एक व्यक्ति जो टी डी एस/टी सी एस विवरणी दाखिल करने में असफल होता है या टी डी एस/टी सी एस विवरणी इस सम्बन्ध में निर्धारित देय तिथियों में दाखिल नही करता है, धारा 234 के तहत प्रदत्त के अनुसार देरी से दाखिल करने की फीस का भुगतान करने के लिए जिम्मेदार होगा और देरी से दाखिल करने की फीस से अलग वह धारा 271 एच के तहत जुर्माना का भुगतान करने के लिये उत्तरदायी हो सकता है। इस भाग में आप धारा 234 और धारा 271 एच के प्रावधानों के बारे में जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।

अस्वीकरण:

इस दस्तोवज में मौजूद विषय केवल जानकारी के लिए है। इसका उद्देश्य जनता तक सूचना को जल्द और आसानी से पहुंचाना है और इसे कानूनी दस्तोवजों के तौर पर नही समझा जाना चाहिए।

जनता को सलाह दी जाती है कि विषय का सत्यापन सरकारी अधिनियमों/नियमों/अधिसूचनाओं आदि से करें।

टीडीएस/टीसीएस विवरण प्रस्तुत करने में विलंब/प्रस्तुत करने में विफलता के लिये विलम्ब दाखिलीकरण शुल्क और जुर्माना

 

स्रोत पर कर कटौती का विवरण या स्रोत पर कर संग्रह का विवरण (अर्थात, जिसे आमतौर पर टीडीएस/टीसीएस विवरणी के रूप में जाना जाता है) प्रस्तुत करने में विफलता के लिए दंड प्रावधानों को समझने से पूर्व हमें स्रोत पर कटौती/संग्रह के लिये उत्तरदायी व्यक्ति के कुछ बुनियादी कर्तव्यों पर एक नजर डालनी होगी।

दर्ज स्रोत पर कटौती/संग्रह के लिये उत्तरदायी व्यक्ति के कर्तव्य निम्नानुसार हैं:

 •  वह कर कटौती खाता संख्या या कर संग्रह खाता संख्या (जैसा भी मामला हो) प्राप्त करेगा और टीडीएस/टीसीएस से संबंधित सभी दस्तावेजों में उसे उद्धृत करेगा।

 •   वह लागू दर से स्रोत पर कर कटौती/संग्रह करेगा।

 •   वह, सरकार के ऋण हेतु उसके द्वारा कटौती/संग्रह किये गये कर का भुगतान करेगा।

 •   वह आवधिक टीडीएस/टीसीएस विवरण, अर्थात टीडीएस/टीसीएस विवरणी दाखिल करेगा।

 •   वह, उसके द्वारा कटौती/संग्रह किये गये कर के संबंध में टीडीएस/टीसीएस प्रमाण पत्र जारी करेगा।

टीडीएस/टीसीएस रिटर्न को दाखिल करने के लिए नियत तिथि

वित्त वर्ष 2023-24 की विभिन्न तिमाहियों के लिए टीडीएस/टीसीएस विवरण को दाखिल करने की नियत तिथि निम्नानुसार है :

समाप्त होने वाली तिमाही टीडीएस विवरणी को दाखिल करने की नियत तिथि (दोनों सरकारी और अन्य कटौती दाता) टीडीएस विवरणी को दाखिल करने की नियत तिथि
30 जून 2025 31 जुलाई 2025 15 जुलाई 2025
30 सितम्बर 2025 31 अक्टूबर2025 15 अक्टूबर 2025
31 दिसंबर 2025 31 जनवरी 2026 15 जनवरी 2026
31 मार्च 2026 15 मई 2026 15 मई 2026

मूल प्रावधान

कोई भी व्यक्ति जो, टीडीएस/टीसीएस विवरणी दाखिल करने में विफल रहता है या इस संबंध में निर्धारित नियत तिथि तक टीडीएस/टीसीएस विवरणी दाखिल नहीं करता है, को धारा 234ड़ के तहत प्रदान किये गये के अनुसार और विलंब दाखिलकरण शुल्क प्रदान करना होगा और विलंब दाखिलकरण शुल्क प्रदान करने के अलावा वह धारा 271ज के तहत जुर्माने का भुगतान करने के लिये उत्तरदायी होगा। इस भाग में आप धारा 234ड़ और धारा 271ज के प्रावधानों के बारे में जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।

धारा 234ड़ के तहत विलंब दाखिलकरण शुल्क

धारा 234ड़ के अनुसार, यदि कोई भी व्यक्ति जो, टीडीएस/टीसीएस विवरणी दाखिल करने में विफल रहता है या इस संबंध में निर्धारित नियत तिथि तक टीडीएस/टीसीएस विवरणी दाखिल नहीं करता है, तो वह विफलता जारी रहने के प्रति दिन के हिसाब से 200 रुपये की राशि शुल्क के माध्यम से भुगतान करने के लिए उत्तरदायी होगा।विलंब शुल्क की राशि टीडीएस की राशि से अधिक नहीं होगी।

जैसा कि ऊपर चर्चा की गयी है, टीडीएस/टीसीएस विवरणी विलंब दाखिलकरण शुल्क के भुगतान के बिना दाखिल नहीं की जा सकेगी।दूसरे शब्दों में, विलंब दाखिलकरण शुल्क टीडीएस विवरणी दाखिल करने से पहले जमा किया जाएगा। यह ध्यान दिया जाना चाहिए कि 200 रुपये प्रतिदिन जुर्माना नहीं अपितु विलंब दाखिलकरण शुल्क है।

उदाहरण

वर्ष 2025-26 की पहली तिमाही के लिए टीडीएस अर्थात टीडीएस विवरणी का त्रैमासिक विवरण मि. कपूर द्वारा 4-4-2026 को दाखिल किया जाता है।तिमाही के दौरान स्रोत पर कर कटौती की राशि 8,40,000 रुपये है। टीडीएस विवरणी दाखिल करने में देरी के लिए उसके द्वारा भुगतान की जाने वाली विलंब दाखिलकरण शुल्क की राशि क्या होगी?

**

गैर-सरकारी कटौतीकर्त्ता की स्थिति में वर्ष 2025-26 की पहली तिमाही अर्थात अप्रैल 2025 से जून 2025 के लिए टीडीएस विवरणी दाखिल करने की नियत तिथि 31 जुलाई, 2025 है। विवरणी 4 अप्रैल, 2026 को दाखिल की गयी है, इस प्रकार नीचे दी गयी गणना के अनुसार 247 दिनों का विलंब है:

विवरण दिन
अगस्त  2025 31
सितम्बर  2025 30
अक्टूबर  2025 31
नवंबर  2025 30
दिसम्बर  2025 31
जनवरी  2026 31
फरवरी  2026 29
मार्च  2026 31
अप्रैल 2026 4
कुल योग 247

उपरोक्त गणना से यह देखा जा सकता है 247 दिनों का विलंब हुआ है। धारा 234ड़ के तहत प्रति दिन के हिसाब से 200,रुपये विलंब दाखिलकरण शुल्क लिया जाएगा, इस प्रकार 247 दिनों के लिए विलंब दाखिलकरण शुल्क 49,400 रुपये होगा।

उदाहरण

वर्ष 2025-26 का तिमाही टीडीएस विवरण अर्थात टीडीएस विवरणी दूसरी तिमाही का विवरण एस्सेम लिमिटेड द्वारा 4-4-2024 को दाखिल किया जाता है। तिमाही के दौरान स्रोत पर कर कटौती की राशि 8,400 रुपये है। टीडीएस विवरणी दाखिल करने में देरी के लिए कंपनी द्वारा भुगतान की जाने वाली विलंब दाखिलकरण शुल्क की राशि क्या होगी?

**

गैर-सरकारी कटौतीकर्त्ता की स्थिति में वर्ष 2025-26 की दूसरी तिमाही अर्थात जुलाई 2025 से सितंबर 2025 के लिए टीडीएस विवरणी दाखिल करने की नियत तारीख 31 अक्तूबर,2025 है। विवरणी 4 अप्रैल, 2026 को दाखिल की गयी है, इस प्रकार नीचे दी गयी गणना के अनुसार 155 दिनों का विलंब है:

विवरण दिन
नवंबर  2025 30
दिसम्बर  2025 31
जनवरी  2026 31
फरवरी  2026 28
मार्च  2026 31
अप्रैल  2026 4
कुल योग 155

उपरोक्त गणना से यह देखा जा सकता है कि 155 दिनों का विलंब हुआ है। धारा 234ड़ के तहत प्रति दिन के हिसाब से 200,रुपये विलंब दाखिलकरण शुल्क लिया जाएगा, इस प्रकार 155 दिनों के लिए विलंब दाखिलीकरण शुल्क 31,200 रुपये होगा। हालांकि विलंब दाखिलकरण शुल्क स्रोत पर कर कटौती की राशि से अधिक नहीं हो सकता है। तिमाही के लिए टीडीएस 8,400 रुपये है और इसलिए विलंब दाखिलकरण शुल्क 8,400 रुपये से अधिक नहीं हो सकता।

उदाहरण

वर्ष 2025-26 की पहली तिमाही के लिए टीसीएस विवरणी अर्थात स्रोत पर संग्रह किये गये कर का त्रैमासिक विवरण मि. क्रुनाल द्वारा 4-8-2025 को दाखिल किया जाता है।तिमाही के दौरान स्रोत पर संग्रह किये गये कर की राशि 84,000 रुपये है। टीसीएस विवरणी दाखिल करने में देरी के लिए उसके द्वारा भुगतान की जाने वाली विलंब दाखिलकरण शुल्क की राशि क्या होगी?

