ब्याज संगणित करने में पालन की जाने वाली प्रक्रिया
13119क. अधिनियम के किसी उपबंध के अधीन निर्धारिती द्वारा संदेय ब्याज या निर्धारिती को केन्द्रीय सरकार द्वारा संदेय ब्याज की संगणना में,--
(क) जहां ब्याज वार्षिक आधार पर संगणित किया जाना है वहां उस अवधि, जिसके लिए ऐसा ब्याज संगणित किया जाना है सम्पूर्ण मास या मासों के निकट तक पूर्णांकित किया जाएगा और इस प्रयोजन के लिए किसी मास के किसी भाग पर ध्यान नहीं दिया जाएगा ऐसी पूर्णांकित अवधि, वह अवधि जिसके संबंध में ब्याज की संगणना की जानी है, मानी जाएगी;
(ख) जहां ब्याज प्रत्येक मास या किसी अवधि में समाविष्ट मास के भाग के लिए संगणित किया जाना है वहां, उस मास का कोर्इ भाग पूरे मास के लिए मान लिया जाएगा और ब्याज उसी प्रकार संगणित किया जाएगा;
(ग) कर की रकम, शास्ति या अन्य राशि जिसके संबंध में ऐसे ब्याज की संगणना की जानी है, एक सौ रुपए के निकटतम गुणक तक पूर्णांकित किया जाएगा और इस प्रयोजन के लिए एक सौ रुपए की कोर्इ भिन्न हिसाब में नहीं ली जाएगी और इस प्रकार पूर्णांकित की गर्इ रकम ऐसी रकम मान ली जाएगी जिसके संबंध में ब्याज की संगणना की जानी है।
13. धारा 295(2)(टट) देखिए।

