प्रक्रिया ।
109. (1) यदि नियम 108 में निर्दिष्ट आवेदन पर कार्यवाही करने की अनुमति दे दी गई है, तो टीम या भारत का सक्षम प्राधिकारी या उसका प्रतिनिधि इस नियम के उपबंधों के अनुसार आवेदक के साथ परामर्श और चर्चा करके उस पर कार्यवाही करेगा।
(2) उपनियम (1) के प्रयोजनों के लिए, टीम, या भारत का सक्षम प्राधिकारी, या उसका प्रतिनिधि -
| (क) | आवेदक के साथ ऐसे समय और तारीख पर बैठकें आयोजित कर सकेगा, जो वह उचित समझे; या | |
| (ख) | आवेदक से अतिरिक्त दस्तावेज़ या सूचना या सामग्री की मांग कर सकेगा, या | |
| (ग) | आवेदक के व्यावसायिक परिसर का दौरा कर सकेगा; या | |
| (घ) | मामले की परिस्थितियों के अनुसार ऐसी पूछताछ कर सकेगा जो वह उचित समझे । |
(3) एकतरफा करार की दशा में, उपनियम (2) में निर्दिष्ट कार्यवाही, जहां यह संभव हो, उस वित्तीय वर्ष के अंत से एक वर्ष की अवधि के भीतर पूरी की जा सकेगी, जिसमें नियम 108 में निर्दिष्ट आवेदन पर कार्यवाही करने की अनुमति दी गई है।
(4) उपनियम (1) के प्रयोजन के लिए आवेदक टीम, या भारत के सक्षम प्राधिकारी, या उसके प्रतिनिधि के विचारार्थ दस्तावेज और सूचना प्रदान करा सकता ।
(5) द्विपक्षीय या बहुपक्षीय करार के लिए, सक्षम प्राधिकारी आवेदन को आयकर के प्रधान मुख्य आयुक्त (अंतर्राष्ट्रीय कराधान ) को अग्रेषित करेगा, जो इसे किसी एक को सौंप देंगे।
(6) वह टीम जिसे उपनियम (4) के अधीन आवेदन समनुदेशित है, जांच करेगी और एक मसौदा रिपोर्ट तैयार करेगी, जिसे प्रधान मुख्य आयकर आयुक्त (अंतर्राष्ट्रीय कराधान) द्वारा भारत के सक्षम प्राधिकारी को अग्रेषित किया जाएगा।
(7) यदि आवेदक आवेदन में द्विपक्षीय या बहुपक्षीय करार के लिए अनुरोध करता है, तो भारत का सक्षम प्राधिकारी इस नियम में प्रदान की गई प्रक्रिया के अतिरिक्त, नियम 122 में प्रदत्त प्रक्रिया को लागू करेगा।
(8) प्रधान मुख्य आयकर आयुक्त (अंतर्राष्ट्रीय कराधान ) ( एकपक्षीय करार के लिए) या भारत के सक्षम प्राधिकारी ( द्विपक्षीय या बहुपक्षीय करार के लिए) और आवेदक उपनियम (1) में निर्दिष्ट प्रक्रिया के परिणाम, नियम 122 (5) में निर्दिष्ट व्यवस्था के प्रभाव सहित का उल्लेख करते हुए एक प्रस्तावित पारस्परिक रूप से सहमत मसौदा करार तैयार करेंगे, जिसे आवेदक द्वारा नियम 122 (8) के अनुसार स्वीकार कर लिया गया है।
(9) केंद्रीय सरकार द्वारा अनुमोदन के पश्चात आवेदक के साथ बोर्ड द्वारा करार किया जाएगा।
(10) एक बार एक करार हो जाने के पश्चात्, प्रधान मुख्य आयकर आयुक्त (अंतर्राष्ट्रीय कराधान ) या भारत के सक्षम प्राधिकारी, यथास्थिति, करार की एक प्रति निर्धारिती पर अधिकार क्षेत्र रखने वाले आयकर आयुक्त को भिजवाएगा।
(11) जहां उस वित्तीय वर्ष की समाप्ति से तीन वर्ष की अवधि के अन्दर कोई करार नहीं किया गया है, जिसमें नियम 108 में निर्दिष्ट आवेदन प्रस्तुत किया गया है, तो बोर्ड निर्देश दे सकता है कि ऐसे आवेदन के संबंध में कार्यवाही बंद मानी जाएगी, यदि-
| (क) | आवेदक ने आवेदन पर आगे कार्रवाई करने के लिए उपनियम (2) (ii) के अधीन अपेक्षित कोई दस्तावेज, सूचना या सुसंगत सामग्री उपलब्ध नहीं कराई है, या | |
| (ख) | आवेदक उपनियम (2) के अन्तर्गत बैठक आयोजित करने, परिसर का दौरा करने या पूछताछ करने हेतु जारी किये गये किसी निर्देश का अनुपालन करने में विफल रहता है। |
(12) उपनियम (11) के अधीन निदेश आवेदक को सुनवाई का उचित अवसर प्रदान करने के पश्चात दिए जाएंगे।
(13) जहां नियम 89 ( 2 ) [ सारणी: क्रम. सं. 1] में निर्दिष्ट सूचना प्रौद्योगिकी सेवाओं के उपबंध के संबंध में संव्यवहार के लिए एकतरफा अग्रिम मूल्य निर्धारण करार के लिए आवेदन किया जाता है और जिस तिमाही में आवेदन किया गया था, उसके अंत से दो वर्ष की अवधि के भीतर करार नहीं किया जाता है, ऐसे आवेदन के संबंध में कार्यवाही बंद मानी जाएगी।
(14) उपनियम (13) के प्रयोजनों के लिए निर्धारिती उसमें उल्लिखित समय सीमा से परे छह मास की अतिरिक्त अवधि के लिए अनुरोध कर सकेगा और ऐसे मामले में, पूर्वोक्त समय-सीमा छह मास की अतिरिक्त अवधि के लिए बढ़ा दी जाएगी।
(15) जहां कार्यवाही बंद हो जाती है, नियम 106 के अधीन आवेदक द्वारा संदाय किया गया शुल्क वापस नहीं किया जाएगा।

