कतिपय मामलों में सन्निकट मूल्य की संगणना
10गक. (1) जहां किसी अंतरराष्ट्रीय संव्यवहार या किसी विनिर्दिष्ट घरेलू संव्यवहार धारा 92ग की उपधारा (1) में निर्दिष्ट सर्वाधिक उपयुक्त पद्धति के उपयोजन के कारण एक मूल्य से अधिक मूल्यों का अवधारण होता है, वहां ऐसे किसी अंतरराष्ट्रीय संव्यवहार या किसी विनिर्दिष्ट घरेलू संव्यवहार के संबंध में सन्निकट मूल्य की संगणना इस नियम के उपबंधों के अनुसार की जाएगी।
(2) किसी डेटासैट का सन्निर्माण उपनियम (1) में निर्दिष्ट मूल्यों को आरोही क्रम में रखते हुए किया जाएगा और सन्निकट मूल्य का अवधारण इस प्रकार सन्निर्मित डेटासैट के आधार पर किया जाएगा:
परंतु नियम 10ख के उपनियम (5) के खंड (i) में निर्दिष्ट किसी मामले में जहां चालू वर्ष से संबंधित आंकड़ों के आधार पर तुलनीय अनियंत्रित संव्यवहार की पहचान की गर्इ है और उक्त अनियंत्रित संव्यवहार का जिम्मा लेने वाले उद्यम, [उपनियम (1) में निर्दिष्ट किसी अंतरराष्ट्रीय संव्यवहार या किसी विनिर्दिष्ट घरेलू संव्यवहार का जिम्मा लेने वाला उद्यम न होते हुए] चालू वर्ष से ठीक पूर्ववर्ती दो वित्तीय वर्षों में से एक या दोनों में वही या समान तुलनीय अनियंत्रित संव्यवहार का जिम्मा लिया है तो, --
(i) चालू वर्ष में किए गए तुलनीय अनियंत्रित संव्यवहार का मूल्य अवधारित करने के लिए उपयोग में लार्इ गर्इ सर्वाधिक उपयुक्त पद्धति पूर्वोक्त अवधि में किए गए तुलनीय अनियंत्रित संव्यवहारों को समान रीति में लागू होगी और ऐसे अनियंत्रित संव्यवहारों के संबंध में मूल्य अवधारित किए जाएंगे; और
(ii) उपनियम (3) में उपबंधित रीति के अनुसार चालू वर्ष में और इससे पूर्ववर्ती पूर्वोक्त अवधि में तुलनीय अनियंत्रित संव्यवहारों के संगणित मूल्यों का भारित औसत उपनियम (1) में निर्दिष्ट मूल्य की बजाए डेटासैट में सम्मिलित किया जाएगा:
परंतु यह और कि नियम 10ख के उपनियम (5) के खंड (ii) में निर्दिष्ट किसी मामले में जहां चालू वर्ष से ठीक पूर्ववर्ती वित्तीय वर्ष से संबंधित आंकड़ों के आधार पर तुलनीय अनियंत्रित संव्यवहार की पहचान की गर्इ है और उक्त अनियंत्रित संव्यवहार का जिम्मा लेने वाले उद्यम, [उपनियम (1) में निर्दिष्ट किसी अंतरराष्ट्रीय संव्यवहार या किसी विनिर्दिष्ट घरेलू संव्यवहार का जिम्मा लेने वाला उद्यम न होते हुए], ने उक्त वित्तीय वर्ष से ठीक पूर्व वित्तीय वर्ष में वही या समान तुलनीय अनियंत्रित संव्यवहार का जिम्मा लिया है तो,
