निधि का अनुमोदन
10फक. (1) कोर्इ विनिधान निधि अपने विकल्प पर धारा 9क के प्रयोजनों के लिए उसकी पात्रता के संबंध में बोर्ड का अनुमोदन प्राप्त कर सकेगी।
(2) अनुमोदन की वांछा करने वाली निधि सुसंगत दस्तावेजों और साक्ष्य को संलग्न करते हुए लिखित में 30[विदेशी कर और कर अनुसंधान प्रभाग (एफटी और टीआर) का पर्यवेक्षण और नियंत्रण करने वाला सदस्य केन्द्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड, राजस्व विभाग, वित्त मंत्रालय, नार्थ ब्लॉक, नर्इ दिल्ली] को आवेदन कर सकेगी।
(3) उपनियम (2) के अधीन आवेदन पूर्व वर्ष के आरंभ से, जिसके लिए अनुमोदन की वांछा की गर्इ है, तीन मास पूर्व किया जाएगा।
(4) बोर्ड द्वारा यथा अधिसूचित समिति आवेदन की जांच करेगी और अनुमोदन प्रदत्त करने के संबंध में या अन्यथा शर्तों, यदि कोर्इ हों, जिनके अधीन ऐसा अनुमोदन प्रदान किया जाना है, के संबंध में अपनी सिफारिशें प्रस्तुत करेगी।
(5) उपनियम (4) में निर्दिष्ट समिति की अध्यक्षता, यथास्थिति, प्रधान मुख्य आयुक्त या मुख्य आयुक्त द्वारा की जाएगी और यह आयुक्त के रैंक से अन्यून दो अन्य आय-कर प्राधिकारियों से मिलकर बनेगी।
(6) समिति बोर्ड के निमित अपनी सिफारिशें देने से पूर्व विनिधान निधि से ऐसे दस्तावेजों या सूचना की मांग कर सकेगी, जैसा वह आवश्यक समझे और निधि के साथ-साथ आय-कर प्राधिकारियों और अन्य विभागों या अभिकरणों से ऐसे और ब्यौरे या सूचना की मांग कर सकेगी जैसा वह उचित समझे।
(7) बोर्ड समिति की सिफारिशों के आधार पर उस मास के अंत से, जिसमें उपनियम (2) के अधीन आवेदन किया गया है, साठ दिन के भीतर,—
(i) लिखित आदेश द्वारा ऐसी शर्तों के अधीन रहते हुए, जो वह ठीक समझे, निधि को अनुमोदन अनुदत्त करेगा; या
(ii) कारणों को अभिलिखित करते हुए आवेदन को अस्वीकार कर देगा।
(8) इस निमित्त विनिर्दिष्ट शर्तों के अधीन रहते हुए एक बार अनुदत्त किया गया अनुमोदन उपनियम (3) में निर्दिष्ट पूर्व वर्ष और पश्चातवर्ती पूर्व वर्षों के लिए तब तक लागू होगा जब तक उसे बोर्ड द्वारा प्रत्याहृत न कर दिया जाए।
(9) किसी विनिधान निधि को धारा 9क के फायदों से इंकार नहीं किया जाएगा, जिसे किसी पूर्ववर्ती वर्ष के लिए अनुदत्त किया गया है, जिसके लिए अनुमोदन प्रवृत्त है और उसे प्रत्याहृत नहीं किया गया है।
(10) बोर्ड किसी निधि को अनुदत्त अनुमोदन को प्रत्याहृत कर सकेगा यदि उसका यह समाधान हो जाता है कि,—
(क) अनुमोदन दुव्र्यपदेशन या कपट के आधार पर अभिप्राप्त किया गया है; या
(ख) धारा 9क में वर्णित शर्तों को पूरा नहीं किया गया है; या
(ग) कोर्इ शर्त, जिसके अधीन अनुमोदन अनुदत्त किया गया था, का उल्लंघन किया गया है।
(11) आवेदन को अस्वीकार करने या अनुमोदन को प्रत्याहृत करने का कोर्इ आदेश सुने जाने का अवसर प्रदान किए बिना पारित नहीं किया जाएगा।
(12) आवेदन को अस्वीकार करने या उसको प्रत्याभूत करने के आदेश की प्रति निधि के साथ निधि पर अधिकारिता रखने वाले निर्धारण अधिकारी और प्रधान आयुक्त या आयुक्त को भी संसूचित की जाएगी।
30. आय-कर (पांचवाँ संशोधन) नियम, 2018 द्वारा 11.4.2018 से "सदस्य (आय-कर) केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड, राजस्व विभाग, वित्त मंत्रालय, नार्थ ब्लाक, नर्इ दिल्ली" शब्दों के स्थान पर प्रतिस्थापित।

