आयकर विभाग

वित्त मंत्रालय, भारत सरकार

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नियम संख्या. 164

नियम संख्या.

164

दस्तावेज़ अपलोड की तिथि

08/01/2026

आय की विवरणी के संबंध में प्ररूप, पात्रता, सत्यापन आदि।

164. (1) 1 अप्रैल, 2026 से आरंभ होने वाले कर वर्ष से संबंधित धारा 263(1) या धारा 268 (1) (क) या धारा 280 के अधीन प्रस्तुत की जाने वाली आय की विवरणी इस नियम के उपबंधों के अनुसार होगी।

(2) उप-नियम (3) के उपबंधों के अधीन रहते हुए, आयकर विवरणी प्ररूप सहज (आईटीआर-1) में होगी और उसमें दर्शाए गए रीति से सत्यापित की जाएगी, यदि कोई व्यक्ति ऐसा व्यक्ति है जो सामान्य निवासी न होने के अतिरिक्त निवासी है और जहां कुल आय में आयकर के लिए देय आय शामिल है, तो शीर्ष के अधीन -

(क)  धारा 93 (1) (घ) में परिभाषित पारिवारिक पेंशन के स्वरूप में वेतन या आय; या
(ख)  "हाउस प्रॉपर्टी से आय", जहां निर्धारित के पास दो से ज्यादा गृह संपत्ति नहीं हैं और शीर्ष के अधीन कोई भी आगे लायी गयी हानि या आगे ले जाने वाली हानि नहीं है, या
(ग)  "दूसरे स्रोत से आय", लॉटरी से जीती हुई रकम या रेस के घोड़ों से हुई आय को छोड़कर, और इस शीर्ष के अधीन कोई नुकसान नहीं है, या
(घ)  "पूंजीगत लाभ", जहां मूल्यांकनकर्ता के पास धारा 198 के अधीन केवल दीर्घकालिक पूंजीगत लाभ है जो Rs.125000 से अधिक नहीं हैं और शीर्ष के अधीन कोई अग्रिम हानि या आगे ले जाने वाली हानि नहीं है।

(3) कोई व्यक्ति आईटीआर-1 फाइल करने के लिए पात्र नहीं होगा, यदि वह —

(क)  भारत के बाहर स्थित संपत्ति (किसी भी इकाई में वित्तीय हित सहित) है; या
(ख)  भारत के बाहर स्थित किसी भी खाते में हस्ताक्षर करने का अधिकार हैं; या
(ग)  भारत के बाहर किसी भी स्रोत से आय है; या
(घ)  धारा 10 के उपबंधों के अनुसार आय को विभाजित किया जाना है; या
(ङ)  उक्त धारा की उपधारा (1) के खंड (घ) के अधीन दावा की गई कटौती के अतिरिक्त, धारा 93 के अधीन कटौती का दावा किया है; या
(च)  किसी भी कंपनी में निदेशक है; या
(छ)  कर वर्ष के दौरान किसी भी समय कोई गैर-सूचीबद्ध इक्विटी शेयर रखा है; या
(ज)  आय के पूरे या किसी भी हिस्से के लिए निर्धारण योग्य है जिस पर कर निर्धारिती के अतिरिक्त किसी अन्य व्यक्ति के हाथों में सोत पर कटौती की गई है; या
(झ)  धारा 159 के अधीन कर की किसी भी राहत या धारा 160 के अधीन त कर की कटौती का दावा किया है; या
(ञ)  कृषि आय Rs.5000 से अधिक है; या
(ट)  कुल आय पचास लाख रुपये से अधिक है, या
(ठ)  एक ऐसा व्यक्ति है जिसके मामले में धारा 393 (3) के अधीन कर काटा गया है [सारणी: क्रम संख्या 5]; या
(ड)  क्या वह व्यक्ति है जिसके मामले में धारा 391 (2) या धारा 392 (3) [सारणी क्रम संख्या 5] के अधीन कर कटौती की गयी है; या
(ढ)  अधिनियम के अध्याय 13 के भाग क के उपबंधों के अनुसार उस प्रकृति की कोई आय है जिस पर कर विनिर्धारित किया जा सकता है।

(4) ऐसे व्यक्ति के मामले में, जो व्यक्ति नहीं है जिस पर उप-नियम (2) लागू होता है या एक हिंदू अविभाजित परिवार है, जहां कुल आय में कारबार या वृत्ति के शीर्षक के अधीन आय शामिल नहीं है, आयकर विवरणी प्ररूप संख्या आई.टी.आर.-2 में होगी और उसमें दर्शाई गई रीति से सत्यापित की जाएगी;