(i) ऐसे अनियंत्रित संव्यवहार के संबंध में मूल्य का अवधारण किसी समान रीति में सर्वाधिक उपयुक्त पद्धति को लागू करते हुए वैसे किया जाएगा जैसे चालू वर्ष से ठीक पूर्ववर्ती वित्तीय वर्ष में किए गए तुलनीय अनियंत्रित संव्यवहार का मूल्य अवधारित करने के लिए लागू किया गया था; और
(ii) उपनियम (3) में उपबंधित रीति के अनुसार दो वर्ष की पूर्वोक्त अवधि में किए गए तुलनीय अनियंत्रित संव्यवहारों के मूल्यों के भारित औसत की संगणना उपनियम (1) में निर्दिष्ट मूल्य के बजाए डेटासैट में सम्मिलित किया जाएगा:
परंतु यह और कि जहां नियम 10ख के उपनियम (5) के परंतुक के संबंध में चालू वर्ष से संबंधित आंकड़ों का उपयोग यह सिद्ध करता है कि, --
(i) उद्यम ने चालू वर्ष के दौरान वही या समान अनियंत्रित संव्यवहार ने किए हैं; या
(ii) किसी उद्यम द्वारा चालू वर्ष में किया गया अनियंत्रित संव्यवहार तुलनीय अनियंत्रित संव्यवहार नहीं है,
तो, इस बात का विचार किए बिना कि ऐसे किसी उद्यम ने चालू वर्ष से ठीक पूर्व वित्तीय वर्ष में या ऐसे ठीक पूर्व वित्तीय वर्ष में तुलनीय अनियंत्रित संव्यवहार किया है, यथास्थिति, तुलनीय अनियंत्रित संव्यवहार का मूल्य या अनियंत्रित संव्यवहार के मूल्यों का भारित औसत जिनका जिम्मा ऐसे उद्यमी द्वारा लिया गया हो, डेटासैट में सम्मिलित नहीं किया जाएगा।
(3) जहां किसी उद्यम ने एक वित्तीय वर्ष से अधिक में तुलनीय अनियंत्रित संव्यवहार किए हैं वहां उप- नियम (2) के प्रयोजनों के लिए ऐसे संव्यवहारों के मूल्यों का भारित औसत निम्नलिखित रीति में संगणित किया जाएगा, अर्थात्:-
(i) जहां नियम 10ख के उपनियम (1) के खंड (ख) में निर्दिष्ट पद्धति का उपयोग करते हुए मूल्यों का अवधारण किया गया है, वहां मूल्यों का भारित औसत बिक्री की मात्रा, जिस पर अलग-अलग मूल्यों का अवधारण करने के लिए विचार किया गया है, को समनुदेशित करते हुए भार के साथ संगणित किया जाएगा।
(ii) जहां नियम 10ख के उपनियम (1) के खंड (ग) में निर्दिष्ट पद्धति का उपयोग करते हुए मूल्यों का अवधारण किया गया है, वहां मूल्यों का भारित औसत खर्चों की मात्रा, जिस पर अलग-अलग मूल्यों का अवधारण करने के लिए विचार किया गया है, को समनुदेशित करते हुए भार के साथ संगणित किया जाएगा।
(iii) जहां नियम 10ख के उपनियम (1) के खंड (ड़) में निर्दिष्ट पद्धति का उपयोग करते हुए मूल्यों का अवधारण किया गया है, वहां मूल्यों का भारित औसत, यथास्थिति, उपगत खर्चों या की गर्इ बिक्री या नियोजित की गर्इ या की जाने वाली संपत्तियों की मात्रा, अन्य कोर्इ आधार, जिस पर अलग-अलग मूल्यों का अवधारण करने के लिए विचार किया गया है, को समनुदेशित करते हुए भार के साथ संगणित किया जाएगा;
(4) जहां लागू की गर्इ सर्वाधिक उपयुक्त पद्धति धारा 92ग की उपधारा (1) के खंड (घ) या खंड (च) में निर्दिष्ट पद्धति से अन्यथा कोर्इ पद्धति है और उपनियम (2) के अनुसार तैयार किया गया डेटासैट छह या अधिक प्रविष्टियों से मिलकर बना है, वहां सन्निकट सीमा डेटासैट के 35वां शतमक से प्रारंभ होते हुए और डेटासैट के 65वें शतमक पर समाप्त होते हुए सन्निर्मित किया जाएगा और सन्निकट मूल्यों की संगणना उपनियम (5) और उपनियम (6) के अनुसार की जाएगी।
(5) यदि मूल्य जिस पर किसी अंतरराष्ट्रीय संव्यवहार या किसी विनिर्दिष्ट घरेलू संव्यवहार वास्तव में किया गया है, उपनियम (4) में निर्दिष्ट सीमा के भीतर है, तो ऐसा मूल्य जिस पर किसी अंतरराष्ट्रीय संव्यवहार या किसी विनिर्दिष्ट घरेलू संव्यवहार वास्तव में किया गया है सन्निकट मूल्य समझा जाएगा।
(6) यदि मूल्य जिस पर किसी अंतरराष्ट्रीय संव्यवहार या किसी विनिर्दिष्ट घरेलू संव्यवहार वास्तव में किया गया है, उपनियम (4) में निर्दिष्ट सन्निकट सीमा से बाहर है, तो सन्निकट मूल्य डेटासैट के औसत के रूप में लिया जाएगा।
(7) उस दशा में जहां उपनियम (4) के उपबंध लागू नहीं होते हैं, सन्निकट कीमत डेटासैट में सम्मिलित सभी मूल्यों का अंकगणितीय माध्य होगा:
परंतु इस प्रकार अवधारित सन्निकट कीमत और उस कीमत के बीच भिन्नता, जिसमें अंतर्राष्ट्रीय संव्यवहार या विनिर्दिष्ट घरेलू संव्यवहार वास्तव में किए गए हैं, ऐसे प्रतिशत से अधिक नहीं है, जो पश्चातवर्ती के तीन प्रतिशत से अधिक नहीं है जैसा कि केंद्रीय सरकार द्वारा इस निमित्त राजपत्र में अधिसूचित किया जाए, वह कीमत जिस पर अंतर्राष्ट्रीय संव्यवहार या विनिर्दिष्ट घरेलू संव्यवहार वास्तव में हुए हैं, को सन्निकट कीमत माना जाएगा।
(8) इस नियम के प्रयोजनों के लिए,--
(क) डेटासैट का ''पैंतीसवां प्रतिशतक'', जिसके मूल्य आरोही क्रम में रखे गए हैं, डेटासैट में न्यूनतम मूल्य होगा मानो डेटासैट में सम्मिलित मूल्यों का कम से कम पैंतीस प्रतिशत ऐसे मूल्य के समतुल्य या उससे कम है।
परंतु यह कि पूर्वोक्त मूल्य के समतुल्य या उससे कम मूल्यों की संख्या पूर्णांक है तो पैंतीसवां प्रतिशतक ऐसे मूल्य का और डेटासैट में इसके पश्चातवर्ती मूल्य का अंकगणितीय माध्य होगा;
(ख) किसी डेटासैट का ''छठा-पांचवां प्रतिशतक'' जिसके मूल्यों को आरोही क्रम में रखा गया है, डेटासैट में न्यूनतम मूल्य होगा मानो डेटासैट में सम्मिलित मूल्यों का पैंतीस प्रतिशत ऐसे मूल्य के समतुल्य या उससे कम है:
परंतु यह कि पूर्वोक्त मूल्य के समतुल्य या उससे कम मूल्यों की संख्या पूर्णांक है तो पैंसठवां प्रतिशतक ऐसे मूल्य का और डेटासैट में इसके तुरंत पश्चातवर्ती मूल्य का अंक गणितीय माध्य होगा;
(ग) डेटासैट का ''माध्य'' जिसके मूल्यों को आरोही क्रम में रखा गया है, डेटासैट में न्यूनतम मूल्य होगा मानो डेटासैट में सम्मिलित कम से कम पचास प्रतिशत मूल्य ऐसे मूल्य के समतुल्य या उससे कम हो:
परंतु यह कि पूर्वोक्त मूल्य के समतुल्य या उससे कम मूल्यों की संख्या पूर्णांक है तब माध्य ऐसे मूल्य और डेटासैट में इसके तुरंत पश्चातवर्ती मूल्य का अंकगणितीय माध्य होगा;
दृष्टांत 1.--चालू वर्ष के लिए तुलनीय अनियंत्रित संव्यवहारों या ऐसे संव्यवहारों को हाथ में लेने वाले निकायों का डाटा निर्धारिती द्वारा आय की विवरणी प्रस्तुत करने के समय उपलब्ध है और उसके आधार पर सात उपक्रमों की पहचान चालू वर्ष में तुलनीय अनियंत्रित संव्यवहार हाथ में लेने वालों के रूप में की गर्इ है। सभी पहचाने गए तुलनीय उपक्रमों में चालू वर्ष के पूर्ववर्ती दो वर्षों की अवधि में तुलनीय अनियंत्रित संव्यवहार भी हाथ में लिए हैं। सर्वाधिक उपयुक्त विधि को लागू करने में उपयोग किया गया लाभ स्तर उपदर्शक (पीएलआर्इ) प्रचालन लागत की तुलना में प्रचालन लाभ है (ओपी/ओसी)। भारित औसत ओसी के भार के आधार पर नीचे संगणित अनुसार है।
| क्रम सं. | नाम | वर्ष 1 | वर्ष 2 | वर्ष 3 (चालू वर्ष) | ओसी और ओपी का योग | भारित औसत |
| 1 | 2 | 3 | 4 | 5 | 6 | 7 |
| 1. | क | ओसी = 100 | ओसी = 150 | ओसी = 225 | योग ओसी = 475 | ओपी/ओसी = 12% |
| ओपी = 12 | ओपी = 10 | ओपी = 35 | योग ओपी = 57 | |||
| 2. | ख | ओसी = 80 | ओसी = 125 | ओसी = 100 | योग ओसी = 305 | ओपी/ओसी = 8.2% |
| ओपी = 10 | ओपी = 5 | ओपी = 10 | योग ओपी = 25 | |||
| 3. | ग | ओसी = 250 | ओसी = 230 | ओसी = 250 | योग ओसी = 730 | ओपी/ओसी = 9% |
| ओपी = 22 | ओपी = 26 | ओपी = 18 | योग ओपी = 66 | |||
| 4. | घ | ओसी = 180 | ओसी = 220 | ओसी = 150 | योग ओसी = 550 | ओपी/ओसी = 6% |
| ओपी = (-)9 | ओपी = 22 | ओपी = 20 | योग ओपी = 33 | |||
| 5. | ड. | ओसी = 140 | ओसी = 100 | ओसी = 125 | योग ओसी = 365 | ओपी/ओसी = 2.2% |
| ओपी = 21 | ओपी = (-)8 | ओपी = (-)5 | योग ओपी = 8 | |||
| 6. | च | ओसी = 160 | ओसी = 120 | ओसी = 140 | योग ओसी = 420 | ओपी/ओसी = 11.9% |
| ओपी = 21 | ओपी = 14 | ओपी = 15 | योग ओपी = 50 | |||
| 7. | छ | ओसी = 150 | ओसी = 130 | ओसी = 155 | योग ओसी = 435 | ओपी/ओसी = 10.57% |
| ओपी = 21 | ओपी = 12 | ओपी = 13 | योग ओपी = 46 |
पूर्वोक्त से डेटासैट का अर्थान्वयन नीचे दिए गए अनुसार किया जाएगा:
| क्रम सं. | 1 | 2 | 3 | 4 | 5 | 6 | 7 |
| मूल्य | 2.2% | 6% | 8.2% | 9% | 10.57% | 11.9% | 12% |
सन्निकट रेंज का अर्थान्वयन करने के लिए पैंतीसवें और पैंसठवें प्रतिशतक के डाटा स्थान की संगणना नीचे दी गर्इ रीति में की जाएगी अर्थात्:
डेटासैट में डाटा बिन्दुओं की कुल संख्या * (35/100)
डेटासैट में डाटा बिन्दुओं की कुल संख्या * (65/100)
अत:, पैंतीसवें प्रतिशतक का डाटा स्थान = 7*0.35 = 2.45
चूंकि यह एक पूर्णांक नहीं है, अगला उच्चतर डाटा स्थान अर्थात् तीसरे स्थान पर कीमत को उसके नीचे कीमत के कम से कम पैंतीस प्रतिशत होना चाहिए। पैंतीस प्रतिशतक इसलिए तीसरे स्थान पर कीमत है, अर्थात् 8.2%।
छठे-पांचवें प्रतिशतक का डाटा स्थान = 7*0.65 = 4.55 है।
चूंकि यह एक पूर्णांक नहीं है, अगला उच्चतर डाटा स्थान अर्थात् पांचवें स्थान पर कीमत को उसके नीचे कीमत के कम से कम पैंसठ प्रतिशत होना चाहिए। पैंसठ प्रतिशतक इसलिए पांचवें स्थान पर कीमत है, अर्थात् 10.57%।
सन्निकट रेंज 8.2% पर प्रारंभ होगी और 10.57% पर समाप्त होगी।
इसलिए, अंतर्राष्ट्रीय संव्यवहार या विनिर्दिष्ट घरेलू संव्यवहार के अंतरण कीमत में ओपी/ओसी प्रतिशत है, जो 8.2% के समतुल्य या उससे अधिक है या 10.57% से कम या उसके समतुल्य है, या रेंज में है। ऐसे मामलों में अंतरण कीमत को सन्निकट कीमत माना जाएगा और किसी समायोजन की अपेक्षा नहीं होगी।
तथापि, यदि अंतरण कीमत सन्निकट रेंज से बाहर है, जिसे 6.2% तब सन्निकट कीमत का अवधारण करने के प्रयोजन के लिए डेटासैट की माध्यिका कीमत को पहले निम्नलिखित रीति में अवधारित किया जाएगा।
माध्यिका के डाटा स्थान की संगणना पहले* (50/100) डेटासैट में डाटा बिन्दुओं की कुल संख्या की संगणना करके आंकलित की जाएगी। इस मामले में 7*0.5 = 3.5।
चूंकि यह एक पूर्णांक नहीं है, अगला उच्चतर डाटा स्थान अर्थात् चौथे स्थान का मूल्य उसके नीचे मूल्यों (माध्यिका) का कम से कम 50 प्रतिशत होगा।
माध्यिका चौथे स्थान पर मूल्य है, अर्थात् 9%। इसलिए सन्निकट मूल्य को 9% माना जाएगा और तद्नुसार समायोजन किया जाएगा।
दृष्टांत 2.--निर्धारिती द्वारा आय की रिटर्न प्रस्तुत करने के समय उपक्रम क, ग, ड., च और छ के संबंध में चालू वर्ष के लिए डाटा उपलब्ध है और चालू वर्ष से पूर्ववर्ती वर्ष के लिए डाटा का उपयोग उपक्रम ख और उपक्रम घ द्वारा हाथ में लिए गए तुलनीय अनियंत्रित संव्यवहारों की पहचान करने के लिए किया गया है। इसके अतिरिक्त, यदि उपक्रमों ने सारणी में दिए गए ब्यौरों के अनुसार पहले के वर्षों में तुलनीय अनियंत्रित संव्यवहार भी किए हैं तो भारित औसत और डेटासैट की संगणना नीचे दिए गए अनुसार की जाएगी।
