आयकर विभाग

वित्त मंत्रालय, भारत सरकार

मुख्य सामग्री पर जाने के लिए यहां क्लिक करें
  • स्क्रीन रीडर
मदद

रिलीज़ दिनांक

17/03/2021

Document Content

 

भारत सरकार

वित्त मंत्रालय

राजस्व विभाग

केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड

नई दिल्ली, 17 मार्च, 2021

प्रेस विज्ञप्ति

आयकर विभाग की ओर से तमिलनाडु में तलाशी अभियान

आयकर विभाग की ओर से 11.03.2021 को व्यक्तियों के ऐसे समूह के खिलाफ तलाशी ली गई जो बड़ी मात्रा में नगदी को संचालित करने और अपनी उद्यमों के बैंक खाते और विदेशी उद्यमों के माध्यम से बेहिसाब राशि को इस्तेमाल करने में शामिल है। तलाशी चेन्नई, कोयंबटूर, सेलम, विरूद्धूनगर और थेनी के 20 ठिकानों पर की गई।

तलाशी में मिले प्रमाणों से पता चला कि बिक्री और कृषि उत्पादों की खरीद के रूप में विभिन्न उद्यमों के माध्यम से रू. 100 करोड़ से अधिक की नगदी जमा की गई जबकि ऐसी कोई गतिवधि नही की गई और ना ही ऐसा कोई भंडार मिला। उनके कर्मचारियों द्वारा खरीद और बिक्री की रसीदों के साथ छेड़छाड़ की गई। इसके अलावा, बैंक से ऋण लेने के लिए कारोबार के साथ हेरफेर करने के लिए समूह उद्यमों के बीच बिक्री और स्टॉक को प्रसारित किया गया। इन उद्यमों में से कई ने अभी तक कोई कर विवरणी दाखिल नही की।

जहां एक विदेशी उद्यम की ओर से जारी डिबेंचर के माध्यम से एक समूह उद्यम द्वारा रू. 150 करोड़ प्राप्त किया गया, तलाशी के दौरान मिले प्रमाण से पता चलता है कि यह झूठा लेनदेन था और सभी राशि इन व्यक्तियों के निजी खातों में भेजी जाती थी।

आगे, समूह ने मसाले आयात किए जोकि आयात की लागत से रू. 25 करोड़ अधिक दर्ज किया गया था। इस सीमा तक, राशि को भारत से गलत तरीके से वसूला गया था और अन्य देशों में अपने निजी खातों में जमा किया गया।

तलाशी के दौरान, प्रमाण मिले जिससे पता चलता है कि चेन्नई की मुख्य जगहों और तमिलनाडु के अलग स्थानों पर सर्किल रेट से कम दर पर पिछले 3-4 वर्षों में कई अचल संपत्तियां खरीदी गई। इनमें से कई संपत्तियों को आईटी रिटर्न में नही दिखाया गया।

तलाशी के दौरान 25 से अधिक लग्जरी कारें मिली और कई बेहिसाब थी। अस्पष्ट विदेशी बैंक खातों, विदेशी क्रेडिट कार्ड और विदेशी उद्यमों में निवेश की मौजूदगी के भी प्रमाण मिले।

रू. 50 लाख की बेहिसाब नगदी, रू. 3 करोड़ की कीमत के आभूषण और 12.5 करोड़ की कीमत की 9 लग्जरी वाहन को भी जब्त किया गया है।

अभी तक तलाशी से लगभग रू. 400 करोड़ की बेहिसाब आय का पता लगाने में मदद मिली है। काला धन अधिनियम के अंतर्गत प्रासंगिक जांच भी की जाएगी।

आगे, जांच की प्रक्रिया अभी चल रही है।

(सुरभि आहलूवालिया)

आयकर आयुक्त

(मीडिया व तकनीकी नीति)

आधिकारिक प्रवक्ता, सीबीडीटी