18[सूचना और अन्य दस्तावेजों का अधिप्रमाणन
127क. (1) अधिनियम के अधीन आय-कर प्राधिकारी द्वारा इलैक्ट्रानिक रूप में संसूचित प्रत्येक सूचना या अन्य दस्तावेज अधिप्रमाणित किया गया समझा जाएगा,–
(क) इलैक्ट्रानिक मेल या इलैक्ट्रानिक मेल मैसेज (जिसे इसमें इसके पश्चात् र्इ-मेल कहा गया है) की दशा में यदि आयकर प्राधिकारी का नाम और कार्यालय–
(i) यदि सूचना या अन्य दस्तावेज स्वंय र्इ-मेल बॉडी में है तो र्इ-मेल बॉडी पर मुद्रित है; या
(ii) यदि सूचना या अन्य दस्तावेज, संलग्नक में है तो र्इ-मेल के संलग्नक पर मुद्रित है; और ऐसे र्इ-मेल को है आयकर प्राधिकारी के पदाभिहित र्इ-मेल पते से जारी किया गया है।
(ख) इलैक्ट्रानिक रिकार्ड की दशा में, यदि आय-कर प्राधिकारी का नाम और कार्यालय–
(i) यदि सूचना या अन्य दस्तावेज स्वयं इलैक्ट्रानिक रिकार्ड में पाठ या टिप्पणी के रूप में अंतर्विष्ट है तो इलैक्ट्रानिक रिकार्ड के एक भाग के रूप में प्रदर्शित किया गया है; या
(ii) यदि सूचना या अन्य दस्तावेज संलग्नक में है तो इलैक्ट्रानिक रिकार्ड में संलग्नक पर मुद्रित है और ऐसे इलैक्ट्रानिक रिकार्ड जिसे पदाभिहित वेबसाइट पर प्रदर्शित किया गया है।
(2) प्रधान महानिदेशक, आयकर (प्रणालियां) या महानिदेशक आयकर (प्रणालियां) आयकर प्राधिकारी के पदाभिहित र्इ-मेल पता, पदाभिहित वेबसाइट और संसूचना के अधिप्रमाणिकता सुनिश्चित करने के लिए प्रक्रिया, प्रारूप और मानक विनिर्दिष्ट करेगा।
स्पष्टीकरण: इस नियम के प्रयोजन के लिए–
(i) "इलैक्ट्रानिक मेल" और "इलेक्ट्रानिक मेल मैसेज" पदों का वही अर्थ होगा जो सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम, 2000 (2000 का 21) की धारा 66क के स्पष्टीकरण में क्रमश: उनका है;
(ii) "इलैक्ट्रानिक रिकार्ड" पद का वही अर्थ होगा जो सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम, 2000 (2000 का 21) की धारा 2 की उपधारा (1) के खंड (न) में उसका है।]
18. आय-कर (तीसरा संशोधन) नियम, 2017 द्वारा 23.3.2017 से अंत:स्थापित।