**

गैर-सरकारी कटौतीकर्त्ता की स्थिति में वर्ष 2025-26 की पहली तिमाही अर्थात अप्रैल 2025 से जून 2025 के लिए टीसीएस विवरणी दाखिल करने की नियत तिथि 15 जुलाई, 2025 है।विवरणी 4 अगस्त, 2025 को दाखिल की गयी है, इस प्रकार नीचे दी गयी गणना के अनुसार 20 दिनों का विलंब हुआ है:

विवरण दिन
जुलाई  2025 16
अगस्त  2025 4
कुल योग 20

 

उपरोक्त गणना से यह देखा जा सकता है कि 20 दिनों का विलंब हुआ है। धारा 234ड़ के तहत प्रति दिन के हिसाब से 200,रुपये विलंब दाखिलकरण शुल्क लिया जाएगा, इस प्रकार 20 दिनों के लिए विलंब दाखिलकरण शुल्क 4,000 रुपये होगा।

उदाहरण

स्रोत पर कर एकत्रीकरण अर्थात् वर्ष 2025-26 की दूसरी तिमाही के लिए टीसीएस रिटर्न का त्रैमासिक विवरण श्री राजा द्वारा 4.12.2025 को दाखिल किया जाना है। तिमाही के दौरान स्रोत पर कर एकत्रीकरण की राशि रू. 2,520 हैं। टीसीएस रिटर्न को भरने में देरी के लिए उनके द्वारा दी जाने वाली विलंब दाखिलीकरण शुल्क की राशि क्या होगी ?

**

वर्ष 2025-26 की दूसरी तिमाही अर्थात जुलाई 2025 से सितंबर 2025 के लिए टीसीएस विवरणी दाखिल करने की नियत तारीख 15 अक्तूबर, 2025 है।विवरणी 4 दिसम्बर, 2025 को दाखिल की गयी है, इस प्रकार नीचे दी गयी गणना के अनुसार 50 दिनों का विलंब हुआ है:

विवरण दिन
अक्टूबर  2025 16
नवंबर  2025 30
दिसम्बर  2025 4
कुल योग 50

उपरोक्त गणना से यह देखा जा सकता है कि यहां 50 दिनों का विलंब हुआ है। धारा 234ड़ के तहत प्रति दिन के हिसाब से 200,रुपये विलंब दाखिलकरण शुल्क लिया जाएगा, इस प्रकार 50 दिनों के लिए विलंब दाखिलीकरण शुल्क 10,000 रुपये होगा। विलंब दाखिलकरण शुल्क स्रोत पर कर संग्रह की राशि से अधिक नहीं हो सकता है। हालांकि तिमाही के दौरान टीसीएस की राशि 2,520 रुपये बराबर है और इसलिए विलंब दाखिलकरण शुल्क 2,520 रुपये से अधिक नहीं हो सकता।

उदाहरण

वर्ष 2025-26 की अंतिम तिमाही के लिए टीडीएस विवरणी अर्थात स्रोत पर कर कटौती का त्रैमासिक विवरण मि. राज द्वारा 31 मई 2026 तक दाखिल नहीं किया जाता है।क्या वह बिना किसी विलंब दाखिलकरण शुल्क का भुगतान किये हुये, 2025-26 की अंतिम तिमाही के लिये 31 मई 2026 के बाद टीडीएस विवरणी दाखिल कर सकते हैं?

**

गैर सरकारी कटौतीदाता की स्थिति में वर्ष 2025-26 की अंतिम तिमाही अर्थात जनवरी 2026 से मार्च 2026 के लिए टीडीएस विवरणी दाखिल करने की नियत तिथि 31 मई, 2026 है।विवरणी 31 मई, 2026 तक दाखिल नहीं की जाती है, और इसलिए धारा 234ड़ के तहत के चूक के प्रति दिन के हिसाब से 200 रुपये का विलंब दाखिलकरण शुल्क लगाया जाएगा।उपरोक्त चर्चा के अनुसार टीडीएस विवरणी विलंब दाखिलकरण शुल्क के भुगतान के बिना दाखिल नहीं की जा सकती है। दूसरे शब्दों में, विलंब दाखिलकरण शुल्क टीडीएस विवरणी दाखिल करने से पहले जमा किया जाएगा। इसलिए, इस मामले में, मि. राज प्रतिदिन 200 रुपये के विलंब दाखिलकरण शुल्क के भुगतान के बिना टीडीएस विवरणी दाखिल नहीं कर सकते हैं।

टीडीएस/टीसीएस विवरण के प्रसंस्करण के समय धारा 234ड़ के अंतर्गत शुल्क की गणना

आयकर अधिनियम की धारा 200क को कटौतीदाता के लिए देययोग्य अथवा प्रतिदाय राशि को निर्धारित करने के लिए टीडीएस विवरण के प्रसंस्करण के लिए मुहैया कराया गया है। धारा 200क के प्रावधानों को वित्त अधिनियम, 2015 द्वारा संशोधित किया गया है जिससे टीडीएस विवरणों के प्रसंस्करण के समय धारा 234ड़ के अंतर्गत देययोग्य शुल्क की गणना हेतु सक्षम किया जा सके। चूंकि टीसीएस विवरण का तंत्र टीडीएस विवरण के समकक्ष है, धारा 206गख की नई धारा को आयकर अधिनियम की धारा 200क में शामिल टीडीएस विवरण के प्रसंस्करण की तर्ज पर टीसीएस विवरणों के प्रसंस्करण के लिए मुहैया कराने के लिए वित्त अधिनियम, 2015 द्वारा शामिल किया गया है। नई धारा 206गख को टीसीएस विवरण के प्रसंस्करण के समय धारा 234ड़ के अंतर्गत देययोग्य शुल्क की गणना के लिए तंत्र हेतु भी मुहैया कराया गया है।

धारा 271ज के तहत जुर्माना

धारा 271ज, के अनुसार, यदि कोई व्यक्ति स्रोत पर कर कटौती/संग्रह का विवरण अर्थात इस संबंध में निर्धारित नियत तिथि को या उससे पहले टीडीएस/टीसीएस विवरणी दाखिल करने में विफल रहता है, तो वह धारा 271ज के तहत जुर्माने का भुगतान करने के लिए उत्तरदायी होगा। न्यूनतम जुर्माना 10,000 रुपये का लगाया जा सकता है जो 1,00,000 रुपये तक जा सकता है। धारा 271ज के तहत जुर्माना धारा 234ड़ के तहत निर्धारित विलंब दाखिलकरण शुल्क के अतिरिक्त होगा।

टीडीएस/टीसीएस विवरणी विलंब से दाखिल किये जाने के अलावा, धारा 271ज गलत टीडीएस/टीसीएस विवरणी दाखिल करने के मामलों को भी शामिल करती है। कटौतीकर्ता/संग्राहक द्वारा गलत टीडीएस/टीसीएस विवरणी दाखिल करने पर धारा 271ज के तहत जुर्माना भी लगाया जा सकता है। दूसरे शब्दों में, कटौतीकर्ता/संग्राहक पर गलत टीडीएस/टीसीएस विवरणी दाखिल किये जाने पर न्यूनतम जुर्माना 10,000 रुपये और अधिकतम 1,00,000 रूपये का जुर्माना लगाया जा सकता है।

टीडीएस/टीसीएस विवरणी दाखिल करने में विफलता के लिए धारा 271ज के तहत कोई जुर्माना नहीं लगाया जाएगा यदि व्यक्ति साबित कर देता है कि उसके द्वारा शुल्क और ब्याज (यदि हो तो) के साथ साथ, कटौती/संग्रह किये गये कर का भुगतान केंद सरकार के नामे जमा करने के बाद, उसने टीडीएस/टीसीएस विवरणी दाखिल करने की देय तिथि से एक वर्ष की अवधि की समाप्ति से पहले टीडीएस/टीसीएस विवरणी दाखिल किया था।दूसरे शब्दों में, निम्न स्थितियों के संतुष्ट होने पर, धारा 271ज के तहत टीडीएस/टीसीएस विवरणी दाखिल करने में विलंबी के मामले में कोई जुर्माना नहीं लगाया जाएगा:

  •   स्रोत पर कटौती/संग्रह किया गया कर सरकार के नामे अदा किया जाता है।

  •   विलंब दाखिलकरण शुल्क और ब्याज (यदि हो तो) सरकार के नामे अदा किया जाता है।

  •   टीडीएस/टीसीएस विवरणी इस निमित्त विनिर्दिष्ट देय तिथि से एक वर्ष की अवधि की समाप्ति से पहले दाखिल की जाती है।

यह ध्यान दिया जाना चाहिए कि उपरोक्त छूट केवल टीडीएस/टीसीएस विवरणी विलंब से दाखिल करने के मामले धारा 271ज के तहत लगाए गए जुर्माने पर राहत के लिये लागू होती है न कि गलत टीडीएस/टीसीएस विवरणी दाखिल करने के मामले में।

उपरोक्त राहत के अलावा, निम्नलिखित दो मामलों में करदाता को धारा 271ज के तहत जुर्माने से राहत मिल सकती है:

