आयकर विभाग

वित्त मंत्रालय, भारत सरकार

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नियम संख्या. 189

नियम संख्या.

189

दस्तावेज़ अपलोड की तिथि

08/01/2026

संचित आय के लिए धारा 352 (2) के अधीन परिसंपतियों और देनदारियों के उचित बाजार मूल्य की गणना हेतु मूल्य निर्धारण विधि ।

189. (1) धारा 352 (2) के प्रयोजनों के लिए, निर्दिष्ट व्यक्ति की कुल परिसंपत्तियों का कुल उचित बाजार मूल्य तुलन पत्र में सभी परिसंपत्तियों के उचित बाजार मूल्य का योग होगा, जिसमें से निम्नलिखित घटाया जाएगा:

(क)  भुगतान किया गया कर; और
(ख)  परिसंपत्ति के रूप में दर्शाई गई कोई भी रकम जिसमें आस्थगित व्यय की ऐसी अप्रतिदेय रकम भी शामिल है जो किसी परिसंपत्ति का मूल्य नहीं दर्शाती है।

(2) उप-नियम (1) के प्रयोजन के लिए, परिसंपत्ति का उचित बाजार मूल्य निम्नलिखित तरीके से निर्धारित किया जाएगा:—

(I) शेयरों और प्रतिभूतियों का मूल्यांकन:

(क)  सूचीबद्ध शेयरों और प्रतिभूतियों का उचित बाजार मूल्य निम्नलिखित होगा:—
(i)  निर्दिष्ट तिथि को किसी मान्यता प्राप्त स्टॉक एक्सचेंज पर सूचीबद्ध ऐसे शेयरों और प्रतिभूतियों के न्यूनतम और उच्चतम मूल्य का औसत; या
(ii)  यदि निर्दिष्ट तिथि को किसी मान्यता प्राप्त स्टॉक एक्सचेंज पर ऐसे शेयरों और प्रतिभूतियों का कोई व्यापार नहीं है, तो निर्दिष्ट तिथि से ठीक पहले की किसी तिथि को मान्यता प्राप्त स्टॉक एक्सचेंज पर ऐसे शेयरों और प्रतिभूतियों के न्यूनतम और उच्चतम मूल्य का औसत, जिस तिथि को ऐसे शेयरों और प्रतिभूतियों का मान्यता प्राप्त स्टॉक एक्सचेंज पर व्यापार हुआ था;
(ख)  गैर- सूचीबद्ध इक्विटी शेयरों का उचित बाजार मूल्य, निर्दिष्ट तिथि पर निम्नलिखित सूत्र के अनुसार निर्धारित मूल्य होगा:
गैर-सूचीबद्ध इक्विटी शेयरों का उचित बाजार मूल्य = (A+B - 1) × (PV)
(PE)
  जहाँ,
  A = तुलन पत्र में सभी परिसंपत्तियों का बही मूल्य (बुलियन, आभूषण, जवाहरात, कलाकृति, शेयर, प्रतिभूतियाँ और अचल संपत्ति को छोड़कर) जिसमें से निम्नलिखित घटाया गया हो:
(i)  भुगतान किया गया कर; और
(ii)  तुलन पत्र में परिसंपत्ति के रूप में दर्शाई गई कोई भी रकम जिसमें आस्थगित व्यय की ऐसी अप्रतिदेय रकम भी शामिल हैं जो किसी परिसंपत्ति का मूल्य नहीं दर्शाती है;
  B = इस नियम में निर्धारित रीति के अनुसार बुलियन, आभूषण, जवाहरात, कलाकृति, शेयर, प्रतिभूतियाँ और अचल संपत्ति का उचित बाजार मूल्य;
  L तुलन पत्र में दर्शाई गई देनदारियों का बही मूल्य, लेकिन निम्नलिखित रकम यों को छोड़कर :-
(i)  इक्विटी शेयरों के संबंध में भुगतान की गई पूंजी पर देय लाभांश के बकाया के सिवाय आकस्मिक देनदारियां;
(ii)  अधिमान्य शेयरों और इक्विटी शेयरों पर लाभांश के भुगतान के लिए अलग रखी गई रकम ;
(iii)  आरक्षित निधि और अधिशेष, चाहे उन्हें किसी भी नाम से पुकारा जाए, भले ही परिणामी रकम ऋणात्मक हो, मूल्यह्रास के लिए अलग रखी गई रकम को छोड़कर;
(iv)  भुगतान किए गए कर से भिन्न, कराधान के लिए उपबंध के रूप में कोई भी रकम लागू कानून के अनुसार बही खाते के लाभ के संदर्भ में देय कर से अधिक की सीमा तक;
(v)  निर्धारित देनदारियों के अलावा अन्य देनदारियों को पूरा करने के लिए किए गए उपबंधों को दर्शाने वाली कोई भी रकम ;
(vi)  संचयी अधिमान्य शेयरों की कोई रकम ;
  PE = तुलन पत्र में दर्शाई गई कुल चुकता इक्विटी शेयर पूंजी की रकम ; और
  PV = ऐसे इक्विटी शेयर का चुकता मूल्य,
(ग)  इक्विटी शेयरों के सिवाय अन्य शेयरों और प्रतिभूतियों का उचित बाजार मूल्य, किसी व्यापारी बैंकर या लेखाकार द्वारा तैयार की गई मूल्यांकन रिपोर्ट के आधार पर, निर्दिष्ट तिथि को खुले बाजार में बेचे जाने पर प्राप्त होने वाली कीमत के बराबर आंका जाएगा,
(II)  अचल संपत्ति का उचित बाजार मूल्य निम्नलिखित में से जो अधिक हो, वह होगा, अर्थात्:
(क)  किसी पंजीकृत मूल्यांकक द्वारा तैयार की गई मूल्यांकन रिपोर्ट के आधार पर, निर्दिष्ट तिथि को खुले बाजार में बेचे जाने पर संपत्ति को सामान्यतः प्राप्त होने वाली कीमत और
(ख)  निर्दिष्ट तिथि को स्टाम्प शुल्क मूल्य,
(III)  किसी निर्दिष्ट व्यक्ति द्वारा धारित व्यावसायिक उपक्रम का उचित बाजार मूल्य, निम्नलिखित सूत्र के अनुसार निर्धारित उसकी निवल संपत्तियां होगी: -
  उचित बाजार मूल्य = (A + B - L), जिसका निर्धारण खंड (I) (ख) में दी गई रीति से किया जाएगा; और
(IV)  खंड (1), (II) और (III) में निर्दिष्ट परिसंपत्तियों के सिवाय किसी भी परिसंपत्ति का उचित बाजार मूल्य वह मूल्य होगा जो उस परिसंपत्ति को निर्दिष्ट तिथि पर खुले बाजार में बेचने पर सामान्यतः प्राप्त होगा, यदि मूल्यांकन रिपोर्ट निम्नलिखित में से किसी एक पेशेवर मूल्यांकक द्वारा तैयार की गई हो:
(क)  पंजीकृत मूल्यांकक, या
(क)  मूल्यांकक, जो निम्नलिखित वृत्तिक मूल्यांकन निकार्यों में से किसी एक का सदस्य हो, यदि उक्त परिसंपत्तियों के मूल्यांकन के लिए कोई मूल्यांकक पंजीकृत नहीं है:
(i)  इंस्टीट्यूशन ऑफ वैल्यूअर्स, या
(ii)  इंस्टीट्यूशन ऑफ सर्वेयर्स (वैल्यूएशन ब्रांच); या
(iii)  इंस्टीट्यूशन ऑफ गवर्नमेंट अप्रूव्ड वैल्यूअर्स या
(iv)  प्रैक्टिसिंग वैल्यूअर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया या
(v)  इंडियन इंस्टीट्यूशन ऑफ वैल्यूअर्स या
(vi)  सेंटर फॉर वैल्यूएशन स्टडीज, रिसर्च एंड ट्रेनिंग, या
(vii)  रॉयल इंस्टीट्यूट ऑफ चार्टर्ड सर्वेयर्स: इंडिया चैप्टर या
(vii)  अमेरिकन सोसाइटी ऑफ एप्रैज़र्स, संयुक्त राज्य अमेरिका, या
(vii)  एप्रैज़ल इंस्टीट्यूट, संयुक्त राज्य अमेरिका; या
(ix)  कोई मूल्यांकक जिसे किसी सार्वजनिक क्षेत्र के बैंक या सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रम द्वारा मूल्यांकन प्रयोजनों के लिए नियुक्त किया गया हो।

(3) धारा 352 (2) के प्रयोजन के लिए, निर्दिष्ट व्यक्ति की कुल देयता निर्दिष्ट तिथि को तुलन पत्र में देयताओं का बही मूल्य होगी, लेकिन इसमें निम्नलिखित में से कोई भी रकम शामिल नहीं होगी:

(क)  पूंजी निधि या संचित निधि या समग्र निधि, चाहे किसी भी नाम से ज्ञात हो; या
(ख)  आरक्षित निधि या अधिशेष या व्यय पर आय की अधिकता, चाहे किसी भी नाम से ज्ञात हो, या
(ग)  आकस्मिक देयता का प्रतिनिधित्व करने वाली कोई रकम ; या
(घ)  निर्धारित देयताओं के अलावा, देयताओं को पूरा करने के लिए किए गए उपबंधों का प्रतिनिधित्व करने वाली कोई रकम ; या
(ङ)  कर भुगतान के अतिरिक्त कर उपबंध के रूप में कोई भी रकम उस आय पर लागू कानून के अनुसार देय आयकर से अधिक की सीमा तक।

(4) इस नियम के प्रयोजनों के लिए,

(क)  "लेखाकार" का वही अर्थ होगा जो धारा 515 (3) (ख) में दिया गया है,
(ख)  किसी निर्दिष्ट व्यक्ति के संबंध में "तुलन पत्र' से तात्पर्य ऐसे निर्दिष्ट व्यक्ति की निर्दिष्ट तिथि को तैयार किए गए तुलन पत्र (जिसमें संलग्न और खातों का भाग बनने वाले टिप्पण भी शामिल हैं) से है, जिसकी लेखापरीक्षा किसी लेखाकार द्वारा की गई हो;
(ग)  "व्यापारी बैंकर' से तात्पर्य भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड अधिनियम, 1992 (15 ऑफ 1992) की धारा 3 के अधीन स्थापित भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड के साथ पंजीकृत प्रथम श्रेणी व्यापारी बैंकर से है;
(घ)  शेयर या प्रतिभूति के संबंध में सूचीबद्ध शेयर या प्रतिभूति से तात्पर्य किसी मान्यता प्राप्त स्टॉक एक्सचेंज पर नियमित रूप से समय-समय पर सूचीबद्ध शेयर या प्रतिभूति से है, जहां ऐसे शेयरों या प्रतिभूतियों का कुटेशन कारबार के साधारण अनुक्रम में किए गए वर्तमान लेनदेन पर आधारित होता है,
(ङ)  " मान्यता प्राप्त स्टॉक एक्सचेंज" का वही अर्थ होगा जो प्रतिभूति संविदा (विनियमन) अधिनियम, 1956 (1956 का 42) की धारा 2 (च) में दिया गया है,
(च)  "पंजीकृत मूल्यांकक" से धारा 514 के अधीन मूल्यांकक के रूप में पंजीकृत व्यक्ति अभिप्रेत है;
(छ)  "प्रतिभूतियों" का वही अर्थ होगा जो प्रतिभूति संविदा (विनियमन) अधिनियम, 1956 (1956 का 42) की धारा 2 (ज) में दिया गया है,
(ज)  "निर्दिष्ट तिथि" से धारा 352 (5) की तालिका के स्तंभ ग में निर्दिष्ट तिथि अभिप्रेत है;
(झ)  "निर्दिष्ट व्यक्ति" का वही अर्थ होगा जो धारा 355(ठ) में दिया गया है;
(ञ)  "स्टाम्प शुल्क मूल्य" से केंद्रीय सरकार या राज्य सरकार के किसी प्राधिकरण द्वारा अचल संपत्ति पर स्टाम्प शुल्क के भुगतान के उद्देश्य से अपनाए गए या मूल्यांकित या मूल्यांकन योग्य मूल्य अभिप्रेत है;
(ट)  " संदत्त कर" से आयकर की उस रकम अभिप्रेत हैं जो स्रोत पर कटौती या संग्रहण के रूप में या अग्रिम कर भुगतान के रूप में भुगतान की गई हो, जिसमें से अधिनियम के अधीन वापसी के रूप में दावा की गई आयकर की रकम घटा दी गई हो; और
(ठ)  शेयर या प्रतिभूति के संबंध में "गैर-सूचीबद्ध शेयर और प्रतिभूति" से ऐसा शेयर या प्रतिभूति अभिप्रेत है जो सूचीबद्ध शेयर या प्रतिभूति नहीं है।

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