आयकर विभाग

वित्त मंत्रालय, भारत सरकार

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अधिसूचना सं.

अधिसूचना सं. 1/2017

अधिसूचना तिथि

17/01/2017

दस्तावेज़ अपलोड की तिथि

17/01/2017

अधिसूचना सं. 1/2017

डीजीआर्इटी(एस)-एडीजी(एस)-2/र्इ-दाखिलीकरण अधिसूचना/106/2016

 

भारत सरकार

वित्त मंत्रालय

केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड

आयकर निदेशालय (पद्धति)

 

2017 की अधिसूचना सं. 1

नर्इ दिल्ली, 17 जनवरी, 2017

 

आयकर नियम, 1962 के नियम 114ड़ के साथ पठित आयकर अधिनियम, 1961 की धारा 285खक के अनुसार वित्तीय लेनदेन (एसएफटी) के विवरण के पंजीकरण तथा जमा करने की प्रक्रिया

 

आयकर अधिनियम, 1961 की धारा 285 खक (तत्पश्चात् "अधिनियम" के तौर पर संदर्भित) वित्तीय लेनदेन के विवरण केा प्रस्तुत करने के लिए निर्दिष्ट प्रतिवेदी व्यक्तियों की अपेक्षा करता है। आयकर नियम, 1962 (तत्पश्चात् "नियम" के तौर पर संदर्भित) के नियम 114ड़ निर्दिष्ट करता है कि अधिनियम की धारा 285खक की उप-धारा (1) के अंतर्गत प्रस्तुत किए जाने वाले वित्तीय लेनदेन के विवरण को प्रपत्र 61क में प्रस्तुत किया जाएगा। नियम 114ड़ के अंतर्गत प्रतिवेदी व्यक्ति द्वारा प्रस्तुत किए जाने वाले लेनदेन का प्रकार तथा राशि संलग्न है जैसा परिशिष्ट क में है।

2. नियम 114ड़ के उप-नियम (6)(क) के अनुसार, प्रत्येक प्रतिवेदी व्यक्ति/उद्यम को नामित निदेशक और प्रधान अधिकारी का नाम, पद, पता और दूरभाष संख्या प्रधान आयकर महानिदेशक (पद्धति) को संप्रेषित करेगा और पंजीकरण संख्या प्राप्त करेगा। वित्तीय लेनदेनों (एसएफटी) के विवरण के लिए पंजीकरण की प्रक्रिया को अधिसूचना सं. 13 दिनांक 30 दिसंबर, 2016 में निर्दिष्ट किया गया था। वित्तीय लेनदेन के विवरण को जमा करने की कार्यप्रणाली को अब सक्षम किया गया है और पूर्व निर्देशों को अपडेटिड किया जा रहा है।

3. नियम 114ड़ के उप-नियम (4)(क) के अनुसार, वित्तीय लेनदेनों का विवरण प्रधान आयकर महानिदेशक (पद्धति) द्वारा इस संबंध में निर्दिष्ट डाटा संरचना के अनुसार और उप-नियम (7) में निर्दिष्ट व्यक्ति के डिजिटल हस्ताक्षर के अंतर्गत इस उद्देश्य के लिए नामित एक सर्वर को इलैक्ट्रानिक डाटा के ऑनलाइन हस्तांतरण के माध्यम से प्रस्तुत किया जाएगा। महाडाकपाल अथवा पंजीयक अथवा महाअधीक्षक के पास पेपर पर प्रपत्र-V में सत्यापन सहित सीडी या डिजीटल वीडियो डिस्क (डीवीडी) के तौर पर कम्प्यूटर में चल सकने वाली मीडिया में विवरण को प्रस्तुत करने का विकल्प है। वित्तीय लेनदेन का विवरण 31 मर्इ को अथवा उससे पहले प्रस्तुत किया जाएगा, वित्त वर्ष जिसमें लेनदेन पंजीकृत अथवा रिकॉर्ड हुआ, के तुरंत बाद। 1 अप्रैल, 2016 से 8 नवंबर, 2016 और 9 नवंबर, 2016 से 30 दिसंबर, 2016 की अवधि के दौरान नगद जमा के संबंध में वित्तीय लेनदेन का विवरण 31 जनवरी, 2017 को अथवा उससे पहले प्रस्तुत किया जाएगा।

4. नियम 114ड़ के उप-नियम (4)(ख) के अनुसार प्रधान आयकर निदेशक (पद्धति) डाटा के सुरक्षित अधिकार तथा हस्तांतरण, उपयुक्त सुरक्षा के क्रियान्वयन, पुरालेख संबंधी और पुन: प्राप्त नीतियों को सुनिश्चित करने के लिए प्रक्रिया, डाटा संरचना और मानकों को निर्दिष्ट करेगा।

5. आयकर नियम, 1962 के नियम 114ड़ के उप-नियम (4)(क) तथा (4)(ख) के अंतर्गत केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड द्वारा नामित अधिकारों का प्रयोग करते हुए प्रधान आयकर महानिदेशक (पद्धति) निम्नलिखित प्रक्रियाओं को एतद्द्वारा निर्धारित करती है :

क) आयकर विभाग प्रतिवेदन उद्यम पहचान संख्या (आर्इटीडीआरर्इआर्इएन) का पंजीकरण तथा उत्पत्ति : प्रतिवेदी व्यक्ति/उद्यम को प्रतिवेदी व्यक्ति/उद्यम के आयकर विवरणी को दाखिल करने के लिए प्रयुक्त लॉग इन आर्इडी के साथ र्इ-दाखिलीकरण वेबसाइट (https://incometaxindiaefiling.gov.in) में लॉगिन करके आयकर विभाग के साथ पंजीकरण करना आवश्यक है। सूचना देने वाले व्यक्ति/उद्यम को पंजीकृत करने का एक लिंक "मेरा खाता > आर्इटीडीआरर्इआर्इएन को प्रबंधित करें" के अंतर्गत मुहैया कराया गया है। एक बार आर्इटीडीआरर्इआर्इएन के उत्पन्न होने पर, सूचना देने वाला व्यक्ति/उद्यम पंजीकृत र्इ-मेल आर्इडी पर पुष्टिकरण र्इ-मेल तथा पंजीकृत मोबाइल नंबर पर एसएमएस प्राप्त करेगा। एक बार आर्इटीडीआरर्इआर्इएन के उत्पन्न होने पर आर्इटीडीआर्इर्इआर्इएन को निष्क्रिय करने का कोर्इ विकल्प नहीं है।

 ख) नामित निदेशक तथा प्रधान अधिकारी का पंजीकरण : प्रतिवेदी व्यक्ति/उद्यम को नामित निदेशक तथा प्रधान अधिकारी के विवरण को जमा करना आवश्यक है। नामित निदेशक तथा प्रधान अधिकारी सक्रियण लिंक के साथ पुष्टिकरण र्इ-मेल प्राप्त करेगा। ओटीपी (वन टाइम पासवर्ड) के साथ एक एसएमएस पंजीकृत मोबाइल नंबर पर भी भेजा जाएगा। पंजीकरण की समाप्ति के लिए, नामित निदेशक तथा प्रधान अधिकारी को एक्टीवेशन लिंक पर क्लिक करना चाहिए, मोबाइल पिन (ओटीपी), पासवर्ड और पुष्टिकरण पासवर्ड डालना चाहिए और एक्टिवेशन बटन पर क्लिक करना चाहिए। सफल होने पर, पंजीकरण पूरा हो जाएगा।

 ग) प्रपत्र 61क को जमा करना : प्रत्येक प्रतिवेदी व्यक्ति/उद्यम को प्रपत्र 61क में वित्तीय लेनदेन (एसएफटी) का विवरण जमा करना आवश्यक है। प्रपत्र 61क के लिए निर्धारित योजना "स्कीम" के अंतर्गत र्इ-दाखिलीकरण वेबसाइट होमपेज से डाउनलोड की जा सकती है तथा प्रपत्र 61कXML को तैयार करने की यूटिलिटी प्रपत्र (आर्इटीआर को छोड़कर) टैब के अंतर्गत र्इ-दाखिलीकरण वेबसाइट के होमपेज से डाउनलोड की जा सकती है। निर्दिष्ट प्रारूप में एसएफटी को तैयार करने के लिए सामान्य और लेनदेन संबंधी विशिष्ट दिशानिर्देश क्रमश: परिशिष्ट ख तथा परिशिष्ट ग के अनुसार संलग्न है। नामित निदेशक को आर्इटीडीआरर्इआर्इएन, पैन (नामित निदेशक का) तथा पासवर्ड के साथ र्इ-दाखिलीकरण वेबसाइट पर लॉगिन करना आवश्यक है। प्रपत्र को नामित निदेशक के डिजिटल हस्ताक्षर प्रमाणपत्र का प्रयोग करते हुए जमा करना आवश्यक है।

 घ) सही विवरण को जमा करना : यदि दाखिलकर्ता ऐसी प्रस्तुति में बाद में कोर्इ त्रुटि पाता है तो उसे संशोधन विवरण को जमा करके त्रुटि को हटाना आवश्यक है। आगे, ऐसे प्रस्तुत किए गए विवरण में त्रुटि निर्धारित प्राधिकारी को अलग से संप्रेषित की जाएगी। धारा 285खक की उप-धारा (4) दाखिलकर्ता से अनुमत समय के भीतर गलती को सुधारने की और सही विवरण को जमा करने की अपेक्षा करता है।

