वित्त मंत्री द्वारा आधार नंबर आधारित ई- केवाईसी के माध्यम से त्वरित पैन सुविधा का शुभारंभ
रिलीज़ दिनांक
28/05/2020
Document Content
भारत सरकार
वित्त मंत्रालय
राजस्व विभाग
केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड
नई दिल्ली, 28 मई, 2020
प्रेस विज्ञप्ति
वित्त मंत्री द्वारा आधार नंबर आधारित ई- केवाईसी के माध्यम से त्वरित पैन सुविधा का शुभारंभ
केंद्रीय बजट में की गई घोषणा के अनुसार, माननीय केंद्रीय वित्त मंत्री श्रीमती निर्मला सीतारमण ने आज 28 मई, 2020 को त्वरित पैन आवंटन (लगभग रियल टाइम आधार पर) सुविधा को औपचारिक रूप से प्रारंभ कर दिया है। यह सुविधा अब उन पैन आवेदकों के लिए उपलब्ध है जिनके पास वैध आधार नंबर और आधार नंबर से जुड़ा पंजीकृत मोबाइल नंबर है। आवंटन प्रक्रिया पूर्णता कागज रहित है और आवेदकों को इलेक्ट्रॉनिक पेन ( ई-पैन) निशुल्क जारी किया जाता है।
यह स्मरण किया जा सकता है कि केंद्रीय बजट 2020 में, माननीय वित्त मंत्री ने जल्द ही त्वरित पैन सुविधा को प्रारंभ करने की घोषणा की थी। बजट भाषण के पैरा 129 में, वित्त मंत्री ने कहा था कि "अंतिम बजट में मैंने पैन और आधार की विनिमयशीलता की घोषणा की थी जिसके लिए आवश्यक नियमों की अधिसूचना पहले ही जारी कर दी गई थी। पैन के आवंटन की प्रक्रिया को और अधिक सुविधाजनक बनाने के लिए जल्द ही हम एक ऐसी प्रणाली को प्रारंभ करेंगे जिसके अंतर्गत पैन को किसी ब्यौरेवार आवेदन पत्र को भरे बिना आधार नंबर के आधार पर अॉनलाइन तुरंत आवंटित किया जा सकेगा"
माननीय वित्त मंत्री द्वारा आज आधार नंबर आधारित ई-केवाईसी के माध्यम से त्वरित पेन सुविधा को औपचारिक तौर पर प्रारंभ कर दिया गया है। हालांकि परीक्षण आधार पर इसके' बीटा वर्जन' को आयकर विभाग की ई-दाखिलीकरण वेबसाइट पर 12 फरवरी 2020 को प्रारंभ कर दिया गया था। तब से लेकर 25 मई 2020 तक लगभग 10 मिनट के प्रति वर्तनकाल के साथ 6,77,680 त्वरित पेन आवंटित किए जा चुके हैं।
यह भी ध्यान देने योग्य बात है कि 25.05.2020 तक करदाताओं को कुल 50.52 करोड़ पैन आवंटित किए जा चुके हैं जिनमें से लगभग 49.32 करोड़ पैन व्यक्तियों को आवंटित किए गए हैं और 32.17 करोड़ से अधिक पैन को अभी तक आधार के साथ जोड़ा गया है।
पैन के आवेदन की प्रक्रिया बेहद सरल है। त्वरित पैन आवेदक को अपना वैध आधार नंबर मुहैया कराने के लिए आयकर विभाग की ई-दाखिलीकरण वेबसाइट पर जाना होगा और अपने आधार पंजीकृत मोबाइल नंबर पर प्राप्त ओटीपी को दर्ज करना आवश्यक है। इस प्रक्रिया के सफलतापूर्वक पूर्ण होने पर, 15 अंकीय स्वीकृति संख्या प्राप्त होती है। यदि आवश्यक हो तो आवेदक किसी भी समय अपने वैध आधार नंबर की मदद से अनुरोध की स्थिति की जांच कर सकते हैं और सफलता पूर्वक आवंटन होने पर ई-पैन डाउनलोड कर सकते हैं। ई-पैन आवेदक की ईमेल आईडी पर भी भेजा जाएगा यदि ईमेल आईडी आधार के साथ पंजीकृत हो।
आयकर विभाग द्वारा इस सुविधा का शुभारंभ डिजिटल इंडिया की ओर बढ़ता हुआ एक और कदम है ताकि करदाताओं के लिए अनुपालन को और अधिक सुविधाजनक बनाया जा सके।
(सुरभि आहलूवालिया)
आयकर आयुक्त
(मीडिया में तकनीकी नीति)
आधिकारिक प्रवक्ता, सीबीडीटी

