घक.—अग्रिम कीमत निर्धारण करार स्कीम
अग्रिम कीमत निर्धारण करार की बाबत विषयों में प्रयुक्त पदों के अर्थ
10च. इस नियम और नियम 10छ से नियम 10न के प्रयोजनों के लिए—
(क) "करार" से अधिनियम की धारा 92गग की उपधारा (1) में यथानिर्दिष्ट केंद्रीय सरकार के अनुमोदन से बोर्ड और आवेदक के बीच अग्रिम कीमत निर्धारण करार अभिप्रेत है;
(ख) "आवेदन" से नियम 10झ के अधीन अग्रिम कर निर्धारण के लिए किया गया कोर्इ आवेदन अभिप्रेत है;
(खक) "आवेदक" से कोर्इ व्यक्ति, जिसने आवेदन किया है, अभिप्रेत है;
(ग) "द्विपक्षीय करार" से सर्वाधिक अंतरण कीमत निर्धारण पद्धति और आसंनिकट कीमत के संबंध में बोर्ड और आवेदक के बीच करार तत्पश्चात् नियम 44गक में निर्दिष्ट भारत के सक्षम प्राधिकारी और किसी अन्य देश के सक्षम प्राधिकारी के बीच कोर्इ करार पर आधारित करार अभिप्रेत है;
(घ) "भारत का सक्षम प्राधिकारी" से अधिनियम की धारा 90 या धारा 90क के अधीन हुए किसी करार की बाबत ऐसे विषयों के लिए कृत्यों के निर्वहन के प्रयोजन के लिए केंद्रीय सरकार द्वारा प्राधिकृत कोर्इ अधिकारी अभिप्रेत है;
(ड़) "समाविष्ट संव्यवहार" से कोर्इ अंतरराष्ट्रीय संव्यवहार या ऐसे संव्यवहार अभिप्रेत हैं जिसके लिए करार किया गया है;
(च) "आलोचनात्मक पूर्वधारणा" से वे आलोचनात्मक कारक और पूर्वधारणाएं अभिप्रेत हैं जो इतनी नाजुक और महत्वपूर्ण हैं कि न ही करार कर रहा कोर्इ पक्षकार करार से आबद्ध होना जारी रखेगा यदि कोर्इ कारक या पूर्वधारणा परिवर्तित होती है;
(छ) "सर्वाधिक समुचित अंतरण कीमत निर्धारण पद्धति" से संव्यवहार या संव्यवहारों के वर्ग या सहबद्ध व्यक्तियों के वर्ग या ऐसे व्यक्तियों द्वारा पालन किए जाने वाले कृत्य या नियम 10ख और नियम 10ग के अधीन बोर्ड द्वारा विहित अन्य सुसंगत कारकों का ध्यान में रखते हुए अधिनियम की धारा 92ग की उपधारा (1) में निर्दिष्ट कोर्इ अंतरण की कीमत निर्धारण पद्धति अभिप्रेत है जो सर्वाधिक समुचित पद्धति है;
(ज) "कर संधि" से दोहरे कराधान के परिवर्जन के लिए अधिनियम की धारा 90 या धारा 90क के अधीन कोर्इ करार अभिप्रेत है;
(जक) "रोलबैक वर्ष" से धारा 92गग की उपधारा (4) में निर्दिष्ट पूर्ववर्ष के पहले पूर्व चार पूर्ववर्षों से अनधिक अवधि के भीतर आने वाला कोर्इ पूर्ववर्ष अभिप्रेत है;
(झ) "बहु-पक्षीय करार" से सर्वाधिक अंतरण कीमत निर्धारण पद्धति और आसंनिकट कीमत के संबंध में बोर्ड और आवेदक के बीच करार तत्पश्चात् नियम 44गक में निर्दिष्ट भारत के सक्षम प्राधिकारी और किसी अन्य देश के सक्षम प्राधिकारी के बीच कोर्इ करार पर आधारित करार अभिप्रेत है;
(ञ) "दल" से ऐसे आयकर प्राधिकारी, जो अधिसूचित किए जा सकें, से बनने वाला अग्रिम कीमत निर्धारण करार दल अभिप्रेत है और इसमें अर्थशास्त्र, सांख्यिकी विधि या किसी अन्य क्षेत्र के विशेषज्ञ सम्मिलित हैं, जो आयकर महानिदेशक (अंतरराष्ट्रीय कराधान) द्वारा नामनिर्देशित किए जा सकें, यदि कोर्इ हों;
(ट) "एकपक्षीय करार" से बोर्ड और आवेदक के बीच कोर्इ ऐसा करार अभिप्रेत है, जो कि न तो द्विपक्षीय करार है या न तो बहुपक्षीय करार है;