| क्रम सं. | नाम | वर्ष 1 | वर्ष 2 | वर्ष 3 (चालू वर्ष) | ओसी और ओपी का योग | भारित औसत |
| 1 | 2 | 3 | 4 | 5 | 6 | 7 |
| 1. | क | ओसी = 100 | ओसी = 150 | ओसी = 225 | कुल ओसी = 475 | ओपी/ओसी = 12% |
| ओपी = 12 | ओपी = 10 | ओपी = 35 | कुल ओपी = 57 | |||
| 2. | ख | ओसी = 80 | ओसी = 125 | कुल ओसी = 205 | ओपी/ओसी = 7.31% | |
| ओपी = 10 | ओपी = 5 | कुल ओपी = 15 | ||||
| 3. | ग | ओसी = 250 | ओसी = 230 | ओसी = 250 | कुल ओसी = 730 | ओपी/ओसी = 9% |
| ओपी = 22 | ओपी = 26 | ओपी = 18 | कुल ओपी = 66 | |||
| 4. | घ | ओसी = 220 | कुल ओसी = 220 | ओपी/ओसी = 10% | ||
| ओपी = 22 | कुल ओपी = 22 | |||||
| 5. | ड़ | ओसी = 100 | कुल ओसी = 100 | ओपी/ओसी = (-)5% | ||
| ओपी = (-)5 | कुल ओपी = (-)5 | |||||
| 6. | च | ओसी = 160 | ओसी = 120 | ओसी = 140 | कुल ओसी = 420 | ओपी/ओसी = 11.9% |
| ओपी = 21 | ओपी = 14 | ओपी = 15 | कुल ओपी = 50 | |||
| 7. | छ | ओसी = 150 | ओसी = 130 | ओसी = 155 | कुल ओसी = 435 | ओपी/ओसी = 10.57% |
| ओपी = 21 | ओपी = 12 | ओपी = 13 | कुल ओपी = 46 |
पूर्वोक्त से डेटासैट का अर्थान्वयन नीचे दिए गए अनुसार किया जाएगा:
| क्रम सं. | 1 | 2 | 3 | 4 | 5 | 6 | 7 |
| मूल्य | (-)5% | 7.31% | 9% | 10% | 10.57% | 11.9% | 12% |
यदि निर्धारण कार्यवाहियों के दौरान चालू वर्ष के लिए डाटा उपलब्ध है और ऐसे डाटा का उपयोग यहां उपदर्शित करता है कि ख कोर्इ गुणात्मक या मात्रात्मक फिल्टर पास करने में असफल रहा है या किसी अन्य कारण से हाथ में लिया गया संव्यवहार तुलनीय अनियंत्रित संव्यवहार नहीं है, तब ख पर डेटासैट में सम्मिलित करने के लिए विचार नहीं किया जाएगा। इसके अतिरिक्त, इस प्रक्रम पर उपलब्ध डाटा उपक्रम ज द्वारा हाथ में लिया गया नया तुलनीय अनियंत्रित उपक्रम उपदर्शित करता है तब उसे शामिल किया जाएगा। भारित औसत और डेटासैट की पुन: संगणना नीचे दिए गए अनुसार की जाएगी:
| क्रम सं. | नाम | वर्ष 1 | वर्ष 2 | वर्ष 3 (चालू वर्ष) | ओसी और ओपी का योग | भारित औसत |
| 1 | 2 | 3 | 4 | 5 | 6 | 7 |
| 1. | क | ओसी = 100 | ओसी = 150 | ओसी = 225 | कुल ओसी = 475 | ओपी/ओसी = 12% |
| ओपी = 12 | ओपी = 10 | ओपी = 35 | कुल ओपी = 57 | |||
| 2. | ग | ओसी = 250 | ओसी = 230 | ओसी = 250 | कुल ओसी = 730 | ओपी/ओसी = 9% |
| ओपी = 22 | ओपी = 26 | ओपी = 18 | कुल ओपी = 66 | |||
