आयकर विभाग
वित्त मंत्रालय, भारत सरकार
प्रपत्र 33 एक कर निकासी प्रमाण पत्र है, जो निर्धारण अधिकारी द्वारा भारत में अधिवासित उस व्यक्ति को जारी किया जाता है जो देश छोड़ने का इरादा रखता है। यह प्रपत्र 31 में दिए गए आवेदन के आधार पर जारी किया जाता है, जब निर्धारण अधिकारी इस बात से संतुष्ट हो जाता है कि आयकर अधिनियम, 1961 की धारा 230(1क) के तहत व्यक्ति पर कोई बकाया कर देयता नहीं है।
· आयकर अधिनियम, 1961 की धारा 230(1क)
· आयकर नियम, 1962 का नियम 43
· धारा 230(1क) के प्रथम परंतुक के अनुसार, निर्धारण अधिकारी, भारत में अधिवासित व्यक्ति द्वारा प्रस्तुत प्रपत्र 31 में दाखिल आवेदन की जाँच करने के पश्चात् प्रपत्र 33 जारी करेगा।
• प्रपत्र 33 केवल तभी जारी किया जाएगा यदि आवेदक पर कोई कर दायित्व नहीं है, या उसने निम्नलिखित के अंतर्गत करों के भुगतान के लिए संतोषजनक व्यवस्था की है:
• आयकर अधिनियम, 1961;
• धन-कर अधिनियम, 1957 (1957 का 27)
• उपहार-कर अधिनियम, 1958
• व्यय-कर अधिनियम, 1987।
· प्रपत्र 33 में जारी किया गया कर निकासी प्रमाणपत्र उस प्रमाणपत्र में उल्लिखित अवधि के लिए विधिमान्य होगा।
· प्रमाणपत्र धारक को विदेश यात्रा करते समय इसे साथ रखने की सलाह दी जाती है, क्योंकि सीमा शुल्क अधिकारियों, फेमा प्रवर्तन कर्मियों, आप्रवासन अधिकारियों आदि द्वारा निरीक्षण के लिए इसकी आवश्यकता हो सकती है।
• प्रपत्र 33 निम्नलिखित पर लागू होता है:
• भारत में अधिवासित व्यक्ति;
• जिन्होंने आयकर प्राधिकारी के निदेशानुसार प्रपत्र 31 दाखिल किया है;
• और जो भारत छोड़ने से पहले कर अनापत्ति प्रमाणपत्र चाहते हैं।
· प्रपत्र 33 को आयकर (अट्ठाईसवां संशोधन) नियम, 2003 द्वारा प्रतिस्थापित किया गया, जो 21-11-2003 से प्रभावी है। इससे पहले, इसे आयकर (पांचवां संशोधन) नियम, 1989 द्वारा संशोधित किया गया था, जो कि 1-4-1988 से प्रभावी है।
· लागू नहीं