आयकर विभाग

वित्त मंत्रालय, भारत सरकार

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अधिसूचना सं.

अधिसूचना सं. 12/2016

अधिसूचना तिथि

08/12/2016

दस्तावेज़ अपलोड की तिथि

08/12/2016

अधिसूचना सं. 12/2016

एफ.नं. डीजीआर्इटी(एस)/सीपीसी(टीडीएस)/अधिसूचना/2016-17

भारत सरकार

वित्त मंत्रालय

केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड

आयकर निदेशालय (पद्धति)

नर्इ दिल्ली

 

अधिसूचना सं. 12/2016

 

नर्इ दिल्ली, 8 दिसंबर, 2016

 

विषय : स्रोत पर कर के अल्प संग्रहण एंव/अथवा गैर-संग्रहण की चूक को हटाने के लिए प्रपत्र 27खक की प्रस्तुति और सत्यापन के उद्देश्य की प्रक्रिया

 

1. आयकर अधिनियम, 1961 की धारा 206ग की उप-धारा (6क) के पहले परंतुक के अनुसार, कोर्इ व्यक्ति, उप-धारा(1घ) में संदर्भित व्यक्ति को छोड़कर, इस धारा के प्रावधानों के अनुसार कर एकत्रीकरण के लिए उत्तरदायी हो, खरीददार अथवा लार्इसेंस धारक अथवा पट्टेदार के खाते से काटे जाने वाली राशि पर अथवा खरीददार अथवा लार्इसेंसधारक अथवा पट्टेदाता से प्राप्त राशि पर पूर्ण कर अथवा उसके किसी भाग को एकत्रित कराने में विफल रहता है तो ऐसे कर के संबंध में चूककर्ता निर्धारित होने के तौर पर नहीं समझा जाएगा यदि ऐसा खरीददार अथवा लार्इसेंसधारक अथवा पट्टेदाता -

  (i) धारा 139 के अंतर्गत अपनी आय की विवरणी को प्रस्तुत किया हो

 (ii) आय की ऐसी विवरणी में आय की गणना के लिए ऐसी राशि पर विचार किया गया हो

(iii) आय की ऐसी विवरणी में उसके द्वारा घोषित आय पर देय कर का भुगतान किया हो

तथा ऐसे प्रपत्र में लेखापाल द्वारा इसे प्रभावी करने के लिए एक प्रमाणपत्र को प्रस्तुत करने वाला व्यक्ति जैसा निर्धारित किया जा सके

2. आयकर नियम, 1962 के नियम 37ञ के उप-नियम (1) के अनुसार, धारा 206ग की उप-धारा (6क) के पहले परंतुक के अंतर्गत अंकाउंटेंट द्वारा प्रमाणपत्र उप-नियम (2) के अंतर्गत निर्दिष्ट प्रक्रिया, प्रारूप तथा मानकों के अनुसार सत्यापित तथा उप-नियम (2) के अंतर्गत निर्दिष्ट प्रक्रिया, प्रारूप तथा मानकों के अनुसार आयकर महानिदेशक (पद्धति) द्वारा प्राधिकृत व्यक्ति अथवा आयकर महानिदेशक (पद्धति) को प्रपत्र 27खक में प्रस्तुत करेगा।

3. आयकर नियम, 1962 के नियम 37ञ के उप-नियम (2) के अंतर्गत केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (बोर्ड) द्वारा प्रत्योजित अधिकारों का प्रयोग करते हुए प्रधान आयकर महानिदेशक (पद्धति) एतद्द्वारा कॉलम नं. 5 में निर्दिष्ट अधिनियम की धाराओं के अंतर्गत चूक हेतु योग्य तथा कॉलम नं. 4 में निर्दिष्ट निर्धारण वर्षों के लिए कॉलम नं. 3 में निर्दिष्ट विधि में दाखिल किए जाने के लिए कॉलम नं. 2 में निर्दिष्ट प्रपत्र प्रकार को प्राप्त करने के लिए कॉलम नं. 1 में निर्दिष्ट आयकर प्राधिकारियों को निर्दिष्ट करता है।

1 2 3 4 5
प्राधिकृत निर्धारण अधिकारी प्रपत्र का प्रकार प्रपत्र प्रस्तुत करने की विधि निर्धारण वर्ष निम्न धारा के अंतर्गत विशेष रूप से चूक के लिए प्रयोग किए जाने के लिए
क्षेत्रीय निर्धारण अधिकारी (टीडीएस)(1) 27खक कागजी 2016-17 तक व उसके साथ 206(6क)
सीपीसी-टीडीएस 27खक इलैक्ट्रानिक(2) 2016-17 तक व उसके साथ 206गख
सीपीसी-टीडीएस 27खक इलैक्ट्रानिक(2) 2017-18 तक व उसके साथ 206गख तथा/अथवा 206(6क)

(1) निर्धारण अधिकारी को सुनिश्चित करना चाहिए कि इस अधिनियम के अंतर्गत अथवा आपेक्षितानुसार एकत्रीकरण के बाद भुगतान में चूक अथवा पूर्ण कर अथवा उसके किसी भाग के गैर-एकत्रीकरण पर ब्याज अधिनियम के प्रावधानों के अनुसार विवरण की प्रस्तुति से पहले दिया जाएगा।

(2) प्रपत्र 27खक की प्रस्तुति को इलैक्ट्रानिक रूप से 15-1-2017 से प्रभावी माना जायेगा।

4. प्रपत्र 27खक को इलेक्ट्रॉनिक रूप से दाखिल करने के लिए प्रक्रिया निम्नानुसार है :

1.1 संग्राहक की भूमिका :

चरण कार्रवार्इ का स्थान कार्रवार्इ
1 ट्रेसेस पोर्टल अल्प एकत्रीकरण का विवरण प्राप्त करें : संग्राहक को अल्प संग्रहण के विवरण को प्राप्त करने का अनुरोध जमा करना चाहिए
2 ट्रेसेस पोर्टल एकत्रीकरण लेनदेन न होने को प्रविष्ट करें : संग्राहक को ट्रेसेस पर गैर-एकत्रीकरण लेनदेन, यदि हो, के विवरण को प्रविष्ट करना चाहिए तथा इसके लिए मुहैया करार्इ गर्इ पंक्ति में ट्रेसेस का लेनदेन विवरण डालना चाहिए
3 ट्रेसेस पोर्टल अनुरोध जमा करें : अनुरोध जमा करने पर, एक विशिष्ट अनुरोध संख्या अग्रिम संदर्भ के लिए उत्पन्न होगी। ऐसी जमा की गर्इ अल्प संग्रहण तथा/अथवा गैर-एकत्रीकरण अनुरोध को ट्रेसेस द्वारा प्रसंस्करित किया जाएगा और सफल लेनदेन कुछ समय के बाद संग्राहक को प्रदर्शित होगी। एक विशिष्ट डिन(3) विशिष्ट अल्प एकत्रीकरण लेनदेन के लिए टीडीएससीपीसी द्वारा उत्पन्न होगी। इसी प्रकार एक विशिष्ट अक्षरांकीय स्ट्रिंग (टैन, पैन और निर्धारण वष का मिश्रण) गैर-संग्रहण लेनदेन के लिए उत्पन्न होगी। यह दोनों विशिष्ट संख्याएं और स्ट्रिंग ट्रेसेस द्वारा सफलतापूर्वक प्रसंस्करण के बाद प्रदर्शित होगी। यह विशिष्ट डिन और अक्षरांकीय र्इ-दाखिलीकरण पोर्टल को इलैक्ट्रानिक रूप से संप्रेषित होगी तथा संग्राहक द्वारा आगे की कार्रवार्इ के लिए उपलब्ध रहेगी।
4 ऑफलाइन संग्राहक परिशिष्ट क को प्रमाणित करने के लिए अभिज्ञात अकाउंटेंट को अल्प-एकत्रीकरण तथा/अथवा गैर-एकत्रीकरण लेनदेन के चरण 3 में उत्पन्न डिन तथा/अथवा अक्षरांकीय स्ट्रिंग को संप्रेषित करेगा
5 र्इ-दाखिलीकरण पोर्टल (संग्राहक के तौर पर लॉगिन करें) डिन खोजें जिस पर प्रभावी प्रपत्र 27ख दिया जाना है : मैन्यू ड्रिवेन विकल्प जिसके लिए प्रपत्र 27खक हेतु अनुरोध जमा किया जाना है, में से प्रासंगिक डिन को खोजें और चुनें
6 र्इ-दाखिलीकरण पोर्टल अकाउंटेंट की प्राधिकृत सदस्यता संख्या(4) : संग्राहक, अकाउंटेंट जिसे प्रपत्र 27खक के परिशिष्ट क को स्पष्ट करना है, की सदस्यता संख्या को सुनिश्चित करने के बाद प्रत्येक अल्प-एकत्रीकरण और गैर-एकत्रीकरण लेनदेन (एक में अथवा अधिक सत्र में) के संबंध में अकाउंटेंट की सदस्यता संख्या को प्रविष्ट कर ऐसे अकाउंटेंट को प्राधिकृत करने की आवश्यकता है तथा इन प्राधिकृति को जमा करना है।
7 र्इ-दाखिलीकरण पोर्टल प्राधिकृत अकाउंटेंट द्वारा प्रमाणपत्र : संग्राहक द्वारा सफलतापूर्वक प्राधिकरण किए जाने पर र्इ-दाखिलीकरण पोर्टल पर ऐसे प्राधिकृत अकाउंटेंट को प्रश्नास्पद खरीददार के संबंध में प्रपत्र 27खक हेतु परिशिष्ट क में प्रासंगिक विवरण को दाखिल करना पड़ सकता है तथा डिजिटल रूप से हस्ताक्षरित परिशिष्ट क को प्रमाणित करना पड़ सकता है। विशिष्ट डिन तथा अक्षरांकीय स्ट्रिंग का विवरण प्राधिकृत अकाउंटेंट को केवल तब दिखेगा (जब वह र्इ-दाखिलीकरण पोर्टल पर पंजीकृत अकाउंटेंट के तौर पर अपने खाते में लॉग इन करें) जब संग्राहक ने किसी अल्प संग्रहण तथा/अथवा गैर-संग्रहण लेनदेन के संबंध में ऐसे अकाउंटेंट को प्राधिकृत किया हो।
8 र्इ-दाखिलीकरण पोर्टल डिजिटल रूप से हस्ताक्षरित प्रपत्र 27खक को जमा करना : एक बार पंजीकृत अकाउंटेंट/अकाउंटेंट्स डिन तथा/अथवा अक्षरांकीय स्ट्रिंग को सत्यापित करें तो संग्राहक को प्रपत्र को डिजिटल रूप से हस्ताक्षर करने और अंतिम अनुरोध को जमा करने की आवश्यकता है। इसी प्रकार, यह जमा किए गए रिकॉर्ड से संबंधित एफएक्यू के साथ सांझा किए जाऐंगे।
9 ट्रेसेस पोर्टल चूक की संशोधित स्थिति देखें : एक बार अनुरोध के प्रसंस्कृत होने पर, अल्प संग्रहण को पुन: गिना जाएगा और विलंब संग्रहण ब्याज तद्नुसार उत्पन्न होगा, जिसे संग्राहक द्वारा देखा जा सकता है
10 एनएसडीएल/ट्रेसेस पोर्टल संशेाधित विलंब संग्रहण ब्याज के लिए भुगतान करना : संग्राहक को संशोधित गणना के अनुसार विलंब संग्रहण ब्याज देने की आवश्यकता है

