​एक निर्धारिती को पिछले वर्ष के दौरान भारत में निवासी या भारत में अनिवासी के रूप में वर्गीकृत किया जा सकता है। इसके अलावा, यदि निर्धारिती एक व्यक्ति या एचयूएफ है और वह भारत में निवासी है, तो उसकी आवासीय स्थिति को निवासी और सामान्य रूप से निवासी या निवासी लेकिन सामान्य रूप से निवासी नहीं के रूप में उप-वर्गीकृत किया जाता है।

अस्वीकरण:

इस दस्तोवज में मौजूद विषय केवल जानकारी के लिए है। इसका उद्देश्य जनता तक सूचना को जल्द और आसानी से पहुंचाना है और इसे कानूनी दस्तोवजों के तौर पर नही समझा जाना चाहिए।

 

जनता को सलाह दी जाती है कि विषय का सत्यापन सरकारी अधिनियमों/नियमों/अधिसूचनाओं आदि से करें।

 
“इस दस्तावेज़ में वित्त अधिनियम, 2026 द्वारा संशोधित आयकर अधिनियम, 1961 के प्रावधान शामिल हैं।”

आयकर अधिनियम के प्रयोजन के लिए भारत में निवास

 

किसी करदाता की आयकर देनदारी की गणना उसकी कुल आय के आधार पर की जाती है। निर्धारिती की कुल आय में क्या शामिल किया जाना है, यह भारत में उसकी आवासीय स्थिति से काफी प्रभावित होता है।

एक निर्धारिती को पिछले वर्ष के दौरान भारत में निवासी या भारत में अनिवासी के रूप में वर्गीकृत किया जा सकता है। इसके अलावा, यदि निर्धारिती एक व्यक्ति या एचयूएफ है और वह भारत में निवासी है, तो उसकी आवासीय स्थिति को आगे निवासी और सामान्य रूप से निवासी या निवासी, लेकिन सामान्य रूप से निवासी नहीं, के रूप में उप-वर्गीकृत किया जाता है

किसी व्यक्ति की आवासीय स्थिति को निम्नलिखित श्रेणियों में वर्गीकृत किया गया है:

व्यक्ति निवासी के रूप में कब माना जाता है? जब उसे निवासी के रूप में माना जाता है लेकिन सामान्यतः निवासी के रूप में नहीं?

भारत आने वाले भारतीय नागरिक जिनकी आय* <रु. 15 लाख

यदि चालू वर्ष के दौरान भारत में रहने की उसकी अवधि 182 दिन या उससे अधिक है

यदि चालू वर्ष के दौरान भारत में रहने की उसकी अवधि 182 दिन या उससे अधिक है

  •  यदि पिछले 7 वर्षों में भारत में रहने की अवधि 729 दिन या उससे कम है; या

  •  ऐसा व्यक्ति पिछले 10 वर्षों में से 9 वर्षों में अनिवासी रहा है।

  •  यदि पिछले 7 वर्षों में भारत में रहने की अवधि 729 दिन या उससे कम है; या

  •  ऐसा व्यक्ति पिछले 10 वर्षों में से 9 वर्षों में अनिवासी रहा है।

भारत आने वाले भारतीय नागरिक जिनकी आय*> रु. 15 लाख

यदि भारत में रहने की अवधि वर्तमान वर्ष में 120 दिन या अधिक है लेकिन 182 दिन से कम है और पिछले 4 वर्षों में 365 दिन या अधिक है तो हमेशा गैर-सामान्य निवासी माना जाएगा।

यदि ऐसा व्यक्ति अपने अधिवास या निवास या समान प्रकृति के किसी अन्य मानदंड के कारण किसी अन्य देश में कर के लिए उत्तरदायी नहीं है

उसे हमेशा गैर-साधारण निवासी माना जाएगा।

उसे हमेशा गैर-साधारण निवासी माना जाएगा।

भारत आने वाले भारतीय मूल के व्यक्ति जिनकी आय*<रु. 15 लाख है

भारत आने वाले भारतीय मूल के व्यक्ति जिनकी आय*<रु. 15 लाख है

यदि चालू वर्ष के दौरान भारत में रहने की उसकी अवधि 182 दिन या उससे अधिक है

(क) यदि चालू वर्ष के दौरान भारत में रहने की उसकी अवधि 182 दिन या उससे अधिक है

यदि भारत में रहने की अवधि वर्तमान वर्ष में 120 दिन या अधिक है लेकिन 182 दिन से कम है और पिछले 4 वर्षों में 365 दिन या अधिक है तो हमेशा गैर-सामान्य निवासी माना जाएगा।

  •  यदि पिछले 7 वर्षों में भारत में रहने की अवधि 729 दिन या उससे कम है; या

  •  ऐसा व्यक्ति पिछले 10 वर्षों में से 9 वर्षों में अनिवासी रहा है।

  •  यदि पिछले 7 वर्षों में भारत में रहने की अवधि 729 दिन या उससे कम है; या

  •  ऐसा व्यक्ति पिछले 10 वर्षों में से 9 वर्षों में अनिवासी रहा है।

उसे हमेशा गैर-साधारण निवासी माना जाएगा।

भारत छोड़ने वाले भारतीय नागरिक, जिनकी आय*<रु. 15 लाख है

  (क) एक भारतीय जहाज के चालक दल के सदस्य के रूप में; या

  (ख) भारत के बाहर रोजगार के प्रयोजनों के लिए।

भारत छोड़ने वाले भारतीय नागरिक, जिनकी आय*>रु. 15 लाख है

  (क) एक भारतीय जहाज के चालक दल के सदस्य के रूप में; या

  (ख) भारत के बाहर रोजगार के प्रयोजनों के लिए।

यदि चालू वर्ष के दौरान भारत में रहने की उसकी अवधि 182 दिन या उससे अधिक है

यदि चालू वर्ष के दौरान भारत में रहने की उसकी अवधि 182 दिन या उससे अधिक है

यदि ऐसा व्यक्ति अपने अधिवास या निवास या समान प्रकृति के किसी अन्य मानदंड के कारण किसी अन्य देश में कर के लिए उत्तरदायी नहीं है

यदि पिछले 7 वर्षों में भारत में रहने की अवधि 729 दिन या उससे कम है; या ऐसा व्यक्ति पिछले 10 वर्षों में से 9 वर्षों में अनिवासी है।

  •  यदि पिछले 7 वर्षों में भारत में रहने की अवधि 729 दिन या उससे कम है; या

  •  ऐसा व्यक्ति पिछले 10 वर्षों में से 9 वर्षों में अनिवासी रहा है।

उसे हमेशा गैर-साधारण निवासी माना जाएगा।

कोई अन्य व्यक्ति

  (क) यदि चालू वर्ष के दौरान भारत में रहने की उसकी अवधि 182 दिन या उससे अधिक है

  (ख) यदि भारत में रहने की अवधि वर्तमान वर्ष में 120 दिन या अधिक है लेकिन 182 दिन से कम है और पिछले 4 वर्षों में 365 दिन या अधिक है तो हमेशा गैर-सामान्य निवासी माना जाएगा।

यदि पिछले 7 वर्षों में भारत में रहने की अवधि 729 दिन या उससे कम है; या ऐसा व्यक्ति पिछले 10 वर्षों में से 9 वर्षों में अनिवासी है।

 

टिप्पणी 1: किसी व्यक्ति को भारत में अनिवासी माना जाता है यदि निवासी बनने के लिए आवश्यक शर्तों में से कोई भी पूरी नहीं होती है।

टिप्पणी 2: कोई भी अन्य भारतीय नागरिक (ऊपर कवर नहीं किया गया) जिसकी आय* 15 लाख रुपये से अधिक है निवासी माना जाएगा, यदि वह अपने अधिवास या निवास या समान प्रकृति के किसी अन्य मानदंड के कारण किसी अन्य देश में कर के लिए उत्तरदायी नहीं है।

*आय का अर्थ विदेशी स्रोतों से प्राप्त आय के अलावा कुल आय है।

एक व्यक्ति के अलावा अन्य व्यक्ति निवासी अनिवासी

एचयूएफ

यदि एचयूएफ का नियंत्रण और प्रबंधन भारत में है।

एक निवासी एचयूएफ को आगे निवासी लेकिन सामान्य निवासी नही है के तौर पर वर्गीकृत किया गया है यदि

  क) भारत में कर्ता के रहने की अवधि पिछले 7 वर्षों में 729 दिन या उससे कम है; या

  ख) कर्ता पिछले 10 वर्षों में से 9 में 'अनिवासी' है।

यदि एचयूएफ का नियंत्रण और प्रबंधन भारत से बाहर है।

 

भारतीय कंपनी हमेशा भारत में निवासी के रूप में व्यवहार किया जाता है -
विदेशी कंपनी यदि विदेशी कंपनी का प्रभावी प्रबंधन का स्थान (पीओईएम) भारत में है यदि विदेशी कंपनी का प्रभावी प्रबंधन का स्थान (पीओईएम) भारत से बाहर है
फर्म/व्यक्तियों का संघ (एओपी)/व्यक्तियों का निकाय (बीओआई) आदि यदि निर्धारिती का नियंत्रण और प्रबंधन भारत में स्थित है यदि निर्धारिती का नियंत्रण और प्रबंधन पूरी तरह से भारत के बाहर स्थित है।

 

 

 

[वित्त अधिनियम, 2025 द्वारा संशोधित]