परिभाषाएँ ।
199. नियम 196 से 198 के प्रयोजनों के लिए,—
| (क) | धारा 379 के अधीन किसी विवाद के संबंध में "निर्दिष्ट आदेश" से अभिप्रेत है, |
| (i) | धारा 275 (1) में यथानिर्दिष्ट प्रारूप आदेश; या | |
| (ii) | धारा 270(1) या धारा 399(1) के अधीन सूचना, जहां निर्धारिती या कटौतीकर्ता या कलक्टर उक्त आदेश में किए गए समायोजनों पर आपत्ति करता है; या | |
| (iii) | निर्धारण या पुनर्निर्धारण का आदेश, विवाद समाधान पैनल के निर्देशों के अनुसरण में पारित आदेश को छोड़कर या | |
| (iv) | धारा 287 के अधीन पारित आदेश जिसका प्रभाव निर्धारण में वृद्धि या हानि में कमी करना हो; या | |
| (v) | धारा 398 के अधीन पारित आदेश और जिसके संबंध में निम्नलिखित शर्तें पूरी होती हैं:-- |
| (अ) | ऐसे आदेश में प्रस्तावित या किए गए फेरफार का कुल योग दस लाख रुपये से अधिक नहीं है और ऐसे प्रयोजनों के लिए, फेरफार उस रकम को संदर्भित करेगा जिस पर कर की कटौती या संग्रहण नहीं किया गया है, | |
| (आ) | र्धारिता द्वारा ऐसे आदेश से संबंधित कर वर्ष के लिए रिटर्न प्रस्तुत किया गया है और ऐसे रिटर्न के अनुसार कुल आय पचास लाख रुपये से अधिक नहीं है, और | |
| (इ) | निर्धारिती के मामले में आदेश निम्नलिखित पर आधारित नहीं है: |
| (क) | धारा 247 के अधीन शुरू की गई तलाशी या धारा 248 के अधीन निर्धारिती या किसी अन्य व्यक्ति के मामले में की गई मांग; या | |
| (ख) | धारा 253 के अधीन किया गया सर्वेक्षण; या | |
| (ग) | धारा 159 में निर्दिष्ट समझौते के अधीन प्राप्त जानकारी; |
| (ख) | धारा 379 के अधीन आवेदक के संबंध में "विनिर्दिष्ट शर्तें" से अभिप्रेत है, — |
| (क) | जहां वह ऐसा व्यक्ति नहीं है जिसके संबंध में विदेशी मुद्रा संरक्षण और तस्करी निवारण अधिनियम, 1974 (1974 का 52) के उपबंधों के अधीन निरुद्ध किए जाने का आदेश दिया गया है और जब |
| (I) | ऐसा निरोध आदेश, जिस पर उक्त अधिनियम की धारा 9 या धारा 12क के उपबंध लागू नहीं होते, उक्त अधिनियम की धारा 8 के अधीन सलाहकार बोर्ड की रिपोर्ट पर या सलाहकार बोर्ड की रिपोर्ट प्राप्त होने से पहले निरस्त कर दिया गया हो; या | |
| (II) | ऐसा निरोध आदेश, जिस पर उक्त अधिनियम की धारा 9 के उपबंध लागू होते हैं, उक्त अधिनियम की धारा 9 (3) के अधीन समीक्षा के लिए या उसके आधार पर, या उक्त अधिनियम की धारा 9 (2) के साथ पठित धारा 8 के अधीन सलाहकार बोर्ड की रिपोर्ट पर निर्धारित समय सीमा समाप्त होने से पहले निरस्त नहीं किया गया हो, या | |
| (III) | ऐसा निरोध आदेश, जिस पर उक्त अधिनियम की धारा 12क के उपबंध लागू होते हैं, उक्त धारा की उपधारा (3) के अधीन पहली समीक्षा के लिए या उसके आधार पर, या उक्त अधिनियम की धारा 12क(6) के साथ पठित धारा 8 के अधीन सलाहकार बोर्ड की रिपोर्ट पर निर्धारित समय सीमा समाप्त होने से पहले निरस्त नहीं किया गया हो, या | |
| (IV) | सक्षम अधिकारिता वाले न्यायालय द्वारा ऐसे निरोध आदेश को रद्द नहीं किया गया हो, या |
| (ख) | जहाँ वह ऐसा व्यक्ति नहीं है जिसके विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता, 2023 (2023 का 45) या विधिविरुद्ध क्रियाकलाप (निवारण) अधिनियम, 1967 (1967 का 37) या स्वापक ओषधि और मनःप्रभावी पदार्थ अधिनियम, 1985 (1985 का 61) या बेनामी संव्यवहार प्रतिषेध अधिनियम, 1988 (1988 का 45) या भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 (1988 का 49) या धन शोधन निवारण अधिनियम, 2002 (2003 का 15) के उपबंधों के अधीन दंडनीय किसी अपराध के लिए अभियोग चलाया गया हो और उसे इनमें से किसी भी अधिनियम के अधीन दंडनीय किसी अपराध का दोषी ठहराया गया हो; या | |
| (ग) | यदि वह ऐसा व्यक्ति नहीं है जिसके विरुद्ध आयकर प्राधिकरण द्वारा अधिनियम या भारतीय न्याय संहिता, 2023 2023 का 45) के प्रावधानों के अधीन दंडनीय किसी अपराध के लिए या किसी भी कानून के अधीन किसी नागरिक दायित्व के प्रवर्तन के उद्देश्य से अभियोजन प्रारंभ किया गया हो, या ऐसे व्यक्ति को आयकर प्राधिकरण द्वारा प्रारंभ किए गए अभियोजन के परिणामस्वरूप ऐसे किसी अपराध के लिए दोषी ठहराया गया हो; या | |
| (घ) | यदि वह ऐसा व्यक्ति नहीं है जिसे विशेष न्यायालय (प्रतिभूति संव्यवहार अपराध विचारण) अधिनियम, 1992 (1992 का 27) की धारा 3 के अधीन अधिसूचित किया गया हो, या | |
| (ङ) | यदि वह ऐसा व्यक्ति नहीं है जिसके विरुद्ध उस कर वर्ष के लिए जिसके लिए विवाद का समाधान मांगा गया है, काला धन (अप्रकटित विदेशी आय और आस्ति) और कर अधिरोपण अधिनियम, 2015 (2015 का 22) के अधीन कार्यवाही प्रारंभ नहीं की गई हो, |
| (ग) | अधिनियम की धारा 379 के प्रयोजनों के लिए "निर्दिष्ट व्यक्ति" वह व्यक्ति होगा जो निर्दिष्ट शर्तों को पूरा करता हो। |