 ड़) सुरक्षा, अर्चिवल और पुन: प्राप्ति नीतियां : प्रतिवेदी व्यक्ति/उद्यम को उपयुक्त सूचना सुरक्षा नीतियों का और जमा की गर्इ सूचना और संबंधित सूचना/दस्तावेजों की सुरक्षा को सुनिश्चित करने के लिए स्पष्ट रूप से परिभाषित भूमिका तथा उत्तरदायित्व के साथ प्रक्रिया का आलेख और क्रियान्वयन आपेक्षित है। प्रतिवेदी व्यक्ति/उद्यम को उपयुक्त अर्चीवल और पुन: प्राप्ति नीतियों और यह सुनिश्चित करने के लिए स्पष्ट रूप से परिभाषित भूमिका तथा उत्तरदायित्वों के साथ प्रक्रिया का आलेख तथा कार्यान्वयन आपेक्षित है कि जमा की गर्इ सूचना तथा संबंधित सूचना/दस्तावेज सक्षम प्राधिकारियों को तुरंत उपलब्ध हो।

 

(एस.एस. राठौड़)

प्रधान आयकर महानिदेशक (पद्धति), सीबीडीटी

 

संलग्नक :

परिशिष्ट क : नियम 114ड़ के अंतर्गत प्रतिवेदित की जाने वाले लेनदेन का प्रकार तथा राशि

परिशिष्ट ख : वित्तीय लेनदेनों के विवरण को तैयार करने के लिए दिशानिर्देश (एसटीएफ)

 

निम्न को प्रति :

  1. अध्यक्ष तथा सदस्य, सीबीडीटी, नार्थ ब्लॉक, नर्इ दिल्ली के लिए पीपीएस

  2. समस्त प्रधान मुख्य आयुक्त/प्रधान आयकर महानिदेशक और समस्त मुख्य आयुक्त/आयकर महानिदेशक - अपने क्षेत्रों/ प्रभारों में समस्त अधिकारियों के बीच वितरित करने के अनुरोध के साथ

  3. संयुक्त सचिव (टीपीएल)-1 व 2/मीडिया समन्वयक और आधिकारिक प्रवक्ता, सीबीडीटी

  4. आयकर निदेशक (आर्इटी)/आयकर निदेशक (लेखा)/आयकर निदेशक (सर्तकता)/अपर महानिदेशक (पद्धति) 1,2,3,4,5/ आयकर आयुक्त (सीपीसी) बैंगलौर, आयकर आयुक्त (सीपीसी-टीडीएस) गाजियाबाद

  5. अतिरिक्त महानिदेशक (पीआर, पीपीएंडओएल) अधिसूचना के लिए विज्ञापन अभियान के लिए अनुरोध के साथ

  6. सीबीडीटी का टीपीएल और आर्इटीए प्रभाग

  7. भारतीय सनदी लेखागार संस्थान, आर्इपी एस्टेट, नर्इ दिल्ली

  8. वेब मैनेजर, वेबसाइट पर प्रकाशित करने के लिए "incometaxindia.gov.in"

  9. www.irsofficersonline.gov.in और डीजीआर्इटी (एस) कॉर्नर पर अपलोडिंग के लिए डाटाबेस

10. आर्इटीबीए पोर्टल पर अपलोडिंग के लिए आर्इटीबीए प्रकाशक

 

संजीव सिंह

एडीजी (पद्धति)-2, सीबीडीटी

 

 

परिशिष्ट क

 

नियम 114ड़ के अंतर्गत सूचित किए जाने वाले लेनदेन का प्रकार तथा राशि

क्र.सं. लेनदेन का प्रकार तथा राशि व्यक्तियों की श्रेणी (प्रतिवेदी व्यक्ति)
(1) (2) (3)

1.

(क) एक वित्त वर्ष में दस लाख रूपए अथवा इससे अधिक की कुल राशि के बैंक ड्राफ्ट अथवा पे ऑर्डर अथवा बैंकर चेक की खरीद के लिए नगद में किया गया भुगतान।

(ख) भुगतान और निपटान पद्धति अधिनियम, 2007 (2007 की 51) की धारा 18 के अंतर्गत भारतीय रिजर्व बैंक द्वारा जारी प्री-पेड दस्तावेजों की खरीद के लिए वित्त वर्ष के दौरान दस लाख रूपए अथवा इससे अधिक की कुल राशि का नगद में किया गया भुगतान।

(ग) एक व्यक्ति के एक अथवा अधिक चालू खाते में अथवा के द्वारा एक वित्त वर्ष में दस लाख रूपए अथवा इससे अधिक के कुल नगद जमा अथवा नगद निकालना (बियरर चेक के माध्यम सहित)।

एक बैंकिंग कंपनी अथवा एक सहकारी बैंक जिस पर बैंकिंग नियामक अधिनियम, 1949 (1949 का 10) लागू होता है (उस अधिनियम की धारा 51 में संदर्भित किसी बैंकिंग संस्थान अथवा बैंक सहित)।

2

एक व्यक्ति के एक अथवा एक से अधिक खाते (चालू खाते तथा सावधि जमा को छोड़कर) में दस लाख रूपए अथवा इससे अधिक के कुल नगद जमा।

  (i) एक बैंकिंग कंपनी अथवा एक सहकारी बैंक जिस पर बैंकिंग नियामक अधिनियम, 1949 (1949 का 10) लागू होता है (उस अधिनियम की धारा 51 में संदर्भित किसी बैंकिंग संस्थान अथवा बैंक सहित)

 (ii) भारतीय डाक कार्यालय अधिनियम, 1898 (1898 का 6) की धारा 2 के वाक्यांश (ञ) में संदर्भित महाडाकपाल

3

एक व्यक्ति के एक वित्त वर्ष में दस लाख रूपए अथवा इससे अधिक के कुल राशि का एक अथवा एक से अधिक सावधि जमा (अन्य सावधि जमा के नवीकरण के माध्यम से किए गए सावधि जमा को छोड़कर)

  (i) एक बैंकिंग कंपनी अथवा एक सहकारी बैंक जिस पर बैंकिंग नियामक अधिनियम, 1949 (1949 का 10) लागू होता है (उस अधिनियम की धारा 51 में संदर्भित किसी बैंकिंग संस्थान अथवा बैंक सहित)

 (ii) भारतीय डाक कार्यालय अधिनियम, 1898 (1898 का 6) की धारा 2 के वाक्यांश (ञ) में संदर्भित महा डाकपाल

 (iii) कंपनी अधिनियम, 2013 (2013 की 18) की धारा 406 में संदर्भित निधि

(iv) गैर-बैंकिंग वित्त कंपनी जो लोगों से जमा स्वीकृत करने अथवा संघटित करने के लिए भारतीय रिजर्व बैंक अधिनियम, 1934 (1934 की 6) के अंतर्गत पंजीकरण के प्रमाणपत्र को संघटित रखती है

4

निम्न कुल राशि के किसी व्यक्ति द्वारा किया गया भुगतान

  (i) नगद में एक लाख रूपए अथवा इससे अधिक

 (ii) एक वित्त वर्ष में उस व्यक्ति को एक अथवा एक से अधिक जारी क्रेडिट कार्ड के संबंध में निर्मित बिल के समक्ष किसी अन्य विधि द्वारा दस लाख रूपए अथवा इससे अधिक

 एक बैंकिंग कंपनी अथवा एक सहकारी बैंक जिस पर बैंकिंग नियामक अधिनियम, 1949 (1949 का 10) लागू होता है (उस अधिनियम की धारा 51 में संदर्भित किसी बैंकिंग संस्थान अथवा बैंक सहित) अथवा क्रेडिट कार्ड जारी करने वाली अन्य कोर्इ कंपनी अथवा संस्थान

5

कंपनी अथवा संस्थान द्वारा जारी प्राप्ति बांड अथवा डिबेंचर के लिए एक वित्त वर्ष में दस लाख रूपए अथवा उससे अधिक की कुल राशि के किसी व्यक्ति द्वारा प्राप्ति

बांड अथवा डिबेंचर जारी करने वाली एक कंपनी अथवा संस्थान

6

शेयरों की प्राप्ति के लिए एक वित्त वर्ष में दस लाख अथवा इससे अधिक की कुल किराया के किसी व्यक्ति द्वारा प्राप्ति

शेयर जारी करने वाली एक कंपनी

7

एक वित्त वर्ष में कुल दस लाख अथवा इससे अधिक की राशि अथवा मूल्य के लिए किसी व्यक्ति द्वारा शेयरों की पुन: खरीद (खुले बाजार में लाए गए शेयरों को छोड़कर)

कंपनी अधिनियम, 2013 (2013 की 18) की धारा 68 के अंतर्गत अपने स्वयं की प्रतिभूतियों को खरीदने के लिए प्राधिकृत शेयर बाजार पर सूचीबद्ध एक कपंनी

8

म्यूचुअल फंड की एक अथवा एक से अधिक योजनाओं की इकार्इयों को खरीदनें के लिए एक वित्त वर्ष में दस लाख रूपए अथवा उससे अधिक की कुल राशि के किसी व्यक्ति द्वारा प्राप्ति (उस म्यूचुअल फंड की एक योजना से दूसरी योजना में स्थानांतरण के कारण प्राप्त राशि को छोड़कर)

म्यूचुअल फंड के मामलों को प्रबंधित करने वाले ऐसे किसी व्यक्ति अथवा म्यूचुअल फंड का एक न्यासी जिसे भी विधिवत रूप से इस संबंध में न्यासी द्वारा प्राधिकृत किया गया हो

9

एक वित्त वर्ष के दौरान दस लाख अथवा इससे अधिक की कुल राशि के ट्रेलर चेक अथवा ड्राफ्ट अथवा अन्य किसी साधन के माध्यम से ऐसी मुद्रा में व्यय अथवा विदेशी मुद्रा विनिमय कार्ड हेतु ऐसी मुद्रा के किसी क्रेडिट सहित विदेशी मुद्रा की बिक्री के लिए किसी व्यक्ति द्वारा प्राप्ति

