आयकर विभाग

वित्त मंत्रालय, भारत सरकार

मुख्य सामग्री पर जाने के लिए यहां क्लिक करें
शब्द आकार
सैचुरेशन
मदद

नियम संख्या. 237

नियम संख्या.

237

दस्तावेज़ अपलोड की तिथि

08/01/2026

वित्तीय लेन-देन का विवरण प्रस्तुत करना ।

237. (1) धारा 508(1) के अधीन प्रस्तुत किए जाने वाले वित्तीय लेन-देन का विवरण, उप-नियम (2) में विनिर्दिष्ट किसी वित्तीय वर्ष में सभी लेन-देनों के संबंध में प्ररूप संख्या 165 में प्रस्तुत किया जाएगा और उसमें दर्शाए गए रीति से सत्यापित किया जाएगा।

(2) उप-नियम (1) में विनिर्दिष्ट विवरण, निम्नलिखित सारणी के स्तंभ (4) में उल्लिखित प्रत्येक व्यक्ति द्वारा उक्त सारणी के स्तंभ 2 में संबंधित प्रविष्टि में विनिर्दिष्ट प्रकृति और स्तंभ 3 में संबंधित प्रविष्टि में विनिर्दिष्ट मूल्य के सभी लेन-देनों के संबंध में, उप-नियम (3) के उपबंधों के अनुसार, प्रस्तुत किया जाएगा, जो उसके द्वारा रजिस्ट्रीकृत या दर्ज किए गए हैं:

क्रम सं.लेनदेन की प्रकृतिलेनदेन का मूल्यव्यक्ति का वर्ग (रिपोर्ट करने वाला व्यक्ति)
1234

1.

(क) बैंक ड्राफ्ट या पे ऑर्डर या बैंकर चेक की खरीद के लिए नकद में किया गया संदाय ।

किसी व्यक्ति के एक या अधिक खातों में एक वित्तीय वर्ष में रकम जिसका कुल योग निम्नलिखित हो, —

(i)   स्थायी खाता संख्या वाले व्यक्ति के लिए दस लाख रुपये या उससे अधिक; या
(ii)   स्थायी खाता संख्या न रखने वाले व्यक्ति के लिए Rs. 500000 या उससे अधिका ।

कोई बैंकिंग कंपनी या सहकारी बैंक जिस पर बैंकिंग विनियमन अधिनियम, 1949 (1949 का 10) लागू होता है (जिसमें उक्त अधिनियम की धारा 51 में विनिर्दिष्ट कोई बैंक या बैंकिंग संस्था शामिल है)।

(ख) संदाय और निपटान प्रणाली अधिनियम, 2007 लाख रुपये या उससे अधिक (2007 का 51) की धारा 18 के अधीन भारतीय रिजर्व बैंक द्वारा जारी किए गए पूर्व- संदाय उपकरणों की खरीद के लिए नकद या अन्यथा किए गए संदाय ।वित्तीय वर्ष के दौरान दस लाख रुपये या उससे अधिक की कुल रकम ।
(ग) किसी व्यक्ति के एक या अधिक चालू खातों में नकद जमा या नकद आहरण (धारक चेक के माध्यम से भी) ।एक वित्तीय वर्ष में पचास लाख रुपये या उससे अधिक की कुल रकम ।

2.

किसी व्यक्ति के एक या अधिक खातों (चालू खाते और सावधि जमा को छोड़कर) में नकद जमा।

किसी व्यक्ति के एक या अधिक खातों में एक वित्तीय वर्ष में जमा की गई नकद रकम, जिसका कुल योग निम्नलिखित हो:

(i)   स्थायी खाता संख्या वाले व्यक्ति के लिए दस लाख रुपये या उससे अधिक, या
(ii)   स्थायी खाता संख्या न रखने वाले व्यक्ति के लिए Rs. 500000 या उससे अधिक।
(i)   कोई बैंकिंग कंपनी या सहकारी बैंक जिस पर बैंकिंग विनियमन अधिनियम, 1949 (1949 का 10) लागू होता हैं (उक्त अधिनियम की धारा 51 में विनिर्दिष्ट कोई बैंक या बैंकिंग संस्था सहित); या
(ii)   भारतीय डाकघर अधिनियम, 1898 (1898 का 6) की धारा 2 (ञ) में विनिर्दिष्ट पोस्ट मास्टर जनरल (जैसा कि इसके निरसन से पहले विद्यमान था)।

3.

