अधिसूचना संख्या 41/2015 [फा.सं.142/1/2015-टीपीएल]/ का.आ. 1014 (अ) : आय-कर (7वां संशोधन) नियम, 2015
अधिसूचना सं.
अधिसूचना संख्या 41/2015 [फा.सं.142/1/2015-टीपीएल]/ का.आ. 1014 (अ)
अधिसूचना तिथि
15/04/2015
दस्तावेज़ अपलोड की तिथि
15/04/2015
[भारतीय राजपत्र में प्रकाशित होने के लिए, असाधारण, भाग II, धारा 3, उप-धारा (ii)]
भारत सरकार
वित्त मंत्रालय
राजस्व विभाग
(केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड)
अधिसूचना
नर्इ दिल्ली, 15 अप्रैल, 2015
आयकर
एस.ओ. 1014(र्इ) - आयकर अधिनियम, 1961 (1961 की 43) की धारा 295 द्वारा प्रदत्त अधिकारों का प्रयोग करते हुए, केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड एतद्द्वारा आयकर नियम, 1962 को आगे संशेाधित करने के लिए निम्नलिखित नियमों को बनाती है, अर्थात्
1. (1) इन नियम को आयकर (सातवां संशोधन) नियम, 2015 कहा जा सकता है
(2) यह 1 अप्रैल, 2015 से प्रभावी होना समझे जाऐंगे
2. आयकर नियम, 1962 में, -
(1) नियम 12 में
(क) उप-नियम (1) में, -
(क) शब्द, ब्रैकेट, अंको तथा शब्द "उप-धारा (4घ)" के पश्चात्, शब्द, ब्रैकेट, अंक तथा शब्द "अथवा उप-धारा (4र्इ)" शामिल होंगे;
(ख) आंकडा "2014" के लिए, आंकड़ा "2015" प्रतिस्थापित होगा;
(ग) वाक्यांश (क) के, प्रावधान में, वाक्यांश (I) में, उप-वाक्यांश (ii) के लिए, निम्नलिखित उप वाक्यांश प्रतिस्थापित होंगे, अर्थात् :-
"(ii) भारत से बाहर स्थित किसी खाते में हस्ताक्षरित प्राधिकारी; अथवा
(iii) भारत से बाहर किसी स्रोत से आय;";
(घ) वाक्यांश (गक) में, परंतुक मे, वाक्यांश (I), उप-वाक्यांश (ii) के लिए, निम्नलिखित उप वाक्यांश प्रतिस्थापित होंगे, जिनके नाम है :-
"(ii) भारत से बाहर स्थित किसी खाते में हस्ताक्षरित प्राधिकारी अथवा
(iii) भारत से बाहर किसी स्त्रोत से आय"
(ड़) शब्द, ब्रैकेट, अंक तथा शब्द "उप-धारा (4घ)" के पश्चात्, वाक्यांश (ड़) में, शब्द, ब्रैकेट, अंक तथा शब्द "अथवा उप-धारा (4र्इ)" शामिल होंगे;
(ख) उप-नियम (3) के लिए, निम्नलिखित उप-नियम प्रतिस्थापित होंगे, अर्थात् :-
'(3) उप-नियम (1) में संदर्भित आय की विवरणी नीचे तालिका के वाक्यांश (ii) में निर्दिष्ट एक व्यक्ति द्वारा प्रस्तुत की जाएगी जिसकी शर्तें कॉलम (iii) में निर्दिष्ट शर्तें उसके कॉलम (iv) में निर्दिष्ट तरीके में लागू हैं।
तालिका
क्र.सं. |
व्यक्ति |
शर्तें |
आय की विवरणी को प्रस्तुत करने का तरीका |
(i) |
(ii) |
(iii) |
(iv) |
1 |
व्यक्ति अथवा हिंदु अविभाजित परिवार |
(क) खातों को अधिनियम की धारा 44कख के अंतर्गत अंकेक्षित किया जाना आवश्यक है |
डिजिटल हस्ताक्षर के अंतर्गत इलैक्ट्रानिक रूप से |
(ख) जहां (क) लागू नहीं है और - (I) विवरणी प्रपत्र सं. आर्इटीआर-3 अथवा प्रपत्र सं. आर्इटीआर-4 में प्रस्तुत करनी है; अथवा (II) व्यक्ति, निवासी के तौर पर, धारा 6 की उप-धारा (6) के अर्थ के अंतर्गत सामान्य तौर पर निवासी न हो को छोड़कर, के पास (क) परिसंपत्ति (किसी उद्यम में वित्तीय हित सहित) हो जो भारत के बाहर स्थित हो अथवा (ख) भारत के बाहर स्थित किसी खाते में हस्ताक्षरित प्राधिकारी अथवा (ग) भारत से बाहर किसी स्रोत से आय (III) धारा 90 अथवा धारा 90क के अंतर्गत भारत से बाहर दिए गए कर के संबंध में कोर्इ राहत अथवा धारा 91 के अंतर्गत कर की कटौती का दावा किया जाता हो; अथवा (IV) उप-नियम (2) के परंतुक में संदर्भित अंकेक्षण की किसी रिपोर्ट को इलैक्ट्रानिक रूप से प्रस्तुत किया जाना आवश्यक हो; अथवा (V) व्यक्ति (व्यक्ति को छोड़कर, पिछले वर्ष के दौरान किसी भी समय 80 वर्ष अथवा उससे अधिक की आयु के तौर पर तथा प्रपत्र आर्इटीआर-1 अथवा आर्इटीआर-2 में विवरणी की प्रस्तुति) के पिछले वर्ष के दौरान अधिनियम के अंतर्गत निर्धारणीय कुल आय,— (i) पांच लाख रूपए से अधिक; अथवा (ii) कोर्इ प्रतिदाय आय की विवरणी में दावा किया जाता है |