विदेशी विनिमय प्रबंधन अधिनियम, 1999 (1999 की 42) की धारा 2 के वाक्यांश (ग) हेतु संदर्भितानुसार प्राधिकृत व्यक्ति

10

तीस लाख रूपए अथवा उससे अधिक में अधिनियम की धारा 50ग में संदर्भित स्टांप मूल्यांकन प्राधिकारी द्वारा तीस लाख रूपए अथवा उससे अधिक की राशि के लिए अचल संपत्ति के किसी व्यक्ति द्वारा बिक्री अथवा खरीद

पंजीकरण अधिनियम, 1908 की धारा 3 के अंतर्गत नियुक्त महाअधीक्षक अथवा उस अधिनियम की धारा 6 के अंतर्गत नियुक्त पंजीयक अथवा उप-पंजीयक

11

किसी प्रकार के उत्पाद अथवा सेवा (इस नियम, यदि हो, की क्रम सं. 1 से 10 में निर्दिष्ट को छोड़कर) की बिक्री, किसी व्यक्ति द्वारा, के लिए दो लाख रूपए से अधिक के नगद भुगतान की प्राप्ति

कोर्इ व्यक्ति जो अधिनियम की धारा 44कख के अंतर्गत अंकेक्षण के लिए उत्तरदायी है

12

9 नवंबर, 2016 से 30 दिसंबर, 2016 की अवधि के दौरान नगद जमा जो (i) एक व्यक्ति के एक अथवा एक से अधिक चालू खाते में बारह लाख पचास हजार अथवा उससे अधिक अथवा (ii) एक व्यक्ति के एक अथवा एक से अधिक खाते में दो लाख पचार हजार रूपए अथवा उससे अधिक (चालू खाते को छोड़कर)

  (i) एक बैंकिंग कंपनी अथवा एक सहकारी बैंक जिस पर बैंकिंग नियामक अधिनियम, 1949 (1949 का 10) लागू होता है (उस अधिनियम की धारा 51 में संदर्भित किसी बैंकिंग संस्थान अथवा बैंक सहित)

 (ii) भारतीय डाक कार्यालय अधिनियम, 1898 (1898 का 6) की धारा 2 के वाक्यांश (ञ) में संदर्भित महा डाकपाल

13

खाते जो क्र.सं. 12 में प्रतिवेदनीय है, के संबंध में 1 अप्रैल, 2016 से 9 नवंबर, 2016 के दौरान नगद जमा

  (i) एक बैंकिंग कंपनी अथवा एक सहकारी बैंक जिस पर बैंकिंग नियामक अधिनियम, 1949 (1949 का 10) लागू होता है (उस अधिनियम की धारा 51 में संदर्भित किसी बैंकिंग संस्थान अथवा बैंक सहित)

 (ii) भारतीय डाक कार्यालय अधिनियम, 1898 (1898 का 6) की धारा 2 के वाक्यांश (ञ) में संदर्भित महा डाकपाल

 

 

परिशिष्ट ख

 

वित्तीय लेनदेन के विवरण को तैयार करने के लिए सामान्य दिशानिर्देश (एसएफटी)

 

आयकर की धारा 285खक वित्तीय लेनदेन के विवरण को प्रस्तुत करने वाले निर्दिष्ट प्रतिवेदी व्यक्तियों की अपेक्षा करता है। आयकर नियम, 1962 का नियम 114ड़ निर्दिष्ट करता है कि अधिनियम की धारा 285खक की उप-धारा (1) के अंतर्गत प्रस्तुत किए जाने वाला आपेक्षित वित्तीय लेनदेन का विवरण प्रपत्र सं. 61क में प्रस्तुत किया जाएगा।

प्रपत्र 61क के लिए निर्धारित योजना को "योजना व मान्यकरण नियम" टैब के अंतर्गत र्इ-दाखिलीकरण की वेबसाइट के होम पेज से डाउनलोड किया जा सकता है और प्रपत्र 61क XML को तैयार करने की यूटिलिटी को प्रपत्र (आर्इटीआर को छोड़कर) टैब के अंतर्गत वेबसाइट के होम पेज से डाउनलोड किया जा सकता है।

लेनदेन के प्रकार

प्रतिवेदी व्यक्ति/उद्यम को प्रत्येक लेनदेन प्रकार के लिए पृथक प्रपत्र 61क को प्रस्तुत करना आवश्यक है। एसटीएफ के अंतर्गत लेनदेन प्रकार को निम्नानुसार वर्गीकृत किया गया है :

  •  एसटीएफ-001 : नगद में बैंक ड्राफ्ट अथवा पे ऑर्डर की खरीद

  •  एसटीएफ-002 : नगद में प्री-पेड साधनों की खरीद

  •  एसटीएफ-003 : चालू खाते में नगद जमा

  •  एसटीएफ-004 : चालू खाते को छोड़कर खाते में नगद जमा

  •  एसटीएफ-005 : सावधि जमा

  •  एसटीएफ-006 : क्रेडिट कार्ड के लिए भुगतान

  •  एसटीएफ-007 : डिबेंचर की खरीद

  •  एसटीएफ-008 : शेयरों की खरीद

  •  एसटीएफ-009 : शेयरों की पुन: खरीद

  •  एसटीएफ-010 : म्यूचुअल फंड यूनिट की खरीद

  •  एसटीएफ-011 : विदेशी मुद्रा की खरीद

  •  एसटीएफ-012 : अचल संपत्ति की खरीद या बिक्री

  •  एसटीएफ-013 : उत्पाद तथा सेवाओं के लिए नगद भुगतान

  •  एसटीएफ-014 : निर्दिष्ट अवधि (1 अप्रैल, 2016 से 8 नवंबर, 2016 और 9 नवंबर से 30 दिसंबर, 2016) के दौरान नगद जमा

 

सूचना दिए जाने के लिए लेनदेनों की पहचान

वित्तीय लेनदेन के विवरण (एसएफटी) को तैयार करने का पहला चरण लेनदेनों/व्यक्तियों/खातों की पहचान करना है जो नियम 114ड़ के अंतर्गत प्रतिवेदित है। दूसरे चरण में, प्रतिवेदी व्यक्ति/उद्यम को लेनदेनों/व्यक्तियों/खातों का विवरण जमा करना आवश्यक है जो प्रतिवेदन के तौर पर निर्धारित हैं।

एकत्रीकरण नियम

एकत्रीकरण नियम को लेनदेन/व्यक्तियों/खातों के निर्दिष्ट लेनदेन प्रकार के लिए लागू किए जाने की आवश्यकता है जो प्रतिवेदनीय है। नियम 114ड़ निर्दिष्ट करता है कि प्रतिवेदी व्यक्ति किसी व्यक्ति के संबंध में सूचना के लिए प्रारंभिक राशि को निर्धारित करने के लिए राशि की गणना के दौरान—

(क) वित्त वर्ष के दौरान उस व्यक्ति के संबंध में निर्दिष्ट इसी प्रकार के समस्त खातों पर विचार करना

(ख) वित्त वर्ष के दौरान उस व्यक्ति के संबंध में रिकॉर्ड किए गए उसी प्रकार के समस्त लेनदेनों का कुल

(ग) समस्त व्यक्तियों के लिए समस्त लेनदेनों की कुल राशि अथवा लेनदेन की पूर्ण राशि की विशेषता यदि जहां खाता अनुरक्षित होता हो अथवा लेनदेन एक व्यक्ति से अधिक के नाम पर रिकॉर्ड होता हो

एकत्रीकरण नियम एसटीएफ-012 (अचल संपत्ति की खरीद अथवा बिक्री) और एसटीएफ-013 (उत्पाद तथा सेवाओं के लिए नगद भुगतान) को छोड़कर समस्त लेनदेन प्रकारों के लिए प्रयोज्य है।

सूचना देने का प्रारूप

प्रपत्र 61क के चार भाग हैं। भाग क में विवरण स्तर की सूचना शामिल है जो सभी प्रकार के लेनदेनों के लिए सामान्य है। अन्य तीन भाग प्रतिवेदी स्तर की सूचना से संबंधित है जिसे निम्नलिखित किसी भी भाग में प्रतिवेदित किया जाना होता है (लेनदेन के प्रकार पर निर्भर करते हुए)

  •  भाग ख (व्यक्ति आधारित सूचना)

  •  भाग ग (खाता आधारित सूचना)

  •  भाग घ (अचल संपत्ति लेनदेन सूचना)

सूचना देने के प्रारूप की प्रयोज्यता निम्नलिखित पैराग्राफ में बतार्इ जाती है

व्यक्ति आधारित सूचना (भाग ख)

भाग ख व्यक्ति आधारित सूचना के लिए प्रयोग की जाएगी जो निम्नलिखित लेनदेनों के लिए प्रासंगिक है :

