अधिसूचना संख्या 2/2015 : इलैक्ट्रानिक रूप से दाखिल की गर्इ आयकर विवरणी के लिए इलैक्ट्रानिक सत्यापन कोड (र्इवीसी)
अधिसूचना सं.
अधिसूचना संख्या 2/2015
अधिसूचना तिथि
13/07/2015
दस्तावेज़ अपलोड की तिथि
13/07/2015
एफ सं. 1/23/सीआर्इटी (ओएसडी)/र्इ-दाखिलीकरण-इलैक्ट्रानिक सत्यापन/2013-14
भारत सरकार
वित्त मंत्रालय
केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड
आयकर निदेशालय (पद्धति)
अधिसूचना सं. 2/2015
नर्इ दिल्ली, 13 जुलार्इ, 2015
विषय : इलैक्ट्रानिक रूप से दाखिल की गर्इ आयकर विवरणी के लिए इलैक्ट्रानिक सत्यापन कोड (र्इवीसी)
आयकर नियम, 1962 के नियम 12 के उप-नियम (3) की व्याख्या निर्दिष्ट करती है कि इस उप-नियम के प्रयोजन के लिए "इलैक्ट्रानिक सत्यापन कोड" का अर्थ प्रधान आयकर महानिदेशक (पद्धति) अथवा आयकर महानिदेशक (पद्धति) द्वारा निर्दिष्ट आंकड़ा संरचना तथा मानकों के अनुसार आय की विवरणी प्रस्तुत करने वाले व्यक्ति के इलैक्ट्रानिक सत्यापन के प्रयोजन के लिए उत्सर्जित कोड है। आगे, आयकर नियम 1962 के नियम 12 के उप-नियम (4) वर्णित करता है कि प्रधान आयकर महानिदेशक (पद्धति) अथवा आयकर महानिदेशक (पद्धति) आंकडों के संचरण तथा सुरक्षित अधिकार को सुनिश्चित करने के लिए प्रक्रिया, प्रारूप तथा मानकों को निर्दिष्ट करेगा तथा उप-नियम (3) में तालिका के कॉलम (iv) में निर्दिष्ट तरीके (कागजी प्रारूप को छोड़कर) में विवरणी के प्रस्तुति के संबंध में उपयुक्त सुरक्षा, अभिलेखीय तथा सुधार नीतियों को विकसित तथा क्रियान्वित करने तथा उप-धारा (2) के परंतुक में निर्दिष्ट तरीके में लेखा-परीक्षण अथवा नोटिस की सूचना के लिए भी उत्तरदायी होगा।
2. आयकर नियम 1962 के नियम 12 के उप-नियम 3 तथा उप-नियम 4 हेतु व्याख्या के अंतर्गत केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड ('बोर्ड') द्वारा प्रत्यायोजित शक्तियों का प्रयोग करते हुए प्रधान आयकर महानिदेशक (पद्धति) निम्नानुसार इलैक्ट्रानिक सत्यापन कोड के लिए प्रक्रिया, आंकड़ा संरचना तथा मानकों को निर्धारित करेंगे।
इलैक्ट्रानिक सत्यापन कोड (र्इवीसी) आय की विवरणी की प्रस्तुति करने वाले व्यक्ति की पहचान को सत्यापित करेंगे (इसके पश्चात् 'सत्यापक') तथा र्इ-दाखिलीकरण वेबसाइट https://incometaxindiaefiling.gov.in पर उपार्जित करेगें अथवा अन्यथा के रूप में इंगित करेंगे। र्इवीसी उसकी आयकर विवरणी को सत्यापित करने के लिए व्यक्ति के तौर अथवा उसके एचयूएफ, जिसका वह आयकर विवरणी प्रपत्र 1, 2, 2क, 3, 4, अथवा 4ध में कर्ता है, अथवा आयकर अधिनियम की धारा 140 के अनुसार किसी व्यक्ति के आर्इटीआर 5 अथवा 7 में दाखिल आयकर विवरणी प्रपत्र पर सत्यापक द्वारा