1[पूर्व या धार्मिक न्यास आदि के मामले में संपरीक्षा रिपोर्ट
17ख. किसी न्यास या संस्था के लेखे की संपरीक्षा रिपोर्ट जिसे धारा 12क की उपधारा (1) के खंड (ख) के उपखंड (ii) के अधीन दिया जाना अपेक्षित है, निम्नलिखित प्ररूप में होगी —
(क) प्ररूप सं. 10ख, जहां —
(I) अधिनियम की धारा 11 और धारा 12 के उपबंधों को प्रभाव दिए बिना ऐसे न्यास या संस्था की कुल आय पूर्ववर्ती वर्ष के दौरान पांच करोड़ रूपए से अधिक है या;
(II) ऐसे न्यास या संस्था ने पूर्ववर्ती वर्ष के दौरान कोई विदेशी अभिदाय ग्रहण किया है; या
(III) ऐसे न्यास या संस्था ने पूर्ववर्ती वर्ष के दौरान भारत के बाहर अपनी आय का कोई भाग दिया है;
(ख) अन्य मामले में प्ररूप सं. 10खख।
स्पष्टीकरण - खंड (क) के उपखंड (II) के प्रयोजन के लिए "विदेशी अभिदाय" पद का वही अर्थ होगा जो उसका विदेशी अभिदाय (विनियमन) अधिनियम, 2010 (2010 का 42) की धारा 2 की उपधारा (1) के खंड (ज) में है।
1. आय-कर (तीसरा संशोधन) नियम, 2023 द्वारा 1.4.2023 से प्रतिस्थापित। प्रतिस्थापन से पूर्व नियम 17ख निम्न प्रकार था :
"17ख. पूर्त या धार्मिक न्यासों आदि की दशा में संपरीक्षा रिपोर्ट— किसी न्यास या संस्था के लेखाओं की संपरीक्षा रिपोर्ट, जिसे धारा 12क के खंड (ख) के अंतर्गत दिया जाना अपेक्षित है, प्ररूप सं. 10ख में होगी।"