किसी व्यक्ति की एक या एक से अधिक सावधि जमा (किसी अन्य सावधि जमा के नवीनीकरण के माध्यम से की गई सावधि जमा को छोड़कर)।

किसी व्यक्ति के लिए एक वित्तीय वर्ष में दस लाख रुपये या उससे अधिक की कुल रकम ।

(क)   कोई बैंकिंग कंपनी या सहकारी बैंक जिस पर बैंकिंग विनियमन अधिनियम, 1949 (1949 का 10) लागू होता है (उक्त अधिनियम की धारा 51 में विनिर्दिष्ट कोई बैंक या बैंकिंग संस्था सहित); या
(ख)   भारतीय डाकघर अधिनियम, 1898 (1898 का 6) की धारा 2 (ञ) में विनिर्दिष्ट पोस्ट मास्टर जनरल (जैसा कि इसके निरसन से पहले विद्यमान था); या
(ग)   कंपनी अधिनियम, 2013 (2013 का 18) की धारा 406 में विनिर्दिष्ट निधि; या
(घ)   कोई गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनी जिसके पास जनता से जमारकम रखने या स्वीकार करने के लिए भारतीय रिजर्व बैंक अधिनियम, 1934 (1934 का 2) की धारा 45-झक के अधीन रजिस्ट्री प्रमाणपत्र है।

4.

किसी वित्तीय वर्ष में किसी व्यक्ति द्वारा उस व्यक्ति को जारी किए गए एक या अधिक क्रेडिट कार्डों के बिलों के संदाय ।

रकम का कुल योग निम्नलिखित हो —

(i)   Rs. 100000 या उससे अधिक, नकद में, या
(ii)   दस लाख रुपये या उससे अधिक, किसी अन्य माध्यम से।

कोई बैंकिंग कंपनी या सहकारी बैंक जिस पर बैंकिंग विनियमन अधिनियम, 1949 (1949 का 10) लागू होता है (उक्त अधिनियम की धारा 51 में विनिर्दिष्ट किसी भी बैंक या बैंकिंग संस्था सहित) या क्रेडिट कार्ड जारी करने वाली कोई अन्य कंपनी या संस्था ।

5.किसी कंपनी या संस्था दवारा जारी किए गए बांड या डिबेंचर प्राप्त करने के लिए किसी भी व्यक्ति से प्राप्त रसीद (उस कंपनी द्वारा जारी किए गए बांड या डिबेंचर के नवीनीकरण के कारण प्राप्त रकम को छोड़कर)।किसी व्यक्ति द्वारा एक वित्तीय वर्ष में दस लाख रुपये या उससे अधिक की कुल रकम ।बॉन्ड या डिबेंचर जारी करने वाली कंपनी या संस्था ।
6.कंपनी द्वारा जारी किए गए शेयरों ) शेयर आवेदन रकम सहित (को प्राप्त करने के लिए किसी भी व्यक्ति से प्राप्त रसीद।किसी व्यक्ति द्वारा एक वित्तीय वर्ष में दस लाख रुपये या उससे अधिक की कुल रकम ।शेयर जारी करने वाली कंपनी ।
7.किसी भी व्यक्ति से शेयरों की वापसी खरीद खुले बाजार में खरीदे गए शेयरों को छोड़कर ।एक वित्तीय वर्ष में दस लाख रुपये या उससे अधिक की कुल रकम या मूल्या ।मान्यता प्राप्त स्टॉक एक्सचेंज में सूचीबद्ध कंपनी, जो कंपनी अधिनियम, 2013 (2013 का 18) की धारा 68 के अधीन अपनी ही प्रतिभूतियों की खरीद कर रही है।

8.