  •   धारा 273क(4) के तहत प्रधान आयकर आयुक्त अथवा आयकर आयुक्त को आयकर अधिनियम के तहत लगाए गए जुर्माने को माफ करने या कम करने की शक्ति प्राप्त है। धारा 273क(4) में इस संबंध में निर्दिष्ट शर्ते संतुष्ट होने पर आयकर आयुक्त द्वारा जुर्माने को माफ या कम किया जा सकता है।

  •   इसके अलावा धारा 273क(4), धारा 273ख भी सही मामलों में दंड से राहत प्रदान करती हैं।धारा 273ख के अनुसार, धारा 271ज के तहत जुर्माना नहीं लगाया जाएगा यदि करदाता यह साबित कर देता है विफलता के लिए उचित कारण मौजूद था।

उदाहरण

वर्ष 2025-26 की पहली तिमाही के लिए टीडीएस विवरणी अर्थात स्रोत पर कर कटौती का त्रैमासिक विवरण मि. क्रुनाल द्वारा 10-8-2025 को दाखिल किया जाता है।तिमाही के दौरान स्रोत पर संग्रह किये गये कर की राशि 84,000 रुपये है। टीडीएस विवरणी दाखिल करने से पहले उन्होंने सरकार के नामें टीडीएस, ब्याज और विलंब दाखिलकरण शुल्क का भुगतान किया है। क्या वह टीडीएस विवरणी दाखिल करने में विलंब के लिए धारा 271ज के तहत जुर्माने के लिये भागी होंगे ?

**

टीडीएस विवरणी दाखिल करने में विलंब के लिए धारा 271ज के तहत जुर्माना लगाया जा सकता है। इस मामले में, वर्ष 2025-26 की पहली तिमाही अर्थात अप्रैल 2025 से जून 2025 के लिए टीडीएस विवरणी दाखिल करने की नियत तिथि 31 जुलाई, 2025 है।विवरणी 10, अगस्त 2025 को दाखिल की जाती है, इस प्रकार इसमें 10दिनों का (अर्थात एक महीने से कम) का विलंब है।धारा 271ज(3) के अनुसार, निम्न शर्तों के संतुष्ट होने पर टीडीएस/टीसीएस विवरणी दाखिल करने में विलंब के मामले में धारा 271ज के तहत कोई जुर्माना नहीं लगाया जाएगा:

  •   स्रोत पर कटौती/संग्रह किया गया कर सरकार का ऋण अदा किया जाता है।

  •   विलंब दाखिलकरण शुल्क और ब्याज (यदि हो तो) सरकार का ऋण भुगतान किया जाता है।

  •   टीडीएस/टीसीएस विवरणी इस निमित्त विनिर्दिष्ट देय तिथि से एक वर्ष की अवधि की समाप्ति से पहले दाखिल की जाती है।

वर्तमान मामले में, उपरोक्त सभी शर्तों से संतुष्ट हैं क्योंकि टीडीएस विवरणी दाखिल करने में विलंब 1 वर्ष से कम है और टीडीएस विवरणी दाखिल करने से पहले ब्याज व जुर्माने का भुगतान किया गया है, इस प्रकार धारा 271ज के तहत जुर्माना नहीं लगाया जाएगा।

उपरोक्त चर्चा के अनुसार, टीसीएस विवरणी यानी स्रोत पर संग्रह किये गये कर का विवरण दाखिल करने में विलंब के मामले में समान प्रावधान लागू होंगे।

उदाहरण

वर्ष 2025-26 की पहली तिमाही के लिए टीडीएस विवरणी अर्थात स्रोत पर कर कटौती का त्रैमासिक विवरण मि. राहुल द्वारा 10-8-2025 को दाखिल किया जाता है।तिमाही के दौरान स्रोत पर संग्रह किये गये कर की राशि 1,84,000 रुपये है। टीडीएस विवरणी दाखिल करने से पहले उन्होंने सरकार के नामें टीडीएस, ब्याज और विलंब दाखिलकरण शुल्क का भुगतान किया है। क्या वह टीडीएस विवरणी दाखिल करने में विलंब के लिए धारा 271ज के तहत जुर्माने के लिये भागी होंगे ?

