आयकर विभाग

वित्त मंत्रालय, भारत सरकार

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क्या एनआरआई को भारत में आयकर विवरणी दाखिल करनी होगी?

विषय

अनिवासियों के लिए उपयोगी प्रावधानों पर अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

उत्तर

धारा 139 के अनुसार, किसी व्यक्ति (निवासी या अनिवासी) द्वारा आयकर विवरणी दाखिल करना अनिवार्य होगा यदि अध्याय VI-क के तहत पूंजीगत लाभ छूट और कटौती की अनुमति देने से पहले उसकी आय आयकर के दायरे से बाहर की अधिकतम राशि से अधिक हो। इसलिए एक एनआरआई को आय की विवरणी प्रस्तुत करना आवश्यक है यदि उसकी आय भारत में करयोग्य है और ऐसी आय ऐसी अधिकतम राशि से अधिक है जो अध्याय VI-क के अंतर्गत पूंजीगत प्राप्ति संबंधी छूट और कटौती की स्वीकृति से पहले आयकर हेतु वसूलनीय नही है। इसके अलावा, यदि एनआरआई की आय छूट सीमा से कम है और भुगतानकर्ता द्वारा टीडीएस काट लिया गया है या यदि उनकी आय डीटीएए के अनुसार भारत में कर योग्य नहीं है, लेकिन भुगतानकर्ता ने फिर भी टीडीएस काट लिया है, तो उन्हें टीडीएस प्रतिदाय का दावा करने के लिए आईटीआर दाखिल करना होगा। अपवाद - (क) यदि एनआरआई की कुल आय में केवल धारा 115क और धारा 115कग के अंतर्गत निर्दिष्ट आय शामिल है, तो उसे आयकर विवरणी दाखिल करने की आवश्यकता नहीं होगी, यदि ऐसी आय से कर काट लिया गया है। [धारा 115ग(5) और धारा 115कग(4) देखें] धारा 115क के अनुसार आय : लाभांश या ब्याज आय - (i) लाभांश आय - (ii) सरकार या किसी भारतीय संस्था से विदेशी मुद्रा में उधार ली गई धनराशि या उनके द्वारा लिए गए ऋण पर प्राप्त ब्याज। (iii) धारा 10(47) के अंतर्गत अधिसूचित किसी अवसंरचना ऋण निधि से प्राप्त ब्याज। (iv) किसी भारतीय कंपनी से भारत के बाहर के स्रोत से निम्नलिखित में से किसी भी रूप में विदेशी मुद्रा ऋण पर प्राप्त ब्याज - ऋण समझौता, दीर्घकालिक अवसंरचना बांड, दीर्घकालिक बांड, रुपया-प्रधान बांड, धारा 194ठग के अनुसार। (v) धारा 194ठघ के अनुसार किसी भारतीय कंपनी के रुपया-प्रधान बांड, सरकारी प्रतिभूति, नगरपालिका ऋण प्रतिभूति में किए गए निवेश पर किसी भारतीय व्यक्ति से प्राप्त ब्याज।(vi) व्यावसायिक ट्रस्ट द्वारा यूनिट धारक को ब्याज आय का वितरण और ब्याज आय एक विशेष प्रयोजन माध्यम (भारतीय कंपनी जिसमें व्यावसायिक ट्रस्ट नियंत्रक हित और शेयरधारिता या ब्याज का निर्दिष्ट प्रतिशत रखता है) से प्राप्त होती है। [संदर्भ धारा 194ठखक(2) (vii) धारा 10(23घ) के अंतर्गत निर्दिष्ट म्यूचुअल फंड (विदेशी मुद्रा में खरीदी गई) की इकाइयों के संबंध में प्राप्त ब्याज। (viii) यूनिट ट्रस्ट ऑफ इंडिया (विदेशी मुद्रा में खरीदी गई) की इकाइयों के संबंध में प्राप्त ब्याज। (ix) उप-धारा (1) के खंड (ख) में निर्दिष्ट रॉयल्टी आय या तकनीकी सेवाओं के लिए शुल्क (एफटीएस) आय (भारत में स्थायी प्रतिष्ठान से संबंधित नहीं, यदि कोई हो) धारा 115कग के अनुसार आय (i) किसी भारतीय कंपनी के बांडों पर ब्याज के रूप में आय (एफसीईबी योजना 2008, एफसीसीबी और साधारण शेयर योजना 1993 और केंद्र सरकार द्वारा अनुमोदित डिपॉजिटरी रसीद योजना 2014 के अनुसार जारी) जो विदेशी मुद्रा में खरीदी गई हो। (ii) किसी सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनी के बांडों पर ब्याज के रूप में आय, जो सरकार द्वारा बेची गई हो और उसके द्वारा विदेशी मुद्रा में खरीदी गई हो। (iii) धारा 115कग(1)(ख) के अनुसार वैश्विक डिपॉजिटरी रसीदों पर लाभांश के रूप में आय। (ख) यदि अनिवासी भारतीय (एनआरआई) की कुल आय विदेशी मुद्रा परिसंपत्तियों से प्राप्त होती है, अर्थात निर्दिष्ट परिसंपत्ति (भारतीय कंपनी में शेयर; किसी भारतीय कंपनी द्वारा जारी/जमा राशि जो निजी कंपनी नहीं है; सार्वजनिक ऋण अधिनियम की धारा 2(2) के अनुसार केंद्र सरकार की कोई प्रतिभूति; कोई अन्य निर्दिष्ट परिसंपत्ति) जो धारा 115ग में निर्दिष्ट परिवर्तनीय विदेशी मुद्रा में अर्जित/खरीदी गई हो या उसमें अभिदत्त हो, या ऐसी विदेशी मुद्रा परिसंपत्ति के हस्तांतरण या दोनों के संयोजन से उत्पन्न दीर्घकालिक पूंजीगत लाभ, तो एनआरआई को आयकर विवरणी दाखिल करने से छूट दी जाती है, बशर्ते कि शर्तें पूरी हों (धारा 115छ देखें) और लागू दरों पर स्रोत पर कर कटौती (टीडीएस) ऐसी आय से विधिवत काट ली गई हो। (ग) एक अनिवासी जिसकी भारत में श्रेणी III एआईएफ (वैकल्पिक निवेश निधि) में किए गए निवेश से आय के अलावा कोई अन्य आय नहीं है, जो एक निर्दिष्ट निधि होने की शर्तों को पूरा करता है (जैसा कि धारा 10(4डी) के अंतर्गत उल्लिखित है) या धारा 47(viiकख) में निर्दिष्ट कुछ पूंजीगत परिसंपत्तियों के हस्तांतरण से आय, जो आईएफएससी स्टॉक एक्सचेंज में सूचीबद्ध हैं, उन्हें कुछ शर्तों को पूरा करने पर आयकर विवरणी दाखिल करने से छूट दी गई है। [अधिसूचना संख्या 119, दिनांक 11-10-2021]