किसी भी व्यक्ति से विदेशी मुद्रा की बिक्री की रसीद, जिसमें विदेशी मुद्रा कार्ड में ऐसी मुद्रा का क्रेडिट या डेबिट या क्रेडिट कार्ड के माध्यम से या ट्रैवलर चेक या ड्राफ्ट या किसी अन्य लिखत के जारी करने के माध्यम से ऐसी मुद्रा में किया गया कोई भी खर्च शामिल है।

किसी व्यक्ति के एक या एक से अधिक खातों में एक वित्तीय वर्ष में रकम का कुल योग निम्नलिखित हो, —

(क)   स्थायी खाता संख्या वाले व्यक्ति के लिए दस लाख रुपये या उससे अधिक, या
(ख)   स्थायी खाता संख्या न रखने वाले व्यक्ति के लिए Rs. 500000 या उससे अधिक।

विदेशी मुद्रा प्रबंधन अधिनियम, 1999 (1999 का 42) की धारा 2 (ग) में विनिर्दिष्ट प्राधिकृत व्यक्ति।

9.

किसी भी व्यक्ति द्वारा अचल संपत्ति की खरीद, बिक्री, उपहार या संयुक्त विकास समझौता ।

(i)   पैंतालीस लाख रुपये या उससे अधिक की रकम या
(ii)   अधिनियम की धारा 2(105) में

विनिर्दिष्ट स्टांप शुल्क मूल्य पैंतालीस लाख रुपये या उससे अधिक।

रजिस्ट्रीकरण अधिनियम, 1908 (1908 का 16) की धारा 3 के अधीन नियुक्त महानिरीक्षक या उक्त अधिनियम की धारा 6 के अधीन नियुक्त रजिस्ट्रार या उप-रजिस्ट्रार

10.

किसी भी व्यक्ति द्वारा स्टांप पेपर की खरीद

(i)   स्थायी खाता संख्या वाले व्यक्ति के लिए एक ही लेनदेन में रु 200000 या उससे अधिक की रकम या
(ii)   स्थायी खाता संख्या न रखने वाले व्यक्ति के लिए एक ही लेनदेन में रु 100000 या उससे अधिक की रकम।

स्टॉक होल्डिंग कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड।

11.

बीमा प्रीमियम के बदले किसी व्यक्ति से प्राप्त रसीद

किसी व्यक्ति के एक या एक से अधिक खातों में एक वित्तीय वर्ष में रकम का कुल योग निम्नलिखित है, -

(i)   स्थायी खाता संख्या वाले व्यक्ति के लिए रु 500000 या उससे अधिक; या
(ii)   स्थायी खाता संख्या न रखने वाले व्यक्ति के लिए रु 250000 या उससे अधिक।

बीमाकर्ता, जैसा कि बीमा अधिनियम, 1938 (1938 का 4) की धारा 2 (9) में परिभाषित हैं।

12.किसी भी व्यक्ति द्वारा किसी भी प्रकार की वस्तुओं या सेवाओं की बिक्री के लिए नकद संदाय की प्राप्ति (क्रम संख्या 1 से 11 में विनिर्दिष्ट वस्तुओं या सेवाओं से सिवाय, यदि कोई हो)।रु 200000 से अधिक की रकम।कोई भी व्यक्ति जो धारा 63 के अधीन लेखापरीक्षा के लिए उत्तरदायी हैं।

(3) उप-नियम (2) के अधीन सारणी के स्तंभ 4 में उल्लिखित रिपोर्टिंग व्यक्ति (क्रम संख्या 9, 10 और 12 पर उल्लिखित व्यक्तियों के सिवाय) उक्त सारणी के स्तंभ 3 में विनिर्दिष्ट किसी व्यक्ति के

संबंध में रिपोर्टिंग के लिए सीमा रकम निर्धारित करने हेतु रकमयों का योग करते समय -