| 3. | घ | ओसी = 220 | ओसी = 150 | कुल ओसी = 370 | ओपी/ओसी = 11.35% | |
| ओपी = 22 | ओपी = 20 | कुल ओपी = 42 | ||||
| 4. | ड. | ओसी = 100 | कुल ओसी = 100 | ओपी/ओसी = (-)5% | ||
| ओपी = (-)5 | कुल ओपी = (-)5 | |||||
| 5. | च | ओसी = 160 | ओसी = 120 | ओसी = 140 | कुल ओसी = 420 | ओपी/ओसी = 11.9% |
| ओपी = 21 | ओपी = 14 | ओपी = 15 | कुल ओपी = 50 | |||
| 6. | छ | ओसी = 150 | ओसी = 130 | ओसी = 155 | कुल ओसी = 435 | ओपी/ओसी = 10.57% |
| ओपी = 21 | ओपी = 12 | ओपी = 13 | कुल ओपी = 46 | |||
| 7. | ज | ओसी = 150 | ओसी = 80 | कुल ओसी = 230 | ओपी/ओसी = 9.56% | |
| ओपी = 12 | ओपी = 10 | कुल ओपी = 22 |
पूर्वोक्त से डेटासैट का अर्थान्वयन नीचे दिए गए अनुसार किया जाएगा:
| क्रम सं. | 1 | 2 | 3 | 4 | 5 | 6 | 7 |
| मूल्य | (-)5% | 9% | 9.56% | 10.57% | 11.35% | 11.9% | 12% |
दृष्टांत 3.--किसी दिए गए मामले में आरोही क्रम में रखी गर्इ 20 कीमतों का डेटासैट नीचे दिए गए अनुसार है :
| क्रम सं. | लाभ (हजार रूपए में) | ||
| 1 | 2 | ||
| 1. | 42.00 | ||
| 2. | 43.00 | ||
| 3. | 44.00 | ||
| 4. | 44.50 | ||
| 5. | 45.00 | ||
| 6. | 45.25 | ||
| 7. | 47.00 | ||
| 8. | 48.00 | ||
| 9. | 48.15 | ||
| 10. | 48.35 | ||
| 11. | 48.45 | ||
| 12. | 48.48 | ||
| 13. | 48.50 | ||
| 14. | 49.00 | ||
| 15. | 49.10 | ||
| 16. | 49.35 | ||
| 17. | 49.50 | ||
| 18. | 49.75 | ||
| 19. | 50.00 | ||
| 20. | 50.15 |
दृष्टांत 1 में दिए गए सूत्र का उपयोग करके पैंतीसवें और पैसठवें प्रतिशतक का अवधारण नीचे दिए गए अनुसार है :
पैंतीसवां प्रतिशतक स्थान = 20* (35/100) = 7
पैंसठवा प्रतिशतक स्थान = 20* (65/100) = 13
चूंकि पैंतीसवां प्रतिशतक स्थान पूर्णांक है, यह सातवें और अगली उच्चतर कीमतों का औसत होगा अर्थात् आठवां स्थान। यह (47+48)/2 = 47,500 रुपये है।
इसी तरह, पैंसठवां प्रतिशतक स्थान पूर्णांक है, यह तेरहवें और चौदहवें स्थान की कीमतों का औसत होगा। यह (48.5+49)/2 = 48,750 रूपये है।
रेंज की माध्यिका (पन्द्रहवां प्रतिशतक स्थान) = 20* (50/100) = 10
चूंकि पन्द्रहवां प्रतिशतक स्थान पूर्णांक है, यह दसवीं और अगली उच्चतर कीमतों का औसत होगा, अर्थात् ग्यारहवां स्थान। यह (48.35 + 48.45)/2 = 48,400 रुपये है।
इस प्रकार, इस मामले में सन्निकट रेंज 47,500 से 48,750 रुपये होगी।
परिणामस्वरूप कोर्इ संव्यवहार कीमत जो 47,500 के समतुल्य या उससे अधिक है किंतु 48,750 रुपए से कम या उसके समतुल्य है, को सन्निकट रेंज के माना जाएगा।

