ज-स्थावर संपत्ति से भिन्न संपत्ति के उचित बाजार मूल्य का अवधारण
उचित बाजार मूल्य के अवधारण में प्रयुक्त पदों के अर्थ
11प. इस नियम और नियम 11पक के प्रयोजनों के लिए,--
(क) 34क[* * *]
(ख) "तुलनपत्र" से किसी कंपनी के संबंध में, अभिप्रेत है,—
(i) नियम 11पक के उपनियम (2) के प्रयोजन के लिए ऐसी कंपनी का मूल्यांकन की तारीख को बनाया गया तुलनपत्र (जिसके अंतर्गत उससे उपाबद्ध टिप्पण और लेखों के भागरूप उसके प्ररूप भी है) जिसे कंपनी अधिनियम, 1956 (1956 का 1) की धारा 244 के अधीन नियुक्त कंपनी के लेखाकार द्वारा संपरीक्षित किया गया हो और जहां मूल्यांकन की तारीख को तुलनपत्र नहीं बनाया गया है, तुलनपत्र (जिसके अंतर्गत उससे उपाबद्ध टिप्पण और लेखाओं के भागरूप भी है) मूल्यांकन की तत्काल पूर्ववर्ती तारीख को बनार्इ गर्इ है जिसे कंपनी के शेयरधारकों की वार्षिक साधारण बैठक में अनुमोदित और अंगीकृत किया गया है;
34कक[(ii) किसी अन्य दशा में,—
(अ) किसी भारतीय कंपनी के संबंध में, ऐसी कंपनी का मूल्यांकन की तारीख को तैयार किया गया तुलनपत्र (जिसके अंतर्गत उससे उपाबद्ध टिप्पण और लेखाओं के भाग रूप भी हैं) जिसे प्रवृत्त कंपनियों से संबंधित विधियों के अधीन नियुक्त कंपनी के संपरीक्षक द्वारा संपरीक्षित किया गया है; और
(आ) किसी ऐसी कंपनी के संबंध में, जो भारतीय कंपनी नहीं हैं, ऐसी कंपनी का मूल्यांकन तारीख को तैयार किया गया तुलनपत्र (जिसके अंतर्गत उससे उपाबद्ध टिप्पण और लेखाओं के भाग रूप भी हैं) जिसे उस देश की, जिसमें कंपनी रजिस्ट्रीकृत है या निगमित है, प्रवृत्त विधियों के अधीन नियुक्त कंपनी, यदि कोर्इ हो, के संपरीक्षक द्वारा संपरीक्षित किया गया है;]
(ग) "वाणिज्यिक बैंककार" से भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड अधिनियम, 1992 (1992 का 15) की धारा 3 के अधीन गठित भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड के साथ रजिस्ट्रीकृत प्रवर्ग 1 का वाणिज्यिक बैंककार अभिप्रेत है;
(घ) किसी शेयर या प्रतिभूति के संबंध में "कोट किए गए शेयर या प्रतिभूति" से वह शेयर या प्रतिभूति अभिप्रेत है जो समय-समय पर नियमित रूप से किसी मान्यता-प्राप्त स्टाक एक्सचेंज में कोट किए गए हैं, जहां ऐसे शेयर या प्रतिभूति कारबार के सामान्य क्रम में चालू संव्यवहार पर आधारित है;
(ड़) "मान्यता-प्राप्त स्टाक एक्सचेंज" का वही अर्थ होगा जो प्रतिभूति संविदा (विनिमय) अधिनियम, 1956 (1956 का 42) की धारा 2 के खंड (च) में यथा रूप से समनुदेशित है;
(च) "रजिस्ट्रीकृत व्यौहारी" से ऐसा व्यौहारी अभिप्रेत है जो मूल्यवर्धित कर विधियों सहित किसी राज्य में तत्समय प्रवृत केन्द्रीय विक्रय कर अधिनियम, 1956 या साधारण विक्रय कर विधि के अधीन रजिस्ट्रीकृत है;
(छ) "रजिस्ट्रीकृत मूल्यांकन" का वही अर्थ होगा जो धन-कर अधिनियम, 1957 के नियम 8क के साथ पठित धन-कर अधिनियम, 1957 (1957 का 27) की धारा 34कख में समनुदेशित है;
(ज) "प्रतिभूति" का वही अर्थ होगा जो प्रतिभूति संविदा (विनिमय) अधिनियम, 1956 (1956 का 42) की धारा 2 के खंड (ज) में समनुदेशित है;
(झ) शेयरों या प्रतिभूतियों के संबंध में "कोट न किए जाने वाले शेयर या प्रतिभूति" से वे शेयर और प्रतिभूतियां अभिप्रेत हैं जो शेयर या प्रतिभूति कोट नहीं किए गए हैं;
(ञ) "मूल्यांकन की तारीख" से वह तारीख अभिप्रेत है जिसको निर्धारिती द्वारा यथास्थिति, संपत्ति या प्रतिफल प्राप्त होता है।
34क. आय-कर (छठा संशोधन) नियम, 2018 द्वारा 24.5.2018 से खंड (क) का लोप किया गया। लोप किए जाने से पूर्व खंड (क) निम्न प्रकार था:
'(क) "लेखाकार",—
(i) नियम 11पक के उपनियम (2) के प्रयोजन के लिए चार्टर्ड अकांउटेंट अधिनियम, 1949 (1949 का 38) के अर्थ के अंतर्गत चार्टर्ड अकांउटेंट संस्थान के फैलो से अभिप्रेत है जो अधिनियम की धारा 44कख के अधीन या कंपनी अधिनियम, 1956 (1956 का 1) की धारा 224 के अधीन किसी लेखाकार के रूप में कंपनी द्वारा नियुक्त नहीं किया गया है; और
(ii) कोर्इ अन्य की दशा में, अधिनियम की धारा 288 की उपधारा (2) के नीचे दिए गए उसके स्पष्टीकरण के समान अर्थ होगा।'
34कक. आय कर (नौवां संशोधन) नियम, 2018 द्वारा 1-4-2019 से (जो निर्धारण वर्ष 2019-20 तथा पश्चातवर्ती वर्षों के संबंध में लागू होंगे) प्रतिस्थापित। प्रतिस्थापन से पूर्व उपखण्ड (ii) निम्न प्रकार था:
'(ii) किसी अन्य दशा में ऐसी कंपनी का तुलनपत्र (जिसके अंतर्गत उससे उपाबद्ध टिप्पण और लेखाओं के भाग रूप भी है) जो मूल्यांकन की तारीख को बनार्इ गर्इ है जिसे कंपनी अधिनियम, 1956 (1956 का 1) की धारा 224 के अधीन नियुक्त लेखाकार द्वारा संपरीक्षित किया गया है;'