(क)   वित्तीय वर्ष के दौरान उस व्यक्ति के संबंध में उक्त सारणी के स्तंभ 2 में विनिर्दिष्ट समान प्रकृति के सभी खातों को ध्यान में रखेगा;
(ख)   वित्तीय वर्ष के दौरान उस व्यक्ति के संबंध में दर्ज किए गए उक्त सारणी के स्तंभ 2 में विनिर्दिष्ट समान प्रकृति के सभी लेन-देनों का योग करेगा;
(ग)   यदि खाता एक से अधिक व्यक्तियों के नाम पर रखा गया है या लेन-देन दर्ज किया गया है, तो लेन-देन का संपूर्ण मूल्य या सभी लेन-देनों का कुल मूल्य उस व्यक्ति को आवंटित करेगा; और
(घ)   उक्त सारणी के क्रमांक 1 के सामने स्तंभ 2 के अधीन मद (ग) में विनिर्दिष्ट लेन-देन के संबंध में जमा और आहरण पर सीमा अलग-अलग लागू करेगा।

(4) (क) उप-नियम (1) में विनिर्दिष्ट प्ररूप संख्या 165 में रिटर्न आयकर निदेशक (आसूचना एवं आपराधिक जांच) या संयुक्त आयकर निदेशक (आसूचना एवं आपराधिक जांच) को उप-नियम (8) में विनिर्दिष्ट व्यक्ति के डिजिटल हस्ताक्षर के अधीन और प्रधान आयकर महानिदेशक (प्रणाली) द्वारा इस संबंध में विनिर्दिष्ट डेटा संरचना के अनुसार, इस प्रयोजन के लिए नामित सर्वर पर इलेक्ट्रॉनिक डेटा के ऑनलाइन प्रसारण के माध्यम से प्रस्तुत किया जाएगा, और उप-नियम (2) में विनिर्दिष्ट रिपोर्टिंग व्यक्ति, पोस्ट मास्टर जनरल रजिस्ट्रार या इंस्पेक्टर जनरल के मामले में, उक्त प्ररूप को कंप्यूटर पठनीय माध्यम, जिसमें कॉम्पैक्ट डिस्क या डिजिटल वीडियो डिस्क (डीवीडी) शामिल हैं, मैं कागज पर प्ररूप- V में सत्यापन के साथ प्रस्तुत किया जा सकेगा।

(ख) बोर्ड रिटर्न या विवरणों को प्रस्तुत करने से संबंधित दैनिक प्रशासन के प्रयोजनों के लिए, संयुक्त आयकर निदेशक से अनिम्न रैंक के किसी अधिकारी को सूचना विवरण प्रशासक के रूप में नामित कर सकेगा।

(5) उप-नियम (1) में विनिर्दिष्ट वित्तीय लेनदेन का विवरण उस वित्तीय वर्ष के तुरंत पश्चात आने वाले 31 मई को या उससे पहले प्रस्तुत किया जाएगा जिसमें लेनदेन रजिस्ट्रीकृत या दर्ज किया जाता है।

(6) आयकर रिटर्न पूर्व दाखिल करने के प्रयोजन से, धारा 508 (1) के अधीन वित्तीय लेनदेन का विवरण, जिसमें सूचीबद्ध प्रतिभूतियों या म्यूचुअल फंड की इकाइयों के हस्तांतरण पर पूंजीगत लाभ, वितरित लाभांश और संदाय किए गए या जमा किए गए ब्याज से संबंधित जानकारी शामिल हो, जैसा कि निम्नलिखित सारणी के स्तंभ 2 में उल्लिखित है, उक्त सारणी के स्तंभ 4 में उल्लिखित व्यक्तियों द्वारा ऐसे प्ररूप में, ऐसी आवृत्ति पर और ऐसे रीति से प्रस्तुत किया जाएगा, जैसा कि यथास्थिति,

प्रधान आयकर महानिदेशक (प्रणाली) या आयकर महानिदेशक (प्रणाली), द्वारा बोर्ड के अनुमोदन से विनिर्दिष्ट किया जाए:

सारणी

क्रम सं.लेनदेन की प्रकृतिलेनदेन का मूल्यव्यक्ति का वर्ग (रिपोर्ट करने वाला व्यक्ति)
1234

1.