  •  एसटीएफ-001 : नगद में बैंक ड्राफ्ट अथवा पे ऑर्डर की खरीद

  •  एसटीएफ-002 : नगद में प्री-पेड साधनों की खरीद

  •  एसटीएफ-005 : सावधि जमा

  •  एसटीएफ-006 : क्रेडिट कार्ड के लिए भुगतान

  •  एसटीएफ-007 : डिबेंचर की खरीद

  •  एसटीएफ-008 : शेयरों की खरीद

  •  एसटीएफ-009 : शेयरों की पुन: खरीद

  •  एसटीएफ-010 : म्यूचुअल फंड यूनिट की खरीद

  •  एसटीएफ-011 : विदेशी मुद्रा की खरीद

  •  एसटीएफ-013 : उत्पाद तथा सेवाओं के लिए नगद भुगतान

प्रतिवेदी व्यक्तियों तथा लेनदेनों को निर्धारित करने के लिए, प्रतिवेदी व्यक्ति/उद्यम वित्त वर्ष (एकत्रीकरण नियम की प्रयोज्यता के संदर्भ में) के दौरान व्यक्ति के संबंध में रिकॉर्ड किए गए इसी प्रकार के सभी लेनदेनों को एकत्र करना आवश्यक है। यदि जहां लेनदेन एक से अधिक व्यक्तियों के नाम पर रिकॉर्ड होता है तो प्रतिवेदी व्यक्ति/उद्यम को सभी व्यक्तियों को सभी लेनदेनों की कुल राशि अथवा लेनदेन की पूरी राशि का कारण बताना चाहिए।

प्रतिवेदी व्यक्ति/उद्यम को व्यक्तियों तथा लेनदेनों जो सूचना देने योग्य के तौर पर निर्धारित है, का ब्यौरा देना आवश्यक है। प्रतिवेदी प्रारूप उत्पाद के प्रकार के भीतर प्रत्येक व्यक्तिगत उत्पाद से संबंधित सूचना को प्रस्तुत करने के लिए प्रतिवेदी व्यक्ति/उद्यम को भी सक्षम करता है जैसे कि यदि एक व्यक्ति के पास बहुत सारे क्रेडिट कार्ड हो और सभी क्रेडिट कार्ड में लेनदेन की कुल राशि प्रारंभिक राशि से अधिक हो तो कुल लेनदेन की राशि प्रपत्र 61क की धारा ख3 में सूचित की जाएगी और व्यक्तिगत क्रेडिट कार्ड से संबंधित लेनदेन प्रपत्र 61क की धारा ख4 में सूचित किया जा सकता है।

खाता आधारित सूचना (भाग ग)

भाग ग प्रतिवेदी आधारित सूचना के लिए प्रयुक्त की जाएगी जो निम्नलिखित लेनदेनों से संबंधित है

  •  एसटीएफ-003 : चालू खाते में नगद जमा

  •  एसटीएफ-004 : चालू खाते को छोड़कर खाते में नगद जमा

  •  एसटीएफ-014 : निर्दिष्ट अवधि (1 अप्रैल, 2016 से 8 नवंबर, 2016 और 9 नवंबर से 30 दिसंबर, 2016) के दौरान नगद जमा

प्रतिवेदी व्यक्तियों तथा खातों को निर्धारित करने के लिए, प्रतिवेदी व्यक्ति/उद्यम को वित्त वर्ष के दौरान उस व्यक्ति के संबंध में सुरक्षित उसी प्रकार के सभी खातों पर विचार करना आवश्यक है और वित्त वर्ष (एकत्रीकरण नियम की प्रयोज्यता के संदर्भ में) के दौरान व्यक्ति के संबंध में रिकॉर्ड किए गए इसी प्रकार के सभी लेनदेनों को एकत्र करना आवश्यक है। यदि जहां खाता एक से अधिक व्यक्तियों के नाम पर रखा जाता है तो प्रतिवेदी व्यक्ति/उद्यम को सभी व्यक्तियों को सभी लेनदेनों की कुल राशि अथवा लेनदेन की पूरी राशि का कारण बताना चाहिए। एसटीएफ-003 (चालू खाते में नगद जमा अथवा निकासी) की स्थिति में, प्रारंभिक सीमा लेनदेनों के संबंध में जमा तथा निकासी को पृथक रूप से लागू करना होगा। प्रतिवेदी व्यक्तियों तथा खातों की पहचान के बाद, प्रतिवेदी व्यक्ति/उद्यम को खाते, जो प्रतिवेदी के तौर पर निर्धारित है, का विवरण जमा करना आवश्यक है। प्रपत्र 61क का भाग ग3 के पास खातों का विवरण है जिसे कुल लेनदेन राशि के साथ सूचित किए जाने की जरूरत है। लेनदेन के एकत्रीकरण की वह परिभाषा है जैसा व्यक्ति आधारित लेखांकन में स्पष्ट है।

अचल संपत्ति लेनदेन सूचना (भाग घ)

भाग घ को अचल संपत्ति (एसएफटी-012) की खरीद अथवा बिक्री की सूचना के लिए प्रयोग किया जाएगा। प्रतिवेदी अचल संपत्ति लेनदेनों को प्रारंभिक सीमा को लागू करते हुए निर्धारित करना होगा। सूचना देने वाला व्यक्ति/उद्यम को अचल संपत्ति लेनदेनों जिसे प्रतिवेदन के तौर पर निर्धारित किया जाता है, के विशिष्ट विवरण को जमा करना आवश्यक है।

विवरण प्रकार

एक विवरण में केवल एक प्रकार का विवरण ही शामिल हो सकता है। विवरण के प्रकार के लिए स्वीकार्य राशि निम्न है :

  •  एनबी - नर्इ सूचना वाला नया विवरण

  •  सीबी - पहले जमा की गर्इ सूचना के लिए संशोधन सहित संशोधन विवरण

  •  एनडी - सूचना देने के लिए कोर्इ डाटा नहीं

विवरण संख्या तथा विवरण आर्इडी

विवरण संख्या एक निशुल्क टेक्सट फिल्ड है जिसमें भेजनेवाले की विशिष्ट पहचान संख्या (भेजने वाले द्वारा बनार्इ गर्इ) शामिल होती है जो भेजे जा रहे विशिष्ट विवरण की पहचान करता है। पहचानने वाला दोनों भेजने वाले तथा प्राप्तकर्ता को बाद में विशिष्ट विवरण की पहचान करने की अनुमति देता है यदि कोर्इ प्रश्न अथवा संशोधन उठता है। आयकर विभाग को विवरण को सफलतापूर्वक जमा करने के बाद एक नर्इ विशिष्ट विवरण आर्इडी भविष्य में संदर्भ के लिए स्वीकृत की जाएगी। सूचना देने वाले व्यक्ति/उद्यम को विवरण सं. तथा विवरण आर्इडी के बीच संबंध को बनाए रखना चाहिए। यदि संशोधन दाखिल होता है तो मूल विवरण जिसे संशोधित किया जा रहा है, की विवरण आर्इडी को मूलवस्तु 'मूल विवरण आर्इडी' में निर्दिष्ट किया जाना चाहिए। यदि विवरण नया हो और किसी पिछले विवरण से संबंधित न हो तो मूलवस्तु 'मूल विवरण आर्इडी' में '0' निर्दिष्ट होगा।

सूचना क्रमांक संख्या

सूचना क्रमांक संख्या विवरण में रिपोर्ट का विशिष्ट रूप से प्रतिनिधित्व करता है। सूचना क्रमांक संख्या विवरण के भीतर विशिष्ट होनी चाहिए। विवरण आर्इडी के साथ यह संख्या आयकर विभाग द्वारा प्राप्त किसी सूचना की विशिष्ट रूप से पहचान करता है। संशोधन की स्थिति में, पूरी सूचना को दुबारा जमा करना होता है। मूल सूचना की सूचना क्रमांक संख्या जिसे प्रतिस्थापित अथवा हटाया जाना है, मूलवस्तु 'मूल सूचना क्रमांक संख्या' में निर्दिष्ट किया जाना चाहिए। मूल विवरण आर्इडी के साथ यह संख्या रिपोर्ट को विशिष्ट रूप से पहचानेगी जिसे संशोधित किया जा रहा है। यदि किसी रिपोर्ट का कोर्इ संशोधन न हो तो मूलवस्तु 'मूल सूचना क्रमांक संख्या' में '0' निर्दिष्ट होगा।

प्रपत्र 61 पावती सं.

यदि प्रतिवेदी व्यक्ति/उद्यम ने नियम 114ड़ में सूचीबद्ध लेनदेनों के संबंध में प्रपत्र 60 में लेनदेन को स्वीकृत किया हो तो प्रपत्र 61 को आयकर विभाग को प्रस्तुत किया जाना आवश्यक है। जैसा कि अध्याय I में निर्दिष्ट है, प्रपत्र 61 (प्रपत्र 60 के विवरण को शामिल करते हुए) के सफलतापूर्वक लोडिंग पर, एक पावती सं. उत्पन्न होगी जिसे प्रपत्र 61क को दाखिल करने के समय निर्दिष्ट किया जाना है। इसलिए, जबतक प्रपत्र 61 जमा न की जाए, प्रतिवेदी व्यक्ति/उद्यम को प्रपत्र 61क में कठिनार्इ का समाना करना पड़ सकता है। तद्नुसार, यह भी सुनिश्चित किया जाना है कि प्रपत्र 61 को प्रपत्र 61क को दाखिल करने से पहले विभाग को प्रस्तुत करना है।

अतिरिक्त संसाधन

प्रतिवेदी व्यक्ति/उद्यम पद्धति निदेशालय द्वारा जारी निम्नलिखित संसाधनों को संदर्भित कर सकते हैं :

आर्इटीडीआरर्इआर्इएन पंजीकरण तथा अपलोड के लिए उपयोगकर्ता पुस्तिका एसएफटी के अपलोड और दाखिलकर्ता के पंजीकरण में चरणों को स्पष्ट करने के लिए उपयोगकर्ता पुस्तिका (प्रपत्र 61क)
एसएफटी रिपोर्ट जनरेशन यूटिलिटी XML फाइल में एसएफटी (प्रपत्र 61क) को तैयार करने में दाखिलकर्ता को सहायता देने के लिए जावा यूटिलिटी
एसएफटी रिपोर्ट जनरेशन यूटिलिटी गाइड XML फाइल में एसएफटी (प्रपत्र 61क) को तैयार करने में दाखिलकर्ता को सहायता देने के लिए जावा यूटिलिटी का प्रयोग करते हुए चरणों को स्पष्ट करने के लिए उपयोगकर्ता पुस्तिका
एसएफटी क्विक रेफरेंस गाइड एसएफटी को तैयार करने के लिए चरणों के साथ एक पृष्ठ का दस्तावेज

डेवलेपर जो XML को बनाने के लिए प्रोग्राम बनाना चाहते हैं निम्नलिखित को संदर्भ कर सकते हैं :

प्रपत्र 61क योजना XSD फाइल जिसमें योजना जिसमें एसएफटी ( प्रपत्र 61क) को तैयार तथा अपलोड/जमा करने की आवश्यकता है, शामिल है
प्रपत्र 61क योजना गाइड प्रपत्र 61क योजना को समझने में दाखिलकर्ता को सहायता करने की गाइड

 

 

परिशिष्ट ग

 

वित्तीय लेनदेनों के विवरण (एसएफटी) को तैयार करने के लिए लेनदेन ब्यौरा संबंधी दिशानिर्देश

 

वित्तीय लेनदेन के विवरण (एसएफटी) को तैयार करने के लिए लेनदेन ब्यौरा संबंधी दिशानिर्देशों को निम्नलिखित पैराग्राफ में दिया गया है

एसएफटी-001 : नगद में बैंक ड्राफ्ट अथवा पे आर्डर की खरीद

लेनदेन कोड एसएफटी-001
लेनदेन विवरण नगद में बैंक ड्राफ्ट अथवा पे आर्डर अथवा बैंकर चेक की खरीद
लेनदेन का प्रकार तथा राशि एक वित्त वर्ष में दस लाख रूपए अथवा इससे अधिक की कुल राशि के बैंक ड्राफ्ट अथवा पे ऑर्डर अथवा बैंकर चेक की खरीद के लिए नगद में किया गया भुगतान
प्रस्तुति के लिए आपेक्षित व्यक्ति की श्रेणी एक बैंकिंग कंपनी अथवा एक सहकारी बैंक जिस पर बैंकिंग नियामक अधिनियम, 1949 (1949 का 10) लागू होता है (उस अधिनियम की धारा 51 में संदर्भित किसी बैंकिंग संस्थान अथवा बैंक सहित)

टिप्पणी

  1. एक बैंकिंग कंपनी अथवा एक सहकारी बैंक जिस पर बैंकिंग नियामक अधिनियम, 1949 (1949 का 10) लागू होता है (उस अधिनियम की धारा 51 में संदर्भित किसी बैंकिंग संस्थान अथवा बैंक सहित) से बैंक ड्राफ्ट अथवा पे आर्डर अथवा बैंकर चेक की खरीद के लिए किसी एक दिन में पचास हजार रूपए से अधिक की राशि के लिए नगद में भुगतान के लिए पैन को उद्धृत करना आवश्यक है (नियम 114ख को संदर्भित करें)

  2. वित्त वर्ष के दौरान व्यक्ति के संबंध में रिकॉर्ड उसी प्रकार के समस्त लेनदेन एकत्रीकृत होने चाहिए (नियम 114ड़ को संदर्भित करें)

  3. समस्त लेनदेनों के लेनदेन अथवा कुल राशि की पूर्ण राशि समस्त व्यक्तियों के लिए रोप्य होनी चाहिए यदि जहां लेनदेन एक से अधिक व्यक्ति के नाम पर रिकार्ड होता है (नियम 114ड़ को संदर्भित करें)

  4. प्रासंगिक प्रतिवेदी प्रारूप भाग क (विवरण ब्यौरा) तथा भाग ख (सूचना विवरण) है

  5. सूचना के प्रकार एएफ - कुल वित्तीय लेनदेन के तौर पर निर्दिष्ट होने चाहिए (ए.2.7)

  6. एक रिपोर्ट लेनदेन ब्यौरे के साथ एक व्यक्ति के ब्यौरे में शामिल होगी

  7. उत्पाद का प्रकार डीडी-बैंक ड्राफ्ट अथवा पे ऑर्डर अथवा बैंकर चेक के तौर पर निर्दिष्ट होना चाहिए (बी.3.1)

 

एसएफटी-002 : नगद में प्री-पेड साधनों की खरीद

लेनदेन कोड एसएफटी-002
लेनदेन विवरण नगद में प्री-पेड साधनों की खरीद
लेनदेन का प्रकार तथा राशि भुगतान और निपटान पद्धति अधिनियम, 2007 (2007 की 51) की धारा 18 के अंतर्गत भारतीय रिजर्व बैंक द्वारा जारी प्रीे-पेड दस्तावेजों की खरीद के लिए वित्त वर्ष के दौरान दस लाख रूपए अथवा इससे अधिक की कुल राशि का नगद में किया गया भुगतान
प्रस्तुति के लिए आपेक्षित व्यक्ति की श्रेणी एक बैंकिंग कंपनी अथवा एक सहकारी बैंक जिस पर बैंकिंग नियामक अधिनियम, 1949 (1949 का 10) लागू होता है (उस अधिनियम की धारा 51 में संदर्भित किसी बैंकिंग संस्थान अथवा बैंक सहित)

टिप्पणी

  1 एक बैंकिंग कंपनी अथवा एक सहकारी बैंक जिस पर बैंकिंग नियामक अधिनियम, 1949 (1949 का 10) लागू होता है (उस अधिनियम की धारा 51 में संदर्भित किसी बैंकिंग संस्थान अथवा बैंक सहित) से प्री-पेड साधनों की खरीद के लिए किसी एक दिन में पचास हजार रूपए से अधिक की राशि के लिए नगद में भुगतान के लिए पैन को उद्धृत करना आवश्यक है (नियम 114ख को संदर्भित करें)

  2 वित्त वर्ष के दौरान व्यक्ति के संबंध में रिकॉर्ड उसी प्रकार के समस्त लेनदेन एकत्रीकृत होने चाहिए (नियम 114ड़ को संदर्भित करें)

  3 समस्त लेनदेनों के लेनदेन अथवा कुल राशि की पूर्ण राशि समस्त व्यक्तियों के लिए रोप्य होनी चाहिए यदि जहां लेनदेन एक से अधिक व्यक्ति के नाम पर रिकार्ड होता है (नियम 114ड़ को संदर्भित करें)

  4 प्रासंगिक प्रतिवेदी प्रारूप भाग क (विवरण ब्यौरा) तथा भाग ख (सूचना विवरण) है

  5 सूचना के प्रकार एएफ - कुल वित्तीय लेनदेन के तौर पर निर्दिष्ट होने चाहिए (ए.2.7)

  6 एक रिपोर्ट लेनदेन ब्यौरे के साथ एक व्यक्ति के ब्यौरे में शामिल होगी

  7 उत्पाद का प्रकार पीआर्इ-प्रीपेड साधन के तौर पर निर्दिष्ट होना चाहिए (बी.3.1)

 

एसएफटी-003 : चालू खाते में नगद जमा अथवा निकासी

लेनदेन कोड एसएफटी-003
लेनदेन विवरण चालू खाते में नगद जमा अथवा निकासी (बियरर चेक के माध्यम सहित)
लेनदेन का प्रकार तथा राशि एक व्यक्ति के एक अथवा अधिक चालू खाते में अथवा के द्वारा एक वित्त वर्ष में पचास लाख रूपए अथवा इससे अधिक के कुल नगद जमा अथवा नगद निकालना (बियरर चेक के माध्यम सहित)
प्रस्तुति के लिए आपेक्षित व्यक्ति की श्रेणी एक बैंकिंग कंपनी अथवा एक सहकारी बैंक जिस पर बैंकिंग नियामक अधिनियम, 1949 (1949 का 10) लागू होता है (उस अधिनियम की धारा 51 में संदर्भित किसी बैंकिंग संस्थान अथवा बैंक सहित)

टिप्पणी

  1. एक बैंकिंग कंपनी अथवा एक सहकारी बैंक जिस पर बैंकिंग नियामक अधिनियम, 1949 (1949 का 10) लागू होता है (उस अधिनियम की धारा 51 में संदर्भित किसी बैंकिंग संस्थान अथवा बैंक सहित) में जमा के लिए किसी एक दिन में पचास हजार रूपए से अधिक की राशि के लिए नगद में भुगतान के लिए पैन को उद्धृत करना आवश्यक है (नियम 114ख को संदर्भित करें)

  2. वित्त वर्ष के दौरान उस व्यक्ति के संबंध में अनुरक्षित उसी प्रकार के समस्त खातों पर विचार किया जाएगा और लेनदेन की सभी राशियां अथवा समस्त लेनदेन की कुल राशि समस्त व्यक्तियों हेतु निश्चित होनी चाहिए, यदि जहां खाते को एक अथवा एक से अधिक व्यक्तियों के नाम पर अनुरक्षित रखा जाता है (नियम 114ड़ को संदर्भित करें)

  3. प्रारंभिक सीमा पृथक रूप से जमा तथा निकासी के लिए लागू होनी चाहिए (नियम 114ड़ को संदर्भित करें)

  4. एक बार प्रतिवेदित खाते की एकत्रीकरण नियम द्वारा पहचान होने पर, एक रिपोर्ट में खाते तथा संबंधित व्यक्तियों के विवरण सहित एक खाते के ब्यौरे शामिल होंगे

  5. प्रासंगिक प्रतिवेदी प्रारूप भाग क (विवरण ब्यौरा) तथा भाग ग (सूचना विवरण) है

  6. सूचना के प्रकार बीए - बैंक/डाक घर खाता के तौर पर निर्दिष्ट होने चाहिए (ए.2.7)

  7. खाते का प्रकार बीसी - चालू खाता के तौर पर निर्दिष्ट होने चाहिए (सी.2.1)

 

एसएफटी-004 : चालू खाते के अलावा खाते में नगद जमा

लेनदेन कोड एसएफटी-004
लेनदेन विवरण एक व्यक्ति के एक अथवा एक से अधिक खाते में नगद जमा (चालू खाता तथा सावधि जमा को छोड़कर)
लेनदेन का प्रकार तथा राशि एक व्यक्ति के एक अथवा एक से अधिक खाते (चालू खाते तथा सावधि जमा को छोड़कर) में दस लाख रूपए अथवा इससे अधिक के कुल नगद जमा
प्रस्तुति के लिए आपेक्षित व्यक्ति की श्रेणी एक बैंकिंग कंपनी अथवा एक सहकारी बैंक जिस पर बैंकिंग नियामक अधिनियम, 1949 (1949 का 10) लागू होता है (उस अधिनियम की धारा 51 में संदर्भित किसी बैंकिंग संस्थान अथवा बैंक सहित) भारतीय डाक कार्यालय अधिनियम, 1898 (1898 की 6) की धारा 2 के वाक्यांश (ञ) हेतु संदर्भितानुसार महा डाकपाल

टिप्पणी

  1. एक बैंकिंग कंपनी अथवा एक सहकारी बैंक जिस पर बैंकिंग नियामक अधिनियम, 1949 (1949 का 10) लागू होता है (उस अधिनियम की धारा 51 में संदर्भित किसी बैंकिंग संस्थान अथवा बैंक सहित) में जमा के लिए किसी एक दिन में पचास हजार रूपए से अधिक की राशि के लिए नगद में भुगतान के लिए पैन को उद्धृत करना आवश्यक है (नियम 114ख को संदर्भित करें)

  2. वित्त वर्ष के दौरान उस व्यक्ति के संबंध में अनुरक्षित उसी प्रकार के समस्त खातों पर विचार किया जाएगा और लेनदेन की सभी राशियां अथवा समस्त लेनदेन की कुल राशि समस्त व्यक्तियों हेतु निश्चित होनी चाहिए, यदि जहां खाते को एक अथवा एक से अधिक व्यक्तियों के नाम पर अनुरक्षित रखा जाता है (नियम 114ड़ को संदर्भित करें)

  3. एक बार प्रतिवेदित खाते की एकत्रीकरण नियम द्वारा पहचान होने पर, एक रिपोर्ट में खाते तथा संबंधित व्यक्तियों के विवरण सहित एक खाते के ब्यौरे शामिल होंगे

  4. प्रासंगिक प्रतिवेदी प्रारूप भाग क (विवरण ब्यौरा) तथा भाग ग (सूचना विवरण) है

  5. सूचना के प्रकार बीए - बैंक/डाक घर खाता के तौर पर निर्दिष्ट होने चाहिए (ए.2.7)

  6. खाते का प्रकार बीएस - चालू खाता अथवा जेडजेड - अन्य खाते के तौर पर निर्दिष्ट होने चाहिए (सी.2.1)

 

एसएफटी-005 : सावधि जमा

लेनदेन कोड एसएफटी-005
लेनदेन विवरण सावधि जमा (अन्य सावधि जमा के नवीकरण के माध्यम से किए गए सावधि जमा को छोड़कर)
लेनदेन का प्रकार तथा मूल्य एक व्यक्ति के एक वित्त वर्ष में दस लाख रूपए अथवा इससे अधिक के कुल राशि का एक अथवा एक से अधिक सावधि जमा (अन्य सावधि जमा के नवीकरण के माध्यम से किए गए सावधि जमा को छोड़कर)

प्रस्तुति के लिए आपेक्षित व्यक्ति की श्रेणी

  (i) एक बैंकिंग कंपनी अथवा एक सहकारी बैंक जिस पर बैंकिंग नियामक अधिनियम, 1949 (1949 का 10) लागू होता है (उस अधिनियम की धारा 51 में संदर्भित किसी बैंकिंग संस्थान अथवा बैंक सहित)

 (ii) भारतीय डाक कार्यालय अधिनियम, 1898 (1898 की 6) की धारा 2 के वाक्यांश (ञ) हेतु संदर्भितानुसार महा डाकपाल

(iii) कंपनी अधिनियम, 2013 (2013 की 18) की धारा 406 में संदर्भित निधि

(iv) गैर-बैंकिंग वित्त कंपनी जो लोगों से जमा स्वीकृत करने अथवा संघटित करने के लिए भारतीय रिजर्व बैंक अधिनियम, 1934 (1934 की 6) के अंतर्गत पंजीकरण के प्रमाणपत्र को संघटित रखती है

टिप्पणी

  1. एक बैंकिंग कंपनी अथवा एक सहकारी बैंक जिस पर बैंकिंग नियामक अधिनियम, 1949 (1949 का 10) लागू होता है (उस अधिनियम की धारा 51 में संदर्भित किसी बैंकिंग संस्थान अथवा बैंक सहित) में क्रेडिट कार्ड के भुगतान के लिए किसी राशि के लिए नगद में भुगतान के लिए पैन को उद्धृत करना आवश्यक है (नियम 114ख को संदर्भित करें)

  2. वित्त वर्ष के दौरान व्यक्ति के संबंध में रिकॉर्ड उसी प्रकार के समस्त लेनदेन एकत्रीकृत होने चाहिए (नियम 114ड़ को संदर्भित करें)

  3. समस्त लेनदेनों के लेनदेन अथवा कुल राशि की पूर्ण राशि समस्त व्यक्तियों के लिए रोप्य होनी चाहिए यदि जहां लेनदेन एक से अधिक व्यक्ति के नाम पर रिकार्ड होता है (नियम 114ड़ को संदर्भित करें)

  4. प्रासंगिक प्रतिवेदी प्रारूप भाग क (विवरण ब्यौरा) तथा भाग ख (सूचना विवरण) है

  5. सूचना के प्रकार एएफ - कुल वित्तीय लेनदेन के तौर पर निर्दिष्ट होने चाहिए (ए.2.7)

  6. एक रिपोर्ट लेनदेन ब्यौरे के साथ एक व्यक्ति के ब्यौरे में शामिल होगी

  7. उत्पाद का प्रकार टीडी-सावधि जमा के तौर पर निर्दिष्ट होना चाहिए (बी.3.1)

 

एसएफटी-006 : क्रेडिट कार्ड के लिए भुगतान

लेनदेन कोड एसएफटी-006
लेनदेन विवरण वित्त वर्ष में उस व्यक्ति को जारी एक अथवा उससे अधिक क्रेडिट कार्ड के संबंध में किसी व्यक्ति द्वारा किया गया भुगतान

लेनदेन का प्रकार तथा राशि

निम्न कुल राशि के किसी व्यक्ति द्वारा किया गया भुगतान

  (i) नगद में एक लाख रूपए अथवा इससे अधिक

 (ii) एक वित्त वर्ष में उस व्यक्ति को एक अथवा एक से अधिक जारी क्रेडिट कार्ड के संबंध में निर्मित बिल के समक्ष किसी अन्य विधि द्वारा दस लाख रूपए अथवा इससे अधिक

प्रस्तुति के लिए आपेक्षित व्यक्ति की श्रेणी एक बैंकिंग कंपनी अथवा एक सहकारी बैंक जिस पर बैंकिंग नियामक अधिनियम, 1949 (1949 का 10) लागू होता है (उस अधिनियम की धारा 51 में संदर्भित किसी बैंकिंग संस्थान अथवा बैंक सहित) अथवा क्रेडिट कार्ड जारी करने वाली अन्य कंपनी अथवा संस्थान

टिप्पणी

  1. एक बैंकिंग कंपनी अथवा एक सहकारी बैंक जिस पर बैंकिंग नियामक अधिनियम, 1949 (1949 का 10) लागू होता है (उस अधिनियम की धारा 51 में संदर्भित किसी बैंकिंग संस्थान अथवा बैंक सहित) में क्रेडिट कार्ड के भुगतान के लिए किसी राशि के लिए नगद में भुगतान के लिए पैन को उद्धृत करना आवश्यक है (नियम 114ख को संदर्भित करें)

  2. वित्त वर्ष के दौरान व्यक्ति के संबंध में रिकॉर्ड उसी प्रकार के समस्त लेनदेन एकत्रीकृत होने चाहिए (नियम 114ड़ को संदर्भित करें)

  3. समस्त लेनदेनों के लेनदेन अथवा कुल राशि की पूर्ण राशि समस्त व्यक्तियों के लिए रोप्य होनी चाहिए यदि जहां लेनदेन एक से अधिक व्यक्ति के नाम पर रिकार्ड होता है (नियम 114ड़ को संदर्भित करें)

  4. प्रासंगिक प्रतिवेदी प्रारूप भाग क (विवरण ब्यौरा) तथा भाग ख (सूचना विवरण) है

  5. सूचना के प्रकार एएफ - कुल वित्तीय लेनदेन के तौर पर निर्दिष्ट होने चाहिए (ए.2.7)

  6. एक रिपोर्ट लेनदेन ब्यौरे के साथ एक व्यक्ति के ब्यौरे में शामिल होगी

  7. उत्पाद का प्रकार सीसी-क्रेडिट कार्ड के तौर पर निर्दिष्ट होनी चाहिए (बी.3.1)