(क) डिजिटल हस्ताक्षर के अंतर्गत इलैक्ट्रानिक रूप से; अथवा (ख) इलैक्ट्रानिक सत्यापन कोड के अंतर्गत इलैक्ट्रानिक रूप से विवरणी के आंकड़ों का हस्तांतरण (ग) इलैक्ट्रानिक रूप से विवरणी में आंकड़ों का हस्तांतरण और तत्पश्चात् प्रपत्र आर्इटीआर-V में विवरणी के सत्यापन को जमा करना। |
||
(ग) किसी अन्य मामले में |
(क) डिजिटल हस्ताक्षर के अंतर्गत इलैक्ट्रानिक रूप से; अथवा (ख) इलैक्ट्रानिक सत्यापन कोड के अंतर्गत इलैक्ट्रानिक रूप से विवरणी के आंकड़ों का हस्तांतरण; अथवा (ग) इलैक्ट्रानिक रूप से विवरणी में आंकड़ों का हस्तांतरण और तत्पश्चात् प्रपत्र आर्इटीआर-V में विवरणी के सत्यापन को जमा करना; अथवा (घ) कागजी रूप में |
||
2 |
कंपनी |
सभी मामलों में |
डिजिटल हस्ताक्षर के अंतर्गत इलैक्ट्रानिक रूप से अथवा |
3 |
एक व्यक्ति को प्रपत्र आर्इटीआर-7 में विवरणी की प्रस्तुति करना आवश्यक है |
(क) राजनीतिक दल की स्थिति में |
डिजिटल हस्ताक्षर के अंतर्गत इलैक्ट्रानिक रूप से। |
(ख) अन्य किसी मामले में |
(क) डिजिटल हस्ताक्षर के अंतर्गत इलैक्ट्रानिक रूप से; अथवा (ख) इलैक्ट्रानिक सत्यापन कोड के अंतर्गत इलैक्ट्रानिक रूप से विवरणी के आंकड़ों का हस्तांतरण; अथवा (ग) इलैक्ट्रानिक रूप से विवरणी में आंकड़ों का हस्तांतरण और तत्पश्चात् प्रपत्र आर्इटीआर-V में विवरणी के सत्यापन को जमा करना |
||
4 |
फर्म अथवा सीमित देयता भागीदारी अथवा कोर्इ व्यक्ति (उक्त क्र.सं. 1 से 3 में निर्दिष्ट व्यक्ति को छोड़कर) जिसे प्रपत्र आर्इटीआर-5 में विवरणी को दाखिल करना आवश्यक है |
(क) खाते जिनको अधिनियम की धारा 44कख के अंतर्गत अंकेक्षित किया जाना आवश्यक है |
डिजिटल हस्ताक्षर के अंतर्गत इलैक्ट्रानिक रूप से; |
(ख) किसी अन्य मामले में |
(क) डिजिटल हस्ताक्षर के अंतर्गत इलैक्ट्रानिक रूप से; अथवा (ख) इलैक्ट्रानिक सत्यापन कोड के अंतर्गत इलैक्ट्रानिक रूप से विवरणी के आंकड़ों का हस्तांतरण; अथवा (ग) इलैक्ट्रानिक रूप से विवरणी में आंकड़ों का हस्तांतरण और तत्पश्चात् प्रपत्र आर्इटीआर-V में विवरणी के सत्यापन को जमा करना |
स्पष्टीकरण - इस उप-नियम के उद्देश्य लिए "इलैक्ट्रानिक सत्यापन कोड" का अर्थ प्रधान आयकर महानिदेशक (पद्धति) अथवा आयकर महानिदेशक (पद्धति) द्वारा निर्दिष्ट मानकों और डाटा के स्ट्रक्चर के अनुसार आय की विवरणी को प्रस्तुत करने वाले व्यक्ति के इलैक्ट्रानिक सत्यापन के लिए स्वीकृत कोड है'
(घ) उप-नियम (4) मे, शब्द और ब्रैकेट के लिए, "आयकर महानिदेशक (पद्धति)", शब्द तथा ब्रैकेट "प्रधान आयकर महानिदेशक (पद्धति) अथवा आयकर महानिदेशक (पद्धति)" को संस्थापित किया जाएगा;
(ड़) उप-नियम (5) में, आंकड़े "2013" के लिए, आंकड़े "2014" को संस्थापित किया जाएगा।
(2) अनुबंध-II में, "प्रपत्र सहज (आर्इटीआर-1), आर्इटीआर-2, सुगम (आर्इटीआर-4ध) तथा आर्इटीआर-V" के लिए क्रमश: "प्रपत्र सहज (आर्इटीआर-1), आर्इटीआर-2, सुगम (आर्इटीआर-4ध) तथा आर्इटीआर-V" को प्रतिस्थापित किया जाएगा अर्थात् :-
[अधिसूचना सं. 41/2015/एफ.नं. 142/1/2015-टीपीएल]
(गौरव कनौजिया)
निदेशक, भारत सरकार
टिप्पणी : प्रमुख नियमों को अधिसूचना सं. एस.ओ. 969 (र्इ), दिनांक 26 मार्च, 1962 के मार्फत भारत के राजपत्र, असाधारण, भाग-II, धारा 3, उप-धारा (ii) में प्रकाशित किया गया था और एस.ओ. सं. 1002 (र्इ), दिनांक 13 अप्रैल, 2015 के मार्फत आयकर (छठा संशोधन) नियम, 2015 द्वारा अंतिम बार संशोधित किया गया था।