सूचीबद्ध प्रतिभूतियों या म्यूचुअल फंड की यूनिटों के हस्तांतरण पर पूंजीगत लाभ |

सभी संव्यवहार

(क)   मान्यता प्राप्त स्टॉक एक्सचेंज; या
(ख)   निक्षेपागार अधिनियम, 1996 (1996 का 22) की धारा 2(1) (ङ) में परिभाषित निक्षेपागार या
(ग)   मान्यता प्राप्त समाशोधन निगम; या
(घ)   भारती प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड अधिनियम, 1992 (1992 का 15) की धारा 12(1) के अधीन रजिस्ट्रीकृत निर्गम का रजिस्ट्रार और शेयर अंतरण एजेंट |

2.

वितरित लाभांश

सभी संव्यवहार

कोई कंपनी ।

3.

संदाय किया गया या जमा किया गया ब्याज

सभी संव्यवहार

(क)   कोई बैंकिंग कंपनी या सहकारी बैंक जिस पर बैंकिंग विनियमन अधिनियम, 1949) 1949 (10 कालागू होता है उक्त अधिनियम की) में 51 धाराविनिर्दिष्ट कोई बैंक या बैंकिंग संस्था सहित(;
(ख)   भारतीय डाकघर अधिनियम, 1898) 1898 (6 काकी धारा ) 2ञ में (विनिर्दिष्ट पोस्ट मास्टर जनरल जैसा कि इसके निरस्त होने से पहले विद्यमान था ।(
(ग)   कोई गैर बैंकिंग वित्तीय कंपनी जिसके पास-भारतीय रिजर्व बैंक अधिनियम, (2 का 1934 ) की धारा -45झक के अधीन जनता से जमारकम रखने या स्वीकार करने का रजिस्ट्रीकरण प्रमाण पत्र है।

(7) (क) उप-नियम (2) के अधीन सारणी के स्तंभ 4 और उप-नियम (6) के अधीन सारणी के स्तंभ 4 में उल्लिखित प्रत्येक रिपोर्टिंग व्यक्ति, प्रधान आयकर महानिदेशक (प्रणाली) को नामित निदेशक और प्रधान अधिकारी का नाम, पदनाम, पता और टेलीफोन नंबर सूचित करेगा तथा रजिस्ट्रीकरण संख्या प्राप्त करेगा।

(ख) उप-नियम (2) के अधीन सारणी के स्तंभ 4 और उप-नियम (6) के अधीन सारणी के स्तंभ 4 में विनिर्दिष्ट प्रत्येक व्यक्ति, उसके नामित निदेशक, प्रधान अधिकारी और कर्मचारियों का यह कर्तव्य होगा कि वे अपने विनियामक द्वारा विनिर्दिष्ट प्रक्रिया और सूचना रखने के रीति का पालन करें तथा धारा 508 और नियम 159, 160 और 161 तथा इस नियम के अधीन लगाए गए दायित्वों का अनुपालन सुनिश्चित करें।

(8) उप-नियम (1) और (6) में विनिर्दिष्ट वित्तीय लेनदेन का विवरण निम्नलिखित द्वारा हस्ताक्षरित, सत्यापित और प्रस्तुत किया जाएगा-

(क)   ऐसा व्यक्ति जिसके पास उप-नियम (7) में विनिर्दिष्ट नामित निदेशक से वैध पावर ऑफ अटॉर्नी हो, यदि रिपोर्टिंग करने वाला व्यक्ति अनिवासी है, और
(ख)   अन्य सभी मामलों में नामित निदेशक।