(3) डिन एकल खरीद पंक्ति की विशिष्ट पहचान संख्या है

(4) अकाउंटेंट का अर्थ वही होगा जैसा आयकर अधिनियम, 1961 की धारा 288 की उप-धारा (2) के स्पष्टीकरण में निर्दिष्ट है

4.2 र्इ-दाखिलीकरण पर अकाउंटेंट की भूमिका :

  1. अकाउंटेंट को अपने आप को र्इ-दाखिलीकरण पोर्टल पर पंजीकृत करना है तथा अल्प संग्रहण तथा/अथवा गैर-संग्रहण के संबंध में उनको प्राधिकृत करने वाले संग्राहक को अपनी सदस्यता संख्या सांझा करनी है।

  2. संग्राहक द्वारा प्रत्येक अल्प संग्रहण तथा/अथवा गैर-संग्रहण के संबंध में डिन तथा/अथवा अक्षरांकीय स्ट्रिंग को प्राप्त करें

  3. संग्राहक द्वारा ऐसे प्राधिकृत किए जाने के पश्चात् और संग्राहक द्वारा डिन तथा/अथवा अक्षरांकीय स्ट्रिंग प्राप्त करने पर, अकाउंटेंट क्रेडेंशियल के साथ र्इ-दाखिलीकरण पोर्टल पर लॉगिन करें

  4. डिन तथा/अथवा अक्षरांकीय स्ट्रिंग को खरीददार पंक्ति, जिसे सत्यापित किया जाना है, की पहचान के लिए प्रयोग करें

  5. संबंधित खरीददार के संबंध में प्रपत्र 27खक हेतु परिशिष्ट क को पूर्ण करें

  6. इसे डिजिटल हस्ताक्षर द्वारा पूर्ण किए जाने हेतु परिशिष्ट क को जमा करें

4.3 र्इ-दाखिलीकरण की भूमिका

संग्राहक के लिए मान्यकरण ट्रेसेस

1. अल्प संग्रहण का व्यू मुहैया करें - सीपीसी-टीडीएस द्वारा इलैक्ट्रानिक रूप से र्इ-दाखिलीकरण पोर्टल को संप्रेषितानुसार संग्राहक को संग्रहण तथा/अथवा गैर-संग्रहण

2. अल्प संग्रहण तथा/अथवा गैर-संग्रहण लेनदेन को खोजने तथा चुनने के लिए संग्राहक को स्वीकृति देना और अकाउंटेंट की सदस्यता संख्या को प्रविष्ट कर इन प्रत्येक लेनदेन के संबंध में अकाउंटेंट को प्राधिकृत करना