(5) उप नियम (6) के उपबंधों के अधीन रहते हुए आयकर विवरणी सुगम (आई.टी.आर.-4) प्ररूप में होगी और उसमें दर्शाई गई तरीके से सत्यापित की जाएगी, ऐसे व्यक्ति के मामले में जो एक व्यक्ति या हिंदू अविभाजित परिवार है, जो सामान्यतया निवासी नहीं है, निवासी है, या सीमित दायित्व भागीदारी फर्म से भिन्न एक फर्म है, जो निवासी है,-

(क)  " व्यवसाय या पेशा से लाभ या अभिलाभ" शीर्ष के अधीन आय प्राप्त होना और ऐसी आय की संगणना धारा 58 में बताए गए खास नियमों के अनुसार किया जाता है; और
(ख)  यदि कोई हो तो, "पूंजीगत लाभ" जहां करदाता के पास धारा 198 के अधीन केवल दीर्घकालिक पूंजीगत लाभ हैं जो ₹ 125000 से अधिक नहीं है।

(6) कोई व्यक्ति आईटीआर- 4 फाइल करने के लिए पात्र नहीं होगा, यदि वह —

(क)  भारत के बाहर स्थित आस्ति (किसी भी इकाई में वित्तीय हित सहित) है; या
(ख)  भारत के बाहर स्थित किसी भी खाते में हस्ताक्षर करने का अधिकार है; या
(ग)  भारत के बाहर किसी भी स्रोत से आय है; या
(घ)  धारा 10 के उपबंधों के अनुसार आय को विभाजित किया जाना है; या
(ङ)  धारा 93 (1) (घ) के अधीन दावा की गई कटौती के अतिरिक्त धारा 93 के अधीन कटौती का दावा किया है; या
(च)  किसी भी कंपनी में निदेशक है; या
(छ)  कर वर्ष के दौरान किसी भी समय कोई गैर-सूचीबद्ध इक्विटी शेयर रखा है; या
(ज)  कुल आय पचास लाख रुपये से अधिक है; या
(झ)  दो से अधिक घर की संपत्तियों का मालिक है, जिसकी आय "घर की संपत्ति से आय" शीर्ष के अधीन प्रभार्य है; या
(ञ)  क्या आय के किसी भी शीर्ष के अधीन अग्रनीत करने के लिए कोई नुकसान या हानि हुई है; या
(ट)  आय के पूरे या किसी भी हिस्से के लिए निर्धारण योग्य है जिस पर कर निर्धारिती के अतिरिक्त किसी अन्य व्यक्ति के हाथों में स्रोत पर कटौती की गई है; या
(ठ)  धारा 159 के अधीन कर की किसी भी राहत या उप-धारा (1) के खंड (घ) के अधीन कर की कटौती का दावा किया है; या
(ड)  कृषि आय Rs.5000 से अधिक है; या
xiv  .धारा 17 (1) (घ) में निर्दिष्ट प्रकृति की आय है जिस पर धारा 391 (2) या धारा 392 (3) के अधीन कर देय या कटौती योग्य हैं; या
xv.  अधिनियम के अध्याय 13 के भाग क के उपबंधों के अनुसार इस प्रकृति की कोई आय है जिस पर कर निर्धारित किया जा सकता है।

(7) आयकर विवरणी फॉर्म संख्या आई.टी.आर.-3 में होगी और उसमें दर्शाई गई रीति से सत्यापित की जाएगी यदि व्यक्ति या हिंदू अविभाजित परिवार उप-नियम (2) या उप-नियम (4) या उप-नियम (5) में निर्दिष्ट व्यक्ति या हिंदू अविभाजित परिवार से भिन्न है और जिसकी आय "कारबार या वृत्ति से लाभ या अभिलाभ" शीर्ष के अंतर्गत है।

(8) आयकर विवरणी फॉर्म संख्या आई.टी.आर.-5 में होगी और उस व्यक्ति के मामले में, जो व्यक्ति या हिन्दू अविभाजित परिवार या कंपनी या ऐसा व्यक्ति नहीं है जिस पर उप-नियम (10) लागू होता है, उसमें दर्शाई गई रीति से सत्यापित की जाएगी।

(9) आयकर विवरणी प्ररूप संख्या आई.टी.आर. -6 में होगी और कंपनी के मामले में, जो ऐसी कंपनी नहीं है जिस पर उप-नियम (10) लागू होता है, उसमें दर्शाए गए तरीके से सत्यापित की जाएगी,

