1[आय-कर अधिनियम की धारा 50ख के प्रयोजनों के लिए पूंजी आस्तियों के उचित बाजार मूल्य की संगणना.
11पकड़. (1) धारा 50ख की उपधारा (2) के खंड (ii) के प्रयोजनों के लिए पूंजी आस्तियों के उचित बाजार मूल्य का अवधारण उपनियम (2) के अधीन एफएमवी 1 या उपनियम (3) के अधीन एफएमवी 2, इनमें से जो भी उच्चतर हो, किया जाएगा।
(2) एफएमवी 1 निम्नलिखित सूत्र के अनुसार अवधारित मंदी विक्रय द्वारा अंतरित पूंजी आस्तियों का उचित बाजार मूल्य होगा-
ए+बी+सी+डी-एल, जहां
ए=सभी आस्तियों का (आभूषण, कलाकृति, शेयर, प्रतिभूति और स्थावर संपत्ति से भिé) उपक्रम या प्रभाग की लेखाबहियों में उपदर्शित वही मूल्य जिसको मंदी विक्रय के माध्यम से अंतरित किया गया है जिसे निम्नलिखित रकम से जो ऐसे उपक्रम या प्रभाग से संबंधित है से घटा दिया गया है,-
(i) आय-कर की संदत्त कोई रकम, यदि कोई हो घटा आय-कर के प्रतिदाय का दावा की गई रकम, यदि कोई हो; और
(ii) आस्ति के रूप में उपदर्शित कोई रकम जिसके अंतर्गत अनाअपाकृत अस्थागित व्यय की रकम है जो किसी आस्ति के मूल्य का का प्रतिनिधित्व नहीं करती है;
बी=आभूषण और कलाकृति की कीमत जो उसे किसी रजिस्ट्रीकृत मूल्यांकक से अभिप्राप्त मूल्यांकन रिपोर्ट के आधार पर खुले बाजार में उसका विक्रय करने से प्राप्त होगी;
सी=नियम 11पक के उपनियम (1) में उपबंधित रीति में यथा अवधारित शेयरों और प्रतिभूतियों का उचित बाजार मूल्य;
डी=स्थावर संपत्ति के संबंध में स्टांप शुल्क के संदाय के प्रयोजन के लिए सरकार के किसी प्राधिकारी द्वारा अंगीकृत या निर्धारित या निर्धारणीय मूल्य;
एल=उपक्रम या प्रभाग की लेखाबहियों में यथा दायित्वों का वही मूल्य जिसे मंदी विक्रय के माध्यम से अंतरित किया गया है किंतु जिसके अंतर्गत निम्नलिखित रकम सम्मिलित नहीं है जो ऐसे उपक्रम या प्रभाग से संबंधित है, अर्थात्:-
(i) साम्या शेयरों के संबंध में समादत्त पूंजी;
(ii) अधिमानी शेयरों और साम्या शेयरों पर लाभांश का संदाय करने के लिए पृथक् रखी गई रकम जहां ऐसे लाभांश की कंपनी के साधारण निकाय की बैठक में अंतरण की तारीख से पूर्व घोषणा नहीं की गई है;
(iii) अवक्षयण के लिए पृथक् रखी गई रकमों से भिé आरक्षितियां और अधिक्य, चाहे किसी भी नाम से ज्ञात हो, तब भी जब परिणामी संख्या ऋणात्मक हो;
(iv) संदत्त आय-कर की रकम, यदि कोई हो, से भिé कराधान के लिए उपबंध का प्रतिनिधित्व करने वाली कोई रकम घटा आय-कर प्रतिदाय यदि कोई हो, का दावा की गई रकम उस परिमाण तक जिस तक उसको लागू विधि के अनुसार लेखा बहियों को निर्दिष्ट करते हुए संदेय कर से ऊपर अधिक्य कोई रकम;
(v) पता लगाए गए दायित्व से भिé दायित्वों को पूरा करने के लिए उपबंधों के लिए कोई रकम;
(vi) संचयी अधिमानी शेयरों के संबंध में संदेय लाभांश के बकाया से भिé आकस्मिक दायित्वों के लिए कोई रकम।
(3) एफएमवी 2 प्राप्त प्रतिफल का उचित बाजार मूल्य या सूत्र के अनुसार अवधारित मंदी विक्रय के माध्यम से अंतरण के परिणास्वरूप प्राप्त या उद्भूत प्रतिफल होगा-
ई+एफ+जी+एच, जहां
ई=अंतरण के परिणामस्वरूप प्राप्त या उद्भूत धनीय प्रतिफल का मूल्य;
एफ=नियम 11पक के उपनियम (1) के अधीन आने वाली संपत्ति के लिए उस उपनियम में उपबंधित रीति में अवधारित नियम 11पक के उपनियम (1) में निर्दिष्ट संपत्ति द्वारा प्रतिनिधित्व किए गए अंतरण के परिणामस्वरूप प्राप्त या उद्भूत गैर-धनीय प्रतिफल का उचित बाजार मूल्य;
जी=स्थावर संपत्ति से भिé संपत्ति के अंतरण से दर्शित कीमत के परिणामस्वरूप वह कीमत जिस पर गैर-धनीय प्रतिफल प्राप्त किया गया है या उद्भूत हुआ है, जिसको नियम 11पक के उपनियम (1) में निर्दिष्ट नहीं किया गया है जो किसी रजिस्ट्रीकृत मूल्यांकन द्वारा उस संपत्ति के संबंध में अभिप्राप्त मूल्यांकन रिपोर्ट के आधार पर खुले बाजार में उसका विक्रय करने से प्राप्त होती;
एच=स्थावर संपत्ति द्वारा प्रतिनिधित्व किए गए अंतरण के परिणामस्वरूप गैर-धनीय प्राप्त प्रतिफल या उद्भूत की दशा में स्थावर संपत्ति के संबंध में स्टांप शुल्क के संदाय के प्रयोजनों के लिए किसी सरकारी प्राधिकारी द्वारा अंगीकृत या निर्धारित या निर्धारणीय मूल्य।
(4) उपनियम (2) और उपनियम (3) के अधीन पूंजी आस्तियों के बाजार मूल्य का अवधारण स्टांप शुल्क विक्रय की तारीख को किया जाएगा और इस प्रयोजन के लिए नियम 11पक में निर्दिष्ट मूल्यांकन तारीख से मंदी विक्रय की तारीख भी अभिप्रेत।
स्पष्टीकरण-इस नियम के प्रयोजनों के लिए "रजिस्ट्रीकृत मूल्यांकक" और " प्रतिभूतियों" का क्रमश: वही अर्थ होगा जो उनका नियम 11प में है।]
1. आय-कर (सोलहवां संशोधन) नियम, 2021 द्वारा 24.5.2021 से अंतःस्थापित।