**

टीडीएस विवरणी दाखिल करने में विलंब के लिए धारा 271ज के तहत जुर्माना लगाया जा सकता है। वर्ष 2025-26 की पहली तिमाही अर्थात अप्रैल 2025 से जून 2025 के लिए टीडीएस विवरणी दाखिल करने की नियत तिथि 31 जुलाई, 2025 है। विवरणी 10 अगस्त, 2025 को दाखिल की गयी है इस प्रकार यहां 385 दिन (अर्थात एक वर्ष से अधिक) का विलंब है।धारा 271ज(3) के अनुसार, निम्न शर्तों के संतुष्ट होने पर टीडीएस/टीसीएस विवरणी दाखिल करने में विलंब के मामले में धारा 271ज के तहत कोई जुर्माना नहीं लगाया जाएगा:

  •   स्रोत पर कटौती/संग्रह किया गया कर सरकार के ऋण अदा किया जाता है।

  •   विलंब दाखिलकरण शुल्क और ब्याज (यदि हो तो) सरकार के ऋण भुगतान किया जाता है।

  •   टीडीएस/टीसीएस विवरणी इस निमित्त विनिर्दिष्ट देय तिथि से एक वर्ष की अवधि की समाप्ति से पहले दाखिल की जाती है।

उपरोक्त मामले में, विलंब 1 वर्ष से अधिक का है और इसलिए उपरोक्त छूट लागू नहीं होगी। इस प्रकार, निर्धारण अधिकारी धारा 271ज के तहत जुर्माना लगा सकता है। न्यूनतम जुर्माना 10,000 रुपये और अधिकतम जुर्माना 1,00,000 रुपये लगाया जा सकता है। हालांकि, मि. राहुल के पास दंड से राहत पाने के लिए दो उपचार निम्नलिखित हैं:

  •   वह धारा 273क(4) के तहत जुर्माने से राहत पाने के लिए प्रधान आयकर आयुक्त अथवा आयकर आयुक्त को आवेदन कर सकते हैं।

  •   वह धारा 273ख के तहत विफलता के लिए एक उचित कारण सिद्ध करके राहत प्राप्त कर सकते हैं।

उपरोक्त चर्चा के अनुसार, टीसीएस विवरणी यानी स्रोत पर संग्रह किये गये कर का विवरण दाखिल करने में विलंब के मामले में समान प्रावधान लागू होंगे ।

उदाहरण

वर्ष 2025-26 की पहली तिमाही के लिए टीडीएस विवरणी अर्थात स्रोत पर कर कटौती का त्रैमासिक विवरण मि. शर्मा द्वारा 10-7-2025 को दाखिल किया जाता है।टीडीएस विवरणी में उल्लेख किये गये के अनुसार स्रोत पर कर कटौती के ब्यौरे गलत हैं। क्या वह टीडीएस विवरणी दाखिल करने में विलंब के लिए धारा 271ज के तहत जुर्माने के लिये भागी होंगे ?

**

धारा 271ज तहत जुर्माना निम्नलिखित चूक के लिए लगाया जा सकता है:

(1) टीडीएस/टीसीएस का तिमाही विवरण अर्थात त्रैमासिक टीडीएस/ टीसीएस विवरणी दाखिल करने में विलंब।

(2) गलत टीडीएस/टीसीएस का तिमाही विवरण अर्थात त्रैमासिक टीडीएस/टीसीएस विवरणी दाखिल करना।

वर्तमान मामले में, मि. शर्मा ने गलत टीडीएस विवरणी दाखिल की है और इसलिए उन्हें धारा 271ज के तहत जुर्माने का भुगतान करने के लिए उत्तरदायी ठहराया जा सकता है।न्यूनतम जुर्माना 10,000 रुपये और अधिकतम 1,00,000 रूपये का जुर्माना लगाया जा सकता है।हालांकि, मि. शर्मा के पास जुर्माने से राहत पाने के लिए दो उपचार निम्नलिखित हैं:

  •   वह धारा 273क(4) के तहत जुर्माने से राहत पाने के लिए प्रधान आयकर आयुक्त अथवा आयकर आयुक्त को आवेदन कर सकते हैं।

  •   वह धारा 273ख के तहत विफलता के लिए एक उचित कारण सिद्ध करके राहत प्राप्त कर सकते हैं।

उपरोक्त चर्चा के अनुसार, टीसीएस विवरणी यानी स्रोत पर संग्रह किये गये कर का विवरण दाखिल करने में विलंब के मामले में समान प्रावधान लागू होंगे।

 

टीडीएस/टीसीएस विवरण प्रस्तुति में विलंब/प्रस्तुति में असफलता हेतु जुर्माना तथा शुल्क देने में देरी पर एमसीक्यू

 

प्रश्न 1. धारा................के अनुसार, एक व्यक्ति इस संबंध में निर्धारित नियत तिथि को अथवा उससे पहले टीडीएस/टीसीएस भरने में असफल होता है तो उसे विलंब दाखिलीकरण शुल्क के तौर पर निर्दिष्ट राशि का भुगतान करना होगा

(क) 234ड                         (ख) 271ग

(ग) 271ज                          (घ) 234क

सही उत्तर : (क)

सही उत्तर की प्रमाणिकता :

धारा 234ड के अनुसार, एक व्यक्ति इस संबंध में निर्धारित नियत तिथि को अथवा उससे पहले टीडीएस/टीसीएस भरने में असफल होता है तो उसे विलंब दाखिलीकरण शुल्क के तौर पर निर्दिष्ट राशि का भुगतान करना होगा

इसलिए विकल्प (क) सही विकल्प है

प्रश्न 2. धारा 234ड के अनुसार, अविलंब दाखिलीकरण शुल्क जब तक चूक निरंतर रही के दौरान प्रतिदिन रू. 200 की दर से वसूला जाएगा। हालांकि विलंब दाखिलीकरण शुल्क टीडीएस/टीसीएस से अधिक नहीं होगी।

(क) सही                            (ख) गलत

सही उत्तर : (क)

सही उत्तर की प्रमाणिकता :

धारा 234ड के अनुसार, जब व्यक्ति इस संबंध में देय नियत तिथि को अथवा उससे पहले टीडीएस/टीसीएस रिटर्न दाखिल करने में असफल रहता है तो उसे जब तक चूक निरंतर रही के दौरान प्रतिदिन रू. 200 की दर से शुल्क के रूप में, राशि देनी होगी। विलंब शुल्क टीडीएस/टीसीएस की राशि से अधिक नही होगी।

चूंकि प्रश्न में दिया गया विवरण गलत हैं तथा इसलिए विकल्प (क) सही विकल्प है

प्रश्न 3. टीडीएस/टीसीएस रिटर्न अविलंब दाखिलीकरण शुल्क के भुगतान के बिना दाखिल किया जा सकता है

(क) सही                               (ख) गलत

सही उत्तर : (ख)

सही उत्तर की प्रमाणिकता :

टीडीएस/टीसीएस रिटर्न अविलंब दाखिलीकरण शुल्क के भुगतान के बिना दाखिल नहीं किया जा सकता। दूसरे शब्दों में विलंब दाखिलीकरण शुल्क टीडीएस/टीसीएस रिटर्न को भरने से पहले जमा किया जाएगा

चूंकि प्रश्न में दिया गया विवरण गलत हैं तथा इसलिए विकल्प (ख) सही विकल्प है

प्रश्न 4. यदि व्यक्ति स्त्रोत अर्थात् इस संबंध में देय नियत तिथि को अथवा इससे पूर्व टीडीएस/टीसीएस रिटर्न पर कर कटौती/एकत्रीकरण का विवरण दाखिल करने में असफल होता है तो वह धारा ................. के अंतर्गत जुर्माना देने के लिए उत्तरदायी होगा

(क) 234क                             (ख) 271ग

(ग) 271ज                              (घ) 234ड

सही उत्तर : (ग)

सही उत्तर की प्रमाणिकता :

धारा 271ज के अनुसार, यदि व्यक्ति स्त्रोत अर्थात् इस संबंध में देय नियत तिथि को अथवा इससे पूर्व टीडीएस/टीसीएस रिटर्न पर कर कटौती/एकत्रीकरण का विवरण दाखिल करने में असफल होता हैं तो वह धारा 271ज के अंतर्गत जुर्माना देने के लिए उत्तरदायी होगा

इसलिए विकल्प (ग) सही विकल्प है

प्रश्न 5. धारा 271ज के अनुसार न्यूनतम जुर्माना ...............हो सकता है जिसे ........................तक बढ़ाया जा सकता है

(क) रू. 5,000, रू. 10,000                              (ख) रू. 10,000, रू. 20,000

(ग) रू. 10,000, रू. 50,000                             (घ) रू. 10,000, रू. 1,00,000

सही उत्तर : (घ)

सही उत्तर की प्रमाणिकता :

धारा 271ज के अनुसार न्यूनतम जुर्माना रू. 10,000 हो सकता हैं जिसे रू. 1,00,000 तक बढ़ाया जा सकता है

इसलिए विकल्प (घ) सही विकल्प है

प्रश्न 6. यदि व्यक्ति धारा 234ड़ के अनुसार विलंब दाखिलीकरण शुल्क का भुगतान करता है तो वह धारा 271ज के अंतर्गत जुर्माना भरने के लिए उत्तरदायी नहीं है

(क) सही                                     (ख) गलत

सही उत्तर : (ख)

सही उत्तर की प्रमाणिकता :

धारा 271ज के अंतर्गत जुर्माना धारा 234ड के अंतर्गत निर्धारित विलंब दाखिलीकरण शुल्क के अतिरिक्त होगा। अन्य शब्दों में जहां व्यक्ति स्त्रोत अर्थात् इस संबंध में निर्धारित देय तिथि को अथवा इससे पहले, पर कर कटौती/संग्रहण का विवरण दाखिल करने में असफल होता है तो वह धारा 234ड के अनुसार विलंब शुल्क देने के लिए उत्तरदायी होगा साथ ही साथ धारा 271ज के अंतर्गत जुर्माना देने के लिए भी उत्तरदायी होगा

चूंकि प्रश्न में दिया गया विवरण गलत है तथा इसलिए विकल्प (ख) सही विकल्प है

प्रश्न 7. टीडीएस/टीसीएस रिटर्न को भरने में देरी के अलावा, धारा 271ज ................ मामलों को भी कवर करता है

(क) स्रोत पर कर कटौती में असफलता

(ख) स्रोत पर कर संग्रहण में असफलता

(ग) गलत टीसीएस/टीडीएस दाखिल करना

(घ) धारा 269न के प्रावधानों के अनुपालन में असफलता

सही उत्तर : (ग)

सही उत्तर की प्रमाणिकता :

टीसीएस/टीडीएस रिटर्न दाखिल करने में देरी के अलावा, धारा 271ज गलत टीडीएस/टीसीएस दाखिल करने के मामलों को भी कवर करता है। अन्य शब्दों में न्यूनतम जुर्माना रू. 10,000 तथा अधिकतम जुर्माना रू. 1,00,000 हो सकता है यदि कटौतीदाता/कटौतीकर्ता टीडीएस/टीसीएस रिटर्न दाखिल नहीं करता अथवा गलत टीडीएस/टीसीएस रिटर्न दाखिल करता है

इसलिए विकल्प (ग) सही विकल्प है

प्रश्न 8. टीडीएस/टीसीएस को दाखिल करने में असफलता के लिए धारा 271ज के अंतर्गत कोई जुर्माना नही लगाया जाएगा यदि व्यक्ति यह साबित कर दे कि केद्र सरकार के ऋण हेतु शुल्क तथा ब्याज (यदि हो) सहित उसके द्वारा कर कटौती/संग्रहित करने के पश्चात् उसे टीडीएस/टीसीएस रिटर्न की नियत तिथि से .............की अवधि की समाप्ति से पूर्व टीडीएस/टीसीएस रिटर्न दाखिल किया था।

(क) 6 महीने                                 (ख) 1 वर्ष

(ग) 2 वर्ष                                      (घ) 5 वर्ष

सही उत्तर : (ख)

सही उत्तर की प्रमाणिकता :

टीडीएस/टीसीएस को दाखिल करने में असफलता के लिए धारा 271ज के अंतर्गत कोई जुर्माना नही लगाया जाएगा यदि व्यक्ति यह साबित कर दें कि केद्र सरकार के ऋण हेतु शुल्क तथा ब्याज (यदि हो) सहित उसके द्वारा कर कटौती/संग्रहित करने के पश्चात् उसे टीडीएस/टीसीएस रिटर्न की नियत तिथि से 1 वर्ष की अवधि की समाप्ति से पूर्व टीडीएस/टीसीएस रिटर्न दाखिल किया था।

इसलिए विकल्प (ख) सही विकल्प है

प्रश्न 9. धारा ............ के अंतर्गत प्रधान आयकर आयुक्त अथवा आयकर आयुक्त को आयकर अधिनियम की धारा के अंतर्गत लगाए गए जुर्माने को कम अथवा सीमित करने का अधिकार है

(क) 273क(4)                              (ख) 273ख

(ग) 271ग                                    (घ) 271ज

सही उत्तर : (क)

सही उत्तर की प्रमाणिकता :

धारा 273क(4) के अंतर्गत प्रधान आयकर आयुक्त अथवा आयकर आयुक्त को आयकर अधिनियम की धारा के अंतर्गत लगाए गए जुर्माने को कम अथवा सीमित करने का अधिकार है। जुर्माना आयकर आयुक्त द्वारा कम अथवा सीमित किया जा सकता है यदि इस संबंध में धारा 273क(4) में निर्दिष्ट शर्ते पूरी की जाती है

इसलिए विकल्प (क) सही विकल्प है

प्रश्न 10. धारा 273ख के अनुसार, धारा 271ज के अंतर्गत जुर्माना नहीं लगाया जाएगा यदि करदाता यह साबित करे कि इस असफलता के पीछे महत्वपूर्ण कारण था

(क) सही                                  (ख) गलत

सही उत्तर : (क)

सही उत्तर की प्रमाणिकता :

धारा 237क(4) के आश्रय के अलावा धारा 273ख भी वास्तविक मामलों में जुर्माने से राहत प्रदान करता हैं। धारा 273ख के अनुसार, धारा 271ज के अंतर्गत जुर्माना नही लगाया जाएगा यदि करदाता करदाता यह साबित करे कि इस असफलता के पीछे महत्वपूर्ण कारण था

चूंकि प्रश्न में दिया गया विवरण सही है तथा इसलिए विकल्प (क) सही विकल्प है