(10) आयकर विवरणी फार्म संख्या आई.टी.आर.- 7 में होगी और उसमें दर्शाई गई रीति से सत्यापित की जाएगी, यह बात किसी व्यक्ति जिसमें कंपनी भी शामिल है, के मामले में लागू होगी, चाहे वह कंपनी अधिनियम, 1956 (1956 का 1) की धारा 25 या कंपनी अधिनियम, 2013 की धारा 8 के अधीन पंजीकृत हो या नहीं, और जिसे धारा 349 या अनुसूची 8 [ सारणी: क्रम संख्या 1. घ (च)] या धारा 263 (1) (क) (iv) या धारा 263 (1) (क) (v) के अधीन विवरणी फाइल करने की आवश्यकता है।

(11) आयकर विवरणी के साथ विवरणी के आधार पर देय कर की गणना दिखाने वाला विवरण, या कर का प्रमाण, यदि कोई हो, जिसके बारे में दावा किया गया है कि वह स्रोत पर काटा या एकत्र किया गया हैं, या अग्रिम कर, या स्व-मूल्यांकन पर कर, यदि कोई हो, जिसके बारे में दावा किया गया कि उसका भुगतान कर दिया गया है, या अधिनियम के किसी उपबंधों के अधीन आयकर विवरणी के साथ संलग्न किए जाने वाले किसी खाते या प्ररूप या लेखा परीक्षा की रिपोर्ट की कोई दस्तावेज या प्रतिलिपि संलग्न नहीं होगी।

(12) उपनियम (1) में निषिश्ट आयकर विवरणी नीचे दी गई सारणी के स्तंभ 2 में उल्लिखत व्यक्ति दवारा स्तंभ में विनिर्दिष्ट रीति से प्रस्तुत की जाएगी:—

सारणी

क्रम संख्याव्यक्तिआय की विवरणी प्रस्तुत करने का तरीका
1.2.3.
1.कंपनीइलेक्ट्रॉनिक रूप से डिजिटल हस्ताक्षर।
2.कोई भी व्यक्ति जिसके खातों की धारा 63 के अधीन लेखा परीक्षा की जानी आवश्यक है।(क) इलेक्ट्रॉनिक रूप से डिजिटल हस्ताक्षर या
(ख) इलेक्ट्रॉनिक सत्यापन कोड के अधीन विवरणी में इलेक्ट्रॉनिक रूप से डेटा संचारित करना।
3.क्रम संख्या 1, 2 और 4 में निर्दिष्ट व्यक्ति के अतिरिक्त कोई अन्य व्यक्ति(क) इलेक्ट्रॉनिक रूप से डिजिटल हस्ताक्षर या
(ख) इलेक्ट्रॉनिक सत्यापन कोड के अधीन विवरणी में इलेक्ट्रॉनिक रूप से डेटा संचारित करना; या
(ग) विवरणी में आंकड़ों को इलेक्ट्रॉनिक रूप से प्रसारित करना और उसके बाद प्रारूप आईटीआर-V में विवरणी का सत्यापन प्रस्तुत करना।
4.कर वर्ष के दौरान किसी भी समय अस्सी वर्ष या उससे अधिक आयु का कोई व्यक्ति, जो प्ररूप संख्या सहज (आईटीआर-1) या प्ररूप नं. सुगम (आईटीआर-4) में विवरणी प्रस्तुत करता है।(क) इलेक्ट्रॉनिक रूप से डिजिटल हस्ताक्षर या
(ख) इलेक्ट्रॉनिक सत्यापन कोड के अधीन विवरणी में इलेक्ट्रॉनिक रूप से डेटा संचारित करना; या
(ग) विवरणी में आंकड़ों को इलेक्ट्रॉनिक रूप से प्रसारित करना और उसके बाद प्ररूप आईटीआर-5 में विवरणी का सत्यापन प्रस्तुत करना; या (घ) कागज प्ररूप ।

(13) उप-नियम (12) के प्रयोजनों के लिए, "इलेक्ट्रॉनिक सत्यापन कोड" से तात्पर्य प्रधान आयकर महानिदेशक (प्रणाली) अथवा आयकर महानिदेशक (प्रणाली) द्वारा विनिर्दिष्ट डाटा संरचना एवं मानकों के अनुसार आयकर विवरणी प्रस्तुत करने वाले व्यक्ति के इलेक्ट्रॉनिक सत्यापन के प्रयोजनार्थ सृजित कोड अभिप्रेत हैं।

(14) जहां आयकर विवरणी 1 अप्रैल 2025 या किसी पूर्ववर्ती कर वर्ष से प्रारंभ होने वाले कर वर्ष से संबंधित है, इसे उस कर वर्ष में लागू उपयुक्त प्ररूप में प्रस्तुत किया जाएगा।

फ़ुटनोट