प्रयुक्त किया जा सकता है। र्इवीसी उत्सर्जन प्रक्रिया निर्धारिती (शब्द 'निर्धारिती' आयकर अधिनियम 1961 की धारा 2 की उप-धारा (7) में परिभाषित है) की जोखिम-श्रेणी, र्इ-दाखिलीकरण वेबसाइट अभिगमन की विधि अथवा थर्ड पार्टी सत्यापन उद्यम के साथ इंटरफेस के आधार पर भिन्न हो सकते है। र्इवीसी निर्धारिती पैन के लिए अनूठा होगा तथा आयकर विवरणी को दाखिल करने के समय किसी अन्य पैन के लिए वैध नहीं होगा। एक र्इवीसी निर्धारण वर्ष अथवा विवरणी दाखिल प्रकार (मूल अथवा संशोधित) के अनपेक्ष निर्धारिती की एक विवरणी को मान्य करने के लिए प्रयुक्त किया जा सकता है। र्इवीसी अन्य सत्यापन विवरणों के साथ निर्धारिती के पैन के समक्ष सुरक्षित रखा जाएगा। र्इवीसी 72 घंटों के लिए वैध होगा अथवा अन्यथा के रूप में निर्दिष्ट होगा। सत्यापक र्इवीसी को प्राप्त करने के लिए एक से अधिक विधि का प्रयोग कर सकता है तथा कर्इ बार र्इवीसी को उत्सर्जित कर सकता है। अधिसूचना निगर्मन की तिथि से प्रभावी होगा।
3. र्इवीसी के उत्सर्जन तथा मान्यकरण के लिए विधि तथा प्रक्रिया तथा इसका प्रयोग प्रधान आयकर महानिदेशक (पद्धति)/आयकर महानिदेशक(पद्धति) द्वारा संशोधित, हटाया अथवा जोड़ा जा सकता है।
4. र्इवीसी के उत्सर्जन की विधि
स्थिति 1 : जहां र्इवीसी (इलैक्ट्रानिक सत्यापन कोड) नेट-बैंकिंग के माध्यम से र्इ-दाखिलीकरण वेबसाइट https://incometaxindiaefiling.gov.in में सत्यापक के लॉग इन करने के पश्चात् उत्सर्जित होता है।
इस प्रयोजन के लिए आयकर विभाग के साथ पंजीकृत विशिष्ट बैंक, इंटरनेट बैंकिंग के माध्यम से सत्यापक को र्इ-दाखिलीकरण वेबसाइट अर्थात् https://incometaxindiaefiling.gov.in 'मेरा खाता' हेतु प्रत्यक्ष पहुंच मुहैया कराता है। बैंक अपने उन खाता धारकों को ऐसी सुविधा मुहैया कराएगा जिनके बैंक खाते पर 'अपने ग्राहक को जानें' (केवार्इसी) के रूप में मान्यकृत पैन नंबर (प्राथमिक खाता संख्या) है। सुविधा उनकी वर्तमान इंटरनेट बैंकिंग वेबसाइट पर उपलब्ध होगी तथा सत्यापक मौजूदा इंटरनेट बैंकिंग यूजर आर्इडी, लॉगिन पासवर्ड व लेनदेन पासवर्ड का प्रयोग करते हुए सुविधा का उपयोग करेगा। जब नेट-बैंकिंग में यूजर लॉग तथा र्इ-दाखिलीकरण हेतु पुनप्रेषण की मांग करता है तो वह र्इ-दाखिलीकरण वेबसाइट हेतु पुनप्रेषित होगा जहां वह र्इवीसी को उत्सर्जित कर सकता है जो प्रदर्शित होगी तथा https://incometaxindiaefiling.gov.in के साथ पंजीकृत उसके मोबाइल नंबर पर भी भेजी जाएगी। इस नेट-बैंकिंग विधि के माध्यम से उत्सर्जित र्इवीसी निर्धारिती की आयकर विवरणी को सत्यापित करने के लिए भी प्रयुक्त हो सकती है।
स्थिति 2 : जहां र्इवीसी (इलैक्ट्रानिक सत्यापन कोड) आधार एक समय के लिए प्रयोग किए जाने वाले पासवर्ड (आधार ओटीपी) का प्रयोग करते हुए आधार प्रमाणीकरण के पश्चात् उत्सर्जित होता है।
भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (यूआर्इडीएआर्इ) का आधार प्रमाणीकरण ढ़ाचा उदाहरण है जिसे 'सरकारी संघबद्ध अभिज्ञात सेवा' कहते है - उदाहरण समस्त भरोसेमंद पार्टियों अथवा सत्यापक के लिए आधार का प्रयोग करते हुए नागरिक/व्यक्ति की पहचान को प्रमाणित करने का उत्तरदायित्व लेने वाली सरकार की एक स्वतंत्र एजेंसी। आयकर विभाग आधार प्रमाणीकरण सेवा के लिए यूआर्इडीएआर्इ के साथ पंजीकृत है।
एक सत्यापक र्इ-दाखिलीकरण वेबसाइट अर्थात् https://incometaxindiaefiling.gov.in पर अपने पैन के साथ जोड़ने के लिए अपने आधार नंबर को मुहैया कर सकता है जो यूआर्इडीएआर्इ के साथ उसके आधार के अंतर्गत उपलब्ध समकक्ष पैन आंकड़ों के अनुसार उसके नाम, जन्म तिथि तथा लिंग के आधार पर सत्यापित किया जाएगा। यदि इस प्रणाली में आधार प्रमाणीकरण सही होता है तो सत्यापक आधार उसके पैन से जोड़ा जाएगा। तत्पश्चात् यूआर्इडीएआर्इ द्वारा एक ओटीपी उत्सर्जित होगा तथा यूआर्इडीएआर्इ के साथ पंजीकृत सत्यापक के मोबाइल नंबर पर भेजा जाएगा। यह आधार ओटीपी इस आधार प्रमाणीकरण तथा ओटीपी मोड के अंतर्गत उपार्जित र्इवीसी होगा तथा निर्धारिती की आयकर विवरणी को सत्यापित करने के लिए प्रयुक्त किया जा सकता है।
र्इवीसी के रूप में आधार ओटीपी 10 मिनटों (अथवा जैसा कि यूआर्इडीएआर्इ द्वारा निर्दिष्ट है) के लिए वैध होगा।
स्थिति 3 : जहां र्इवीसी (इलैक्ट्रानिक सत्यापन कोड) बैंक के ऑटोमैटिक टैलर मशीन (एटीएम) का प्रयोग करते हुए उपार्जित होता है।
सत्यापक जिसका एटीएम कार्ड पैन प्रामाणित बैंक खाते से जुड़ा होता है तथा बैंक इस सेवा को मुहैया कराने के लिए आयकर विभाग के साथ पंजीकृत होता है, इस विधि के माध्यम से र्इवीसी को उत्सर्जित कर सकते है। एक सत्यापक बैंक जिसमें उसका खाता है, के एटीएम का प्रयोग एटीएम (डेबिट/क्रेडिट कार्ड) का प्रयोग करते हुए कर सकता है। बैंक एटीएम पर एटीएम पिन का प्रयोग करते हुए शेष प्रमाणीकरण के पश्चात् सत्यापक एटीएम स्क्रीन पर 'आयकर विवरणी दाखिलीकरण विकल्प के लिए र्इवीसी उत्सर्जन' का चयन कर सकता है (एक नया विकल्प जो निर्दिष्ट बैंकों के एटीएम पर उपलब्ध होगा)। बैंक आयकर विभाग र्इ-दाखिलीकरण वेबसाइट जो र्इवीसी को उत्सर्जित करेगा, को इस प्रतिवेदन की सूचना देगा तथा र्इ-दाखिलीकरण सहित निर्धारिती के पंजीकृत मोबाइल नंबर पर निर्धारिती को र्इवीसी भेजेगा। इस बैंक एटीएम विधि के माध्यम से उत्सर्जित र्इवीसी निर्धारिती की आयकर विवरणी को सत्यापित करने के लिए प्रयुक्त हो सकता है।