 

एसएफटी-007 : डिबेंचर की खरीद

लेनदेन कोड एसएफटी-007
लेनदेन विवरण कंपनी अथवा संस्थान द्वारा जारी बांड अथवा डिबेंचरों को प्राप्त करने के लिए डिबेंचर वर्ष का क्रय
लेनदेन का प्रकार तथा राशि कंपनी अथवा संस्थान द्वारा जारी प्राप्ति बांड अथवा डिबेंचर के लिए एक वित्त वर्ष में दस लाख रूपए अथवा उससे अधिक की कुल राशि के किसी व्यक्ति द्वारा प्राप्ति
प्रस्तुति के लिए आपेक्षित व्यक्ति की श्रेणी बांड अथवा डिबेंचर को जारी करने वाली एक कंपनी अथवा संस्थान

टिप्पणी

  1. किसी संस्थान द्वारा जारी बांड को प्राप्त करने के लिए भुगतान हेतु रू. 50,000/- से अधिक की राशि के बांड की खरीद के लिए पैन को उद्धृत करना अनिवार्य है (नियम 114ख को संदर्भित करें)

  2. वित्त वर्ष के दौरान व्यक्ति के संबंध में रिकॉर्ड उसी प्रकार के समस्त लेनदेन एकत्रीकृत होने चाहिए (नियम 114ड़ को संदर्भित करें)

  3. समस्त लेनदेनों के लेनदेन अथवा कुल राशि की पूर्ण राशि समस्त व्यक्तियों के लिए रोप्य होनी चाहिए यदि जहां लेनदेन एक से अधिक व्यक्ति के नाम पर रिकार्ड होता है (नियम 114ड़ को संदर्भित करें)

  4. प्रासंगिक प्रतिवेदी प्रारूप भाग क (विवरण ब्यौरा) तथा भाग ख (सूचना विवरण) है

  5. सूचना के प्रकार एएफ - कुल वित्तीय लेनदेन के तौर पर निर्दिष्ट होने चाहिए (ए.2.7)

  6. एक रिपोर्ट लेनदेन ब्यौरे के साथ एक व्यक्ति के ब्यौरे में शामिल होगी

  7. उत्पाद का प्रकार बीडी-बांड अथवा डिबेंचर के तौर पर निर्दिष्ट होना चाहिए (बी.3.1)

 

एसएफटी-008 : शेयरों की खरीद

लेनदेन कोड एसएफटी-008
लेनदेन विवरण कंपनी द्वारा जारी शेयरों (शेयर प्रपत्र राशि सहित) की खरीद
लेनदेन का प्रकार तथा राशि कंपनी द्वारा जारी शेयरों (शेयर प्रपत्र राशि सहित) की प्राप्ति के लिए एक वित्त वर्ष में दस लाख अथवा इससे अधिक की कुल राशि के किसी व्यक्ति द्वारा प्राप्ति
प्रस्तुति के लिए आपेक्षित व्यक्ति की श्रेणी शेयरों को जारी करने वाली एक कंपनी

टिप्पणी

  1. किसी संस्थान में शेयरों को प्राप्त करने के लिए भुगतान हेतु रू. 1,00,000/- से अधिक की राशि के शेयर की खरीद के लिए पैन को उद्धृत करना अनिवार्य है (नियम 114ख को संदर्भित करें)

  2. वित्त वर्ष के दौरान व्यक्ति के संबंध में रिकॉर्ड उसी प्रकार के समस्त लेनदेन एकत्रीकृत होने चाहिए (नियम 114ड़ को संदर्भित करें)

  3. समस्त लेनदेनों के लेनदेन अथवा कुल राशि की पूर्ण राशि समस्त व्यक्तियों के लिए रोप्य होनी चाहिए यदि जहां लेनदेन एक से अधिक व्यक्ति के नाम पर रिकार्ड होता है (नियम 114ड़ को संदर्भित करें)

  4. प्रासंगिक प्रतिवेदी प्रारूप भाग क (विवरण ब्यौरा) तथा भाग ख (सूचना विवरण) है

  5. सूचना के प्रकार एएफ - कुल वित्तीय लेनदेन के तौर पर निर्दिष्ट होने चाहिए (ए.2.7)

  6. एक रिपोर्ट लेनदेन ब्यौरे के साथ एक व्यक्ति के ब्यौरे में शामिल होगी

  7. उत्पाद का प्रकार एसआर्इ-जारी हुए शेयरों के तौर पर निर्दिष्ट होना चाहिए (बी.3.1)

 

एसएफटी-009 : शेयरों की पुन: खरीद

लेनदेन कोड एसएफटी-009
लेनदेन विवरण शेयरों की पुन: खरीद
लेनदेन का प्रकार तथा राशि एक वित्त वर्ष में कुल दस लाख अथवा इससे अधिक की राशि अथवा मूल्य के लिए किसी व्यक्ति द्वारा शेयरों की पुन: खरीद (खुले बाजार में लाए गए शेयरों को छोड़कर)
प्रस्तुति के लिए आपेक्षित व्यक्ति की श्रेणी कंपनी अधिनियम, 2013 की धारा 68 के अंतर्गत स्वयं अपनी प्रतिभूति को प्राधिकृत शेयर बाजार पर सूचीबद्ध एक कंपनी (2013 की 18)

टिप्पणी

  1. वित्त वर्ष के दौरान व्यक्ति के संबंध में रिकॉर्ड उसी प्रकार के समस्त लेनदेन एकत्रीकृत होने चाहिए (नियम 114ड़ को संदर्भित करें)

  2. समस्त लेनदेनों के लेनदेन अथवा कुल राशि की पूर्ण राशि समस्त व्यक्तियों के लिए रोप्य होनी चाहिए यदि जहां लेनदेन एक से अधिक व्यक्ति के नाम पर रिकार्ड होता है (नियम 114ड़ को संदर्भित करें)

  3. प्रासंगिक प्रतिवेदी प्रारूप भाग क (विवरण ब्यौरा) तथा भाग ख (सूचना विवरण) है

  4. सूचना के प्रकार एएफ - कुल वित्तीय लेनदेन के तौर पर निर्दिष्ट होने चाहिए (ए.2.7)

  5. एक रिपोर्ट लेनदेन ब्यौरे के साथ एक व्यक्ति के ब्यौरे में शामिल होगी

  6. उत्पाद का प्रकार एसबी-शेयरों की पुन: खरीद के तौर पर निर्दिष्ट होना चाहिए (बी.3.1)

 

एसएफटी-010 : म्यूचुअल फंड यूनिट की खरीद

लेनदेन कोड एसएफटी-010
लेनदेन विवरण एक म्यूचुअल फंड की एक अथवा एक से अधिक योजनाओं को प्राप्त करने के लिए एक वित्त वर्ष में म्यूचुअल फंड की खरीद
लेनदेन का प्रकार तथा राशि म्यूचुअल फंड की एक अथवा एक से अधिक योजनाओं की इकार्इयों को खरीदने के लिए एक वित्त वर्ष में दस लाख रूपए अथवा उससे अधिक की कुल राशि के किसी व्यक्ति द्वारा प्राप्ति (उस म्यूचुअल फंड की एक योजना से दूसरी योजना तक स्थानांतरण के कारण प्राप्त राशि को छोड़कर)
प्रस्तुति के लिए आपेक्षित व्यक्ति की श्रेणी एक म्यूचुअल फंड का न्यासी अथवा म्यूचुअल फंड के मामलों को प्रबंधित करने वाला अन्य कोर्इ व्यक्ति जैसा इस संबंध में न्यासी द्वारा विधिवत रूप से प्राधिकृत किया जा सकता है

टिप्पणी

  1. किसी वित्त संस्थान के म्यूचुअल फंड को प्राप्त करने के लिए भुगतान हेतु रू. 1,00,000/- से अधिक की राशि के म्यूचुअल फंड की खरीद के लिए पैन को उद्धृत करना अनिवार्य है (नियम 114ख को संदर्भित करें)

  2. वित्त वर्ष के दौरान व्यक्ति के संबंध में रिकॉर्ड उसी प्रकार के समस्त लेनदेन एकत्रीकृत होने चाहिए (नियम 114ड़ को संदर्भित करें)

  3. समस्त लेनदेनों के लेनदेन अथवा कुल राशि की पूर्ण राशि समस्त व्यक्तियों के लिए रोप्य होनी चाहिए यदि जहां लेनदेन एक से अधिक व्यक्ति के नाम पर रिकार्ड होता है (नियम 114ड़ को संदर्भित करें)

  4. प्रासंगिक प्रतिवेदी प्रारूप भाग क (विवरण ब्यौरा) तथा भाग ख (सूचना विवरण) है

  5. सूचना के प्रकार एएफ - कुल वित्तीय लेनदेन के तौर पर निर्दिष्ट होने चाहिए (ए.2.7)

  6. एक रिपोर्ट लेनदेन ब्यौरे के साथ एक व्यक्ति के ब्यौरे में शामिल होगी

  7. उत्पाद का प्रकार एमएफ-म्यूचुअल फंड के तौर पर निर्दिष्ट होना चाहिए (बी.3.1)

 