(9) इस नियम के प्रयोजनों के लिए,-

(क)   "नामित निदेशक' से रिपोर्टिंग करने वाले व्यक्ति द्वारा धारा 508 और नियम 114ख से 114घ तथा इस नियम के अधीन लगाए गए दायित्वों के समग्र अनुपालन को सुनिश्चित करने के लिए नामित व्यक्ति अभिप्रेत है और इसमें निम्नलिखित भी शामिल हैं-
(i)   प्रबंध निदेशक या पूर्णकालिक निदेशक, जैसा कि कंपनी अधिनियम, 2013 (2013 का 18) में परिभाषित है, जिसे निदेशक मंडल द्वारा सम्यक रूप से प्राधिकृत किया गया हो, यदि रिपोर्टिंग करने वाला व्यक्ति एक कंपनी है, या
(ii)   प्रबंध भागीदार, यदि रिपोर्टिंग करने वाला व्यक्ति एक साझेदारी फर्म है, या
(iii)   स्वामी, यदि रिपोर्टिंग करने वाला व्यक्ति एक स्वामित्व वाली कंपनी है; या
(iv)   प्रबंध न्यासी, यदि रिपोर्टिंग करने वाला व्यक्ति एक न्यास है, या
(v)   यथास्थिति, कोई व्यक्ति या व्यक्तिक, जो रिपोर्टिंग करने वाली इकाई के मामलों को नियंत्रित और प्रबंधित करता है, यदि रिपोर्टिंग करने वाला व्यक्ति एक गैर-निगमित संघ है, या व्यक्तियों का एक समूह है, या कोई अन्य व्यक्ति है,
(ख)   "डिजिटल हस्ताक्षर" से किसी ऐसे प्रमाणन प्राधिकारी द्वारा जारी किया गया डिजिटल हस्ताक्षर अभिप्रेत है जिसे प्रमाणन प्राधिकारियों के नियंत्रक द्वारा ऐसे प्रमाणपत्र जारी करने के लिए प्राधिकृत किया गया हो,
(ग)   "सूचीबद्ध प्रतिभूतियाँ" से भारत में किसी मान्यता प्राप्त स्टॉक एक्सचेंज में सूचीबद्ध प्रतिभूतियां अभिप्रेत हैं;
(घ)   "म्यूचुअल फंड " से अधिनियम की अनुसूची VII (20) और (21) में विनिर्दिष्ट म्यूचुअल फंड अभिप्रेत है;
(ङ)   "प्रधान अधिकारी" से उप-नियम (2) की सारणी और उप-नियम (6) की सारणी में विनिर्दिष्ट रिपोर्टिंग व्यक्ति द्वारा नामित अधिकारी अभिप्रेत है;
(च)   "मान्यता प्राप्त समाशोधन निगम का वही अर्थ होगा जो प्रतिभूति संविदा (विनियमन) अधिनियम, 1956 (1956 का 42) और भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड अधिनियम, 1992 (1992 का 15) के अधीन बनाए गए प्रतिभूति संविदा (विनियमन) (स्टॉक एक्सचेंज और समाशोधन निगम) विनियम, 2012 के विनियम 2 (1) (ण) में दिया गया है;
(छ)   "मान्यता प्राप्त स्टॉक एक्सचेंज " का वही अर्थ होगा जो प्रतिभूति संविदा (विनियमन) अधिनियम, 1956 (1956 का 42 ) की धारा 2 (च) में दिया गया है;
(ज)   "विनियामक" से कोई ऐसा व्यक्ति, प्राधिकरण या सरकार अभिप्रेत है, जिसे उप-नियम (2) की सारणी और उप-नियम (6) की सारणी में विनिर्दिष्ट रिपोर्टिंग व्यक्ति की गतिविधि को लाइसेंस देने, प्राधिकृतकरने, रजिस्ट्रीकृत करने, विनियमित करने या पर्यवेक्षण करने की शक्ति प्राप्त है:
(झ)   "प्रतिभूतियों" का वही अर्थ होगा जो प्रतिभूति संविदा (विनियमन) अधिनियम, 1956 (1956 का 42) की धारा 2 (ज) में दिया गया है।

फ़ुटनोट