धारा 206 (1) (i) के प्रवर्तन के कारण धारा 206 (1) के अधीन देय कर में राहत ।
118. (1) धारा 206 (1) (i) के प्रयोजनों के लिए, धारा 206(1) के अधीन निर्धारिती कंपनी द्वारा धारा 206 (1) के अन्तर्गत उस धारा में निर्दिष्ट कर वर्ष के लिए देय कर में से निम्नलिखित रकम कम की जाएगी, अर्थात्:-
(क-ख) (ग-घ),
जहां,-
क = धारा 206 (1) के अधीन निर्धारिती कंपनी द्वारा देय कर वर्ष के बही लाभ पर पिछली आय सहित और जहां कोई कर देय नहीं है, मूल्य शून्य समझा जाएगा,
ख = पिछली आय को छोड़कर कर वर्ष के बही लाभ पर धारा 206 (1) के अधीन निर्धारिती कंपनी द्वारा देय कर और जहां कोई कर देय नहीं है, मूल्य शून्य समझा जाएगा;
ग = पिछले साल या सालों के बही लाभ पर धारा 206 (1) के अधीन निर्धारिती कंपनी द्वारा देय कर का कुल जोड़, जिसका ज़िक्र मद घ में किया गया है, ऐसे साल या सालों की संबंधित पिछली आय के साथ बही लाभ बढ़ाने के पश्चात् और जहां कोई कर देय नहीं है, वहां मूल्य शून्य समझा जाएगा; और
घ = धारा 206 (1) के अधीन निर्धारिती कंपनी द्वारा उन पिछले वर्ष या वर्षों के बही लाभ पर देय कर का कुल योग जिनसे पिछली आय संबंधित है और जहां कोई कर देय नहीं है, मूल्य को शून्य के रूप में लिया जाएगा।
(2) यदि (क-ख) - (ग-घ) का मान ऋणात्मक हैं, तो इसका मान शून्य समझा जाएगा।
(3) उपनियम (1) के प्रयोजनों के लिए, पिछली आय पिछले वर्ष या वर्षों की आय की रकम होगी, जो धारा 168 के अधीन निर्धारिती द्वारा किए गए अग्रिम मूल्य निर्धारण करार के कारण कर वर्ष के बही लाभ में सम्मिलित है, या धारा 170 के अधीन किए जाने वाले द्वितीयक समायोजन के कारण है।
(4) उपनियम (1) के उपबंध के उपयोजन पर धारा 206 (1) (ड) के अधीन निर्धारिती को अनुमत कर प्रत्यय उपनियम (1) के अधीन अनुमत रकम से कम हो जाएगा।
(5) धारा 206 (1) (1) के अंतर्गत राहत के लिए दावा निर्धारिती कंपनी द्वारा प्ररूप संख्या 53 में, प्रधान आयकर महानिदेशक (प्रणाली) या आयकर महानिदेशक (प्रणाली) दद्वारा, यथास्थिति, निर्दिष्ट पद्धति से उक्त प्ररूप का हस्ताक्षरित प्रिंटआउट अपलोड करके किया जाएगा और जिसे उस व्यक्ति द्वारा सत्यापित किया जाएगा जो धारा 265 के अंतर्गत निर्धारिती कंपनी की आयकर विवरणी को सत्यापित करने के लिए अधिकृत है।

