कर कटौती के बिना ब्याज और अन्य राशियों की प्राप्ति को प्राधिकृत करने वाले प्रमाणपत्र के लिए संदायकर्ता द्वारा आवेदन।
209. (1) निम्नलिखित सारणी के स्तंभ ख में उल्लिखित कोई भी व्यक्ति, जो धारा 393 (2) [ सारणी क्रमांक 17] में विनिर्दिष्ट प्रकृति के किसी ब्याज या अन्य राशि को प्राप्त करने का हकदार है, उसके स्तंभ ग में विनिर्दिष्ट अपेक्षाओं की पूर्ति पर उसके स्तंभ घ में विनिर्दिष्ट प्ररूप में धारा 395 (1) के अधीन प्रमाणपत्र प्रदान करने के लिए आवेदन कर सकेगा, जो उसे कर कटौती के बिना, उसके स्तंभ व में विनिर्दिष्ट किसी आय या राशि को प्राप्त करने के लिए प्राधिकृतकरता है:
सारणी
| क्रम सं. | व्यक्ति | शर्तें | आय या राशि की प्रकृति | |
| क | ख | ग | घ | |
| 1. | बैंकिंग कंपनी या बीमाकर्ता (जैसा कि बीमा अधिनियम, 1938 (1938 का 4) की धारा (2)(9)(घ) में परिभाषित है), जो एक घरेलू कंपनी नहीं है, और जो भारत में एक शाखा के माध्यम से संचालन करती है। | (क) संबंधित व्यक्ति का भारत में नियमित रूप से आयकर निर्धारण होता रहा
हो और उसने पिछले पांच कर वर्षों के लिए आय विवरणी प्रस्तुत की हों, जिनके
लिए ये विवरणी इस नियम के अधीन आवेदन किए जाने की तारीख को या उससे पहले
दाखिल की जानी हों; (ख) वह किसी भी कर (अग्रिम कर और धारा 266 के अधीन देय कर सहित), ब्याज, शास्ति, जुर्माना या अधिनियम के अधीन देय किसी अन्य राशि के संबंध में व्यतिक्रम न कर रहा हो या व्यतिक्रम करने वाला न समझा गया हो, और (ग) ब्याज या अन्य राशि शाखाओं द्वारा अपने खाते में प्राप्य हो, न कि अपने प्रधान कार्यालय या भारत के बाहर स्थित किसी शाखा या किसी अन्य व्यक्ति की ओर से।. | ब्याज के रूप में कोई भी आय, प्रतिभूतियों पर ब्याज नहीं (धारा 393(4) [सारणी: क्रमांक 6] में विनिर्दिष्ट प्रतिभूतियों पर देय ब्याज के अलावा), या कोई अन्य राशि, जो लाभांश न हो। | |
| 2. | क्रमांक 1 में उल्लिखित व्यक्ति के अलावा कोई भी व्यक्ति जो भारत में किसी शाखा के माध्यम से कारबार या पेशा करता है। | (क) क्रमांक 1 में विनिर्दिष्ट शर्तें; (ख) वह आवेदन की तारीख से ठीक पहले कम से कम पांच वर्षों की अवधि से भारत में निरंतर व्यापार या पेशा कर रहा हो, और (ग) आवेदन की तारीख से ठीक पहले समाप्त हुए कर वर्ष के लिए उसकी लेखा - बहियों में दर्शाए गए ऐसे कारबार या वृत्ति की भारत में स्थित अचल संपत्तियों का मूल्य, या यदि उक्त तारीख से पहले ऐसे कर वर्ष के लिए लेखा तैयार नहीं किए गए हैं, तो उस वर्ष से ठीक पहले के कर वर्ष के लिए, पचास लाख रुपये से अधिक हो। | 126 | ब्याज या लाभांश के अलावा कोई भी राशि | |
(2) धारा 395 (1) के अधीन निर्धारण अधिकारी द्वारा जारी किया गया प्रमाणपत्र उसमें विनिर्दिष्ट कर वर्ष के लिए वैध होगा, जब तक कि उक्त कर वर्ष की समाप्ति से पहले वह इसे रद्द न कर दे।
(3) यदि अपेक्षित हो, तो पूर्ववर्ती प्रमाणपत्र की वैधता समाप्त होने के पश्चात या उसकी वैधता समाप्त होने से तीन माह पहले नए प्रमाणपत्र के लिए आवेदन किया जाएगा।

