया हो।

स्पष्टीकरण— इस उप खंड के प्रयोजन के लिए, ग्राहक के अतिरिक्त संदाय का तात्पर्य विवादित शुल्कों की सीमा तक क्रेडिट शेष रकम से नहीं है, बल्कि इसमें माल वापसी से उत्पन्न क्रेडिट शेष रकम शामिल है;

(ड) "छूट प्राप्त सामूहिक निवेश यान" से ऐसी निवेश इकाई अभिप्रेत है जिसे सामूहिक निवेश यान के रूप में विनियमित किया जाता हैं, परन्तु सामूहिक निवेश यान में सभी हित निम्नलिखित व्यक्तियों के सिवाय अन्य व्यक्तियों द्वारा या उनके माध्यम से धारित हों:—
(i)  खंड (6) के उपखंड (क) से (ग) में विनिर्दिष्ट व्यक्ति; और
(ii)  एक गैर-भागीदारी वित्तीय संस्था ।

स्पष्टीकरण— एक निवेश इकाई जिसे सामूहिक निवेश यान के रूप में विनियमित किया जाता है, केवल इसलिए इस खंड के अधीन छूट प्राप्त सामूहिक निवेश यान के रूप में अपात्र नहीं होगी क्योंकि उसने धारक रूप में वास्तविक शेयरों को जारी किया है, परन्तु -

(i)   सामूहिक निवेश यान ने 31 दिसंबर, 2012 के पश्चात धारक रूप में वास्तविक शेयरों को जारी नहीं किया है और न ही जारी करता है;
(ii)   सामूहिक निवेश यान समर्पण पर ऐसे सभी शेयरों को वापस ले लेता है;
(iii)   सामूहिक निवेश यान नियम 240 में निर्धारित उचित प्रक्रियाओं का पालन करता है और ऐसे शेयरों को मोचन या अन्य संदाय के लिए प्रस्तुत किए जाने पर उनसे संबंधित सभी अपेक्षित सूचनाओं की रिपोर्ट करता है; और
(iv)  सामूहिक निवेश यान के पास यह सुनिश्चित करने के लिए नीतियां और प्रक्रियाएं विद्यमान हैं कि ऐसे शेयरों को यथाशीघ्र और किसी भी स्थिति में 1 जनवरी, 2017 से पहले भुनाया या निष्क्रिय किया जाए;
(ढ) "स्थानीय ग्राहक आधार वाली वित्तीय संस्था" से निम्नलिखित अपेक्षाओं को पूरा करने वाली वित्तीय संस्था अभिप्रेत है, अर्थात्: —
(i)   इसे लाइसेंस प्राप्त है और यह वर्तमान में लागू किसी भी विधि के अधीन वित्तीय संस्था के रूप में विनियमित;
(ii)  वित्तीय संस्था का भारत के बाहर कोई स्थायी व्यावसायिक स्थान नहीं है।

स्पष्टीकरण— इस उपखंड के प्रयोजनों के लिए, स्थायी व्यावसायिक स्थान में वह स्थान शामिल नहीं है जिसका सार्वजनिक रूप से विज्ञापन नहीं किया जाता है और जहाँ से वित्तीय संस्था केवल प्रशासनिक सहायता कार्य करती है; और

(iii)   वित्तीय संस्था भारत के बाहर ग्राहकों या खाताधारकों को लुभाने का प्रयास नहीं करती है।

स्पष्टीकरण— इस उपखंड के प्रयोजनों के लिए, किसी वित्तीय संस्था को केवल इसलिए भारत के बाहर ग्राहकों या खाताधारकों को लुभाने का प्रयास करने वाला नहीं माना जाएगा क्योंकि वित्तीय संस्था,—