3. डिन तथा/अथवा अक्षरांकीय स्ट्रिंग के आधार पर प्रपत्र 27खक हेतु परिशिष्ट क को देखने के लिए ऐसे प्राधिकृत अकाउंटेंट को स्वीकृति देना, परिशिष्ट को पूर्ण करना तथा डिजिटल रूप से इसे हस्ताक्षर करने पर जमा करना

4. प्राधिकृत अकाउंटेंट द्वारा ऐसे जमा प्रपत्र 27खक हेतु परिशिष्ट क सहित प्रपत्र 27खक को देखने के लिए संग्राहक को स्वीकृति देना और प्रपत्र 27खक को डिजिटल रूप से हस्ताक्षरित कर जमा करना

अनिवार्य अनुपालन की जांच करें : खरीददार (पैन) की आर्इटीआर धारा 139 के अंतर्गत दाखिल की गर्इ है तथा मूल्यांकन के समय किसी भुगतान की मांग नहीं की गर्इ है

सीपीसी-टीडीएस के साथ डिजिटल रूप से हस्ताक्षरित प्रपत्र 27ख को सांझा करें

4.4 ट्रेसेस की भूमिका :

संग्राहक के लिए बैकेंड प्रसंस्करण

1. संग्राहक को देखने के लिए अभिज्ञात अल्प-संग्रहण लेनदेन का प्रदर्शन

2. संग्राहक को संवृद्ध गैर-संग्रहण लेनदेन का विकल्प मुहैया कराना

3. पैरा 4.1 के चरण 3 के अनुसार संग्राहक द्वारा जमा करने के पश्चात् प्रत्येक लेनदेन के लिए डिन तथा/अथवा अक्षरांकीय स्ट्रिंग को मुहैया कराना

4. जमा किए गए प्रपत्र 27खक के नवीनतम स्थिति को प्रदर्शित करना जैसा र्इ-दाखिलीकरण पोर्टल द्वारा प्राप्त किया गया है

अनुरोध का प्रसंस्करण : एक बार संग्राहक के प्रपत्र 27खक के अनुरोध को जमा करने पर, टीडीएससीपीसी विवरण का पुनर्संसाधन करेगा और अल्प संग्राहक को संशेाधित किया जाएगा

(पीएस. थुइंगालेंग)

उप-आयकर आयुक्त (सीपीसी-टीडीएस)

प्रधान आयकर निदेशक कार्यालय (पद्धति)

 

निम्न को सूचना की प्रति :

  1. अध्यक्ष और समस्त सदस्य, केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड, नार्थ ब्लॉक, नर्इ दिल्ली हेतु पीपीएस

  2. समस्त प्रधान मुख्य आयकर आयुक्त/प्रधान आयकर महानिदेशक/मुख्य आयकर आयुक्त/प्रधान आयकर आयुक्त/आयकर आयुक्त/आयकर आयुक्त (टीडीएस) - उनके क्षेत्र/प्रभारों में समस्त अधिकारियों के बीच वितरित करने के अनुरोध के साथ

  3. केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड के संयुक्त सचिव(टीपीएल)-IवII/मीडिया समन्वयक और आधिकारिक प्रवक्ता

  4. अवर महानिदेशक(आर्इटी)/अवर महानिदेशक(लेखा)/अपर महानिदेशक(सर्तकता)/अवर महानिदेशक(पद्धति) 1,2,3,4,5/अवर महानिदेशक (टीपीएस) 1,2/आयकर आयुक्त (सीपीसी-आर्इटीआर)/बैंगलौर, आयकर आयुक्त (सीपीसी-टीडीएस) गाजियाबाद

  5. अपर महानिदेशक (पीआर,पीपी व ओएल) अधिसूचना के लिए विज्ञापन अभियान हेतु अनुरोध के साथ

  6. केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड की टीपीएल और आर्इटीए प्रभाग

  7. भारतीय सनदी लेखागार संस्थान, आर्इपी एस्टेट, नर्इ दिल्ली

  8. वेब मैनेजर, incometaxindia.gov.in पर वेबसाइट पर चस्पा करने के लिए

  9. www.irsofficersonline.gov.in पर तथा आयकर महानिदेशक (पद्धति) कॉर्नर पर अपलोडिंग के लिए डाटाबेस प्रकोष्ठ

10. आर्इटीबीए पोर्टल पर अपलोडिंग के लिए आर्इटीबीए प्रकाशक

 

(पीएस. थुइंगालेंग)

उप आयकर आयुक्त (सीपीसी-टीडीएस)

प्रधान आयकर निदेशक कार्यालय (पद्धति)