एसएफटी-011 : विदेशी मुद्रा की खरीद

लेनदेन कोड एसएफटी-011
लेनदेन विवरण विदेशी मुद्रा की खरीद
लेनदेन का प्रकार तथा राशि एक वित्त वर्ष के दौरान दस लाख अथवा इससे अधिक की कुल राशि के ट्रेवलर चेक अथवा ड्राफ्ट अथवा अन्य किसी साधन के माध्यम से ऐसी मुद्रा में व्यय अथवा विदेशी मुद्रा विनिमय कार्ड हेतु ऐसी मुद्रा के किसी क्रेडिट सहित विदेशी मुद्रा की बिक्री के लिए किसी व्यक्ति द्वारा प्राप्ति
प्रस्तुति के लिए आपेक्षित व्यक्ति की श्रेणी विदेशी विनिमय प्रबंधन अधिनियम, 1999 (1999 की 42) की धारा 2 के वाक्यांश (ग) हेतु संदर्भितानुसार प्राधिकृत व्यक्ति

टिप्पणी

  1. किसी संस्थान से विदेशी विनिमय को प्राप्त करने के लिए भुगतान हेतु रू. 50,000/- से अधिक की राशि के नगद में विदेशी मुद्रा की खरीद के लिए पैन को उद्धृत करना अनिवार्य है (नियम 114ख को संदर्भित करें)

  2. वित्त वर्ष के दौरान व्यक्ति के संबंध में रिकॉर्ड उसी प्रकार के समस्त लेनदेन एकत्रीकृत होने चाहिए (नियम 114ड़ को संदर्भित करें)

  3. समस्त लेनदेनों के लेनदेन अथवा कुल राशि की पूर्ण राशि समस्त व्यक्तियों के लिए रोप्य होनी चाहिए यदि जहां लेनदेन एक से अधिक व्यक्ति के नाम पर रिकार्ड होता है (नियम 114ड़ को संदर्भित करें)

  4. प्रासंगिक प्रतिवेदी प्रारूप भाग क (विवरण ब्यौरा) तथा भाग ख (सूचना विवरण) है

  5. सूचना के प्रकार एएफ - कुल वित्तीय लेनदेन के तौर पर निर्दिष्ट होने चाहिए (ए.2.7)

  6. एक रिपोर्ट लेनदेन ब्यौरे के साथ एक व्यक्ति के ब्यौरे में शामिल होगी

  7. उत्पाद का प्रकार एफसी-विदेशी मुद्रा के तौर पर निर्दिष्ट होना चाहिए (बी.3.1)

 

एसएफटी-012 : अचल संपत्ति की खरीद अथवा बिक्री

लेनदेन कोड एसएफटी-012
लेनदेन विवरण किसी व्यक्ति की अचल संपत्ति की खरीद अथवा बिक्री
लेनदेन का प्रकार तथा राशि तीस लाख रूपए अथवा इससे अधिक पर अधिनियम की धारा 50ग के संदर्भ में स्टांप मूल्यनिर्धारक प्राधिकारी द्वारा तीस लाख रूपए अथवा इससे अधिक की राशि के लिए अचल संपत्ति के किसी व्यक्ति द्वारा खरीद अथवा बिक्री
प्रस्तुति के लिए आपेक्षित व्यक्ति की श्रेणी पंजीकरण अधिनियम, 1908 की धारा 3 के अंतर्गत नियुक्त महाअधीक्षक अथवा उस अधिनियम की धारा 6 के अंतर्गत नियुक्त उप-पंजीयक

टिप्पणी

  1. किसी अचल संपत्ति को प्राप्त करने के लिए भुगतान हेतु रू. 10,00,000/- से अधिक की राशि की खरीद के लिए पैन को उद्धृत करना अनिवार्य है (नियम 114ख को संदर्भित करें)

  2. प्रासंगिक प्रतिवेदी प्रारूप भाग क (विवरण ब्यौरा) तथा भाग घ (सूचना ब्यौरा) है

  3. सूचना के प्रकार आर्इएम - अचल संपत्ति लेनदेन के तौर पर निर्दिष्ट होने चाहिए (ए.2.7)

  4. एक रिपोर्ट में विक्रेता तथा क्रेता विवरण के साथ एक संपत्ति का विवरण शामिल होगा

 

एसएफटी-013 : उत्पाद तथा सेवाओं के लिए नगद भुगतान

लेनदेन कोड एसएफटी-013
लेनदेन विवरण उत्पाद तथा सेवाओं के लिए नगद भुगतान
लेनदेन का प्रकार तथा राशि किसी प्रकार के उत्पाद अथवा सेवा (इस नियम की क्रम सं. 1 से 10 में निर्दिष्ट को छोड़कर) की बिक्री, किसी व्यक्ति द्वारा, के लिए दो लाख रूपए से अधिक के नगद भुगतान की प्राप्ति
प्रस्तुति के लिए आपेक्षित व्यक्ति की श्रेणी कोर्इ व्यक्ति जो अधिनियम की धारा 44कख के अंतर्गत अंकेक्षण के लिए उत्तरदायी है

टिप्पणी

  1. किसी भी प्रकार के उत्पाद अथवा सेवाओं की बिक्री अथवा खरीद, किसी भी व्यक्ति द्वारा, के लिए लेनदेन के अनुसार दो लाख से अधिक की राशि के लिए पैन को उद्धृत करना अनिवार्य है (नियम 114ख को संदर्भित करें)

  2. एकत्रीकरण नियम प्रतिवेदी लेनदेनों की पहचान के लिए लागू नहीं है

  3. प्रासंगिक प्रतिवेदी प्रारूप भाग क (विवरण ब्यौरा) तथा भाग ख (सूचना ब्यौरा) है

  4. सूचना के प्रकार एएफ - कुल वित्तीय लेनदेन के तौर पर निर्दिष्ट होने चाहिए (ए.2.7)

  5. प्रतिवेदी प्रारूप एक रिपोर्ट में एक व्यक्ति के लेनदेन का एकत्रीकरण करता है

  6. एक रिपोर्ट लेनदेन ब्यौरे के साथ एक व्यक्ति के ब्यौरे में शामिल होगी

  7. उत्पाद का प्रकार जेडजेड-अन्य के तौर पर निर्दिष्ट होना चाहिए (बी.3.1)

 

एसएफटी-014 : निर्दिष्ट अवधि के दौरान नगद जमा

लेनदेन कोड एसएफटी-014
लेनदेन विवरण 1 अप्रैल, 2016 से 8 नवंबर, 2016 और 9 नवंबर, 2016 से 30 दिसंबर, 2016 के दौरान नगद जमा

लेनदेन का प्रकार तथा राशि

9 नवंबर, 2016 से 30 दिसंबर, 2016 की अवधि के दौरान नगद जमा जो (i) एक व्यक्ति के एक अथवा एक से अधिक चालू खाते में बारह लाख पचास हजार अथवा उससे अधिक अथवा (ii) एक व्यक्ति के एक अथवा एक से अधिक खाते में दो लाख पचार हजार रूपए अथवा उससे अधिक (चालू खाते को छोड़कर)

खाते जो प्रतिवेदनीय है, के संबंध में 1 अप्रैल, 2016 से 9 नवंबर, 2016 के दौरान नगद जमा

प्रस्तुति के लिए आपेक्षित व्यक्ति की श्रेणी

  (i) एक बैंकिंग कंपनी अथवा एक सहकारी बैंक जिस पर बैंकिंग नियामक अधिनियम, 1949 (1949 का 10) लागू होता है (उस अधिनियम की धारा 51 में संदर्भित किसी बैंकिंग संस्थान अथवा बैंक सहित)

 (ii) भारतीय डाक कार्यालय अधिनियम, 1898 (1898 का 6) की धारा 2 के वाक्यांश (ञ) में संदर्भित महा डाकपाल

टिप्पणी

  1. 1 अप्रैल, 2016 से 8 नवंबर, 2016 और 9 नवंबर, 2016 से 30 दिसंबर, 2016 (एसएफटी-014) के दौरान नगद जमा के ब्यौरे के साथ विवरण की प्रस्तुति के लिए नियत तिथि 31 जनवरी 2017 है

  2. एक बैंकिंग कंपनी अथवा एक सहकारी बैंक जिस पर बैंकिंग नियामक अधिनियम, 1949 (1949 का 10) लागू होता है (उस अधिनियम की धारा 51 में संदर्भित किसी बैंकिंग संस्थान अथवा बैंक सहित) में जमा के लिए किसी एक दिन में पचास हजार रूपए से अधिक की राशि के लिए अथवा 9 नवंबर, 2016 से 30 दिसंबर, 2016 की अवधि के दौरान दो लाख पचास हजार से अधिक के नगद में भुगतान के लिए पैन को उद्धृत करना आवश्यक है (नियम 114ख को संदर्भित करें)

  3. वित्त वर्ष के दौरान उस व्यक्ति के संबंध में अनुरक्षित उसी प्रकार के समस्त खातों पर विचार किया जाएगा और लेनदेन की सभी राशियां अथवा समस्त लेनदेन की कुल राशि समस्त व्यक्तियों हेतु रोप्य होनी चाहिए, यदि जहां खाते को एक अथवा एक से अधिक व्यक्तियों के नाम पर अनुरक्षित रखा जाता है (नियम 114ड़ को संदर्भित करें)

  4. एक बार प्रतिवेदित खाते की एकत्रीकरण नियम द्वारा पहचान होने पर, एक रिपोर्ट में खाते तथा संबंधित व्यक्तियों के विवरण सहित एक खाते के ब्यौरे शामिल होंगे

  5. प्रासंगिक प्रतिवेदी प्रारूप भाग क (विवरण ब्यौरा) तथा भाग ग (सूचना विवरण) है

  6. सूचना के प्रकार बीए - बैंक/डाक घर खाता के तौर पर निर्दिष्ट होने चाहिए (ए.2.7)

  7. खाते का प्रकार बीएस - (बचत खाता), बीसी (चालू खाता), अथवा जेडजेड - अन्य खाते के तौर पर निर्दिष्ट होने चाहिए