(क) एक वेबसाइट संचालित करती है, परन्तु वेबसाइट विशेष रूप से यह इंगित न करे कि वित्तीय संस्था अनिवासियों को वित्तीय खाते या सेवाएं प्रदान करती हैं, और अन्यथा कर प्रयोजनों के लिए भारत के बाहर किसी भी देश या राज्यक्षेत्र के निवासी ग्राहकों या खाताधारकों को लक्षित या लुभाने का प्रयास नहीं करती है; या
(ख)  प्रिंट मीडिया में या किसी रेडियो या टेलीविजन स्टेशन पर विज्ञापन देती है जिसका वितरण या प्रसारण मुख्य रूप से भारत के भीतर होता है, लेकिन अन्य देशों में भी आकस्मिक रूप से होता है, परन्तु विज्ञापन में विशेष रूप से यह इंगित न किया गया हो कि वित्तीय संस्था अनिवासियों को वित्तीय खाते या सेवाएं प्रदान करती है, और अन्यथा कर प्रयोजनों के लिए भारत के बाहर किसी देश या राज्यक्षेत्र के निवासी ग्राहकों या खाताधारकों को लक्षित या लुभाती नहीं है;
(iv)   वित्तीय संस्था को किसी भी लागू विधि के अधीन निवासियों द्वारा धारित वित्तीय खातों के संबंध में सूचना की रिपोर्टिंग या कर कटौती के प्रयोजनों के लिए या धन शोधन निवारण अधिनियम, 2002 (2003 का 15) के अधीन उचित अपेक्षाओं को पूरा करने के प्रयोजनों के लिए निवासी खाताधारकों की पहचान करना अपेक्षित है;
(v)   वित्तीय संस्था द्वारा रखे गए वित्तीय खातों में मूल्य के हिसाब से कम से कम 98 प्रतिशत निवासियों द्वारा धारित हैं;
(vi)  30 जून, 2014 को या उससे पहले से, वित्तीय संस्था की नीतियां और प्रक्रियाएं नियम 240 में निर्धारित नीतियों और प्रक्रियाओं के अनुरूप होंगी, ताकि वित्तीय संस्था को किसी भी गैर-भागीदार वित्तीय संस्था को वित्तीय खाता प्रदान करने से रोका जा सके और यह निगरानी की जा सके कि क्या वित्तीय संस्था किसी ऐसे रिपोर्टेबल व्यक्ति के लिए वित्तीय खाता खोलती है या रखती हैं जो भारत का निवासी नहीं है (जिसमें ऐसा अनिवासी भी शामिल हैं जो वित्तीय खाता खोलते समय भारत का निवासी था लेकिन पश्चात में भारत का निवासी नहीं रहा) या कोई निष्क्रिय गैर-वित्तीय इकाई जिसके नियंत्रक व्यक्ति रिपोर्टेबल व्यक्ति हैं;
(vii)   ऐसी नीतियों और प्रक्रियाओं में स्पष्ट रूप से यह उपबंध होगा कि यदि किसी ऐसे रिपोर्टेबल व्यक्ति द्वारा धारित कोई वित्तीय खाता पाया जाता है जो भारत का निवासी नहीं है या किसी निष्क्रिय गैर- वित्तीय इकाई द्वारा धारित कोई वित्तीय खाता पाया जाता है जिसके नियंत्रक व्यक्ति रिपोर्ट योग्य व्यक्ति हैं और भारत का निवासी नहीं हैं, तो वित्तीय संस्था ऐसे वित्तीय खाते की रिपोर्ट उसी प्रकार करेगी जैसे कि वित्तीय संस्था एक रिपोर्टिंग वित्तीय संस्था होती, या ऐसे वित्तीय खाते को बंद कर देगी;
(viii)  भारत के निवासी न होने वाले किसी व्यक्ति या किसी संस्था द्वारा धारित पहले से विद्यमान खाते के संबंध में, वित्तीय संस्था पहले से विद्यमान खातों पर लागू नियम 240 में निर्धारित प्रक्रियाओं के अनुसार उन पहले से विद्यमान खातों की समीक्षा करेगी ताकि किसी भी गैर-भागीदार वित्तीय संस्था द्वारा धारित किसी भी रिपोर्टेबल खाते या वित्तीय खाते की पहचान की जा सके, और ऐसे वित्तीय खाते की रिपोर्ट उसी प्रकार करेगी जैसे कि वित्तीय संस्था एक रिपोर्टिंग वित्तीय संस्था होती, या ऐसे वित्तीय खाते को बंद कर देगी;
(ix) वित्तीय संस्था की प्रत्येक संबंधित इकाई जो एक वित्तीय संस्था है, भारत में निगमित या संगठित होनी चाहिए और, इस स्पष्टीकरण के खंड (घ) से (छ) में विनिर्दिष्ट किसी भी संबंधित इकाई को छोड़कर, जो सेवानिवृत्ति निधि है, इस खंड में निर्धारित अपेक्षाओं को पूरा करती है; और
(x)  वित्तीय संस्था की ऐसी कोई नीति या प्रथा नहीं होनी चाहिए जो विनिर्दिष्ट अमेरिकी व्यक्तियों और भारत के निवासियों के लिए वित्तीय खाते खोलने या बनाए रखने के विरुद्ध भेदभाव करती हो;
(ण) "स्थानीय बैंक" से ऐसी वित्तीय संस्था अभिप्रेत है जो निम्नलिखित अपेक्षाओं को पूरा करती है, अर्थात्:—
(i)  वित्तीय संस्था केवल एक बैंक, या क्रेडिट यूनियन या इसी प्रकार के सहकारी ऋण संगठन के रूप में कार्य करती है (और उस समय लागू किसी भी विधि के अधीन लाइसेंस प्राप्त और विनियमित है) जो लाभ रहित रूप से संचालित होता है;
(ii)  वित्तीय संस्था का कारबार मुख्य रूप से बैंक के संबंध में असंबंधित खुदरा ग्राहकों से जमा प्राप्त करना और उन्हें ऋण देना तथा क्रेडिट यूनियन या इसी प्रकार के सहकारी ऋण संगठन के संबंध में सदस्यों को ऋण देना है, परन्तु किसी भी सदस्य का ऐसे क्रेडिट यूनियन या सहकारी ऋण संगठन में पांच प्रतिशत से अधिक हित न हो;
(iii)   वित्तीय संस्था खंड (ढ) के उपखंड (ii) और (iii) में निर्धारित अपेक्षाओं को पूरा करती है, परन्तु खंड (द) के उपखंड (ii) में संदर्भित वेबसाइट पर प्रतिबंधों के साथ- साथ वेबसाइट वित्तीय खाता खोलने की अनुमति नहीं देती हैं;
(iv)  वित्तीय संस्था के तुलन पत्र पर एक सौ पचहत्तर मिलियन अमेरिकी डॉलर से अधिक की संपत्ति नहीं होनी चाहिए, और वित्तीय संस्था एवं किसी भी संबंधित इकाई के समेकित या संयुक्त तुलन पत्र पर कुल संपत्ति पांच सौ मिलियन अमेरिकी डॉलर से अधिक नहीं होनी चाहिए; और
(v)   कोई भी संबंधित इकाई भारत में निगमित या संगठित होनी चाहिए, और कोई भी संबंधित इकाई जो वित्तीय संस्था है, उसे खंड (घ) से (छ) में विनिर्दिष्ट सेवानिवृत्ति निधि या खंड (त) में विनिर्दिष्ट कम मूल्य वाले खातों वाली वित्तीय संस्था को छोड़कर, इस खंड में निर्धारित अपेक्षाओं को पूरा करना होगा।

स्पष्टीकरण.— क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक अधिनियम, 1976 (1976 का 21) के अधीन गठित क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक, संबंधित राज्य सहकारी समिति अधिनियमों या बहुराज्य सहकारी समिति अधिनियम के अधीन गठित शहरी सहकारी बैंक, संबंधित राज्य सहकारी समिति अधिनियम के अधीन गठित राज्य सहकारी बैंक या जिला केंद्रीय सहकारी बैंक और बैंककारी विनियमन अधिनियम, 1949 (1949 का 10) के अधीन लाइसेंस प्राप्त स्थानीय क्षेत्र बैंक और कंपनी अधिनियम, 1956 (1956 का 1) या कंपनी अधिनियम, 2013 (2013 का 18) के अधीन सार्वजनिक लिमिटेड कंपनियों के रूप में विनियमित और रजिस्ट्रीकृत, जो उप-खंड (iv) के अधीन अपेक्षा को पूरा करते हैं, इस खंड के प्रयोजन के लिए स्थानीय बैंक माने जाएंगे;

(त)  "केवल कम मूल्य वाले खातों वाली वित्तीय संस्था" से तात्पर्य ऐसी वित्तीय संस्था से है जो निम्नलिखित अपेक्षाओं को पूरा करती हो, अर्थात्:—
(i)  वित्तीय संस्था एक निवेश इकाई नहीं है;
(ii) वित्तीय संस्था या किसी संबंधित इकाई द्वारा रखे गए किसी भी वित्तीय खाते में खाता संकलन और करेंसी ट्रांसलेशन के लिए नियम 240 में निर्धारित प्रक्रियाओं को लागू करने पर पचास हजार अमेरिकी डॉलर के बराबर रकम से अधिक शेष या मूल्य नहीं है; और
(iii)   वित्तीय संस्था के तुलन पत्र पर पचास मिलियन अमेरिकी डॉलर से अधिक की संपत्ति नहीं और वित्तीय संस्था और किसी भी संबंधित इकाई की समेकित या संयुक्त तुलन पत्र पर कुल संपत्ति पचास मिलियन अमेरिकी डॉलर से अधिक नहीं है;
(थ)  "प्रायोजित निवेश इकाई और नियंत्रित विदेशी निगम" से निम्नलिखित उपखंडों में वर्णित वित्तीय संस्था अभिप्रेत है, अर्थात्:—
(i)  कोई वित्तीय संस्था प्रायोजित निवेश इकाई है यदि —
(क)  यह भारत में स्थापित एक निवेश इकाई है जो एक अर्हित मध्यवर्ती (संयुक्त राज्य अमेरिका के साथ रोक समझौते का पक्षकार मध्यवर्ती), रोक लगाने वाली विदेशी साझेदारी, या रोक लगाने वाला विदेशी न्यास नहीं है; और
(ख)  किसी इकाई ने वित्तीय संस्था के लिए प्रायोजक इकाई के रूप में कार्य करने के लिए वित्तीय संस्था के साथ समझौता किया है;
(ii)  कोई वित्तीय संस्था प्रायोजित नियंत्रित विदेशी निगम है यदि —
(क)  वित्तीय संस्था भारत में वर्तमान में लागू किसी विधि के अधीन स्थापित एक नियंत्रित विदेशी निगम है जो एक अर्हित मध्यवर्ती (संयुक्त राज्य अमेरिका के साथ रोक समझौते का पक्षकार मध्यवर्ती), रोक लगाने वाली विदेशी साझेदारी, या रोक लगाने वाला विदेशी न्यास नहीं है;
(ख) वित्तीय संस्था का पूर्ण स्वामित्व, प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से, एफएटीसीए समझौते के अनुच्छेद 1 में उल्लिखित एक रिपोर्टिंग अमेरिकी वित्तीय संस्था के पास है, जो वित्तीय संस्था के लिए प्रायोजक इकाई के रूप में कार्य करने के लिए सहमत हैं, या वित्तीय संस्था के किसी सहयोगी को प्रायोजक इकाई के रूप में कार्य करने के लिए बाध्य करती है; और
(ग)  वित्तीय संस्था प्रायोजक इकाई के साथ एक साझा इलेक्ट्रॉनिक खाता प्रणाली का उपयोग करती है, जो प्रायोजक इकाई को वित्तीय संस्था के सभी खाताधारकों और संदायकर्ताओं की पहचान करने और वित्तीय संस्था द्वारा रखी गई सभी खाता और ग्राहक जानकारी तक पहुंच प्रदान करती है, जिसमें ग्राहक पहचान जानकारी, ग्राहक दस्तावेज, खाता शेष और खाताधारक या संदायकर्ता को किए गए सभी संदाय शामिल हैं, लेकिन इन्हीं तक सीमित नहीं हैं;

