आयकर विभाग
वित्त मंत्रालय, भारत सरकार
· आयकर अधिनियम, 1961 की धारा 115खकक (5) के अंतर्गत रियायती कर व्यवस्था का विकल्प प्रयोग करने हेतु प्रपत्र 10झग दाखिल किया जाता है।
· आयकर अधिनियम, 1961 की धारा 115खकक
· आयकर नियम, 1962 का नियम 21कड़
· धारा 115खकक एक घरेलू कंपनी को 22% की दर से आयकर, साथ ही 10% अधिभार और 4% उपकर (प्रभावी कर दर 25.17%) का भुगतान करने की अनुमति देती है, बशर्ते कि कुल आय की गणना निर्दिष्ट छूट या कटौतियों का दावा किए बिना की जाए।
· निर्धारिती को धारा 115खकक के तहत कर लगाने के विकल्प का प्रयोग प्रासंगिक निर्धारण वर्ष के लिए आय की पहली विवरणी प्रस्तुत करने हेतु धारा 139(1) के तहत निर्दिष्ट नियत तारीख को या उससे पहले प्रपत्र 10-झग दाखिल करके करना होगा।
· एक बार पूर्व वर्ष के लिए विकल्प का प्रयोग किए जाने पर, उसे उस या किसी अन्य पूर्व वर्ष के लिए वापस नहीं लिया जा सकता। यदि कंपनी किसी पूर्ववर्ती वर्ष के लिए धारा 115खकक में उल्लिखित शर्तों को पूरा करने में विफल रहती है, तो विकल्प उस वर्ष और उसके बाद के वर्षों के लिए अमान्य हो जाएगा। यदि विकल्प अनुपालन के अभाव में अविधिमान्य हो जाता है, तो कंपनी धारा 115खकक के अंतर्गत विकल्प का पुन: प्रयोग कर सकती है।
· यदि किसी घरेलू कंपनी का धारा 115खकख के अंतर्गत विकल्प, विनिर्दिष्ट शर्तों के उल्लंघन के कारण अमान्य हो जाता है, तो वह धारा 115खकक का विकल्प चुन सकती है। इसके अतिरिक्त, धारा 115खकक का विकल्प चुनने पर, धारा 115खक के अंतर्गत विकल्प वापस लिया जा सकता है।
· घरेलू कंपनी
· प्रपत्र 10-झग को आयकर (चौथा संशोधन) नियम, 2020 द्वारा पेश किया गया था, जो 1-4-2020 से प्रभावी है।
· लागू नहीं
· निर्धारिती को धारा 139(1) के अंतर्गत आय विवरणी दाखिल करने की नियत तिथि को या उससे पहले प्रपत्र संख्या प्रपत्र 10झग में विकल्प का प्रयोग करना होगा।
· प्रपत्र संख्या 10झग को https://www.incometax.gov.in/iec/foportal/ पर ऑनलाइन दाखिल किया जाना है।