लेखापरीक्षा या इन्वेंट्री मूल्यांकन के लिए व्यय विनिर्धारित करने के प्रयोजनों के लिए प्रक्रियाविधि ।
172. (1) आयकर का प्रत्येक मुख्य आयुक्त 268(5)(i) और धारा 268(5)(ii) के प्रयोजनों के लिए, निम्नलिखित का एक पैनल बनाए रखेगा-
| (क) | धारा 515 (3) (ख) में निर्दिष्ट व्यक्तियों में से लेखाकार; और | |
| (ख) | धारा 268 (13) में निर्दिष्ट व्यक्तियों में से लागत लेखाकार । |
(2) जहां कर मूल्यांकन अधिकारी निर्देश देता है-
| (क) | धारा 268 (5) (i) के अधीन लेखा परीक्षा के लिए; या | |
| (ख) | धारा 268 (5) (ii) के अधीन इन्वेंट्री मूल्यांकन के लिए, |
लेखापरीक्षा या इन्वेंट्री मूल्यांकन के अनुषांगिक व्यय (लेखाकार या लागत लेखाकार, योग्य सहायकों, अर्ध-योग्य और अन्य सहायकों के पारिश्रमिक सहित, जिन्हें ऐसे लेखाकार या लागत लेखाकार द्वारा काम पर लगाए जा सकते हैं), धारा 268 (8) या (9) या (10) के अधीन मूल्यांकन अधिकारी द्वारा निर्दिष्ट अवधि के प्रत्येक घंटे के लिए 3,750₹ से न्यून और 7,500₹ (दोनों समावेशी), जैसा भी मामला हो, से अधिक नहीं होगा।
(3) उप-नियम (2) में निर्दिष्ट अवधि, रिपोर्ट को पूरा करने के लिए आवश्यक घंटों की संख्या के रूप मैं निर्दिष्ट की जाएगी।
(4) धारा 268 (5) (i) या (ii) में निर्दिष्ट लेखाकार या लागत लेखाकार, एक समय पत्रक बनाए रखेगा और इसे बिल के साथ आयकर के मुख्य आयुक्त या आयकर आयुक्त को प्रस्तुत करेगा।
(5) मुख्य आयकर आयुक्त या आयकर आयुक्त यह सुनिश्चित करेगा कि बिलिंग उद्देश्यों के लिए दावा किए गए घंटों की संख्या लेखाकार या लागत लेखाकार द्वारा प्रस्तुत रिपोर्ट के आकार और गुणवत्ता के अनुरूप है।