स्थिति 4 : जहां र्इवीसी (इलैक्ट्रानिक सत्यापन कोड) उत्सर्जित होती है तथा र्इ-दाखिलीकरण वेबसाइट के साथ निर्धारिती की पंजीकृत र्इ-मेल आर्इडी तथा मोबाइल नंबर पर भेजा जाता है।
जहां आयकर विवरणी के अनुसार कुल आय रू. 5 लाख अथवा कम होती है तथा कोर्इ प्रतिदाय दावा नहीं होता तो सत्यापक र्इ-दाखिलीकरण वेबसाइट पर एक र्इवीसी को उत्सर्जित कर सकता है जो र्इ-दाखिलीकरण बेवसाइट सहित निर्धारिती के पंजीकृत मोबाइल नंबर तथा र्इ-मेल आर्इडी पर भेजा जाएगा। यह विकल्प आगे अन्य जोखिम मापदंड जो समय-समय पर निर्धारित किए जा सकते है, आधार पर निर्धारिती हेतु प्रतिबंधित किया जा सकता है। र्इ-दाखिलीकरण र्इवीसी विधि के माध्यम से उपार्जित र्इवीसी निर्धारिती की आयकर विवरणी को सत्यापित करने के लिए प्रयुक्त किया जा सकता है।
5. र्इवीसी का प्रमाणीकरण
र्इवीसी उक्त वाक्यांश 2 तथा 4 में निर्दिष्ट अवधि के लिए वैध होगा। आयकर विवरणी सत्यापित करने के लिए प्रयुक्त र्इवीसी उत्सर्जन के समय निर्धारिती के पैन के समक्ष सुरक्षित र्इवीसी के समक्ष प्रमाणीकृत होगा तथा केवल एक वैध तथा समकक्ष र्इवीसी ही स्वीकार की जाएगी। अमान्य, पहले से प्रयुक्त अथवा बेजोड र्इवीसी को निरस्त कर दिया जाएगा।
6 आंकड़ा संरचना
र्इवीसी 10 अंकीय अक्षरांकीय संख्या होगी।
(निशी सिंह)
प्रधान आयकर महानिदेशक (पद्धति), केद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड
निम्न को प्रति :-
1. अध्यक्ष तथा सदस्य, केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड, नार्थ ब्लॉक, नर्इ दिल्ली हेतु पीपीएस
2. समस्त मुख्य आयकर आयुक्त/आयकर महानिदेशक - उनके क्षेत्रीय/प्रभार में समस्त कार्यालयों में वितरित करने के प्रतिवेदन सहित
3. केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड के संयुक्त सचिव (टीपीएल)-I व II/मीडिया समन्वयक तथा आधिकारिक प्रवक्ता
4. डीआर्इटी (आयकर)/डीआर्इटी (अंकेक्षण)/डीआर्इटी(सर्तकता)/एडीजी (पद्धति) 1,2,3,4,5/डीआर्इटी (सीपीसी) बैंगलोर, डीआर्इटी (सीपीसी-टीडीएस) गाजियाबाद।
5. अतिरिक्त महानिदेशक (पीआर, पीपीएंडओएल) अधिसूचना के लिए विज्ञापन अभियान के लिए प्रतिवेदन सहित
6. केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड के टीपीएल तथा आर्इटीए प्रभाग
7. भारतीय सनदी लेखाकार संस्थान, आर्इपी एस्टेट, नर्इ दिल्ली
8. वेबसाइट पर चस्पा करने के लिए वेबमैनेजर "incometaxindia.gov.in"
9. "www.irsofficersonline.gov.in" पर तथा आयकर महानिदेशक (एस) कॉर्नर पर अपलोडिंग के लिए डाटाबेस प्रकोष्ठ
10. आर्इटीबीए पोर्टल पर अपलोडिंग के लिए आर्इटीबीए प्रकाशक
(रमेश कृष्णामूर्ति)
अतिरिक्त महानिदेशक (पद्धति)-3, केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड

