बहुधा पूछे जाने प्रश्न
- पैन की वैधता क्या है?
उत्तर: एक बार प्राप्त किया गया पैन, पूरे भारत में पैन-धारक के जीवनकाल तक वैध रहता है। इसकी वैधता पते में परिवर्तन या निर्धारण अधिकारी आदि में परिवर्तन से प्रभावित नहीं होती है। हालांकि ,पैनडेटाबेस में किसी भी परिवर्तन (अर्थात् पैन प्राप्त करते समय दिए गए विवरण) की सूचना “नए पैन कार्ड के लिए अनुरोध या पैन डेटाबेस में परिवर्तन या सुधार” के लिए प्रपत्र में विवरण प्रस्तुत करके आयकर विभाग को दी जानी चाहिए।
- क्या कोई व्यक्ति एक से अधिक पैन रख सकता है?
उत्तर: कोई व्यक्ति एक से अधिक पैन नहीं रख सकता। यदि किसी व्यक्ति को पैन आवंटित किया गया है, तो वह दूसरा पैन प्राप्त करने के लिए आवेदन नहीं कर सकता। एक से अधिक पैन रखने पर आयकर अधिनियम, 1961 की धारा 272ख के अंतर्गत 10,000 रुपए का दंड लगाया जा सकता है।
यदि किसी व्यक्ति को एक से अधिक पैन आवंटित किए गए हैं, तो उसे अतिरिक्त पैन कार्ड तुरंत अभ्यर्पित कर देना चाहिए।
- क्या मुझे अपना पैन कटौतीकर्ता अर्थात् कर की कटौती करने वाले व्यक्ति को सूचित करना चाहिए?
उत्तर: हाँ, आपको अपना पैन कटौतीकर्ता अर्थात् कर की कटौती करने वाले व्यक्ति को सूचित करना चाहिए। 1 अप्रैल, 2010 से कटौतीकर्ताओं को पैन प्रस्तुत न करने पर 20% या उससे भी अधिक की बहुत ऊँची दर से स्रोत पर कर की कटौती की जाती है।
- क्या पैन प्राप्त करने के बाद आय की विवरणी दाखिल करना अनिवार्य है?
उत्तर: विवरणी केवल तभी दाखिल की जानी है, जब आप धारा 139 के अंतर्गत आय की विवरणी दाखिल करने के लिए उत्तरदायी हों।
पैन प्राप्त करने के बाद आय की विवरणी दाखिल करना अनिवार्य नहीं है।
सभी अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न देखें
