करार की शर्तें ।
110. (1) किसी करार में अन्य बातों के अतिरिक्त, निम्नलिखित बातें सम्मिलित हो सकेंगी-
| (क) | करार द्वारा कवर किए गए अंतर्राष्ट्रीय संव्यवहार; | |
| (ख) | सहमत अंतरण मूल्य निर्धारण पद्धति, यदि कोई हो, | |
| (ग) | हाथ की लंबाई की मूल्य का निर्धारण, यदि कोई हो, | |
| (घ) | वह पद्धति जिससे सन्निकट मूल्य निर्धारित किया जाना है, यदि कोई हो, | |
| (ङ) | खंड (ख), (ग) या (घ) में प्रयुक्त होने वाले किसी सुसंगत शब्द की परिभाषा; | |
| (च) | महत्वपूर्ण धारणाएं; | |
| (छ) | नियम 111 में निर्दिष्ट वापसी उपबंध और | |
| (ज) | अधिनियम या इन नियमों में उपबंधित शर्तें के अतिरिक्त अन्य शर्तें, यदि कोई हों। |
(2) करार बोर्ड या निर्धारिती के लिए बाध्यकारी नहीं होगा, यदि किसी भी महत्वपूर्ण धारणा में परिवर्तन होता है या उन शर्तों को पूरा करने में विफलता होती है, जिनके अध्यधीन करार किया गया है।
(3) करार का बाध्यकारी प्रभाव केवल तभी समाप्त होगा, जब किसी पक्षकार ने संबंधित अन्य पक्षकार या पक्षकारों को उचित सूचना दी हो।
(4) यदि किसी महत्वपूर्ण मान्यता में परिवर्तन होता है या जिन शर्तों के अधीन करार किया गया हैं, उन्हें पूरा करने में विफलता होती है, यथास्थिति तो करार को संशोधित या रद्द किया जा सकेगा।
(5) जिस निर्धारिती ने करार किया है, वह महत्वपूर्ण धारणाओं में किसी परिवर्तन या शर्तों को पूरा करने में विफलता की यथाशीघ्र लिखित सूचना प्रधान मुख्य आयकर आयुक्त (अंतरराष्ट्रीय कराधान ) को देगा।
(6) बोर्ड को जैसे ही महत्वपूर्ण धारणाओं में ऐसे परिवर्तन या शर्तों को पूरा करने में विफलता की सूचना मिलेगी, बोर्ड निर्धारिती को लिखित रूप में इसकी सूचना देगा |
(7) करार का संशोधन या निरसन क्रमशः नियम 115 और 116 के अनुसार होगा।

