आयकर विभाग

वित्त मंत्रालय, भारत सरकार

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रिलीज़ दिनांक

18/07/2020

Document Content

 

भारत सरकार

राजस्व विभाग

वित्त मंत्रालय

केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड

 

नई दिल्ली, 18 जुलाई, 2020

 

प्रेस विज्ञप्ति

 

नए प्रपत्र 26कध द्वारा करदाताओं की फेसलेस सहायता

 

नया प्रपत्र 26कध करदाताओं की आयकर विवरणियों को जल्द से जल्द और सही तरीके से इलैक्ट्रानिक रूप से दाखिलीकरण में फेसलेस सहायता करता है। इस निर्धारण वर्ष से, करदाताओं को नया प्रपत्र 26कध देखेने को मिलेगा जिसमें विभिन्न श्रेणियों में वित्तीय लेनदेन के विवरण (एसएफटी) में निर्दिष्ट करदाताओं के वित्तीय लेनदेन पर कुछ अतिरिक्त विवरण शामिल होंगे।

यह निर्दिष्ट किया जाता है कि इन निर्दिष्ट एसएफटी के दाखिलकर्ताओं की ओर से आयकर विभाग द्वारा प्राप्त हो रही सूचना को स्वैच्छिक अनुपालन, कर जवाबदेही और विवरणी के ई-दाखिलीकरण के आसान बनाने के लिए प्रपत्र 26कध के भाग ड़ में दर्शाया जा रहा है ताकि इसे अच्छे वातावरण में सही कर देयता की गणना करके उसकी आयकर विवरणी (आईटीआर) को दाखिल करने के लिए करदाता द्वारा प्रयोग किया जा सके। इससे कर प्रशासन में अग्रिम पारदर्शिता और जवाबदेही लाने में मदद मिलेगी।

पूर्व के प्रपत्र 26कध को अन्य दिए गए करों, प्रतिदाय और टीडीएस चूक के ब्यौरे सहित कुछ अतिरिक्त सूचना के अलावा एक पैन से संबंधित स्त्रोत पर कर कटौती और स्त्रोत पर कर एकत्रीकरण से संबंधित सूचना देने के लिए प्रयोग किया जाता था। लेकिन अब, इसमें एसटीफ होगा ताकि करदाताओं के सभी मुख्य वित्तीय लेनदेन को याद किया जा सके ताकि उनके पास आईटीआर को दाखिल करके दौरान उनको सक्षमक करने के लिए पहले से तैयार एक गणक हो।

आगे यह भी स्पष्ट किया जाता है कि वित्त वर्ष 2016 से उच्च राशि वाले वित्तीय लेनदेन वाले व्यक्तियों के संबंध में विभाग आयकर अधिनियम, 1961 की धारा 285खक के अंतर्गत निर्दिष्ट व्यक्तियों जैसे बैंक, म्युचुयल फंड, बांड जारी करने वाले संस्थान और पंजीयक या उप-पंजीयक आदि की ओर से बचत बैंक खाते से नकद जमा/निकासी, अचल संपत्ति की बिक्री/खरीद, सावधि जमा, क्रेडिट कॉर्ड भुगतान, शेयरों की खरीद, डिबेंचर, विदेशी मुद्रा, म्युचुयल फंड, शेयरों की पुन: खरीद, उत्पाद और सेवाओं के लिए नकद भुगतान आदि जैसी सूचना को प्राप्त करने के लिए प्रयोग करता था। अब, विभिन्न एसएफटी के अंतर्गत ऐसे नए सूचना प्रपत्र 26कध में दर्शाई जाएगी।

यह निर्दिष्ट किया जाता है कि अब से किसी करदाता के लिए प्रपत्र 26कध प्रपत्र के भाग ड़, विभिन्न कोष्ठक जैसे लेनदेन का प्रकार, एसएफटी दाखिलकर्ता का नाम, लेनदेन की तिथि, एकल/संयुक्त पक्ष लेनदेन, पक्षों की संख्या, राशि, भुगतान और टिप्पणियों की विधि आदि में प्रदर्शित होगा

इसके अलावा, इससे ईमानदार करदाताओं की ओर से दाखिलकरण करने के दौरान वित्तीय लेनदेन को अपडेट करने में मदद मिलेगी, चूंकि यह उन करदाताओं पर नियंत्रण करेगा जिन्होंने अपनी विवरणियों में अनजाने में वित्तीय लेनदेन को छुपाया हो। इस नए प्रपत्र में उन लेनदेनों की सूचना भी होगी जिनको वित्तीय सूचना विवरणी (एआईआर) में वित्तीय वर्ष 2015-16 तक प्राप्त किया गया।

 

(सुरभि आहलूवालिया)

आयकर आयुक्त

(मीडिया व तकनीकी नीति)

आधिकारिक प्रवक्ता, सीबीडीटी