और यह निम्नलिखित अपेक्षाओं का अनुपालन करती है, अर्थात्ः-

(I)   प्रायोजक इकाई संयुक्त राज्य अमेरिका की लागू रजिस्ट्रीकरण अपेक्षाओं को पूरा करने के लिए वित्तीय संस्था की ओर से कार्य करने के लिए प्राधिकृत है (जैसे कि फंड मैनेजर, ट्रस्टी, कॉर्पोरेट निदेशक, या प्रबंध भागीदार);
(II)   प्रायोजक इकाई ने संयुक्त राज्य अमेरिका में एक प्रायोजक इकाई के रूप में रजिस्ट्रीकरण कराया है;
(III)  यदि प्रायोजक इकाई वित्तीय संस्था के संबंध में किसी यू.एस. रिपोर्टेबल खाते की पहचान करती है, तो प्रायोजक इकाई 31 दिसंबर, 2015 को या उससे पहले या ऐसे यू. एस. रिपोर्ट योग्य खाते की पहली पहचान के नब्बे दिन पश्चात की तारीख तक जो भी पश्चात में हो, संयुक्त राज्य अमेरिका की लागू रजिस्ट्रीकरण अपेक्षाओं के अनुसार वित्तीय संस्था का रजिस्ट्रीकरण कराती है;
(IV)  प्रायोजक इकाई वित्तीय संस्था की ओर से सभी उचित परिश्रम, रोक, रिपोर्टिंग और अन्य अपेक्षाओं को पूरा करने के लिए सहमत हैं, जो वित्तीय संस्था को एक रिपोर्टिंग वित्तीय संस्था होने पर पूरी करनी होती;
(V)   प्रायोजक इकाई वित्तीय संस्था की पहचान करती है और वित्तीय संस्था की ओर से पूर्ण की गई अपनी सभी रिपोर्टों में वित्तीय संस्था की पहचान संख्या (संयुक्त राज्य अमेरिका के लागू रजिस्ट्रीकरण अपेक्षाओं का पालन करके प्राप्त) शामिल करती है; और
(VI)   प्रायोजक इकाई का प्रायोजक का दर्जा रद्द नहीं किया गया है;
(द) "प्रायोजित, निकटतः धारित निवेश इकाई" से ऐसी वित्तीय संस्था अभिप्रेत है जो निम्नलिखित अपेक्षाओं को पूरा करती है, अर्थात्:—
(i)  यह केवल इसलिए एक वित्तीय संस्था है क्योंकि यह एक निवेश इकाई है और यह एक अर्हित मध्यवर्ती (संयुक्त राज्य अमेरिका के साथ रोक समझौते का पक्षकार मध्यवर्ती), रोक लगाने वाली विदेशी साझेदारी, या रोक लगाने वाला विदेशी न्यास नहीं है;
(ii)   प्रायोजक इकाई, एफएटीसीए समझौते के अनुच्छेद 1 में उल्लिखित एक रिपोर्टिंग अमेरिकी वित्तीय संस्था, रिपोर्टिंग वित्तीय संस्था, या एफएटीसीए समझौते के अनुबंध || में परिभाषित सहभागी विदेशी वित्तीय संस्था है, और वित्तीय संस्था की ओर से कार्य करने के लिए प्राधिकृत है (जैसे कि एक वृत्तिक प्रबंधक, न्यासी, या प्रबंध भागीदार), और वित्तीय संस्था की ओर से ऐसे सभी उचित परिश्रम, रोक, रिपोर्टिंग और अन्य अपेक्षाओं को पूरा करने के लिए सहमत है, जिन्हें वित्तीय संस्था को एक रिपोर्टिंग वित्तीय संस्था होने पर पूरा करना अपेक्षित होता;
(iii)   वित्तीय संस्था असंबंधित पक्षकारों के लिए निवेश माध्यम के रूप में कार्य नहीं करती है;
(iv)   वित्तीय संस्था में सभी ऋण हित और इक्विटी हित बीस या बीस से कम व्यक्तियों के स्वामित्व में हैं (एफएटीसीए समझौते के उपाबंध | में परिभाषित सहभागी विदेशी वित्तीय संस्था और गैर-रिपोर्टिंग वित्तीय संस्थाओं के स्वामित्व वाले ऋण हितों और किसी इकाई के स्वामित्व वाले इक्विटी हितों को छोड़कर, यदि वह इकाई वित्तीय संस्था में शत प्रतिशत इक्विटी हितों की स्वामी है और स्वयं इस खंड में वर्णित एक प्रायोजित वित्तीय संस्था है); और
(v)  प्रायोजक इकाई निम्नलिखित अपेक्षाओं का अनुपालन करती है, अर्थात्: --
(क)  इसे संयुक्त राज्य अमेरिका के विदेशी खाता कर अनुपालन अधिनियम के अनुसार एक प्रायोजक इकाई के रूप में रजिस्ट्रीकृत किया गया है;
(ख)   प्रायोजक इकाई वित्तीय संस्था की ओर से सभी उचित परिश्रम, कर कटौती, रिपोर्टिंग और अन्य अपेक्षाओं को पूरा करने के लिए सहमत है, जो वित्तीय संस्था को एक रिपोर्टिंग वित्तीय संस्था होने पर करनी होती, और वित्तीय संस्था के संबंध में एकत्रित दस्तावेजों को छह वर्षों की अवधि के लिए रखती है;
(ग)  प्रायोजक इकाई वित्तीय संस्था की ओर से पूर्ण की गई अपनी सभी रिपोर्टों में वित्तीय संस्था की पहचान प्रकट करती हैं; और
(घ)   प्रायोजक इकाई का प्रायोजक का दर्जा रद्द नहीं किया गया हो;
(ध)  "अर्हित गैर-लाभकारी संस्था" से भारत में निवासी ऐसी संस्था अभिप्रेत है जिसने आयकर विभाग या भारत के किसी अन्य सरकारी प्राधिकरण से यह पुष्टि प्राप्त की हो कि ऐसी संस्था निम्नलिखित सभी अपेक्षाओं को पूरा करती है, अर्थात्:—
(i)   यह भारत में विशेष रूप से धार्मिक, पूर्त, वैज्ञानिक, कलात्मक, सांस्कृतिक, खेलकूद या शैक्षिक उद्देश्यों के लिए स्थापित और संचालित हो; या यह भारत में स्थापित और संचालित हैं और यह एक वृत्तिक संगठन, व्यावसायिक संघ, वाणिज्य मंडल, श्रमिक संगठन, कृषि या बागवानी संगठन, नागरिक संघ या सामाजिक कल्याण को बढ़ावा देने के लिए विशेष रूप से संचालित संगठन हैं;
(ii)   यह भारत में आयकर से मुक्त है;
(iii)  इसके ऐसे कोई शेयरधारक या सदस्य नहीं हैं जिनका इसकी आय या आस्तियों में कोई स्वामित्व या लाभकारी हित है;
(iv) भारत के लागू विधि या संस्था के गठन के दस्तावेज संस्था की किसी भी आय या संपत्ति को किसी निजी व्यक्ति या गैर-धर्मार्थ संस्था को वितरित करने या उनके लाभ के लिए उपयोग करने की अनुमति नहीं देते हैं, सिवाय संस्था की धर्मार्थ गतिविधियों के संचालन के अनुसार, या प्रदान की गई सेवाओं के लिए उचित प्रतिकर के संदाय के रूप में, या संस्था द्वारा खरीदी गई संपत्ति के उचित बाजार मूल्य के प्रतिनिधित्व वाले संदाय के रूप में; और
(v)  भारत के लागू कानूनों या संस्था के गठन दस्तावेजों के अनुसार, संस्था के परिसमापन या विघटन पर उसकी सभी आस्तियों को किसी सरकारी संस्था या ऐसी अन्य संस्था को वितरित किया जाना अपेक्षित है जो (i) से (v) में निर्धारित अपेक्षाओं को पूरा करती हो, या भारत सरकार या उसके किसी राजनीतिक उपखंड को हस्तांतरित कर दी जाए;

(6) "रिपोर्ट योग्य खाता" से ऐसा वित्तीय खाता अभिप्रेत है जिसकी पहचान नियम 240 में दी गई उचित प्रक्रियाओं के अनुसार निम्नलिखित के द्वारा धारित के रूप में की गई है:—

(क)   किसी रिपोर्ट योग्य व्यक्ति द्वारा; या
(ख)   किसी संस्था, जो संयुक्त राज्य अमेरिका में स्थित न हो, जिसमें एक या अधिक नियंत्रक व्यक्ति हों और जो एक विनिर्दिष्ट अमेरिकी व्यक्ति हो, द्वारा; या
(ग)  किसी निष्क्रिय गैर-वित्तीय संस्था, जिसमें एक या अधिक नियंत्रक व्यक्ति हों और जो इस नियम के खंड (8) के उपखंड (ख) में वर्णित व्यक्ति हो, द्वारा

स्पष्टीकरण— इस खंड के प्रयोजन के लिए,—

(क)  "सक्रिय गैर-वित्तीय इकाई" से कोई ऐसी गैर-वित्तीय इकाई अभिप्रेत है जो निम्नलिखित मानदंडों में से किसी एक को पूरा करती है, अर्थात्:—
(i)  पूर्ववर्ती वित्तीय वर्ष के लिए इकाई की सकल आय का पचास प्रतिशत से कम निष्क्रिय आय है और पूर्ववर्ती वित्तीय वर्ष के दौरान इकाई द्वारा धारित आस्तियों का पचास प्रतिशत से कम ऐसी आस्तियां हैं जो निष्क्रिय आय उत्पन्न करती हैं या निष्क्रिय आय उत्पन्न करने के लिए धारित हैं; या
(ii)  इकाई के शेयरों का किसी स्थापित प्रतिभूति बाजार में नियमित रूप से कारोबार होता है या गैर-वित्तीय इकाई किसी ऐसी इकाई की संबंधित इकाई है, जिसके शेयरों का किसी स्थापित प्रतिभूति बाजार में नियमित रूप से कारोबार होता हैं।

स्पष्टीकरण- इस उपखंड के प्रयोजन के लिए, एक स्थापित प्रतिभूति बाजार से तात्पर्य एक ऐसे एक्सचेंज से है जिसे उस सरकारी प्राधिकरण द्वारा मान्यता प्राप्त और पर्यवेक्षित किया जाता है जिसमें प्रतिभूति बाजार स्थित है और जिसमें एक्सचेंज पर कारोबार किए जाने वाले शेयरों का एक सार्थक वार्षिक मूल्य हैं;

(iii)   इकाई कोई सरकारी इकाई, अंतर्राष्ट्रीय संगठन, केंद्रीय बैंक, या इनमें से एक या अधिक संस्थाओं के पूर्ण स्वामित्व वाली इकाई है; या
(iv)  इकाई की लगभग सभी गतिविधियाँ एक या अधिक अनुषंगी कंपनियों के बकाया स्टॉक को (पूर्ण या आंशिक रूप से) धारण करने, या उन्हें वित्तपोषण और सेवाएं प्रदान करने से संबंधित हैं, जो वित्तीय संस्था के कारबार के अलावा अन्य व्यापारों या व्यवसायों में संलग्न हैं; हालाँकि, यदि कोई इकाई एक निवेश निधि के रूप में कार्य करती है, जैसे कि एक निजी इक्विटी फंड, वेंचर कैपिटल फंड, लीवरेज्ड बायआउट फंड या कोई भी निवेश साधन जिसका प्रयोजन कंपनियों का अधिग्रहण या वित्तपोषण करना और फिर निवेश उद्देश्यों के लिए पूंजीगत आस्तियों के रूप में उन कंपनियों में हिस्सेदारी रखना है, तो वह इस दर्जे के लिए अर्हता प्राप्त नहीं करेगी; या
(v)  इकाई अभी तक कोई कारबार संचालित नहीं कर रही है और उसका कोई पूर्व परिचालन इतिहास नहीं है, लेकिन वह वित्तीय संस्था के अलावा किसी अन्य कारबार को संचालित करने के इरादे से आस्तियों में पूंजी निवेश कर रही हैं, परंतु इकाई के प्रारंभिक संगठन की तारीख के चौबीस महीने पश्चात यह इकाई इस अपवाद के लिए पात्र नहीं होगी; या
(vi)  इकाई पिछले पांच वर्षों में वित्तीय संस्था नहीं थी, और वह अपनी आस्तियों को परिसमाप्त करने की प्रक्रिया में है या वित्तीय संस्था के अलावा किसी अन्य कारबार में परिचालन जारी रखने या पुनः आरंभ करने के इरादे से पुनर्गठन कर रही है; या (vii) इकाई मुख्य रूप से गैर-वित्तीय संस्थाओं के साथ या उनके लिए वित्तपोषण और हेजिंग लेनदेन में संलग्न है, और किसी भी ऐसी इकाई को वित्तपोषण या हेजिंग सेवाएं प्रदान नहीं करती है जो संबंधित संस्था नहीं है, बशर्ते संबंधित संस्थाओं का समूह मुख्य रूप से वित्तीय संस्था के अलावा किसी अन्य कारवार में संलग्न हो; या
(viii)  इकाई निम्नलिखित सभी अपेक्षाओं को पूरा करती है, अर्थात्:—
(a)  यह भारत में विशेष रूप से धार्मिक, पूर्त, वैज्ञानिक, कलात्मक, सांस्कृतिक, खेलकूद या शैक्षिक उद्देश्यों के लिए स्थापित और संचालित है, या यह भारत में स्थापित और संचालित है और यह एक वृत्तिक संगठन, व्यावसायिक संघ, वाणिज्य मंडल, श्रमिक संगठन, कृषि या बागवानी संगठन, नागरिक संघ या सामाजिक कल्याण को बढ़ावा देने के लिए विशेष रूप से संचालित संगठन है;
(ख)   इसे भारत में आयकर से छूट प्राप्त है;
(ग)   इसके कोई शेयरधारक या सदस्य नहीं हैं जिनका इसकी आय या आस्तियों में कोई स्वामित्व या लाभकारी हित हो;
(घ)  इकाई के निवास देश या राज्यक्षेत्र के लागू विधि या इकाई के गठन के दस्तावेज इकाई की किसी भी आय या आस्ति को किसी निजी व्यक्ति या गैर- पूर्त इकाई को वितरित करने या उनके लाभ के लिए उपयोग करने की अनुमति नहीं देते हैं, सिवाय इकाई की पूर्त गतिविधियों के संचालन के लिए, या प्रदान की गई सेवाओं के लिए उचित मुआवजे के संदाय के रूप में, या इकाई द्वारा खरीदी गई संपत्ति के उचित बाजार मूल्य के संदाय के रूप में; और
(ङ)   इकाई के निवास देश या राज्यक्षेत्र के लागू विधि या इकाई के गठन दस्तावेजों के अनुसार, इकाई के परिसमापन या विघटन पर, उसकी सभी संपत्तियों को किसी सरकारी इकाई या अन्य गैर-लाभकारी संगठन को वितरित किया जाना चाहिए, या इकाई के निवास देश या राज्यक्षेत्र की सरकार या उसके किसी राजनीतिक उप-विभाग को सौंप दिया जाना चाहिए।

स्पष्टीकरण- इस उपखंड के प्रयोजन के लिए, निम्नलिखित को उक्त उपखंड में दिए गए मानदंडों को पूरा करने वाला माना जाएगा, अर्थात्:-

(I)  अधिनियम की अनुसूची III(27) में विनिर्दिष्ट निवेशक संरक्षण निधि; और
(II)  अधिनियम की अनुसूची III(28) में विनिर्दिष्ट निवेशक संरक्षण निधि;
(ख)  "नियंत्रक व्यक्ति" से ऐसा प्राकृतिक व्यक्ति अभिप्रेत है जो किसी इकाई पर नियंत्रण रखता है और इसमें धन शोधन निवारण (अभिलेखों का अनुरक्षण) नियम, 2005 के नियम 9 के उप- नियम (3) के अधीन निर्धारित लाभकारी स्वामी शामिल है।

स्पष्टीकरण 1- लाभकारी स्वामी का निर्धारण करते समय, समय-समय पर संशोधित निम्नलिखित परिपत्र में विनिर्दिष्ट प्रक्रिया लागू की जाएगी, अर्थात्:—

(i)   भारतीय रिज़र्व बैंक द्वारा 18 जनवरी, 2013 को जारी DBOD.AML.BC. संख्या 71/14.01.001/2012-13; या
(ii)   भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड द्वारा 24 जनवरी, 2013 को जारी किया गया CIR/MIRSD/2/2013; या
(iii)  बीमा विनियामक एवं विकास प्राधिकरण द्वारा 4 फरवरी, 2013 को जारी किया गया IRDA/SDD/GDL/CIR/019/02/2013

स्पष्टीकरण 2- न्यास के मामले में, नियंत्रक व्यक्ति से अभिप्रेत है स्थापितकर्ता, न्यासी, संरक्षक (यदि कोई हो), लाभार्थी या लाभार्थियों का वर्ग, और न्यास पर अंतिम प्रभावी नियंत्रण रखने वाला कोई अन्य प्राकृतिक व्यक्ति, और न्यास के अलावा किसी अन्य विधिक व्यवस्था के मामले में, उक्त पद से अभिप्रेत है समकक्ष या समान स्थिति वाला व्यक्ति;

(ग) "गैर-वित्तीय इकाई" से अभिप्रेत है कोई भी इकाई जो वित्तीय संस्था नहीं है;
(घ)  "निष्क्रिय गैर-वित्तीय इकाई" से अभिप्रेत है,-
(i)   कोई भी गैर-वित्तीय इकाई जो सक्रिय गैर- वित्तीय इकाई नहीं हैं; या
(ii)  खंड (3) के स्पष्टीकरण के खंड (ग) के उपखंड (ख) में वर्णित निवेश इकाई, जो केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड द्वारा इस संबंध में विनिर्दिष्ट किसी भी अधिकारिता में स्थित नहीं है; या
(iii)  कोई विदहोल्डिंग विदेशी साझेदारी या विदहोल्डिंग विदेशी न्यास नहीं है;
(ङ)  कोई इकाई दूसरी इकाई की "संबंधित इकाई" है यदि उनमें से कोई भी इकाई दूसरी इकाई को नियंत्रित करती है, या दोनों इकाइयाँ एक ही नियंत्रण में हैं।

स्पष्टीकरण- इस खंड के प्रयोजन के लिए नियंत्रण में किसी इकाई में पचास प्रतिशत से अधिक मतों और मूल्य का प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष स्वामित्व शामिल हैं;

(च)  खंड (छ) के उपबंधों के अध्यधीन, "निष्क्रिय आय" में निम्न प्रकार की आय शामिल है,-
(i)  लाभांश;
(ii)  ब्याज;
(iii)  ब्याज के समतुल्य आय;
(iv)   किराया और स्वामित्व (गैर-वित्तीय इकाई के कर्मचारियों द्वारा कम से कम आंशिक रूप से संचालित कारबार के सक्रिय संचालन से प्राप्त किराए और स्वामित्व को छोड़कर);
(v)  वार्षिकी;
(vi)   वित्तीय आस्तियों की बिक्री या विनिमय से होने वाले लाभ और हानि का अंतर;
(vii)  किसी भी वित्तीय आस्ति में संव्यवहार (जिसमें वायदा, अग्रिम, विकल्प और इसी तरह के लेनदेन शामिल हैं) से होने वाले लाभ और हानि का अंतर;
(viii)   विदेशी मुद्रा लाभ और विदेशी मुद्रा हानि का अंतर;
(ix)  स्वैप से प्राप्त निवल आय; या
(x)   नकद मूल्य बीमा संविदाओं के अधीन प्राप्त रकम:
(छ)  निष्क्रिय आय में, वित्तीय आस्तियों के डीलर के रूप में नियमित रूप से कार्य करने वाली गैर- वित्तीय इकाई के मामले में, ऐसे डीलर के रूप में उसके कारबार के साधारण अनुक्रम में किए गए किसी भी लेनदेन से प्राप्त आय शामिल नहीं होगी।

(7) "सुसंगत क्रिप्टो- आस्ति का वही अर्थ होगा जो नियम 241 में दिया गया है,

(8) "रिपोर्टिंग वित्तीय संस्था से अभिप्रेत है,—

(क)  कोई वित्तीय संस्था (गैर-रिपोर्टिंग वित्तीय संस्था को छोड़कर) जो भारत में निवासी है, लेकिन ऐसी संस्था की कोई शाखा जो भारत के बाहर स्थित है, इसमें शामिल नहीं है; और
(ख)   किसी वित्तीय संस्था (गैर- रिपोर्टिंग वित्तीय संस्था को छोड़कर) की कोई शाखा, जो भारत में निवासी नहीं है, यदि वह शाखा भारत में स्थित है;

(9) "रिपोर्ट योग्य व्यक्ति" से अभिप्रेत है,—

(क)  एक या एक से अधिक विनिर्दिष्ट अमेरिकी व्यक्ति; या
(ख)  एक या एक से अधिक व्यक्ति, जो निम्नलिखित के अलावा हैं,-
(i)   कोई इकाई जिनके शेयरों का एक या एक से अधिक स्थापित प्रतिभूति बाजारों में नियमित रूप से कारोबार होता है;
(ii)   कोई इकाई जो मद (i) में उल्लिखित इकाई की संबंधित इकाई है;
(iii)   कोई सरकारी इकाई;
(iv)  कोई अंतर्राष्ट्रीय संगठन;
(v)  कोई केंद्रीय बैंक; या
(vi)  कोई वित्तीय संस्था;

जो भारत के बाहर किसी देश या राज्यक्षेत्र (संयुक्त राज्य अमेरिका को छोड़कर) की कर विधियों के अधीन उस देश या राज्यक्षेत्र का निवासी हो, या किसी मृतक की संपत्ति जो भारत के बाहर किसी देश या राज्यक्षेत्र (संयुक्त राज्य अमेरिका को छोड़कर) की कर विधियों के अधीन उस देश या राज्यक्षेत्र का निवासी था,

(10) "विनिर्दिष्ट इलेक्ट्रॉनिक मुद्रा उत्पाद" से कोई ऐसा उत्पाद अभिप्रेत है जो निम्नलिखित मानदंडों को पूरा करता हो, अर्थात्ः

(क)   यह एक ही फिएट मुद्रा का डिजिटल निरूपण है;
(ख)  इसे संदाय लेनदेन करने के प्रयोजन से निधियों की प्राप्ति पर जारी किया जाता है;
(ग)   यह जारीकर्ता पर उसी फिएट मुद्रा में अंकित दावे द्वारा निरूपित होता है;
(घ)  इसे जारीकर्ता के अलावा किसी अन्य प्राकृतिक या कानूनी व्यक्ति द्वारा संदाय में स्वीकार किया जाता है; और
(ङ)   जारीकर्ता पर लागू विनियामक अपेक्षाओं के अनुसार, उत्पाद धारक के अनुरोध पर इसे किसी भी समय और सममूल्य पर उसी फिएट मुद्रा में भुनाया जा सकेगा।

स्पष्टीकरण- इस खंड के प्रयोजनों के लिए, —

(i) "विनिर्दिष्ट इलेक्ट्रॉनिक मुद्रा उत्पाद" में ऐसा उत्पाद शामिल नहीं है जो ग्राहक के निर्देशों के अनुसार ग्राहक से किसी अन्य व्यक्ति को निधियों के हस्तांतरण को सुगम बनाने के एकमात्र प्रयोजन से बनाया गया हो;
(ii)  यदि हस्तांतरण करने वाली इकाई के कारबार के साधारण अनुक्रम में, ऐसे उत्पाद से संबंधित धनरकम हस्तांतरण को सुगम बनाने के निर्देशों की प्राप्ति के 60 दिनों से अधिक समय तक रखी जाती है, या यदि कोई निदेश प्राप्त नहीं होते हैं, तो ऐसे उत्पाद से संबंधित धनरकम, धनरकम की प्राप्ति के 60 दिनों से अधिक समय तक रखी जाती है, तो उत्पाद को केवल धनरकम हस्तांतरण को सुगम बनाने के प्रयोजन से निर्मित नहीं माना जाएगा;
(iii)  'फिएट मुद्रा' का वही अर्थ होगा जो नियम 241 में दिया गया है।

(11) "विनिर्दिष्ट अमेरिकी व्यक्ति" से एफएटीसीए समझौते के अनुच्छेद 1 के खंड (चच) के उपखंड (i) से (xiii) में विनिर्दिष्ट व्यक्तियों से भिन्न कोई अन्य अमेरिकी व्यक्ति अभिप्रेत हैं,

(12) "अमेरिकी व्यक्ति" से अभिप्रेत है,—

(क)   कोई व्यक्ति, जो संयुक्त राज्य अमेरिका का नागरिक या निवासी हो;
(ख)  संयुक्त राज्य अमेरिका में या संयुक्त राज्य अमेरिका या उसके किसी राज्य के कानूनों के अधीन गठित साझेदारी या निगम;
(ग)   कोई न्यास यदि;—
(i)  संयुक्त राज्य अमेरिका के किसी न्यायालय को लागू विधि के अधीन न्यास के प्रशासन से संबंधित लगभग सभी मुद्दों पर आदेश या निर्णय देने का अधिकार हो; और
(ii)   एक या एक से अधिक अमेरिकी व्यक्तियों को न्यास के सभी महत्वपूर्ण निर्णयों को नियंत्रित करने का अधिकार हो; या
(घ)  किसी मृतक की संपत्ति जो संयुक्त राज्य अमेरिका का नागरिक या निवासी था;

(13) "यू.एस. रिपोर्ट योग्य खाता" से किसी रिपोर्टिंग वित्तीय संस्था द्वारा रखा गया वित्तीय खाता अभिप्रेत है, जिसे नियम 240 में दी गई उचित प्रक्रियाओं के अनुसार, एक या अधिक विनिर्दिष्ट अमेरिकी व्यक्तियों या संयुक्त राज्य अमेरिका में स्थित न होने वाली किसी ऐसी इकाई द्वारा धारित माना जाता है, जिसके एक या अधिक नियंत्रक व्यक्ति विनिर्दिष्ट अमेरिकी व्यक्ति हों;

(14) "अमेरिकी स्रोत से रोके जाने योग्य संदाय" से अभिप्रेत है ब्याज (जिसमें मूल निर्गम छूट भी शामिल है), लाभांश, किराया, वेतन, मजदूरी, प्रीमियम, वार्षिकी, मुआवजा, पारिश्रमिक, परिलब्धियाँ और अन्य निश्चित या निर्धारित वार्षिक या आवधिक अभिलाभ, लाभ और आय का कोई भी संदाय, यदि ऐसा संदाय संयुक्त राज्य अमेरिका के भीतर के स्रोतों से है, तथापि, अमेरिकी स्रोत से रोके जाने योग्य संदाय में ऐसा कोई भी संदाय शामिल नहीं होगा जिसे संयुक्त राज्य अमेरिका के संबंधित राजकोषीय विनियमों में रोके जाने योग्य संदाय के रूप में नहीं माना जाता है;

(15) "विदहोल्डिंग विदेशी साझेदारी" से ऐसी विदेशी साझेदारी अभिप्रेत है जिसने संयुक्त राज्य अमेरिका के साथ विदहोल्डिंग समझौता किया है, जिसमें वह अपने साझेदारों, लाभार्थियों या स्वामियों के लिए किए गए सभी भुगतानों के लिए प्राथमिक विदहोल्डिंग उत्तरदायित्व लेने के लिए सहमत होती है;

(16) "विदहोल्डिंग विदेशी न्यास" से ऐसा विदेशी न्यास अभिप्रेत है जिसने संयुक्त राज्य अमेरिका के साथ विदहोल्डिंग समझौता किया है, जिसमें वह अपने साझेदारों, लाभार्थियों या स्वामियों के लिए किए गए सभी भुगतानों के लिए प्राथमिक विदहोल्डिंग उत्तरदायित्व लेने के लिए सहमत होता है।

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