गैर-केंद्र सरकार के कर्मचारियों के लिए अनुमानित एलटीसी किराये के भुगतान हेतु छूट
रिलीज़ दिनांक
29/10/2020
Document Content
भारत सरकार
राजस्व विभाग
वित्त मंत्रालय
केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड
नई दिल्ली, 29 अक्टूबर, 2020
प्रेस विज्ञप्ति
गैर-केंद्र सरकार के कर्मचारियों के लिए अनुमानित एलटीसी किराये के भुगतान हेतु छूट
कोविड-19 महामारी को देखते हुए और परिणामस्वरूप देशव्यापी लॉकडाउन साथ ही साथ परिवहन और हॉस्पिटैलिटी सेक्टर के धीमा हो जाने के कारण साथ ही सोशल डिस्टन्सिंग को देखते हुए, कई कर्मचारी 2018-21 के वर्तमान हिस्से में अवकाश यात्रा भत्ता (एलटीसी) का लाभ नही ले सके।
2. केंद्र सरकार के कर्मचारियों और उपयोग को प्रोत्साहित करने को देखते हुए, इस प्रकार से उपयोग व्यय को बढ़ावा देते हुए, भारत सरकार ने ओएम सं. एफ. नं. 12(2)/2020-EII (ए) दिनांक 12 अक्टूबर, 2020 के मार्फत कुछ शर्तों को पूरा करने के अनुसार केंद्र सरकार के कर्मचारियों को एलटीसी किराये के बराबर नकद भुगतान की स्वीकृति दी है। यह भी मुहैया कराया गया है कि चूंकि एलटीसी किराया का नकद भत्ता समझी गई वास्तविक यात्रा के स्थान पर है, यह एलटीसी किराये के लिए उपलब्ध मौजूदा आयकर छूट की तर्ज पर आयकर छूट के लिए योग्य होगी।
3. अन्य कर्मचारियों (यानी गैर-केंद्रीय सरकारी कर्मचारी) जो उक्त निर्दिष्ट ओएम के अंतर्गत नहीं आते, को लाभ देने के लिए, गैर-केंद्रीय सरकारी कर्मचारियों को भी एलटीसी किराये के बराबर नकद के भुगतान के लिए वही आयकर छूट देने का निर्णय लिया गया है। तद्नुसार, नकद भत्ता, गैर-सरकारी कर्मचारियों को प्रति व्यक्ति (आना-जाना) अनुमानित एलटीसी किराये के तौर पर रू. 36,000 प्रति व्यक्ति की अधिकतम राशि के तौर पर, पैरा 4 में निर्दिष्ट शर्तों को पूरा करने के अनुसार आयकर संबंधी छूट की अनुमति दी जाएगी।
4. एक गैर-केंद्रीय सरकारी कर्मचारी (कर्मचारी) द्वारा अनुमानित एलटीसी की प्राप्ति हेतु आयकर छूट निम्नलिखित शर्तों को पूरा करने के अनुसार अनुमत होगी -
(क) कर्मचारी खंड वर्ष 2018-21 में लागू होने वाली एलटीसी के स्थान पर अनुमानित एलटीसी किराये के लिए विकल्प का प्रयोग करता हो।
(ख) कर्मचारी ऐसे उत्पाद/सेवाओं की खरीद पर अनुमानित एलटीसी किराये की राशि के तीन गुणा के बराबर राशि खर्च करता हो जिस पर ऐसी जीएसटी, जिसे 12 अक्टूबर, 2020 से 31 मार्च, 2021 (निर्दिष्ट अवधि) तक की अवधि के दौरान डिजिटल विधि के माध्यम से पंजीकृत वेंडर/सेवा प्रदाता (विशिष्ट व्यय) की ओर से कम से कम 12 प्रतिशत जीएसटी दर हो और जिसने पर दिए गए जीएसटी की राशि और जीएसटी नंबर को इंगित करते हुए एक वाउचर प्राप्त किया हो
(ग) एक कर्मचारी जो विशिष्ट अवधि के दौरान निर्दिष्ट व्यय पर अनुमानित एलटीसी किराये के तिगुणे से कम को खर्च करता है वह अनुमानित एलटीसी किराये की पूर्ण राशि को प्राप्त करने का हकदार नहीं होगा और संबंधित आयकर छूट और दोनों राशि को नीचे स्पष्टीकरण-क में बनाए गए अनुसार अनुपात में कम किया जाएगा।
5. डीडीओ निर्दिष्ट अवधि के दौरान किए गए विशिष्ट व्यय की रसीदों की प्रतियों को प्राप्त करने के बाद उक्त शर्तों को पूरा करने के अनुसार आयकर छूट की अनुमति देगा। आगे, जैसाकि यह छूट एलटीसी किराये के लिए दी गई छूट के स्थान पर है, एक कर्मचारी जिसने आयकर अधिनियम, 1961 की धारा 115खकग के अंतर्गत रियायती कर व्यवस्था के अंतर्गत आयकर देने का विकल्प का प्रयोग किया है, वह इस छूट का हकदार नहीं होगा।
6. ओएम सं. एफ. नं. 12(2)/2020-EII (ए) दिनांक 20 अक्टूबर, 2020 और बाद के स्पष्टीकरण, यदि कोई हो, इस संदर्भ में जारी हो, के मार्फत केंद्र सरकार के कर्मचारियों के लिए व्यय विभाग, वित्त मंत्रालय द्वारा जारी स्पष्टीकरण बाद के पैरा में निर्दिष्ट शर्तों को पूरा करने के अनुसार भी गैर-केंद्रीय सरकार के यथोचित परिवर्तनों सहित लागू होंगे।
7. इस उद्देश्य के लिए आयकर अधिनियम, 1961 के प्रावधानों के लिए विधायी संशोधन नियत अवधि में प्रस्तावित होंगे
| उदाहरण-क | ||
| अनुमानित एलटीसी किराया | रू. 20,000 x 4 = रू. 80,000 | |
| खर्च की जाने वाली राशि | रू. 80,000 x 3 = रू. 2,40,000 |
इसलिए, यदि एक कर्मचारी निर्दिष्ट व्यय पर रू. 2,40,000 या उससे अधिक खर्च करता है तो वह पूर्ण अनुमानित एलटीसी किराया और संबंधित आयकर छूट के हकदार होंगे। हालांकि, यदि कर्मचारी रू. 1,80,000 ही खर्च करता है फिर वह अनुमानित एलटीसी किराये और संबंधित आयकर छूट के 75 प्रतिशत (यानी रू. 60,000) का हकदार होगा। यदि कर्मचारी पहले ही पहले से नियोक्ता की ओर से रू. 80,000 प्राप्त कर चुका है तो उसे रू. 20,000 का प्रतिदाय देना होगा चूंकि वह आवश्यक राशि का केवल 75 प्रतिशत ही खर्च कर सकता था।
(सुरभि आहलूवालिया)
आयकर आयुक्त
(मीडिया व तकनीकी नीति)
आधिकारिक प्रवक्ता, सीबीडीटी

