विवादास्पद टीडीएस मुद्दों पर स्पष्टीकरण का निगर्मन
रिलीज़ दिनांक
08/03/2016
Document Content
भारत सरकार
वित्त मंत्रालय
राजस्व विभाग
केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड
प्रेस विज्ञप्ति
नर्इ दिल्ली, 8 मार्च, 2016
विषय : विवादास्पद टीडीएस मुद्दों पर स्पष्टीकरण का निगर्मन - संबंधित
टेलीविजन चैनलों, प्रसारणकर्ता तथा समाचार पत्र द्वारा किए गए भुगतान पर स्रोत पर कर कटौती (टीडीएस) से संबंधित कुछ विवादास्पद मुद्दों की व्याख्या में स्पष्टता लाने के लिए, केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड ने दो परिपत्रों को जारी किया है।
परिपत्र सं. 4/2016 दिनांक 29.02.2016 प्रसारण के लिए सामग्री अथवा कार्यक्रम के निर्देशन के लिए प्रोडक्शन हाउस हेतु प्रसारणकर्ता अथवा टीवी चैनलों द्वारा भुगतान पर टीडीएस के साथ व्यवहार करता है। परिपत्र में यह स्पष्ट किया जाता हैं कि उस स्थिति में जहां सामग्री/कार्यक्रम प्रसारणकर्ता/प्रस्तुतकर्ता द्वारा मुहैया कराए गए विनिर्देशनों के अनुसार प्रस्तुत होता है तथा सामग्री/कार्यक्रम के कॉपीराइट को भी प्रसारणकर्ता/प्रस्तुतकर्ता को स्थानांतरित किया जाता है तो ऐसा अनुबंध आयकर अधिनियम की धारा 194ग में शब्द "कार्य" के परिभाषा द्वारा अंतर्निहित होता है तथा इसलिए, 'पेशेवर अथवा तकनीकी सेवाओं' के लिए भुगतान के तौर पर धारा 194ञ के अंतर्गत 10 प्रतिशत की दर की बजाय 2 प्रतिशत पर धारा 194ग के अंतर्गत टीडीएस के अनुसार।
परिपत्र सं. 5/2016 दिनांक 29.02.2016 विज्ञापनों के लिए प्राप्ति अथवा प्रचार के लिए विज्ञापन एजेंसियों हेतु दूरभाष चैनलों तथा पब्लिशिंग हाउस द्वारा भुगतान पर टीडीएस के साथ व्यवहार करता है। परिपत्र के माध्यम से यह स्पष्ट किया गया है कि विज्ञापन के लिए प्रचार अथवा प्राप्ति अथवा बुकिंग के लिए विज्ञापन एजेंसी को टेलीविजन चैनल/समाचार कंपनियों द्वारा किए गए भुगतान पर लगता है। यह स्पष्टीकरण विवादी मुद्दे स्थिर रखता हैं मानो ऐसा भुगतान/छूट 'कमीशन' के रूप में हैं तथा इसलिए, धारा 194ज के अंतर्गत 10 प्रतिशत की दर पर टीडीएस का विषय हैं।
दोनों परिपत्र विभाग की वेबसाइट www.incometaxindia.gov.in पर उपलब्ध है।
(शेफाली शाह)
प्रधान आयकर आयुक्त
(मीडिया तथा तकनीकी नीति)
तथा आधिकारिक प्रवक्ता, केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड

