आयकर विभाग
वित्त मंत्रालय, भारत सरकार
प्रपत्र सं. 8क आयकर अधिनियम, 1961 की धारा 158कख के अंतर्गत अपीलीय अधिकरण या क्षेत्राधिकार वाले उच्च न्यायालय के समक्ष अपील दाखिल करने को स्थगित करने हेतु आवेदन करने के लिए दाखिल किया जाता है।
आयकर अधिनियम, 1961 की धारा 158कख आयकर नियम, 1962 का नियम 16
• यदि किसी निर्धारिती के किसी विशेष निर्धारण वर्ष (पश्चातवर्ती मामला) में संयुक्त आयकर आयुक्त (अपील)/ आयकर आयुक्त (अपील)/अधिकरण के आदेश से कानून का कोई समान प्रश्न उत्पन्न होता है, और वही या समान प्रश्न उसी या किसी अन्य निर्धारिती के किसी भी निर्धारण वर्ष (पूर्ववर्ती मामला) में पहले से उत्पन्न हो चुका हो या लंबित हो, जहाँ पूर्ववर्ती मामला निर्धारिती के पक्ष में निर्णीत हो चुका है, किंतु वह धारा 260क के अंतर्गत क्षेत्राधिकार वाले उच्च न्यायालय के समक्ष या धारा 261 के अंतर्गत सर्वोच्च न्यायालय के समक्ष या अनुच्छेद 136 के अंतर्गत विशेष अनुमति याचिका के रूप में (राजस्व द्वारा चुनौती दिए जाने के कारण) लंबित हो, तो कॉलेजियम यह निर्धारित कर सकता है कि दोनों मामलों में कानून के प्रश्न समान हैं और तदनुसार प्रधान आयकर आयुक्त / आयकर आयुक्त को पश्चातवर्ती मामले में उस प्रश्न पर अधिकरण या उच्च न्यायालय के समक्ष अपील दाखिल न करने के निर्देश दे सकता है।
• कॉलेजियम का गठन प्रधान मुख्य आयकर आयुक्त/ मुख्य आयकर आयुक्त / आयकर महानिदेशक द्वारा किया जाएगा और इसमें क्षेत्राधिकार वाला प्रधान आयकर आयुक्त/ आयकर आयुक्त तथा प्रधान आयकर आयुक्त / आयकर आयुक्त के पद के दो अन्य अधिकारी सम्मिलित होंगे, जिन्हें संबंधित प्राधिकारी द्वारा नामित किया जाएगा, और सबसे वरिष्ठ सदस्य अध्यक्ष के रूप में कार्य करेगा।
• कॉलेजियम की सूचना प्राप्त होने पर, प्रधान मुख्य आयकर आयुक्त / आयकर आयुक्त निर्धारण अधिकारी को आयकर अपीलीय अधिकरण या उच्च न्यायालय के समक्ष प्रपत्र सं. 8क दाखिल करने का निर्देश दे सकता है।
प्रपत्र सं. 8क को आयकर (बाईसवाँ संशोधन) नियम, 2022 प्रभावी तिथि 12-7-2022 से प्रस्तुत किया गया था।
प्रपत्र सं. 8क को विभाग द्वारा प्रासंगिक अपीलीय आदेश की प्राप्ति की तिथि से 120 दिनों के भीतर दाखिल किया जाना आवश्यक है।