आवेदन पर प्रारंभिक कार्यवाही करना ।
108. (1) प्ररूप संख्या 51 में दाखिल आवेदन सभी तरह से पूरा होगा और उसके साथ अपेक्षित दस्तावेज संलग्न होंगे।
(2) एकतरफा करार की दशा में प्रधान मुख्य आयकर आयुक्त (अंतर्राष्ट्रीय कराधान), और द्विपक्षीय या बहुपक्षीय करार की दशा में, भारत के सक्षम प्राधिकारी आवेदक को एक अपूर्णता पत्र भेजेगा, यदि
| (क) | प्ररूप संख्या 51 में आवेदन में कोई दोष देखा जाता है; या | |
| (ख) | कोई भी सुसंगत दस्तावेज उससे संलग्न नहीं है, या | |
| (ग) | आवेदन नियम 105 में निर्दिष्ट फाइल करने से पूर्व परामर्श से हुई समझ के अनुसार नहीं है। |
(3) उपनियम (2) के अन्तर्गत अपूर्णता संबंधी पत्र आवेदक को आवेदन प्राप्त होने वाले मास की समाप्ति से एक मास के अन्दर तामील किया जाएगा।
(4) आवेदक अपूर्णता संबंधी पत्र प्राप्त होने की तारीख से तीस दिन के अन्दर कमी को दूर करेगा या आवेदन को संशोधित करेगा।
(5) यथास्थिति, प्रधान मुख्य आयकर आयुक्त (अंतर्राष्ट्रीय कराधान ) या भारत के सक्षम प्राधिकारी, संतुष्ट होने पर, एक आदेश पारित कर सकेंगे कि यदि आवेदन दोषपूर्ण है और उपनियम (4) के अनुसार आवेदक द्वारा दोष को दूर नहीं किया जाता है, तो आवेदन पर कार्यवाही करने की अनुमति नहीं दी जाएगी।
(6) उपनियम (5) में निर्दिष्ट आदेश आवेदक को सुनवाई का उचित अवसर प्रदान करने के पश्चात पारित किया जाएगा।
(7) ऐसे मामले में जहां किसी आवेदन पर उपनियम (5) के अन्तर्गत कार्यवाही करने की अनुमति नहीं दी जाती है, आवेदक द्वारा संदाय किया गया शुल्क वापस कर दिया जाएगा।

