अनिवासी को देय राशि (वेतन के अतिरिक्त), के उचित अनुपात के निर्धारण हेतु, जो प्राप्तकर्ताओं के मामले में प्रभार्य हो, संदायकर्ता द्वारा धारा 395(2) या धारा 400(3) के अधीन प्रमाणपत्र जारी करने हेतु आवेदन ।
214. (1) किसी व्यक्ति द्वारा धारा 395(2) या धारा 400(3) के अधीन अनिवासी प्राप्तकर्ता के मामले में प्रभार्य राशि के उचित अनुपात के निर्धारण हेतु आवेदन प्ररूप संख्या 129 में किया जाएगा।
(2) निर्धारण अधिकारी यह जांच करेगा कि क्या ऐसे व्यक्ति द्वारा अनिवासी को संदाय की गई या जमा की गई राशि, संबंधित दोहरे कराधान निवारण समझौते (यदि कोई हो) के साथ पठित अधिनियम के उपबंधों के अधीन कर योग्य है, और—
| (क) | ऐसी पूरी राशि अनिवासी प्राप्तकर्ता के मामले में प्रभार्य आय नहीं होगी, वहां वह कर योग्य ऐसी राशि के उचित अनुपात का निर्धारण करेगा, और | |
| (ख) | धारा 393(2) [सारणी: 17] के अधीन कर कटौती हेतु प्रमाणपत्र जारी करेगा। |
(3) निर्धारण अधिकारी प्राप्तकर्ता के संबंध में निम्नलिखित बातों को ध्यान में रखते हुए उप-नियम (2) में विनिर्दिष्ट प्रमाणपत्र जारी करेगा:—
| (क) | संबंधित कर वर्ष की अनुमानित आय पर देय कर; | |
| (ख) | यथास्थिति, पिछले चार कर वर्षों की निर्धारित या रिटर्न में बताई गई या अनुमानित आय पर देय कर, | |
| (ग) | इस अधिनियम और आयकर अधिनियम, 1961 (1961 का 43) के अधीन विद्यमान देयता, और | |
| (घ) | आवेदन करने की तारीख तक या प्रमाणपत्र जारी होने की तारीख तक संबंधित कर वर्ष के लिए अग्रिम कर संदाय, सोत पर कटौती और सोत पर संग्रहीत कर । |
(4) प्रमाणपत्र केवल उसमें नामित अनिवासी को किए गए संदाय के लिए और कर वर्ष की ऐसी अवधि के लिए वैध होगा जो प्रमाणपत्र में विनिर्दिष्ट हो, जब तक कि निर्धारण अधिकारी द्वारा विनिर्दिष्ट अवधि की समाप्ति से पहले किसी भी समय इसे रद्द न कर दिया जाए।
(5) निर्धारिती पिछले प्रमाणपत्र की वैधता अवधि की समाप्ति के पश्चात या उसकी समाप्ति से तीन महीने के भीतर नए प्रमाणपत्र के लिए आवेदन कर सकेगा।

