आयकर विभाग

वित्त मंत्रालय, भारत सरकार

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रिलीज़ दिनांक

27/10/2015

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भारत सरकार

वित्त मंत्रालय

राजस्व विभाग

केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड

 

प्रेस विज्ञप्ति

 

नर्इ दिल्ली, 27 अक्टूबर, 2015

 

विषय : वित्त मंत्री द्वारा आयकर विभाग की प्रायोगिक परियोजना "र्इ-सहयोग" का शुभारंभ

 

आयकर विभाग भारत सरकार की 'डिजिटल इंडिया' पहल हेतु प्रतिबद्ध है। वित्त मंत्री ने आज प्रायोगिक परियोजना "र्इ-सहयोग" का शुभारंभ किया है जिसके लिए विभाग आगे र्इ-माहौल में कार्य करने तथा कर प्राधिकारियों के समक्ष वास्तविक रूप से प्रस्तुत होने वाले करदाताओं की अनिवार्यता को कम करने के लिए प्रतिबद्ध हैं।

प्रायोगिक आधार पर आंरभ "र्इ-सहयोग" परियोजना का लक्ष्य अनुपालन लागत को कम करना है विशेषकर छोटे करदाताओं के लिए। "र्इ-सहयोग" का उद्देश्य करदाताओं, जिनकी विवरणियां आयकर कार्यालय में आए बिना संवीक्षा के लिए नहीं चुनी गर्इ हैं, हेतु आयकर विवरणी में असंगति का समाधान करने के एक ऑनलाइन तंत्र को मुहैया कराना है। इस पहल के अंतर्गत विभाग असंगति के बारे में करदाताओं को सूचित करने के लिए एसएमएस, र्इ-मेल का प्रयोग करते हुए आद्योपान्त र्इ-सेवा को मुहैया कराएगा। करदाता को केवल र्इ-दाखिलीकरण पोर्टल पर जाने की आवश्यकता हैं तथा असंगति संबंधित सूचना को देखने के लिए अपने यूजर-आर्इडी तथा पासवर्ड के साथ लॉगिन करना होगा तथा मुद्दे पर ऑनलाइन प्रतिवेदन जमा करना होगा। करदाताओं द्वारा ऑनलाइन जमा प्रतिवेदन प्रसंस्करित किए जाऐंगे तथा यदि स्वचालित समापन नियमों के अनुसार प्रतिवेदन तथा अन्य सूचना संतुष्टजनक पार्इ जाती हैं तो मुद्दे को समाप्त किया जाएगा। करदाता र्इ-दाखिलीकरण पोर्टल पर लॉगिन करके नवीनतम स्थिति की जांच कर सकते हैं।

वित्त मंत्री ने दूरदराज के क्षेत्रों में "विशेष पैन कैंपो" का शुभारंभ लोक सेवा मुहैया कराने के उद्देश्य से किया है। इस अभियान के अंतर्गत, विशेष पैन कैंपों को ऐसे क्षेत्रों में रहने वाले व्यक्तियों द्वारा पैन प्राप्त करने की सुविधा को देखते हुए देशभर में तैंतालीस दूरस्थ अर्ध-शहरी तथा ग्रामीण स्थानों में दो दिनों के लिए आयोजित किया जा रहा हैं। वित्त मंत्री ने वीडियों क्रांफेंस के माध्यम से ऐसे सात कैंपो में आवेदकों तथा अधिकारियों के साथ बातचीत की। वर्ष के दौरान ऐसे और कैंपों का आयोजन किया जाएगा। कैंप दूरस्थ अर्ध शहरी तथा ग्रामीण इलाकों में रहने वाले ऐसे निवासियों के अनुपालन के बोझ को कम करेगा जो एक लाख से अधिक की खरीद अथवा बिक्री के लेनदेन को करने के इच्छुक हैं तथा जिनको 2015-16 के बजट भाषण में घोषितानुसार पैन उद्धृत करना अनिवार्य होगा।

इस अवसर पर, वित्त मंत्री ने उद्धृत किया है कि आयकर विभाग का उद्देश्य निर्धारितीओं के लिए जितना संभव हो सके कार्य आसान बनाना हैं तथा उनके लिए मुश्किल करना हैं जो निरंतर कर अपवंचन करते है। यह डिजिटल पहल सकारात्मक माहौल के सृजन मे मदद करेगा।

विभाग इन पहल के द्वारा करदाताओं पर अनुपालन के बोझ को काफी हद तक कम करने तथा करदाताओं की संतुष्टता को बढ़ाने की अपेक्षा करता है।

 

(शेफाली शाह)

प्रधान आयकर आयुक्त (ओएसडी)

आधिकारिक प्रवक्ता, केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड