धारा 379 के अधीन लगाई जाने वाली शास्ति को कम करने या माफ करने या अभियोजन से छूट देने या दोनों की शक्ति ।
198.(1) विवाद समाधान समिति, ई- विवाद समाधान योजना, 2022 के पैरा 4 (1) (xix) के अनुसार सूचना प्राप्त होने पर लिखित रूप में दर्ज किए जाने वाले कारणों से और ऐसी शर्तों के अध्यधीन, जिन्हें वह उचित समझे, धारा 379 के अधीन विवाद समाधान के लिए आवेदन करने वाले व्यक्ति को, समाधान के विषय वाले आदेश के संबंध में, लगाए जाने वाले दंड में कमी या छूट या अभियोजन से छूट या दोनों प्रदान करेगी, यदि वह संतुष्ट है कि ऐसे व्यक्ति ने-
| (i) | रिटर्न आय पर देय कर का पूर्ण भुगतान किया हो; और | |
| (ii) | विवाद समाधान समिति के समक्ष कार्यवाही में सहयोग किया हो। |
(2) विवाद समाधान समिति द्वारा ऐसे मामले में कोई उन्मुक्ति नहीं दी जाएगी, जहां ई- विवाद समाधान योजना, 2022 के अनुच्छेद 4(1) (i) में निर्दिष्ट आवेदन की प्राप्ति तिथि से पहले किसी अपराध के लिए अभियोजन कार्यवाही आरंभ की गई हो।
(3) उप-नियम (1) के अधीन किसी व्यक्ति को दी गई उन्मुक्ति, शास्ति में कमी या माफी, वापस ले ली जाएगी, यदि ऐसा व्यक्ति उन शर्तों में से किसी का भी पालन करने में विफल रहता है जिनके अधीन उन्मुक्ति, शास्ति में कमी या माफी दी गई थी, और इसके बाद अधिनियम के उपबंध इस प्रकार लागू होंगे मानो ऐसी उन्मुक्ति शास्ति में कमी या माफी कभी दी ही न गई हो।

