1[स्थायी लेखा संख्यांक अप्रचालनीय करने की रीति
114ककक. (1) जहां कोई व्यक्ति जिसे 1 जुलाई, 2017 तक स्थायी लेखा संख्यांक आवंटित किया गया है तथा उससे धारा 139कक की उपधारा (2) के अधीन उसका आधार संख्यांक सूचित करना आपेक्षित है, 31 मार्च, 2022 को या उससे पूर्व उसे सूचित करने में असफल रहा है, ऐसे व्यक्ति का स्थायी लेखा संख्यांक अप्रचालनीय हो जाएगा, तथा वह नियम 114 के उपनियम (5क) के अनुसार फीस के संदाय का दायी होगा
(2) जहां उपनियम (1) में निर्दिष्ट व्यक्ति ने धारा 139कक की उपधारा (2) के अधीन 31 मार्च, 2022 के पश्चात् उसका आधार संख्यांक नियम 114 के उपनियम (5क) के अनुसार फीस के संदाय के पश्चात् सूचित किया है, उसका स्थायी लेख संख्यांक आधार संख्या सूचित करने की तारीेख से तीस दिन के भीतर प्रचालनीय हो जाएगा।
(3) कोई व्यक्ति जिसका स्थायी लेखा संख्यांक अप्रचालीनय हो गया है, उपनियम (4) के अधीन यथा विनिर्दिष्ट तारीख से आरंभ होने वाली अवधि से इसके प्रचालीनय होने की तारीख तक के लिए अतिरिक्त परिणामों का दायी होगा, अर्थात्
(i) अधिनियम के उपबंधों के अधीन शोध्य कर की किसी रकम या उसके भाग को प्रतिदाय नही किया जाएगा ;
(ii) अधिनियम (4) के अधीन विनिर्दिष्ट तारीख से आरंभ होने वाली तथा इसके प्रचालनीय होने की तारीख को समाप्त होने वाली अवधि के लिए ऐसे प्रतिदाय पर ब्याज संदेय नहीं होगा;
(iii) जहां ऐसे व्यक्ति के मामले में अध्याय-17ख के अधीन कर कटौती योग्य है ऐसा कर धारा 206कक के उपबंधों के अनुसार उच्चतर दर पर कटौती किया जाएगा;
(iv) जहां ऐसे व्यक्ति के मामले में अध्याय-17खख के अधीन कर स्त्रोत पर संग्रहणीय है, ऐसा कर धारा 206गग के उपबंधों के अनुसार उच्चतर दर पर संग्रहित किया जाएगा.
(4) उपनियम (3) के उपबंध बोर्ड द्वारा विनिर्दिष्ट तारीख से प्रभावी होंगे।
(5) आय-कर प्रधान महानिदेशक (प्रणाली) या आय-कर महानिदेशक (प्रणाली) उपनियम (1) और उप-नियम (2) के अधीन स्थायी लेखा संख्यांक की प्रचालनीय प्रास्थिति के सत्यापन के लिए प्रक्रिया के साथ प्ररूप और मानक विनिर्निष्ट करेंगे।

