आयकर विभाग

वित्त मंत्रालय, भारत सरकार

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परिपत्र सं.

एफ.नं. 275/192/2018-आर्इटी (बी)

परिपत्र की तिथि

08/02/2019

दस्तावेज़ अपलोड की तिथि

08/02/2019

एफ.नं. 275/192/2018-आर्इटी (बी)

एफ.नं. 275/192/2018-आर्इटी (बी)

भारत सरकार

वित्त मंत्रालय

राजस्व विभाग

केद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड

 

नार्थ ब्लॉक, नर्इ दिल्ली, 8 फरवरी, 2019

 

2019 की परिपत्र सं. 1 दिनांक 01.01.2019 हेतु शुद्धिपत्र

 

विषय : आयकर अधिनियम, 1961 की धारा 192 के अंतर्गत वित्त वर्ष 2018-19 के दौरान वेतन से आयकर कटौती - संबंधित

 

उक्त निर्दिष्ट विषय पर परिपत्र सं. 1/2019 दिनांक 1 जनवरी, 2019 में धारा 80ननख के प्रावधान को परिपत्र के पैरा 5.5.12 में सही रूप से स्पष्ट नहीं किया गया था। धारा 80ननख के अंतर्गत कटौती की स्वीकार्यता की सही स्थिति निम्नानुसार दी गर्इ है :—

वित्त अधिनियम, 2018 प्रभावी तिथि 01.04.2019 द्वारा प्रस्तुत धारा 80ननख निम्न के साथ जमा पर ब्याज के रूप में आय के संदर्भ में उसकी कुल सकल आय से एक वरिष्ठ नागरिक हेतु कटौती की अनुमति देगा—

(क) एक बैंकिंग कंपनी जिस पर बैंकिंग अधिनियमन, 1949 (1949 का 10) लागू होता है (उस अधिनियम की धारा 51 में संदर्भित कोर्इ बैंक या बैंकिंग संस्थान सहित)

(ख) बैंकिंग का व्यापार करने वाली एक सहकारी संस्था (एक सहकारी भूमि बंधक बैंक या एक सहकारी भूमि विकास बैंक सहित) या

(ग) भारतीय डाक घर अधिनियम 1898 (1898 का 6) की धारा 2 के वाक्यांश (ट) में संदर्भित एक डाकघर

जमा पर उक्त ब्याज के संदर्भ में कटौती की राशि निम्नानुसार है :-

   (i) यदि जहां ऐसी राशि की आय कुल पचास हजार से अधिक न हो, ऐसी पूर्ण राशि और

  (ii) अन्य किसी मामले में, पचास हजार रूपए

हालांकि, फर्म या किसी संघ के किसी सदस्य या किसी व्यक्तिगत निकाय के किसी सहभागी के लिए धारा 80ननख के अंतर्गत कोर्इ कटौती स्वीकार्य नहीं है यदि कथित ब्याज एक फर्म, व्यक्तियों के एक संघ या व्यक्तियों की निकाय द्वारा या उसकी ओर से संघटित किसी जमा से प्राप्त होता है

इस उद्देश्य के लिए "वरिष्ठ नागरिक" का अर्थ भारत में रहने वाला एक व्यक्ति जो पिछले प्रासंगिक वर्ष के दौरान किसी भी समय साठ वर्ष या उससे अधिक का होता है

हालांकि, धारा 80ननख के अंतर्गत कटौती का दावा करने वाला करदाता धारा 80ननक के अंतर्गत कटौती करने के योग्य नहीं होगा"

2. उक्त को देखते हुए, परिपत्र सं. 1/2019 को इस विषय हेतु संशोधित के तौर पर समझा जा सकता है। पूर्व शुद्धिपत्र दिनांक 01.02.2019 निरस्त हो गया है

 

(संदीप सिंह)

अवर सचिव, भारत सरकार

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